Exam view 👀
नाथरा की पाल (उदयपुर) = लोहा
मांडो की पाल (डूंगरपुर) = फ्लोर्सपार
जनकपुरा/सरवाड़ = तामड़ा
आनंदपुर-भुकिया/जगतपुरा (बांसवाड़ा) = सोना के भंडार (यह हाल ही में बहुत चर्चा में है)
रोहिल (सीकर): यूरेनियम के भंडार के लिए चर्चा में।
▶️ “मिशन समृद्ध दीदी” अभियान
▪️शुभारंभ : 12 दिसम्बर 2025
▪️राजीविका (राजस्थान राज्य ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) द्वारा राज्य स्तर पर एक माह का विशेष अभियान “मिशन समृद्ध दीदी” शुरू किया गया।
▪️ उद्देश्य—SHG महिलाओं को समय पर बैंक ऋण, महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को बढ़ावा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना।
▪️शुभारंभ : 12 दिसम्बर 2025
▪️राजीविका (राजस्थान राज्य ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) द्वारा राज्य स्तर पर एक माह का विशेष अभियान “मिशन समृद्ध दीदी” शुरू किया गया।
▪️ उद्देश्य—SHG महिलाओं को समय पर बैंक ऋण, महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को बढ़ावा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना।
धरमत का युद्ध : 16 अप्रैल 1658 को औरंगजेब व दाराशिकोह के मध्य उत्तराधिकारी का युद्ध हुआ था। इस युद्ध में दाराशिकोह की शाही सेना का नेतृत्व मारवाड़ शासक जसवंत सिंह प्रथम कर रहा था। औरंगजेब ने दाराशिकोह की शाही सेना को पराजित किया।
• सामूगढ़ का युद्ध : 29 मई 1658 औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना व दाराशिकोह की शाही सेना के मध्य हुआ। इस युद्ध में दाराशिकोह की शाही सेना पराजित हुई।
• खजुआ का युद्ध : 5 जनवरी 1659 मुगल सम्राट औरंगजेब व शाह शुजा के बीच लड़ा गया। इस युद्ध में मारवाड़ शासक जसवंतसिंह-प्रथम ने औरंगजेब का साथ दिया।
• सामूगढ़ का युद्ध : 29 मई 1658 औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना व दाराशिकोह की शाही सेना के मध्य हुआ। इस युद्ध में दाराशिकोह की शाही सेना पराजित हुई।
• खजुआ का युद्ध : 5 जनवरी 1659 मुगल सम्राट औरंगजेब व शाह शुजा के बीच लड़ा गया। इस युद्ध में मारवाड़ शासक जसवंतसिंह-प्रथम ने औरंगजेब का साथ दिया।
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