खारवेल का हाथीगुंफा अभिलेख—
हाथीगुंफा अभिलेख की चर्चा सर्वप्रथम पादरी स्टर्लिंग ने 1825 में की इसके बाद जेम्स प्रिंसप ने इसके पड़ा परन्तु गलत पढ़ा था।
इसके बाद राजेंद्र लाल मित्र द्वारा इसका दूसरा पाठ किया गया लेकिन उसमें भी खारवेल नाम ठीक से नहीं पढ़ा गया ।
इसको कन्निघम ने और 1885 में भगवानलाल इंद्रजी ने प्रकाशित किया जिस से इसको महत्व मिला । इंद्रजी ने ही पहली बार खारवेल नाम को ठीक से पढ़ा। इसके बाद के पी जायसवाल ने प्रथम बार इसका छाप चित्र 1917 में जनरल ऑफ बिहार एंड ओडिसा रिसर्च सोसायटी में प्रकाशित किया ।
हाथीगुंफा अभिलेख की चर्चा सर्वप्रथम पादरी स्टर्लिंग ने 1825 में की इसके बाद जेम्स प्रिंसप ने इसके पड़ा परन्तु गलत पढ़ा था।
इसके बाद राजेंद्र लाल मित्र द्वारा इसका दूसरा पाठ किया गया लेकिन उसमें भी खारवेल नाम ठीक से नहीं पढ़ा गया ।
इसको कन्निघम ने और 1885 में भगवानलाल इंद्रजी ने प्रकाशित किया जिस से इसको महत्व मिला । इंद्रजी ने ही पहली बार खारवेल नाम को ठीक से पढ़ा। इसके बाद के पी जायसवाल ने प्रथम बार इसका छाप चित्र 1917 में जनरल ऑफ बिहार एंड ओडिसा रिसर्च सोसायटी में प्रकाशित किया ।
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◾️ देश के पहले एयर स्पोर्ट्स की शुरूआत
🔹 शुरूआत - नारनौल (हरियाणा)
🔹 शुभारम्भ - केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 13 हजार फिट ऊंचाई से चलांग लगाकर।
🔹 शुरूआत - नारनौल (हरियाणा)
🔹 शुभारम्भ - केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 13 हजार फिट ऊंचाई से चलांग लगाकर।
🐆रावतभाटा - गांधी सागर में बनेगी देश की दूसरी चिता सफारी
▪️गांधी सागर अभ्यारण भैंसरोडगढ़ अभ्यारण और चंबल सेंचुरी को कूनो नेशनल पार्क से जोड़ने के लिए चीता विचरण कॉरिडोर तथा चीता सफारी बनाई जाएगी
राज्य बजट 2024- 25 के अनुसार इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ एमओयू का प्रावधान है।
इसके बाद रावतभाटा गांधी सागर अभ्यारण देश की दूसरी चिता सफारी बन जाएगा।
▪️पहली चीता सफारी - कूनो नेशनल पार्क (MP)
▪️गांधी सागर अभ्यारण भैंसरोडगढ़ अभ्यारण और चंबल सेंचुरी को कूनो नेशनल पार्क से जोड़ने के लिए चीता विचरण कॉरिडोर तथा चीता सफारी बनाई जाएगी
राज्य बजट 2024- 25 के अनुसार इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ एमओयू का प्रावधान है।
इसके बाद रावतभाटा गांधी सागर अभ्यारण देश की दूसरी चिता सफारी बन जाएगा।
▪️पहली चीता सफारी - कूनो नेशनल पार्क (MP)
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राज्य में 8 नई अकादमिया
▪️राज्य में पहले से संचालित हैं 18 अकदमिया अब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।
▪️निम्न 8 अकदमिया बनेगी
1. सवाई जयसिंह अकादमी ढूंढाड़, जयपुर
2. महाराजा सूरजमल बृज अकादमी, भरतपुर
3. मेहराब शेखा जी सहस्त्र बल अकादमी, सीकर
4. सरदार बूंदा मीणा हाड़ौती अकादमी, जयपुर
5. राणा सांगा मेवाड़ अकादमी, उदयपुर
6. राव जोधा अकादमी, जोधपुर
7. पृथ्वीराज चौहान अकादमी, अजमेर
8. जिलाई बाई मांड अकादमी, बीकानेर
🔷 अति महत्वपूर्ण फेक्ट
▪️राजस्थान की पहली अकादमी 1966 में जयपुर में राजस्थान स्कूल ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट के नाम से स्थापित की गई।
▪️विद्या संस्थान - उदयपुर (1931) में दुसरी अकादमी स्थापित की गई
▪️राज्य में पहले से संचालित हैं 18 अकदमिया अब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।
▪️निम्न 8 अकदमिया बनेगी
1. सवाई जयसिंह अकादमी ढूंढाड़, जयपुर
2. महाराजा सूरजमल बृज अकादमी, भरतपुर
3. मेहराब शेखा जी सहस्त्र बल अकादमी, सीकर
4. सरदार बूंदा मीणा हाड़ौती अकादमी, जयपुर
5. राणा सांगा मेवाड़ अकादमी, उदयपुर
6. राव जोधा अकादमी, जोधपुर
7. पृथ्वीराज चौहान अकादमी, अजमेर
8. जिलाई बाई मांड अकादमी, बीकानेर
🔷 अति महत्वपूर्ण फेक्ट
▪️राजस्थान की पहली अकादमी 1966 में जयपुर में राजस्थान स्कूल ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट के नाम से स्थापित की गई।
▪️विद्या संस्थान - उदयपुर (1931) में दुसरी अकादमी स्थापित की गई
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी फरवरी 2023
• तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में इसरो के दूसरे स्पेस पोर्ट का निर्माण किया जाएगा। इस स्पेस पोर्ट का निर्माण 2,350 एकड़ में किया जा रहा है। यह स्पेस पोर्ट निजी क्षेत्र द्वारा विकसित छोटे उपग्रह प्रक्षेपण वाहनों (एसएसएलवी) के लिए कार्य करेगा।
श्रीहरिकोटा में भारत का स्पेसपोर्ट स्थित है।
• 23 फरवरी, 2024 को चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला निजी क्षेत्र का पहला (अमेरिका) स्पेस क्राफ्ट है- ऑडिसियस
अमरीकी कंपनी इंड्यूटिव मशीन्स के ऑडिसियस' लैण्डर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लेण्डिंग की।
यह दक्षिणी ध्रुव की उसी सतह पर उतरा है जहाँ चन्द्रयान-3 का विक्रम लैण्डर उतरा था।
अमेरिका दूसरा देश है जो चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है। 1972 के अपीली मिशन के बाद अमेरिकी मान चाँद पर पहुंचा।
• इनसेट-उडीएस सैटेलाइट लॉन्च
इसरो ने 17 फरवरी, 2024 को हरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इनसैट-उडीएस सैटेलाइट लॉन्य कर दिया। सैटेलाइट पृथ्वी की भू-स्थैतिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित।
इस सैटेलाइट के जरिए मौसम, जंगल की आग, धुआं और बदलते पर्यावरण के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी।
• ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को खरीदने वाला पहला विदेशी ग्राहक देश बना है - फिलीपींस
• देश के पहले मानवयुक्त अन्तरिक्ष मिशन 'गगनयान' के साथ भेजे जाने वाले किन चार एस्ट्रोनॉट्स के नामों की घोषणा 27 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है-
1.ग्रुप कैप्टन बालकृष्णान नायर
2. अजीत कुष्मान
3. अंगद प्रताप
4. विंग कमाण्डर शुभांशु शुक्ला
• तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में इसरो के दूसरे स्पेस पोर्ट का निर्माण किया जाएगा। इस स्पेस पोर्ट का निर्माण 2,350 एकड़ में किया जा रहा है। यह स्पेस पोर्ट निजी क्षेत्र द्वारा विकसित छोटे उपग्रह प्रक्षेपण वाहनों (एसएसएलवी) के लिए कार्य करेगा।
श्रीहरिकोटा में भारत का स्पेसपोर्ट स्थित है।
• 23 फरवरी, 2024 को चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला निजी क्षेत्र का पहला (अमेरिका) स्पेस क्राफ्ट है- ऑडिसियस
अमरीकी कंपनी इंड्यूटिव मशीन्स के ऑडिसियस' लैण्डर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लेण्डिंग की।
यह दक्षिणी ध्रुव की उसी सतह पर उतरा है जहाँ चन्द्रयान-3 का विक्रम लैण्डर उतरा था।
अमेरिका दूसरा देश है जो चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है। 1972 के अपीली मिशन के बाद अमेरिकी मान चाँद पर पहुंचा।
• इनसेट-उडीएस सैटेलाइट लॉन्च
इसरो ने 17 फरवरी, 2024 को हरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इनसैट-उडीएस सैटेलाइट लॉन्य कर दिया। सैटेलाइट पृथ्वी की भू-स्थैतिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित।
इस सैटेलाइट के जरिए मौसम, जंगल की आग, धुआं और बदलते पर्यावरण के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी।
• ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को खरीदने वाला पहला विदेशी ग्राहक देश बना है - फिलीपींस
• देश के पहले मानवयुक्त अन्तरिक्ष मिशन 'गगनयान' के साथ भेजे जाने वाले किन चार एस्ट्रोनॉट्स के नामों की घोषणा 27 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है-
1.ग्रुप कैप्टन बालकृष्णान नायर
2. अजीत कुष्मान
3. अंगद प्रताप
4. विंग कमाण्डर शुभांशु शुक्ला
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