✴ राजस्थान प्री-डीएलएड (BSTC) परीक्षा 2024 की फाइनल आंसर Key जारी
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Rajasthan BSTC 2024 Final Answer Key.pdf
1.4 MB
Rajasthan BSTC 2024 Final Answer Key.pdf
.... हर मासूम मुखौटे के पीछे एक शातिर चेहरा होता है...पेरेंट्स के पास सिर्फ उनके बेटे की तस्वीर बची है...बाक़ी सब बहु ले गयी... 😓
👨💻 साल भर से कम समय पहले आई एक मासूम चेहरे वाली लड़की... दुनिया भर की इज्जत, सम्मान, सिंपैथी और कीर्ति चक्र लेकर गायब हो गई...☹️
▪️ बचपन से लेकर जिंदगी भर तक पालन पोषण करने वाले मां बाप देखते ही रह गए... न पैसा मिला.. और न वो अवॉर्ड्... इकलौता बेटा था... वो भी शहीद हो गया...
.... 5 महीने पहले हुई शादी से निकटतम परिजन का लाभ लेकर बहु हो गई गायब...😐
....हां यह बात सही है कि... उस लड़की की अभी तक बहुत लंबी उम्र बाकी है शायद... दूसरी शादी करने की भी हकदार है...
....लेकिन वो अवॉर्ड्स और उन पैसों में तो atleast हिस्सेदार बनाती उन पेरेंट्स को... शायद जितना हक उसका है उससे भी कहीं ज्यादा हक उस लड़के के माता पिता का भी है... So निकटतम परिजन की परिभाषा बदलनी चाहिए...😐
From - RajExamAspirant
👨💻 साल भर से कम समय पहले आई एक मासूम चेहरे वाली लड़की... दुनिया भर की इज्जत, सम्मान, सिंपैथी और कीर्ति चक्र लेकर गायब हो गई...☹️
▪️ बचपन से लेकर जिंदगी भर तक पालन पोषण करने वाले मां बाप देखते ही रह गए... न पैसा मिला.. और न वो अवॉर्ड्... इकलौता बेटा था... वो भी शहीद हो गया...
.... 5 महीने पहले हुई शादी से निकटतम परिजन का लाभ लेकर बहु हो गई गायब...😐
....हां यह बात सही है कि... उस लड़की की अभी तक बहुत लंबी उम्र बाकी है शायद... दूसरी शादी करने की भी हकदार है...
....लेकिन वो अवॉर्ड्स और उन पैसों में तो atleast हिस्सेदार बनाती उन पेरेंट्स को... शायद जितना हक उसका है उससे भी कहीं ज्यादा हक उस लड़के के माता पिता का भी है... So निकटतम परिजन की परिभाषा बदलनी चाहिए...😐
From - RajExamAspirant
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◾️ विंबलडन ओपन - 2024
🔹पुरूष एकल (result pending.....)
🔹 महीला एकल
🔹 विजेता - बारबरा क्रेजिकोवा (चेक गणराज्य)
🔹 उपविजेता - जेसमिन पाओलिनी (इटली)
Gk fact:
◾️ फ्रेंच ओपन - 2024
🔹 पुरुष एकल विजेता - कार्लोस अल्कारेज (स्पेन)
🔹 महीला एकल विजेता - ईगा स्वियातेक (पोलैंड)
◾️ ऑस्ट्रेलियन ओपन - 2024
🔹 पुरूष एकल विजेता - जेनिक सिनर (इटली)
🔹 महीला एकल विजेता - आर्यना संबालेका (बेलारूस)
🔹 पुरुष युगल विजेता - रोहन बोपन्ना (भारत) + मैथ्यू एबडेन (ऑस्ट्रेलिया)
🔹पुरूष एकल (result pending.....)
🔹 महीला एकल
🔹 विजेता - बारबरा क्रेजिकोवा (चेक गणराज्य)
🔹 उपविजेता - जेसमिन पाओलिनी (इटली)
Gk fact:
◾️ फ्रेंच ओपन - 2024
🔹 पुरुष एकल विजेता - कार्लोस अल्कारेज (स्पेन)
🔹 महीला एकल विजेता - ईगा स्वियातेक (पोलैंड)
◾️ ऑस्ट्रेलियन ओपन - 2024
🔹 पुरूष एकल विजेता - जेनिक सिनर (इटली)
🔹 महीला एकल विजेता - आर्यना संबालेका (बेलारूस)
🔹 पुरुष युगल विजेता - रोहन बोपन्ना (भारत) + मैथ्यू एबडेन (ऑस्ट्रेलिया)
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कृषि शिक्षा: प्रोत्साहन राशि में गुना तक की बढ़ोतरी
▪️कृषि विषय लेकर स्टडी करने वाली छात्राओं की प्रोत्साहन राशि अब बढ़ा दी गई है। 12वीं की छात्रा को अब 5 हजार रुपए मिलेंगे।
▪️कृषि आयुक्तालय जयपुर की ओर से 2024-25 में कृषि. शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को तीन गुना बढ़ाया है।
▪️कृषि विषय का अध्ययन करने वाली कक्षा 12वीं की छात्राओं को 15 हजार, यूजी व पीजी की छात्राओं को 25 हजार और कृषि विषय में पीएचडी करने वाली छात्रा को 40 हज़ार प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
▪️कृषि विषय लेकर स्टडी करने वाली छात्राओं की प्रोत्साहन राशि अब बढ़ा दी गई है। 12वीं की छात्रा को अब 5 हजार रुपए मिलेंगे।
▪️कृषि आयुक्तालय जयपुर की ओर से 2024-25 में कृषि. शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को तीन गुना बढ़ाया है।
▪️कृषि विषय का अध्ययन करने वाली कक्षा 12वीं की छात्राओं को 15 हजार, यूजी व पीजी की छात्राओं को 25 हजार और कृषि विषय में पीएचडी करने वाली छात्रा को 40 हज़ार प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
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राजस्थान में खनिज तेल क्षेत्र🔰
1. सरस्वती-गुढ़ामालानी(बाड़मेर)
2. रागेश्वरी-नगर(गुढ़ामालानी)
3. कामेश्वरी- आडेल(सिणधरी)
4. मंगला-बायतु(बाड़मेर)
5. ऐश्वर्या- बायतु(बाड़मेर)
6. विजया- बोथिया(बाड़मेर)
7.भाग्यम- बोथिया(बाड़मेर)
8. एन वी 1 - नागाणा(बाड़मेर)
1. सरस्वती-गुढ़ामालानी(बाड़मेर)
2. रागेश्वरी-नगर(गुढ़ामालानी)
3. कामेश्वरी- आडेल(सिणधरी)
4. मंगला-बायतु(बाड़मेर)
5. ऐश्वर्या- बायतु(बाड़मेर)
6. विजया- बोथिया(बाड़मेर)
7.भाग्यम- बोथिया(बाड़मेर)
8. एन वी 1 - नागाणा(बाड़मेर)
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✅ महिला एवं बाल विकास 15 लाख महिलाएं बनेंगी लखपति दीदी :-
आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए 250 नई मां बाड़ी खोली जाएगी।
▪️आंगनबाड़ी के बच्चों को 3 दिन दूध दिया जाएगा। दूध पाउडर के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
▪️जिला स्तर पर कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनेंगे। 35 करोड़ खर्च होंगे।
▪️बालिकाओं को पुलिस-सैनिक में भर्ती दिलाने के लिए संभागों में बालिका सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा होगी।
▪️15 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा।
▪️सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को 2.5 फीसदी सालाना ब्याज दर पर कर्ज देने की घोषणा।
आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए 250 नई मां बाड़ी खोली जाएगी।
▪️आंगनबाड़ी के बच्चों को 3 दिन दूध दिया जाएगा। दूध पाउडर के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
▪️जिला स्तर पर कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनेंगे। 35 करोड़ खर्च होंगे।
▪️बालिकाओं को पुलिस-सैनिक में भर्ती दिलाने के लिए संभागों में बालिका सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा होगी।
▪️15 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा।
▪️सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को 2.5 फीसदी सालाना ब्याज दर पर कर्ज देने की घोषणा।
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राजस्थान बजट 2024
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य(मां) योजना
▪️राजस्थान में चिरंजीवी योजना की जगह आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य(मां) योजना लागू की है
▪️इस योजना का लाभ लेने के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
▪️आईपीडी के साथ डे केयर पैकेज जुड़ेगा।
▪️शिशुओं और छोटे बच्चों के इलाज के लिए नए पैकेज जोड़े जाएंगे।
▪️छोटे स्थानों पर निजी अस्पतालों के इंपैनलमेंट के नियमों में रियायत दी जाएगी
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य(मां) योजना
▪️राजस्थान में चिरंजीवी योजना की जगह आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य(मां) योजना लागू की है
▪️इस योजना का लाभ लेने के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
▪️आईपीडी के साथ डे केयर पैकेज जुड़ेगा।
▪️शिशुओं और छोटे बच्चों के इलाज के लिए नए पैकेज जोड़े जाएंगे।
▪️छोटे स्थानों पर निजी अस्पतालों के इंपैनलमेंट के नियमों में रियायत दी जाएगी
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✅ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 'MeDevIS' नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म किया लॉन्च :-
➡️विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने MeDevIS (मेडिकल डिवाइसेस इंफॉर्मेशन सिस्टम) नामक एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पेश किया है, जो मेडिकल डिवाइस पर जानकारी के लिए पहला वैश्विक ओपन एक्सेस क्लियरिंग हाउस है।
➡️MeDevIS प्लेटफ़ॉर्म में 2301 प्रकार के चिकित्सा उपकरण शामिल हैं, जिनका उपयोग व्यापक स्वास्थ्य मुद्दों के लिए किया जाता है
➡️दुनिया भर में स्वास्थ्य समस्याओं की सुरक्षा, रोकथाम, निदान, उपचार या पुनर्वास के लिए 10,000 से अधिक विभिन्न चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
➡️विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने MeDevIS (मेडिकल डिवाइसेस इंफॉर्मेशन सिस्टम) नामक एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पेश किया है, जो मेडिकल डिवाइस पर जानकारी के लिए पहला वैश्विक ओपन एक्सेस क्लियरिंग हाउस है।
➡️MeDevIS प्लेटफ़ॉर्म में 2301 प्रकार के चिकित्सा उपकरण शामिल हैं, जिनका उपयोग व्यापक स्वास्थ्य मुद्दों के लिए किया जाता है
➡️दुनिया भर में स्वास्थ्य समस्याओं की सुरक्षा, रोकथाम, निदान, उपचार या पुनर्वास के लिए 10,000 से अधिक विभिन्न चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
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' ईसरलाट' / 'सरगासूली '
📍 त्रिपोलिया बाज़ार , जयपुर
▪ निर्माण - सवाई ईश्वरी सिंह ने |
◾शिल्पी - गणेश खोवान
▪ इस सात मंजिला अष्टकोणीय मीनार का निर्माण अठारहवीं सदी में राजा ईश्वरीसिंह ने जयपुर के गृहयुद्धों में अपनी तीन विजयों की स्मृति में करवाया था।
🔹 1750 ई. में सवाई ईश्वरसिंह ने ईसरलाट/सरगासूली से कूदकर आत्महत्या कर ली।
📍 त्रिपोलिया बाज़ार , जयपुर
▪ निर्माण - सवाई ईश्वरी सिंह ने |
◾शिल्पी - गणेश खोवान
▪ इस सात मंजिला अष्टकोणीय मीनार का निर्माण अठारहवीं सदी में राजा ईश्वरीसिंह ने जयपुर के गृहयुद्धों में अपनी तीन विजयों की स्मृति में करवाया था।
🔹 1750 ई. में सवाई ईश्वरसिंह ने ईसरलाट/सरगासूली से कूदकर आत्महत्या कर ली।
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खारवेल का हाथीगुंफा अभिलेख—
हाथीगुंफा अभिलेख की चर्चा सर्वप्रथम पादरी स्टर्लिंग ने 1825 में की इसके बाद जेम्स प्रिंसप ने इसके पड़ा परन्तु गलत पढ़ा था।
इसके बाद राजेंद्र लाल मित्र द्वारा इसका दूसरा पाठ किया गया लेकिन उसमें भी खारवेल नाम ठीक से नहीं पढ़ा गया ।
इसको कन्निघम ने और 1885 में भगवानलाल इंद्रजी ने प्रकाशित किया जिस से इसको महत्व मिला । इंद्रजी ने ही पहली बार खारवेल नाम को ठीक से पढ़ा। इसके बाद के पी जायसवाल ने प्रथम बार इसका छाप चित्र 1917 में जनरल ऑफ बिहार एंड ओडिसा रिसर्च सोसायटी में प्रकाशित किया ।
हाथीगुंफा अभिलेख की चर्चा सर्वप्रथम पादरी स्टर्लिंग ने 1825 में की इसके बाद जेम्स प्रिंसप ने इसके पड़ा परन्तु गलत पढ़ा था।
इसके बाद राजेंद्र लाल मित्र द्वारा इसका दूसरा पाठ किया गया लेकिन उसमें भी खारवेल नाम ठीक से नहीं पढ़ा गया ।
इसको कन्निघम ने और 1885 में भगवानलाल इंद्रजी ने प्रकाशित किया जिस से इसको महत्व मिला । इंद्रजी ने ही पहली बार खारवेल नाम को ठीक से पढ़ा। इसके बाद के पी जायसवाल ने प्रथम बार इसका छाप चित्र 1917 में जनरल ऑफ बिहार एंड ओडिसा रिसर्च सोसायटी में प्रकाशित किया ।
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