जनगणना एक नजर डाल देवे
पशुपरिचर एक प्रश्न जरूर आएगा
पशुपरिचर एक प्रश्न जरूर आएगा
पलाश (Butea monosperma) मुख्यतः दक्षिणी अरावली एवं दक्षिणी-पूर्वी अरावली के आसपास दिखाई देती है।
पलाश वन मुख्यरूप से चित्तौड़गढ़, अजमेर, पाली, जालोर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, अलवर और राजसमंद जिलों तक सीमित है।
यह उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का महत्वपूर्ण अंश है।
पलाश वन उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वनों के प्रकार है
लाल सूर्ख रंग के फूलों के कारण इन्हें जंगल की ज्वाला भी कहा जाता है
पलाश वन मुख्यरूप से चित्तौड़गढ़, अजमेर, पाली, जालोर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, अलवर और राजसमंद जिलों तक सीमित है।
यह उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का महत्वपूर्ण अंश है।
पलाश वन उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वनों के प्रकार है
लाल सूर्ख रंग के फूलों के कारण इन्हें जंगल की ज्वाला भी कहा जाता है
❤1👍1
गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में चंबल नदी पर है, यह चंबल नदी पर निर्मित बांधों में सबसे पहला व सबसे बड़ा बांध है।
अब ये ध्यान रखो -
1st and 2nd दोनों shift में प्रश्न आया है।
चंबल नदी पर चार बांध बने हैं
मंदसौर, मध्य प्रदेश
चंबल नदी पर निर्मित सबसे बड़ा बांध है। चंबल पर निर्मित प्रथम बांध है।
रावतभाटा, चित्तौड़गढ़
भराव क्षमता की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है।
बोरावास, कोटा
यह बांध कोटा एवं बूंदी जिले की सीमा पर बना है ।
कोटा शहर के समीप स्थित इसमें केवल सिंचाई होती है।
अब ये ध्यान रखो -
1st and 2nd दोनों shift में प्रश्न आया है।
चंबल नदी पर चार बांध बने हैं
गांधी सागर
मंदसौर, मध्य प्रदेश
चंबल नदी पर निर्मित सबसे बड़ा बांध है। चंबल पर निर्मित प्रथम बांध है।
राणा प्रताप सागर
रावतभाटा, चित्तौड़गढ़
भराव क्षमता की दृष्टि से यह राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है।
जवाहर सागर बांध
बोरावास, कोटा
यह बांध कोटा एवं बूंदी जिले की सीमा पर बना है ।
कोटा बैराज (कोटा सिंचाई बांध )
कोटा शहर के समीप स्थित इसमें केवल सिंचाई होती है।
❤1👍1
ख्यात
ख्यात शब्द मूलतः संस्कृत का शब्द है और इसका अर्थ है 'भूतकाल की घटनाओं का वर्णन'.....
ख्यात में किसी शासक वंश या व्यक्ति के इतिहास का संग्रह होता है।
राजस्थान की प्रसिद्ध ख्यातों में से एक 'नैणसी री ख्यात' है।
बाकीदास की ख्यात को राजस्थान की अन्य ख्यातों से ज़्यादा विश्वसनीय माना जाता है।
दयालदास सिंढायच ने 'बीकानेर राय राठौड़ री ख्यात' और 'दयालदास री ख्यात' नाम से बीकानेर राज्य की ख्याति लिखी थी।
दयालदास को राजस्थान का आखिरी ख्यातकार माना जाता है।
कवि माणक चंद माथुर ने 'मुंडिया री ख्यात' नाम की प्रसिद्ध राजस्थानी कविता लिखी थी, यह कविता राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं, और ग्रामीण जीवन को दर्शाती है।
👍2❤1