Q. पति की मृत्यु किसी अन्य जगह पर होने पर उसके किसी प्रतीक के साथ उसकी पत्नी चितारोहण करती है, यह प्रथा कहलाती है ?
Anonymous Quiz
42%
A. सती प्रथा
20%
B. जौहर प्रथा
35%
C. अनुमरण प्रथा
3%
D. त्याग प्रथा
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LSA पशुधन सहायक भर्ती 2024 में कुल 2041 पदों की संख्या को बढ़ाकर 2540 कर दी गई है
ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी से शुरू होंगे
ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी से शुरू होंगे
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◾️PM USHA (पीएम उषा) योजना
(प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा योजना)
• पूर्व नाम - राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA)- 2013 में लॉन्च
• नाम परिवर्तन - जून 2023
• उद्देश्य- उच्चतर शिक्षण संस्थानों की मौजूदा स्थिति व गुणवत्ता में सुधार करना।
• पीएम उषा योजना के तहत राजस्थान में केंद्र राज्य का वित्त पोषण 60:40 है।
• इस योजना के तहत राजस्थान में सबसे ज्यादा फंड जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर को मिला। (100 करोड़)
(प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा योजना)
• पूर्व नाम - राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA)- 2013 में लॉन्च
• नाम परिवर्तन - जून 2023
• उद्देश्य- उच्चतर शिक्षण संस्थानों की मौजूदा स्थिति व गुणवत्ता में सुधार करना।
• पीएम उषा योजना के तहत राजस्थान में केंद्र राज्य का वित्त पोषण 60:40 है।
• इस योजना के तहत राजस्थान में सबसे ज्यादा फंड जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर को मिला। (100 करोड़)
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वीर तेजा जी के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं
वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खरनाल नामक गांव मे 1074 ई. मे हुआ था वीर तेजाजी ने लाछा गुजरी की गायों को मेरो से छुड़ाने के लिए अपने प्राण उत्सर्ग कर दिए थे नागौर जिले के परबतसर गांव में भाद्रपद शुक्ला दशमी को वीर तेजाजी के सम्मान में विशाल मेला भरता है
तेजाजी के पिता का नाम ताहड़ जी जाट तथा माता का नाम रामकुंवरी था इनकी पत्नी का नाम पेमल था
तेजाजी की जन्म स्थल से संबंधित स्थल
खरनाल- तेजाजी का जन्म स्थान
सेदंरिया- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी को सांप ने डसा था
सुरसुरा- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी का समाधि स्थल है
पनेर- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी का ससुराल था
परबतसर- नागौर में अवस्थित इस स्थल पर भाद्रपद शुक्ल दशमी को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है
भांवता- अजमेर में स्थित इस स्थल में सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जाता है
दुगारी- बूंदी में यह स्थल तेजाजी की कर्म स्थली रही
वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खरनाल नामक गांव मे 1074 ई. मे हुआ था वीर तेजाजी ने लाछा गुजरी की गायों को मेरो से छुड़ाने के लिए अपने प्राण उत्सर्ग कर दिए थे नागौर जिले के परबतसर गांव में भाद्रपद शुक्ला दशमी को वीर तेजाजी के सम्मान में विशाल मेला भरता है
तेजाजी के पिता का नाम ताहड़ जी जाट तथा माता का नाम रामकुंवरी था इनकी पत्नी का नाम पेमल था
तेजाजी की जन्म स्थल से संबंधित स्थल
खरनाल- तेजाजी का जन्म स्थान
सेदंरिया- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी को सांप ने डसा था
सुरसुरा- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी का समाधि स्थल है
पनेर- अजमेर में अवस्थित इस स्थल पर तेजाजी का ससुराल था
परबतसर- नागौर में अवस्थित इस स्थल पर भाद्रपद शुक्ल दशमी को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है
भांवता- अजमेर में स्थित इस स्थल में सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जाता है
दुगारी- बूंदी में यह स्थल तेजाजी की कर्म स्थली रही
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RAS Pre भर्ती परीक्षा 2024 : Admit Card जारी 🥳
Admit Card Link ✅
https://recruitment.rajasthan.gov.in/rectlogingetadmitcard
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📄 Tɪᴛᴛʟᴇ »जयगढ़ स्कल्पचर पार्क (पांचवां संस्करण) – 2025✨
▪️स्थान: जयगढ़, जयपुर
▪️आयोजक: जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट और जयपुर सेंटर फॉर आर्ट (JCA)
▪️प्रदर्शनी अवधि: 15 अक्टूबर 2025 तक
▪️विशेषता: समकालीन मूर्तिकला और डायनेमिक कृतियों का प्रदर्शन
▪️अध्यक्षता: पद्मनाभ सिंह
▪️स्थापना वर्ष: 2017 (पहले नाहरगढ़ में)
▪️स्थान: जयगढ़, जयपुर
▪️आयोजक: जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट और जयपुर सेंटर फॉर आर्ट (JCA)
▪️प्रदर्शनी अवधि: 15 अक्टूबर 2025 तक
▪️विशेषता: समकालीन मूर्तिकला और डायनेमिक कृतियों का प्रदर्शन
▪️अध्यक्षता: पद्मनाभ सिंह
▪️स्थापना वर्ष: 2017 (पहले नाहरगढ़ में)
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◾️राज्य स्तरीय सहकारी विकास समिति का होगा पुनर्गठन
🔹 समिति के अध्यक्ष - मुख्य सचिव सुधांश पंत
🔹 समिति के अध्यक्ष - मुख्य सचिव सुधांश पंत
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◾️ISRO का 100वा रॉकेट
🔹29 जनवरी 2025 को इसरो ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV F-15 नमक रॉकेट से स्वदेशी नेवीगेशन सेटेलाइट NVS -02 को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
🔹 यह इसरो का 100वा मिशन था।
🔹 इसरो ने SLV - 3 रॉकेट से 1979 में पहला सैटेलाइट रोहिणी प्रक्षेपित किया था।
🔹 इसरो को अपने 100 मिशन पूरे करने में 46 साल लगे।
🔹29 जनवरी 2025 को इसरो ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV F-15 नमक रॉकेट से स्वदेशी नेवीगेशन सेटेलाइट NVS -02 को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
🔹 यह इसरो का 100वा मिशन था।
🔹 इसरो ने SLV - 3 रॉकेट से 1979 में पहला सैटेलाइट रोहिणी प्रक्षेपित किया था।
🔹 इसरो को अपने 100 मिशन पूरे करने में 46 साल लगे।
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