नहर ए बहिस्त का संबंध निम्नलिखित में से किस मुगल शासक से था
Anonymous Quiz
14%
अकबर
43%
ज़हांगीर
36%
शाहजहां
6%
औरंगजेब
👍1
👍2
पहला मंगोल आक्रमण दिल्ली सल्तनत के किस शासक कै समय हुआ था
Anonymous Quiz
26%
नासिरूद्दीन महमूद
24%
बहराम शाह
39%
जलालुद्दीन खिलजी
12%
अलाउद्दीन खिलजी
निम्नलिखित में से किसका नाम पुराणो में मालिनी मिलता है
Anonymous Quiz
19%
कौशांबी
27%
चंपा
46%
मलसीसर
8%
उज्जैन
🥰2👍1
देश विभाजन के पश्चात संविधान सभा के सदस्यों की संख्या रह गई थी
Anonymous Quiz
18%
389
20%
303
42%
299
21%
284
👍4
अष्टप्रधान का विघटन निम्नलिखित में से किसके द्वारा किया गया
Anonymous Quiz
15%
राजाराम
60%
संभाजी
19%
शाहु
6%
ताराबाई
‘बलवंत राय मेहता समिति’ का गठन कब किया गया ?
Anonymous Quiz
13%
16 जनवरी 1957
41%
16 फरवरी 1957
29%
16 मार्च 1957
17%
16 अप्रैल 1957
👍3
समाचार पत्रों के लिए अनुज्ञाप्ति नियम ( लाइसेंसिंग) किस वर्ष बनाया गया था
Anonymous Quiz
11%
1799
43%
1823
38%
1835
7%
1857
तार विभाग की स्थापना लार्ड डलहौजी के समय किस वर्ष हुई थी
Anonymous Quiz
16%
1852
45%
1853
32%
1854
7%
1856
👍2
सर्वप्रथम किस वर्ष लोक सेवा के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था
Anonymous Quiz
23%
1853
39%
1854
23%
1855
14%
1856
👌4🔥1🎉1
Today's Total Questions 25+9
Correct Answers❔❔
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राजस्थान में स्थित वन्य जीव अभ्यारण ( rajasthan ke vanya jeev abhyaran)
1. सरिस्का अभयारण्य (अलवर )
यह राजस्थान का दूसरा बाघ परियोजना क्षेत्र है ।
राजस्थान सरकार द्वारा 1955 में से वन्यजीव अभयारण्य की सूची में सम्मिलित किया गया ।
1978 में इसे “टाइगर प्रोजेक्ट” में सम्मिलित किया गया ।
यहाँ विश्व में टाइगर स्थानांतरण का पहला सफल प्रयोग किया गया ।
यह हरे कबूतरों के लिए प्रसिद्ध है ।
इस अभयारण्य में कासका एवं कांकनवाड़ी के पठार स्थित है ।
मयूरों का घनत्व सबसे अधिक है ।
यहां कैलाश सांखला इंटरप्रिटेशन सेंटर है ।
इस अभयारण्य में 4 मंदिर स्थित है – पांडुपोल हनुमानजी ,नीलकंठ महादेव, भर्तृहरि, तालवृक्ष
इसमें सरिस्का पैलेस होटल महाराज जयसिंह द्वारा बनवाई गई है । इसके अतिरिक्त यहां निगम के द्वारा पर्यटकों के लिए होटल “टाइगर डेन” बनाया गया है ।
1947 में महाराजा सवाई तेजसिंह फॉरेस्ट सेटलमेंट तैयार करवाई गई, जिसे “पीली किताब” कहा जाता है ।
इस क्षेत्र में सीलिसेड झील स्थित है ।
2. सरिस्का (अ) अभयारण्य (अलवर )
यह राजस्थान का सबसे छोटा अभयारण्य है ।
इसका क्षेत्रफल 3.01 वर्ग किलोमीटर है ।
3. मरू राष्ट्रीय उद्यान (जैसलमेर )
यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा अभयारण्य है ।
यह 3162 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है, जिसमें 1900 वर्ग किलोमीटर जैसलमेर तथा 1262 वर्ग किलोमीटर बाड़मेर में है ।
8 मई 1981 को इस उद्यान की स्थापना की गई ।
इस अभयारण्य में सर्वाधिक संख्या में गोडावन पाए जाते हैं । यहाँ राज्य पशु चिंकारा को संरक्षण प्रदान किया गया है ।
इसमें आकल वुड फॉसिल पार्क स्थित है जो प्राचीन जीवाश्मों की संरक्षण स्थली है । उद्यान में 25 वुड फॉसिल्स विद्यमान है
4. सीतामाता अभयारण्य (प्रतापगढ़ )
इसे 1979 में राज्य सरकार ने अभयारण्य घोषित किया था ।
यह अभयारण्य प्रतापगढ़ के साथ साथ उदयपुर व चित्तौड़गढ़ में भी फैला हुआ है
सागवान वन राजस्थान में एकमात्र इसी अभयारण्य में पाये जाते हैं ।
यह अभयारण्य राजस्थान का सर्वाधिक जैव विविधता वाला अभयारण्य है ।
सीतामाता अभयारण्य करमोई ( कर्म मोचिनी ) नदी का उद्गम स्थल है । इसके अलावा जाखम, सीतामाता, टांकिया, भूदो, नालेश्वर नदियाँ बहती है ।
इस अभयारण्य में जाखम बाँध स्थित है ।
लव- कुश इस अभयारण्य में स्थित दो सदाबहार जल स्रोत हैं ।
इस अभयारण्य में उड़न गिलहरीयाँ पाई जाती है । इसे रेड फ्लाइंग स्क्विरल पेटोरिस्टा एल्बीवेंटर व आशोवा नाम से भी जाना जाता है ।
पेंगोलिन इस अभयारण्य में पाए जाने वाला जंतु है ।
यह विश्व में एंटीलोप प्रजाति के दुर्लभतम वन्य जीव चौसिंगा हिरण(भेड़ल) के सर्वोत्तम आश्रय स्थलों में से एक है ।
5. सवाई मानसिंह वन्य जीव अभ्यारण (सवाई माधोपुर )
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से लगा हुआ वन क्षेत्र है ।
यह 103 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है ।
6. कनक सागर वन्यजीव अभयारण्य (दुगारी बूँदी)
इसे 1987 में अभयारण्य घोषित किया गया था ।
यह अभयारण्य पक्षियों की शरणस्थली माना जाता है ।
1. सरिस्का अभयारण्य (अलवर )
यह राजस्थान का दूसरा बाघ परियोजना क्षेत्र है ।
राजस्थान सरकार द्वारा 1955 में से वन्यजीव अभयारण्य की सूची में सम्मिलित किया गया ।
1978 में इसे “टाइगर प्रोजेक्ट” में सम्मिलित किया गया ।
यहाँ विश्व में टाइगर स्थानांतरण का पहला सफल प्रयोग किया गया ।
यह हरे कबूतरों के लिए प्रसिद्ध है ।
इस अभयारण्य में कासका एवं कांकनवाड़ी के पठार स्थित है ।
मयूरों का घनत्व सबसे अधिक है ।
यहां कैलाश सांखला इंटरप्रिटेशन सेंटर है ।
इस अभयारण्य में 4 मंदिर स्थित है – पांडुपोल हनुमानजी ,नीलकंठ महादेव, भर्तृहरि, तालवृक्ष
इसमें सरिस्का पैलेस होटल महाराज जयसिंह द्वारा बनवाई गई है । इसके अतिरिक्त यहां निगम के द्वारा पर्यटकों के लिए होटल “टाइगर डेन” बनाया गया है ।
1947 में महाराजा सवाई तेजसिंह फॉरेस्ट सेटलमेंट तैयार करवाई गई, जिसे “पीली किताब” कहा जाता है ।
इस क्षेत्र में सीलिसेड झील स्थित है ।
2. सरिस्का (अ) अभयारण्य (अलवर )
यह राजस्थान का सबसे छोटा अभयारण्य है ।
इसका क्षेत्रफल 3.01 वर्ग किलोमीटर है ।
3. मरू राष्ट्रीय उद्यान (जैसलमेर )
यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा अभयारण्य है ।
यह 3162 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है, जिसमें 1900 वर्ग किलोमीटर जैसलमेर तथा 1262 वर्ग किलोमीटर बाड़मेर में है ।
8 मई 1981 को इस उद्यान की स्थापना की गई ।
इस अभयारण्य में सर्वाधिक संख्या में गोडावन पाए जाते हैं । यहाँ राज्य पशु चिंकारा को संरक्षण प्रदान किया गया है ।
इसमें आकल वुड फॉसिल पार्क स्थित है जो प्राचीन जीवाश्मों की संरक्षण स्थली है । उद्यान में 25 वुड फॉसिल्स विद्यमान है
4. सीतामाता अभयारण्य (प्रतापगढ़ )
इसे 1979 में राज्य सरकार ने अभयारण्य घोषित किया था ।
यह अभयारण्य प्रतापगढ़ के साथ साथ उदयपुर व चित्तौड़गढ़ में भी फैला हुआ है
सागवान वन राजस्थान में एकमात्र इसी अभयारण्य में पाये जाते हैं ।
यह अभयारण्य राजस्थान का सर्वाधिक जैव विविधता वाला अभयारण्य है ।
सीतामाता अभयारण्य करमोई ( कर्म मोचिनी ) नदी का उद्गम स्थल है । इसके अलावा जाखम, सीतामाता, टांकिया, भूदो, नालेश्वर नदियाँ बहती है ।
इस अभयारण्य में जाखम बाँध स्थित है ।
लव- कुश इस अभयारण्य में स्थित दो सदाबहार जल स्रोत हैं ।
इस अभयारण्य में उड़न गिलहरीयाँ पाई जाती है । इसे रेड फ्लाइंग स्क्विरल पेटोरिस्टा एल्बीवेंटर व आशोवा नाम से भी जाना जाता है ।
पेंगोलिन इस अभयारण्य में पाए जाने वाला जंतु है ।
यह विश्व में एंटीलोप प्रजाति के दुर्लभतम वन्य जीव चौसिंगा हिरण(भेड़ल) के सर्वोत्तम आश्रय स्थलों में से एक है ।
5. सवाई मानसिंह वन्य जीव अभ्यारण (सवाई माधोपुर )
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से लगा हुआ वन क्षेत्र है ।
यह 103 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है ।
6. कनक सागर वन्यजीव अभयारण्य (दुगारी बूँदी)
इसे 1987 में अभयारण्य घोषित किया गया था ।
यह अभयारण्य पक्षियों की शरणस्थली माना जाता है ।
👍5
प्रमुख देवियां ( राजस्थान)
1. छीक माता - जयपुर
2. छीछ माता - बांसवाड़ा
3. हिचकी माता - सरवाड़ (अजमेर)
4. अम्बिका माता - जगत (उदयपुर)
5. क्षेमकारी माता- भीनमाल (जालौर)
6. सुभद्रा माता -भाद्राजूण (जालौर)
7. खूबड़ माता - सिवाणा (बाड़मेर)
8. बाण माता - उदयपुर सिसोदिया वंश की कुल देवी
9. नागणेची माता - नगाणा गांव (बाडमेर)
10. बिखडी माता - उदयपुर
11. सुंन्धा माता -सुन्धा पर्वत (जालौर)
12. घेवर माता - राजसमंद
13. चार भुजा देवी - खमनौर (राजसमंद)
14. पीपाड़ माता- ओशिया (जोधपुर)
15. आमजा माता - केलवाडा (उदयपुर)
16. कुशाल माता- बदनोर (भीलवाडा)
17. जिलाडी माता - बहरोड़ (अलवर)
18. चैथ माता - चैथ का बरवाडा (स.धो)
19. हर्षत माता - आभानेरी (दौसा)
20. मनसा देवी - (चुरू)
21. आवरी माता- निकुम्भ (चित्तौड़गढ) लकवे के रोगियां का उपचारकत्र्ता देवी
22. भदाणा माता - कोटा
23. भांवल माता - नागौर
24. भंवर माता- छोटी सादडी (प्रतापगढ)
25. सीता माता- बडी सादडी (चित्तौड़गढ)
26. दधिमति माता- गोठ मांगलोद (नागौर)
27. हींगलाज माता - नारलाई (जोधपुर)
28. त्रिपुरा सुन्दरी माता /तरतई माता/त्रिपुरा महालक्षमी -तलवाडा (बांसवाडा)
29. उन्टाला माता - वल्लभ नगर (उदयपुर)
30. भद्रकाली माता - हनुमानगढ़
31. मगरमण्डी माता - नीमाज (पाली)
32. विरात्रा माता - बाड़मेर
33. कुण्डालिनी माता- राश्मी (चित्तौड़गढ)
34. जमुवाय माता-जमवारामगढ़ (जयपुर) कच्छवाह वंश की कुल देवी।
35. धूणी माता -डबोक (उदयपुर)
36. सेणी माता - जोधपुर
37. बिजासणी माता - लालसौट (दौसा)
38. सुगाली माता- आउवा (पाली)
39. आसपुर माता - आसपुर तह. (डूंगरपुर)
40. बडली माता-चित्तौड़गढ़ छीपों का अंकोला (बेडचनदी के किनारे)
41. जोगणिया माता - भीलवाडा
42. लटियाल भवानी -जोधपुर-कल्ला समाज की कुल देवी। इन्हे खेजड़अेरी राय भवानी भी कहते है।
43. खोडिया देवी - जैसलमेर
44. सीमलमाता- बसंतगढ़ (बाड़मेर)
45. अधर देवी /अर्बुदा देवी - माऊंट आबू
46. राणी भटियाणी - जसौल (बाडमेर)
47. नगटी माता - जयपुर
48. महामाई माता- रेनवाल (जयपुर)
49. ज्वाला माता - जोबनेर (जयपुर) खंगारातो की कुल देवी
पोकरण वाली आसपुर माता बिस्सा समाज की कुल देवी है।
1. छीक माता - जयपुर
2. छीछ माता - बांसवाड़ा
3. हिचकी माता - सरवाड़ (अजमेर)
4. अम्बिका माता - जगत (उदयपुर)
5. क्षेमकारी माता- भीनमाल (जालौर)
6. सुभद्रा माता -भाद्राजूण (जालौर)
7. खूबड़ माता - सिवाणा (बाड़मेर)
8. बाण माता - उदयपुर सिसोदिया वंश की कुल देवी
9. नागणेची माता - नगाणा गांव (बाडमेर)
10. बिखडी माता - उदयपुर
11. सुंन्धा माता -सुन्धा पर्वत (जालौर)
12. घेवर माता - राजसमंद
13. चार भुजा देवी - खमनौर (राजसमंद)
14. पीपाड़ माता- ओशिया (जोधपुर)
15. आमजा माता - केलवाडा (उदयपुर)
16. कुशाल माता- बदनोर (भीलवाडा)
17. जिलाडी माता - बहरोड़ (अलवर)
18. चैथ माता - चैथ का बरवाडा (स.धो)
19. हर्षत माता - आभानेरी (दौसा)
20. मनसा देवी - (चुरू)
21. आवरी माता- निकुम्भ (चित्तौड़गढ) लकवे के रोगियां का उपचारकत्र्ता देवी
22. भदाणा माता - कोटा
23. भांवल माता - नागौर
24. भंवर माता- छोटी सादडी (प्रतापगढ)
25. सीता माता- बडी सादडी (चित्तौड़गढ)
26. दधिमति माता- गोठ मांगलोद (नागौर)
27. हींगलाज माता - नारलाई (जोधपुर)
28. त्रिपुरा सुन्दरी माता /तरतई माता/त्रिपुरा महालक्षमी -तलवाडा (बांसवाडा)
29. उन्टाला माता - वल्लभ नगर (उदयपुर)
30. भद्रकाली माता - हनुमानगढ़
31. मगरमण्डी माता - नीमाज (पाली)
32. विरात्रा माता - बाड़मेर
33. कुण्डालिनी माता- राश्मी (चित्तौड़गढ)
34. जमुवाय माता-जमवारामगढ़ (जयपुर) कच्छवाह वंश की कुल देवी।
35. धूणी माता -डबोक (उदयपुर)
36. सेणी माता - जोधपुर
37. बिजासणी माता - लालसौट (दौसा)
38. सुगाली माता- आउवा (पाली)
39. आसपुर माता - आसपुर तह. (डूंगरपुर)
40. बडली माता-चित्तौड़गढ़ छीपों का अंकोला (बेडचनदी के किनारे)
41. जोगणिया माता - भीलवाडा
42. लटियाल भवानी -जोधपुर-कल्ला समाज की कुल देवी। इन्हे खेजड़अेरी राय भवानी भी कहते है।
43. खोडिया देवी - जैसलमेर
44. सीमलमाता- बसंतगढ़ (बाड़मेर)
45. अधर देवी /अर्बुदा देवी - माऊंट आबू
46. राणी भटियाणी - जसौल (बाडमेर)
47. नगटी माता - जयपुर
48. महामाई माता- रेनवाल (जयपुर)
49. ज्वाला माता - जोबनेर (जयपुर) खंगारातो की कुल देवी
पोकरण वाली आसपुर माता बिस्सा समाज की कुल देवी है।
👍8
चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2024
👉🏽विजेता =अमेरिका के विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन ।
👉🏽दोनों को माइक्रो RNA की खोज के लिए यह सम्मान दिया जाएगा।
★ Trick= विक्टर, रुक ना, RNA का इलाज करते है।
👉🏽विजेता =अमेरिका के विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन ।
👉🏽दोनों को माइक्रो RNA की खोज के लिए यह सम्मान दिया जाएगा।
★ Trick= विक्टर, रुक ना, RNA का इलाज करते है।
👍5❤1
🧶 अजमेर में स्थापित समाचार पत्र एवं उनके संस्थापक
1. राजपूताना गजट
➪
2. देश हितैषी
➪
3. राजपूताना गजेटियर
➪
4. राजपूताना हेराल्ड
➪
5. राजस्थान टाइम्स
➪
6. राजस्थान पत्रिका
➪
7. राजपूताना समाचार
➪
8.नवीन राजस्थान
➪
9. तरुण राजस्थान
➪
10. दैनिक नवज्योति
➪ वर्ष: 1936
➪ संस्थापक: दुर्गा प्रसाद चौधरी
1. राजपूताना गजट
➪
वर्ष: 1882
➪ संस्थापक: मोलवी मुराद अली2. देश हितैषी
➪
वर्ष: 1882
➪ संस्थापक: मुंशी मुन्नालाल शर्मा3. राजपूताना गजेटियर
➪
वर्ष: 1885
➪ संस्थापक: मोलवी मुराद अली4. राजपूताना हेराल्ड
➪
वर्ष: 1885
➪ संस्थापक: हनुमान सिंह
5. राजस्थान टाइम्स
➪
वर्ष: 1885
➪ संस्थापक: बक्शी लक्ष्मण दास6. राजस्थान पत्रिका
➪
वर्ष: 1885
➪ संस्थापक: बक्शी लक्ष्मण दास7. राजपूताना समाचार
➪
वर्ष: 1905
➪ संस्थापक: समर्थनदास चारण8.नवीन राजस्थान
➪
वर्ष: 1921
➪ संस्थापक: विजय सिंह पथिक एवं रामनाराण चौधरी9. तरुण राजस्थान
➪
वर्ष: 1922
➪ संस्थापक: विजय सिंह पथिक
10. दैनिक नवज्योति
➪ वर्ष: 1936
➪ संस्थापक: दुर्गा प्रसाद चौधरी
👍17
निम्न मे से आन्तरिक जल प्रवाह का उत्तम उदाहरण है ?
Anonymous Quiz
15%
डीडवाना
19%
नावां
17%
कुचामन
50%
सांभर
👍1
प्रसिद्ध बम नृत्य राज्य के किस क्षेत्र का है?
Anonymous Quiz
9%
सिरोही
6%
जोधपुर
9%
जैसेलमेर
76%
भरतपुर
👍3👌2