CUET UG Exam 2024 : का परीक्षा परिणाम जारी, परीणाम देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
https://cuetug.ntaonline.in/frontend/web/scorecard/index
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...नागौर जिले या उसके आसपास के नजदीकी गांव के.. बालक बालिकाएं जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं परंतु आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बड़ी कोचिंग नहीं जा सकती तो उनके लिए मेरा मंच हमेशा के लिए ओपन है... आप संस्थान आकर अपनी वास्तविक स्थिति से मुझे अवगत करवाना आपकी हर स्थिति में मदद की जाएगी..
... नागौर जिले के वह बालक बालिकाएं जिनके माता-पिता नहीं है मेरी संस्थान की ओर से उनके लिए निशुल्क कोचिंग करवाई जाएगी.....
... संस्था आपके लिए ही बनाई गई है बस मैं एक मंच दिया है आपकी मेहनत ही आपको सफलता दिलवा सकती है अन्य कारक तत्व तैयारी में बाधक होते है तो उनका का निवारण करना मेरी जिम्मेदारी है.... आप नागौर से हो तो इस बात को तैयारी करने वाले बच्चों तक जरूर पहुंचाना..शेयर जरूर करें....
.✍रामावतार अडिग (मनन क्लासेज नागौर)
... नागौर जिले के वह बालक बालिकाएं जिनके माता-पिता नहीं है मेरी संस्थान की ओर से उनके लिए निशुल्क कोचिंग करवाई जाएगी.....
... संस्था आपके लिए ही बनाई गई है बस मैं एक मंच दिया है आपकी मेहनत ही आपको सफलता दिलवा सकती है अन्य कारक तत्व तैयारी में बाधक होते है तो उनका का निवारण करना मेरी जिम्मेदारी है.... आप नागौर से हो तो इस बात को तैयारी करने वाले बच्चों तक जरूर पहुंचाना..शेयर जरूर करें....
.✍रामावतार अडिग (मनन क्लासेज नागौर)
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AppropriationReply29Jul2024.pdf
1 MB
राजस्थान सरकार
परिवर्तित बजट 2024-2025
वित्त एवं विनियोग विधेयक
चर्चा पर
श्री भजन लाल शर्मा
मुख्यमंत्री,राजस्थान
की घोषणाऐं
29 जुलाई, 2024
परिवर्तित बजट 2024-2025
वित्त एवं विनियोग विधेयक
चर्चा पर
श्री भजन लाल शर्मा
मुख्यमंत्री,राजस्थान
की घोषणाऐं
29 जुलाई, 2024
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♻️ राजस्थान में नागर शैली के उदाहरण-
🔹सोमेश्वर मंदिर- किराडू (बाड़मेर)
🔹अम्बिका मंदिर- जगत (उदयपुर)
🔹दधिमाता मंदिर- गोठ मांगलोद (नागौर)
🔹औसियां के मंदिर- जोधपुरराजस्थान में
✍️द्रविड़ शैली के उदाहरण-
🔹रंगनाथ मंदिर- पुष्कर (अजमेर)
🔹तिरूपति बालाजी का मंदिर-सुजानगढ़ (चुरू)
राजस्थान में पंचायत शैली के उदाहरण-
🔹भंडदेवरा शिव मंदिर- बारां▪️बूढ़ादीत सूर्य मंदिर- कोटा
🔹जगदीश मंदिर- उदयपुर
🔹बाडोली के शिव मंदिर- बाडोली (रावतभाटा, चित्तौड़)
🔹हरिहर मंदिर औसिया
✍️राजस्थान में भूमिज शैली के अन्य उदाहरण-
🔹उडेश्वर मंदिर- बिजौलिया (भीलवाड़ा)
🔹महानालेश्वर मंदिर- मेनाल (भीलवाड़ा)
🔹भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर
🔹सेवाड़ी जैन मंदिर (पाली) है।
🔹सोमेश्वर मंदिर- किराडू (बाड़मेर)
🔹अम्बिका मंदिर- जगत (उदयपुर)
🔹दधिमाता मंदिर- गोठ मांगलोद (नागौर)
🔹औसियां के मंदिर- जोधपुरराजस्थान में
✍️द्रविड़ शैली के उदाहरण-
🔹रंगनाथ मंदिर- पुष्कर (अजमेर)
🔹तिरूपति बालाजी का मंदिर-सुजानगढ़ (चुरू)
राजस्थान में पंचायत शैली के उदाहरण-
🔹भंडदेवरा शिव मंदिर- बारां▪️बूढ़ादीत सूर्य मंदिर- कोटा
🔹जगदीश मंदिर- उदयपुर
🔹बाडोली के शिव मंदिर- बाडोली (रावतभाटा, चित्तौड़)
🔹हरिहर मंदिर औसिया
✍️राजस्थान में भूमिज शैली के अन्य उदाहरण-
🔹उडेश्वर मंदिर- बिजौलिया (भीलवाड़ा)
🔹महानालेश्वर मंदिर- मेनाल (भीलवाड़ा)
🔹भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर
🔹सेवाड़ी जैन मंदिर (पाली) है।
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🍃 आलमगीरपुर –
इसकी खुदाई वर्ष 1958 में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिण्डन नदी के तट पर स्थित है।
🍃 रोपड़ –
इसकी खुदाई वर्ष 1953 में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल पंजाब राज्य में सतलुज नदी के तट पर स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – ताँबे की कुल्हाड़ी, आदमी और कुत्ते की एक कब्रगाह आदि।
🍃 सुरकोटड़ा –
इसकी खुदाई वर्ष 1964 में जगपति जोशी द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल गुजरात राज्य के कच्छ नामक जगह पर स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – घोड़े की हड्डियाँ, अनूठी प्रकार की कब्रगाह।
🍃 धौलावीरा –
इसकी खोज वर्ष 1967 में जगपति जोशी द्वारा की गयी थी, परन्तु इसकी व्यापक खुदाई रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल गुजरात राज्य के कच्छ जिले में मानहर एवं मानसर नदी के बीच स्थित है। यह पहला ऐसा नगर है जो तीन भागों में बटा हुआ था – दुर्गभाग, मध्यम भाग और निचला नगर।
प्राप्त साक्ष्य – दुर्गभाग और मध्यभाग के बीच में भव्य ईमारत के अवशेष, चारों और दर्शकों के बैठने के लिये बनायीं गयी सीढ़ीनुमा संरचना तथा सूचनापट। विभिन्न प्रकार के जलाशय।
🍃 राखीगढ़ी –
इसकी खुदाई वर्ष 1997 में अमरेंद्र नाथ द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल हरियाणा राज्य के हिसार जिले में सरस्वती तथा दुहद्वती नदियों के पास स्थित है। धोलावीरा के बाद राखीगढ़ी भारत में स्थित सिंधु सभ्यता का सबसे बड़ा नगर है।
🍃 कोटदीजी –
इसकी खुदाई वर्ष 1955 में एफ.ए. खान द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल मोहनजोदड़ो के समीप स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – चाँदी के सर्वप्रथम प्रयोग के साक्ष्य, बारहसिंगा का नमूना।
🍃 अलाहदिनों –
इसकी खुदाई फेयर सर्विस द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल सिंधु नदी और अरब सागर के संगम के समीप स्थित है।
🍃 कुणाल –
यह स्थल हरियाणा में स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – यहाँ से चाँदी के दो मुकुट प्राप्त हुये हैं।
🍃 अलीमुराद –
यह स्थल सिंध (पाकिस्तान) में स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – पीतल (कांसे) की बनी कुल्हाड़ी, बेल की छोटी मृण्मूर्ति।
🍃 रंगपुर –
इसकी खुदाई वर्ष 1953 में रंगनाथ राव द्वारा करवाई गयी थी।
प्राप्त साक्ष्य – कच्ची ईंटों से बना दुर्ग, धान की भूसी।
इसकी खुदाई वर्ष 1958 में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिण्डन नदी के तट पर स्थित है।
🍃 रोपड़ –
इसकी खुदाई वर्ष 1953 में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल पंजाब राज्य में सतलुज नदी के तट पर स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – ताँबे की कुल्हाड़ी, आदमी और कुत्ते की एक कब्रगाह आदि।
🍃 सुरकोटड़ा –
इसकी खुदाई वर्ष 1964 में जगपति जोशी द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल गुजरात राज्य के कच्छ नामक जगह पर स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – घोड़े की हड्डियाँ, अनूठी प्रकार की कब्रगाह।
🍃 धौलावीरा –
इसकी खोज वर्ष 1967 में जगपति जोशी द्वारा की गयी थी, परन्तु इसकी व्यापक खुदाई रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल गुजरात राज्य के कच्छ जिले में मानहर एवं मानसर नदी के बीच स्थित है। यह पहला ऐसा नगर है जो तीन भागों में बटा हुआ था – दुर्गभाग, मध्यम भाग और निचला नगर।
प्राप्त साक्ष्य – दुर्गभाग और मध्यभाग के बीच में भव्य ईमारत के अवशेष, चारों और दर्शकों के बैठने के लिये बनायीं गयी सीढ़ीनुमा संरचना तथा सूचनापट। विभिन्न प्रकार के जलाशय।
🍃 राखीगढ़ी –
इसकी खुदाई वर्ष 1997 में अमरेंद्र नाथ द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल हरियाणा राज्य के हिसार जिले में सरस्वती तथा दुहद्वती नदियों के पास स्थित है। धोलावीरा के बाद राखीगढ़ी भारत में स्थित सिंधु सभ्यता का सबसे बड़ा नगर है।
🍃 कोटदीजी –
इसकी खुदाई वर्ष 1955 में एफ.ए. खान द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल मोहनजोदड़ो के समीप स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – चाँदी के सर्वप्रथम प्रयोग के साक्ष्य, बारहसिंगा का नमूना।
🍃 अलाहदिनों –
इसकी खुदाई फेयर सर्विस द्वारा करवाई गयी थी। यह स्थल सिंधु नदी और अरब सागर के संगम के समीप स्थित है।
🍃 कुणाल –
यह स्थल हरियाणा में स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – यहाँ से चाँदी के दो मुकुट प्राप्त हुये हैं।
🍃 अलीमुराद –
यह स्थल सिंध (पाकिस्तान) में स्थित है।
प्राप्त साक्ष्य – पीतल (कांसे) की बनी कुल्हाड़ी, बेल की छोटी मृण्मूर्ति।
🍃 रंगपुर –
इसकी खुदाई वर्ष 1953 में रंगनाथ राव द्वारा करवाई गयी थी।
प्राप्त साक्ष्य – कच्ची ईंटों से बना दुर्ग, धान की भूसी।
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आज Bstc कॉउंसलिंग की लास्ट डेट है।
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शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है। वे एक ही ओलिंपिक गेम्स में दो मेडल जीतने पहली भारतीय महिला बनी हैं। मंगलवार को मनु और सरबजोत की जोड़ी ने 10 मीटर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के ब्रॉन्ज मेडल मैच में कोरिया को 16-10 से हराया। 💫🎉
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मयूरध्वज किसे कहा जाता है-
🔥पुलिस कांस्टेबल एग्जाम 2005🔥
🔥पुलिस कांस्टेबल एग्जाम 2005🔥
Anonymous Quiz
78%
मेहरानगढ़ दुर्ग
13%
सोनारगढ़ दुर्ग
6%
गागरोन दुर्ग
3%
रणथंभौर दुर्ग
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कुंभलगढ़ की दीवार की लंबाई है-
🔥पुलिस कांस्टेबल एग्जाम 2010🔥
🔥पुलिस कांस्टेबल एग्जाम 2010🔥
Anonymous Quiz
78%
36 किमी.
8%
20 किमी.
10%
27 किमी.
4%
40 किमी.
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