आज cet सेकंड शिफ्ट का एक सरल सा प्रश्न लेकिन यहाँ कई बच्चों ने मात खाई है...
जल्दबाजी में अरविंद पनगढ़िया किया है...
जबकि नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है इसलिए नीति आयोग के प्रथम अध्यक्ष श्री नरेंद्र मोदी
भारत की केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग के गठन की घोषणा की।
नीति आयोग की पहली बैठक 8 फरवरी 2015 को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई थी।
जल्दबाजी में अरविंद पनगढ़िया किया है...
जबकि नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है इसलिए नीति आयोग के प्रथम अध्यक्ष श्री नरेंद्र मोदी
भारत की केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग के गठन की घोषणा की।
नीति आयोग की पहली बैठक 8 फरवरी 2015 को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई थी।
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ये छतरी राव सूरजमल हाडा की 12 खम्भो की थी जिसको प्रशासन द्वारा हटा दिया गया.... अब ये आजकल बहुत चर्चा में है क्यूंकि लोगो का मानना है कि इससे हमारी जन भावना आहत हुई है... आगे आने वाली एग्जामो में यंहा से क्वेश्चन आ सकता है....👇
आक्रांता बाबर से लोहा लेते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले राव सूरजमल जी हाड़ा की 600 साल पुरानी छतरी में 12 स्तम्भ थे।ये 12 स्तम्भ उन 12 हाड़ा ,सोलंकी वीरों की स्मृति में थे जो सूरजमल जी के साथ इसी जगह वीर गति को प्राप्त हुए।इन सभी की अंत्येष्टि क्रिया इसी छतरी वाले स्थान पर की गई थी। जिसे सरकारी आक्रांताओं ने नेताओं का दिल जीतने के लिए शहीद कर दिया ।कानूनन सौ साल से पुराने स्मारक हैरिटेज की श्रेणी में होते हैं 👍🏻
आक्रांता बाबर से लोहा लेते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले राव सूरजमल जी हाड़ा की 600 साल पुरानी छतरी में 12 स्तम्भ थे।ये 12 स्तम्भ उन 12 हाड़ा ,सोलंकी वीरों की स्मृति में थे जो सूरजमल जी के साथ इसी जगह वीर गति को प्राप्त हुए।इन सभी की अंत्येष्टि क्रिया इसी छतरी वाले स्थान पर की गई थी। जिसे सरकारी आक्रांताओं ने नेताओं का दिल जीतने के लिए शहीद कर दिया ।कानूनन सौ साल से पुराने स्मारक हैरिटेज की श्रेणी में होते हैं 👍🏻
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CET पेपर 28 Sept (2nd shift).pdf
9.8 MB
🧶 CET Exam 2024 🤩
▪️ आज दिनांक 28 सितंबर को आयोजित द्वितीय पारी का प्रश्न पत्र 😎
───━❥
▪️ आज दिनांक 28 सितंबर को आयोजित द्वितीय पारी का प्रश्न पत्र 😎
───━❥
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CET 10+2 Last Date Reminder 🪧
Last Date - 1 October 2024
Exam Date - 22, 23, 24 October 2024
अब तक जिसने फॉर्म नही भरा हो तो समय रहते भर दें।
Last Date - 1 October 2024
Exam Date - 22, 23, 24 October 2024
अब तक जिसने फॉर्म नही भरा हो तो समय रहते भर दें।
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सुनारी सभ्यता
जिला – नीम का थाना
तांबा गलाने की भट्टीयां मिली है।
रेड सभ्यता
जिला – टोंक
लौहे के भण्डार प्राप्त हुए हैं।
इस कारण इसे ‘प्राचीन भारत का टाटानगर’ कहा जाता है।
नालियासर सभ्यता
जिला – जयपुर ग्रामीण
लोहा युगीन सभ्यता
रंगमहल, पीलीबंगा
जिला – हनुमानगढ़
कांस्ययुगीन सभ्यता(सिन्धु घाटी सभ्यता के स्थल)
करणपुरा(भादरा) नवीनतम स्थल
नगरी सभ्यता
जिला – चित्तौड़गढ़
नगरी का प्राचीन नाम – मध्यमिका
नगर सभ्यता
जिला – टोंक
प्राचीन नाम – मालव नगर
बालाथल सभ्यता
जिला – उदयपुर(वल्लभनगर तहसील के पास)
नदी – बनास
समय – 1900 ईसा पुर्व से 1200 ईसा पुर्व तक
आहड़ सभ्यता से सम्बधित ताम्र युगीन स्थल
खोजकर्ता व उत्खनन कत्र्ता – 1993 वी. एन. मिश्र(विरेन्द्र नाथ मिश्र)
विशेषता-
यहाँ एक बड़ा भवन, दुर्ग, सांड व कुत्ते की मूर्तियों के साथ ताम्बे के आभूषण मिले है।
मिश्रित अर्थव्यवस्था के साक्ष्य मिले हैं।
कृषि के साथ – साथ पशुपालन का प्रचलन था।
गिलुण्ड सभ्यता
जिला – राजसमंद
खोजकर्ता / उत्खनन कर्ता – 1957- 58 वी. बी.(वृज बासी) लाल
आहड़ सभ्यता से सम्बधित ताम्र युगीन सभ्यता
बनास के किनारे यह सभ्यता विकसित हुई थी।
यह 1500 ई. पू. की सभ्यता है।
गणेश्वर सभ्यता
जिला – नीम का थाना
खोजकर्ता/उत्खनन कत्र्ता – 1977 आर. सी.(रत्न चन्द्र) अग्रवाल
नदी – कांतली
समय – 2800 ईसा पुर्व
काल – ताम्रयुगीन सभ्यता
विशेषताएं-
मछली पकड़ने का कांटा मिला है।
ताम्र निर्मित बरछी (कुल्हाड़ी ) मिली है।
शुद्ध तांबे निर्मित तीर, भाले, तलवार, बर्तन, आभुषण, सुईयां मिले हैं।
आहड़ सभ्यता
जिला – उदयपुर
नदी – आयड़(बेड़च नदी के तट पर)
समय – 1900 ईसा पुर्व से 1200 ईसा पुर्व
काल – ताम्र पाषाण काल
खोजकर्ता – 1953 अक्षय कीर्ति व्यास
उत्खनन कर्ता – 1956 आर. सी. अग्रवाल(रत्नचन्द्र अग्रवाल) तथा एच.डी.(हंसमुख धीरजलाल) सांकलिया।
आहड़ का प्राचीन नाम – ताम्रवती नगरी
10 या 11 शताब्दी में इसे आघाटपुर/आघाट दुर्ग कहते थे।
स्थानीय नाम – धुलकोट
आहड़ सभ्यता की विशेषताएं:
ताम्बे की मुहरें तथा मुद्राएं , एक मुद्रा पर एक ओर त्रिशूल एवं दूसरी और अपोलो अंकित है जिसके हाथ में तीर है तथा पीछे तरकश है।
ताम्बा गलाने की भट्टी मिली है।
यहाँ के निवासी शवों को आभूषणों सहित दफनाते थे।
यह सभ्यता बनास नदी सभ्यता का हिस्सा थी इसलिए इसे बनास संस्कृति भी कहते हैं।
कालीबंगा सभ्यता
जिला – हनुमानगढ़
नदी – सरस्वती(वर्तमान की घग्घर)
समय – 3000 ईसा पूर्व से 1750 ईसा पूर्व तक। राजस्थान की सबसे पुराणी सभ्यता
काल – ताम्र युगीन काल
खोजकर्ता – 1952 अमलानन्द घोस
उत्खनन कर्ता – (1961-69) बी. बी. लाल (बृजबासी लाल), बी. के. थापर(बालकृष्ण थापर)
कालीबंगा शाब्दीक अर्थ – काली चुडि़यां
कालीबंगा सभ्यता की विशेषताएं:
जुते हुऐ खेत के साक्ष्य
यह नगर दो भागों में विभाजित है और दोनों भाग सुरक्षा दिवार(परकोटा) से घिरे हुए हैं।
लकड़ी से बनी नाली के साक्ष्य प्राप्त हुए है।
यहां से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है। यहां से ऊंट की हड्डियां प्राप्त हुई है, ऊंट इनका पालतु पशु है।
यहां से सुती वस्त्र में लिपटा हुआ ‘उस्तरा‘ प्राप्त हुआ है।
यहां से कपास की खेती के साक्ष्य प्राप्त हुए है।
जले हुए चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
युगल समाधी के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
यहां से मिट्टी से निर्मिट स्केल(फुटा) प्राप्त हुआ है।
यहां से शल्य चिकित्सा के साक्ष्य प्राप्त हुआ है। एक बच्चे का कंकाल मिला है।
बैराठ सभ्यता
जिला – कोटपूतली बहरोड
नदी – बाणगंगा
समय – 600 ईसा पुर्व से 1 ईस्वी
काल – लौह युगीन
खोजकर्ता/ उत्खनन कर्ता – 1935 – 36 दयाराम साहनी
प्रमुख स्थल – बीजक की पहाड़ी, भीम की डुंगरी, महादेव जी डुंगरी
विशेषता
मत्स्य जनपद की राजधानी – विराटनगर
(मत्स्य जनपद – जयपुर ग्रामीण, जयपुर, कोटपूतली बहरोड, अलवर, भरतपुर)
विराटनगर – बैराठ का प्राचीन नाम है।
महाभारत संस्कृति के साक्ष्य
पाण्डुओं ने अपने 1 वर्ष का अज्ञातवास विराटनगर के राजा विराट के यहां व्यतित किया था।
बौद्धधर्म के साक्ष्य
बैराठ से हमें एक गोलाकार बौद्ध मठ मिला है।
मौर्य संस्कृति के साक्ष्य
मौर्य समाज – 322 ईसा पुर्व से 184 ईसा पुर्व
सम्राट अशोक का भाब्रु शिलालेख बैराठ से मिला है।
भाब्रु शिलालेख की खोज – 1837 कैप्टन बर्ट
वर्तमान में भाब्रु शिलालेख कोलकत्ता के संग्रहालय में सुरक्षित है।
इसकी भाषा – प्राकृत भाषा
लिपी – ब्राह्मी लिपि
हिन्द-युनानी संस्कृति के साक्ष्य
यहां से 36 चांदी के सिक्के प्राप्त हुए हैं 36 में से 28 सिक्के हिन्द – युनानी राजाओं के है। 28 में से 16 सिक्के मिनेण्डर राजा(प्रसिद्ध हिन्द – युनानी राजा) के मिले हैं।
शेष 8 सिक्के प्राचीन भारत के सिक्के आहत(पंचमार्क) है।
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जिला – नीम का थाना
तांबा गलाने की भट्टीयां मिली है।
रेड सभ्यता
जिला – टोंक
लौहे के भण्डार प्राप्त हुए हैं।
इस कारण इसे ‘प्राचीन भारत का टाटानगर’ कहा जाता है।
नालियासर सभ्यता
जिला – जयपुर ग्रामीण
लोहा युगीन सभ्यता
रंगमहल, पीलीबंगा
जिला – हनुमानगढ़
कांस्ययुगीन सभ्यता(सिन्धु घाटी सभ्यता के स्थल)
करणपुरा(भादरा) नवीनतम स्थल
नगरी सभ्यता
जिला – चित्तौड़गढ़
नगरी का प्राचीन नाम – मध्यमिका
नगर सभ्यता
जिला – टोंक
प्राचीन नाम – मालव नगर
बालाथल सभ्यता
जिला – उदयपुर(वल्लभनगर तहसील के पास)
नदी – बनास
समय – 1900 ईसा पुर्व से 1200 ईसा पुर्व तक
आहड़ सभ्यता से सम्बधित ताम्र युगीन स्थल
खोजकर्ता व उत्खनन कत्र्ता – 1993 वी. एन. मिश्र(विरेन्द्र नाथ मिश्र)
विशेषता-
यहाँ एक बड़ा भवन, दुर्ग, सांड व कुत्ते की मूर्तियों के साथ ताम्बे के आभूषण मिले है।
मिश्रित अर्थव्यवस्था के साक्ष्य मिले हैं।
कृषि के साथ – साथ पशुपालन का प्रचलन था।
गिलुण्ड सभ्यता
जिला – राजसमंद
खोजकर्ता / उत्खनन कर्ता – 1957- 58 वी. बी.(वृज बासी) लाल
आहड़ सभ्यता से सम्बधित ताम्र युगीन सभ्यता
बनास के किनारे यह सभ्यता विकसित हुई थी।
यह 1500 ई. पू. की सभ्यता है।
गणेश्वर सभ्यता
जिला – नीम का थाना
खोजकर्ता/उत्खनन कत्र्ता – 1977 आर. सी.(रत्न चन्द्र) अग्रवाल
नदी – कांतली
समय – 2800 ईसा पुर्व
काल – ताम्रयुगीन सभ्यता
विशेषताएं-
मछली पकड़ने का कांटा मिला है।
ताम्र निर्मित बरछी (कुल्हाड़ी ) मिली है।
शुद्ध तांबे निर्मित तीर, भाले, तलवार, बर्तन, आभुषण, सुईयां मिले हैं।
आहड़ सभ्यता
जिला – उदयपुर
नदी – आयड़(बेड़च नदी के तट पर)
समय – 1900 ईसा पुर्व से 1200 ईसा पुर्व
काल – ताम्र पाषाण काल
खोजकर्ता – 1953 अक्षय कीर्ति व्यास
उत्खनन कर्ता – 1956 आर. सी. अग्रवाल(रत्नचन्द्र अग्रवाल) तथा एच.डी.(हंसमुख धीरजलाल) सांकलिया।
आहड़ का प्राचीन नाम – ताम्रवती नगरी
10 या 11 शताब्दी में इसे आघाटपुर/आघाट दुर्ग कहते थे।
स्थानीय नाम – धुलकोट
आहड़ सभ्यता की विशेषताएं:
ताम्बे की मुहरें तथा मुद्राएं , एक मुद्रा पर एक ओर त्रिशूल एवं दूसरी और अपोलो अंकित है जिसके हाथ में तीर है तथा पीछे तरकश है।
ताम्बा गलाने की भट्टी मिली है।
यहाँ के निवासी शवों को आभूषणों सहित दफनाते थे।
यह सभ्यता बनास नदी सभ्यता का हिस्सा थी इसलिए इसे बनास संस्कृति भी कहते हैं।
कालीबंगा सभ्यता
जिला – हनुमानगढ़
नदी – सरस्वती(वर्तमान की घग्घर)
समय – 3000 ईसा पूर्व से 1750 ईसा पूर्व तक। राजस्थान की सबसे पुराणी सभ्यता
काल – ताम्र युगीन काल
खोजकर्ता – 1952 अमलानन्द घोस
उत्खनन कर्ता – (1961-69) बी. बी. लाल (बृजबासी लाल), बी. के. थापर(बालकृष्ण थापर)
कालीबंगा शाब्दीक अर्थ – काली चुडि़यां
कालीबंगा सभ्यता की विशेषताएं:
जुते हुऐ खेत के साक्ष्य
यह नगर दो भागों में विभाजित है और दोनों भाग सुरक्षा दिवार(परकोटा) से घिरे हुए हैं।
लकड़ी से बनी नाली के साक्ष्य प्राप्त हुए है।
यहां से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है। यहां से ऊंट की हड्डियां प्राप्त हुई है, ऊंट इनका पालतु पशु है।
यहां से सुती वस्त्र में लिपटा हुआ ‘उस्तरा‘ प्राप्त हुआ है।
यहां से कपास की खेती के साक्ष्य प्राप्त हुए है।
जले हुए चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
युगल समाधी के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
यहां से मिट्टी से निर्मिट स्केल(फुटा) प्राप्त हुआ है।
यहां से शल्य चिकित्सा के साक्ष्य प्राप्त हुआ है। एक बच्चे का कंकाल मिला है।
बैराठ सभ्यता
जिला – कोटपूतली बहरोड
नदी – बाणगंगा
समय – 600 ईसा पुर्व से 1 ईस्वी
काल – लौह युगीन
खोजकर्ता/ उत्खनन कर्ता – 1935 – 36 दयाराम साहनी
प्रमुख स्थल – बीजक की पहाड़ी, भीम की डुंगरी, महादेव जी डुंगरी
विशेषता
मत्स्य जनपद की राजधानी – विराटनगर
(मत्स्य जनपद – जयपुर ग्रामीण, जयपुर, कोटपूतली बहरोड, अलवर, भरतपुर)
विराटनगर – बैराठ का प्राचीन नाम है।
महाभारत संस्कृति के साक्ष्य
पाण्डुओं ने अपने 1 वर्ष का अज्ञातवास विराटनगर के राजा विराट के यहां व्यतित किया था।
बौद्धधर्म के साक्ष्य
बैराठ से हमें एक गोलाकार बौद्ध मठ मिला है।
मौर्य संस्कृति के साक्ष्य
मौर्य समाज – 322 ईसा पुर्व से 184 ईसा पुर्व
सम्राट अशोक का भाब्रु शिलालेख बैराठ से मिला है।
भाब्रु शिलालेख की खोज – 1837 कैप्टन बर्ट
वर्तमान में भाब्रु शिलालेख कोलकत्ता के संग्रहालय में सुरक्षित है।
इसकी भाषा – प्राकृत भाषा
लिपी – ब्राह्मी लिपि
हिन्द-युनानी संस्कृति के साक्ष्य
यहां से 36 चांदी के सिक्के प्राप्त हुए हैं 36 में से 28 सिक्के हिन्द – युनानी राजाओं के है। 28 में से 16 सिक्के मिनेण्डर राजा(प्रसिद्ध हिन्द – युनानी राजा) के मिले हैं।
शेष 8 सिक्के प्राचीन भारत के सिक्के आहत(पंचमार्क) है।
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✨राजस्थान वानिकी एवं वन्य जीव प्रशिक्षण संस्थान जयपुर
✨राजस्थान वन प्रशिक्षण केंद्र अलवर
✨वनरोपण अनुसंधान केंद्र जोधपुर
✨विश्व वानिकी वृक्ष उद्यान झालना जयपुर
✨राजस्थान जैव विविधता बोर्ड 2010 में जयपुर
✨जैव विविधता पार्क गमधर उदयपुर
✨राज्य पशुपालन विभाग 1957 में स्थापित
✨राजस्थान गो सेवा आयोग का गठन 1995 जयपुर
✨गोपालन विभाग 13 मार्च 2014 ( अब इसका नाम गोपालन निदेशालय )
✨केंद्रीय शुष्क क्षेत्र बागवानी अनुसंधान केंद्र बीछवाल बीकानेर
✨केंद्रीय कृषि फार्म जेतसर गंगानगर 1962 कनाडा के सहयोग से
✨केंद्रीय कृषि फार्म सूरतगढ़ गंगानगर 15 अगस्त 1956 रूस के सहयोग से
✨राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र सेवर भरतपुर
✨राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र तबीजी अजमेर
✨केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान केंद्र जोधपुर ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से 1959
✨राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड 6 जून 1974
✨कृषि अनुसंधान केंद्र 1964 (1992 93 में इसका मुख्यालय बीकानेर स्थानांतरित )
✨राजस्थान राज्य सहकारी क्रय विक्रय संघ 26 नवंबर 1957
✨राजस्थान राज्य भंडारण निगम 30 दिसंबर 1957
✨केंद्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुरा जयपुर 1943
✨राजस्थान डेयरी विभाग 1973
✨राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम 1975
✨राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन 1977
✨केंद्रीय भेड़ व उन अनुसंधान केंद्र अविका नगर टोंक 1962
✨भेड व उन प्रशिक्षण संस्थान जयपुर
✨केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड जोधपुर 1987
✨केंद्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र जोहड़बीड बीकानेर 5 जुलाई 1984
✨राजस्थान गो सेवा आयोग गठन 1995 जयपुर
✨राजस्थान गोपालन विभाग 13 मार्च 2014 ( वर्तमान नाम गोपालन निदेशालय )
✨राजस्थान गो सेवा संघ संस्थान अजमेर में स्थित है
✨राजस्थान राज्य पशुपालन विभाग की स्थापना 1957
💫राजस्थान राज्य अभिलेखागार :: बीकानेर
💫श्री सरस्वती पुस्तकालय, फतेहपुर : सीकर
💫राजस्थान उर्दू अकादमी :: 1979 जयपुर
💫राजस्थान सिंधी अकादमी :: 1979 जयपुर
💫राजस्थान संस्कृत अकादमी :: 1980 जयपुर
💫राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृत अकादमी :: 1983 बीकानेर
💫राजस्थानी पंजाबी भाषा अकादमी :: 2006 श्रीगंगानगर
💫राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण :: 2006 जयपुर
💫पं. झावरमल शोध संस्थान :: 2000 जयपुर
💫राजस्थान बृज भाषा अकादमी :: 1986 जयपुर
💫राजस्थानी भाषा बाल साहित्य प्रकाशन :: सीकर
💫माणिक्यलाल आदिम जाति शोध संस्थान :: उदयपुर
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✨राजस्थान वन प्रशिक्षण केंद्र अलवर
✨वनरोपण अनुसंधान केंद्र जोधपुर
✨विश्व वानिकी वृक्ष उद्यान झालना जयपुर
✨राजस्थान जैव विविधता बोर्ड 2010 में जयपुर
✨जैव विविधता पार्क गमधर उदयपुर
✨राज्य पशुपालन विभाग 1957 में स्थापित
✨राजस्थान गो सेवा आयोग का गठन 1995 जयपुर
✨गोपालन विभाग 13 मार्च 2014 ( अब इसका नाम गोपालन निदेशालय )
✨केंद्रीय शुष्क क्षेत्र बागवानी अनुसंधान केंद्र बीछवाल बीकानेर
✨केंद्रीय कृषि फार्म जेतसर गंगानगर 1962 कनाडा के सहयोग से
✨केंद्रीय कृषि फार्म सूरतगढ़ गंगानगर 15 अगस्त 1956 रूस के सहयोग से
✨राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र सेवर भरतपुर
✨राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र तबीजी अजमेर
✨केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान केंद्र जोधपुर ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से 1959
✨राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड 6 जून 1974
✨कृषि अनुसंधान केंद्र 1964 (1992 93 में इसका मुख्यालय बीकानेर स्थानांतरित )
✨राजस्थान राज्य सहकारी क्रय विक्रय संघ 26 नवंबर 1957
✨राजस्थान राज्य भंडारण निगम 30 दिसंबर 1957
✨केंद्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुरा जयपुर 1943
✨राजस्थान डेयरी विभाग 1973
✨राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम 1975
✨राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन 1977
✨केंद्रीय भेड़ व उन अनुसंधान केंद्र अविका नगर टोंक 1962
✨भेड व उन प्रशिक्षण संस्थान जयपुर
✨केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड जोधपुर 1987
✨केंद्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र जोहड़बीड बीकानेर 5 जुलाई 1984
✨राजस्थान गो सेवा आयोग गठन 1995 जयपुर
✨राजस्थान गोपालन विभाग 13 मार्च 2014 ( वर्तमान नाम गोपालन निदेशालय )
✨राजस्थान गो सेवा संघ संस्थान अजमेर में स्थित है
✨राजस्थान राज्य पशुपालन विभाग की स्थापना 1957
💫राजस्थान राज्य अभिलेखागार :: बीकानेर
💫श्री सरस्वती पुस्तकालय, फतेहपुर : सीकर
💫राजस्थान उर्दू अकादमी :: 1979 जयपुर
💫राजस्थान सिंधी अकादमी :: 1979 जयपुर
💫राजस्थान संस्कृत अकादमी :: 1980 जयपुर
💫राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृत अकादमी :: 1983 बीकानेर
💫राजस्थानी पंजाबी भाषा अकादमी :: 2006 श्रीगंगानगर
💫राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण :: 2006 जयपुर
💫पं. झावरमल शोध संस्थान :: 2000 जयपुर
💫राजस्थान बृज भाषा अकादमी :: 1986 जयपुर
💫राजस्थानी भाषा बाल साहित्य प्रकाशन :: सीकर
💫माणिक्यलाल आदिम जाति शोध संस्थान :: उदयपुर
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बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं
ए.डी.बी.
🔸राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम
🔸राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना
🔸राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम
विश्व बैंक
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम
🔸राजस्थान में सार्वजनिक वित्तीय प्रबन्धन के
सुदृढीकरण की परियोजना
🔸बांध पुर्नवास और सुधार परियोजना
जे.आई.सी.ए.
🔸राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना
🔸राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति एवं फ्लोरोसिस
निराकरण परियोजना
एन.डी.बी.
🔸रेगिस्तान क्षेत्र के लिये जल क्षेत्र पुनःसंरचना
परियोजना
के.एफ.डब्लू.
🔸राजस्थान में ट्रांसमिशन सिस्टम हरित ऊर्जा
गलियारा परियोजना
ए.एफ.डी.
🔸राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधत्ता विकास
परियोजना
@OnlineNotesStore
ए.डी.बी.
🔸राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम
🔸राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना
🔸राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम
विश्व बैंक
🔸राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम
🔸राजस्थान में सार्वजनिक वित्तीय प्रबन्धन के
सुदृढीकरण की परियोजना
🔸बांध पुर्नवास और सुधार परियोजना
जे.आई.सी.ए.
🔸राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना
🔸राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति एवं फ्लोरोसिस
निराकरण परियोजना
एन.डी.बी.
🔸रेगिस्तान क्षेत्र के लिये जल क्षेत्र पुनःसंरचना
परियोजना
के.एफ.डब्लू.
🔸राजस्थान में ट्रांसमिशन सिस्टम हरित ऊर्जा
गलियारा परियोजना
ए.एफ.डी.
🔸राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधत्ता विकास
परियोजना
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👍3❤1
ऑपरेशन म्याऊं म्याऊं 🐈🐈
बाड़मेर पुलिस द्वारा नशेड़ीयो को पकड़ने और नशे को रोकने के लिए चलाया गया अभियान
बाड़मेर पुलिस द्वारा नशेड़ीयो को पकड़ने और नशे को रोकने के लिए चलाया गया अभियान
🤣43👍4👨💻2
पेपर कैसा गया आप लोगों का
उम्मीद है 40% तो सभी के आ रहे होंगे।
उम्मीद है 40% तो सभी के आ रहे होंगे।
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पिछली बार आज ही के दिन आर ए एस प्री परीक्षा हुई थी पुछे गए इतिहास तथा कला संस्कृति के प्रश्न
1. अजमेर का पराक्रमी चौहान शासक जिसने दिल्ली पर विजय प्राप्त की उसे अपने साम्राज्य में मिलाया- विग्रह राज चतुर्थ
2. अरब यात्री सुलेमान ने किस प्रतिहार राजा के शासनकाल में भारत की यात्रा की थी- भोज प्रथम
3.कन्हैयालाल, मांगीलाल,मकबूल आलम का संबंध किस प्रजामंडल आंदोलन से था -झालावाड़ राज्य प्रजामंडल
4. मत्स्य संघ का वृहत राजस्थान में विलय कब हुआ था- 15 may 1949
5. एकी आंदोलन प्रारंभ करने से पहले मोतीलाल तेजावत किस राजपूत ठिकाने में कामदार के पद पर कार्य थे-झाडोल
6.झाडो़ल, कुराडा तथा सावणिया - ताम्र पाषाण संस्कृति के केंद्र
7.मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल संग्रह - रैढ
8. राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है- जसनाथी
9.कुवलयमाला नामक ग्रंथ में कितनी देशी भाषाओं का नाम उल्लेख है -18
10.अचलदास खींची री वचनिका के रचयिता - शिवदास
11.मल्लीनाथ जी संबंध गागरोन से नहीं था
12. चंद्रभागा मेला प्रतिवर्ष झालरापाटन में आयोजित होता है
13.गिरी दुर्ग नहीं है - गागरोन
14. चन्द्रगुप्त द्वितीय ने नाग वंश कि राजकुमारी प्रभावती गुप्ता का विवाह वाकाटक वंश से किया था
15.भरहुत स्तूप शुंगकालिन कला का सुन्दर उदाहरण है
16.ललित विग्रहराज के रचयिता - सोमदेव
17.अकबर द्वारा फतेहपुर सीकरी में निर्मित पंचमहल इमारत बोद्ध स्थापत्य कला का उदाहरण
18. राजस्थान राज्य का प्रथम राजप्रमुख - सवाई मानसिंह द्वितीय
19.सुरकोटडा कि खोज - जगपति जोशी
19 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सितंबर 1920 के कोलकाता विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया
20. राज्य पुनर्गठन आयोग में फजल अली ,के एम पन्नी कर तथा ह्रदयनाथ कुंजरू थे
21.सुहरावर्दी सूफी सम्प्रदाय सिंध, मुल्तान तथा पंजाब तक थी
22. गोपाल कृष्ण गोखले ने भारत सेवक समाज की स्थापना 1905 में की थी।
23.अल्लसानि पेद्दन' को तेलुगु कविता के पितामह की उपाधि प्रदान की थी
1. अजमेर का पराक्रमी चौहान शासक जिसने दिल्ली पर विजय प्राप्त की उसे अपने साम्राज्य में मिलाया- विग्रह राज चतुर्थ
2. अरब यात्री सुलेमान ने किस प्रतिहार राजा के शासनकाल में भारत की यात्रा की थी- भोज प्रथम
3.कन्हैयालाल, मांगीलाल,मकबूल आलम का संबंध किस प्रजामंडल आंदोलन से था -झालावाड़ राज्य प्रजामंडल
4. मत्स्य संघ का वृहत राजस्थान में विलय कब हुआ था- 15 may 1949
5. एकी आंदोलन प्रारंभ करने से पहले मोतीलाल तेजावत किस राजपूत ठिकाने में कामदार के पद पर कार्य थे-झाडोल
6.झाडो़ल, कुराडा तथा सावणिया - ताम्र पाषाण संस्कृति के केंद्र
7.मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल संग्रह - रैढ
8. राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है- जसनाथी
9.कुवलयमाला नामक ग्रंथ में कितनी देशी भाषाओं का नाम उल्लेख है -18
10.अचलदास खींची री वचनिका के रचयिता - शिवदास
11.मल्लीनाथ जी संबंध गागरोन से नहीं था
12. चंद्रभागा मेला प्रतिवर्ष झालरापाटन में आयोजित होता है
13.गिरी दुर्ग नहीं है - गागरोन
14. चन्द्रगुप्त द्वितीय ने नाग वंश कि राजकुमारी प्रभावती गुप्ता का विवाह वाकाटक वंश से किया था
15.भरहुत स्तूप शुंगकालिन कला का सुन्दर उदाहरण है
16.ललित विग्रहराज के रचयिता - सोमदेव
17.अकबर द्वारा फतेहपुर सीकरी में निर्मित पंचमहल इमारत बोद्ध स्थापत्य कला का उदाहरण
18. राजस्थान राज्य का प्रथम राजप्रमुख - सवाई मानसिंह द्वितीय
19.सुरकोटडा कि खोज - जगपति जोशी
19 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सितंबर 1920 के कोलकाता विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया
20. राज्य पुनर्गठन आयोग में फजल अली ,के एम पन्नी कर तथा ह्रदयनाथ कुंजरू थे
21.सुहरावर्दी सूफी सम्प्रदाय सिंध, मुल्तान तथा पंजाब तक थी
22. गोपाल कृष्ण गोखले ने भारत सेवक समाज की स्थापना 1905 में की थी।
23.अल्लसानि पेद्दन' को तेलुगु कविता के पितामह की उपाधि प्रदान की थी
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राजस्थान का राज्य पक्षी कौन सा है?
CET-2024. (Dated -27-09-24 shift-1)
CET-2024. (Dated -27-09-24 shift-1)
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