VMOU : एडमिट कार्ड जारी
✴ सत्र जून-जुलाई 2023 और डिफॉल्टर फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड जारी
💠 लिंक https://www.vmou.ac.in/permission-letter
💠 15 जुलाई 2024 से परीक्षाएं शुरू होगी
✴ सत्र जून-जुलाई 2023 और डिफॉल्टर फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड जारी
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राजस्थान के प्रमुख मन्दिर 🔰
मन्दिर का नाम स्थान
अम्बिका माता मन्दिर — जगत
धुनीनाथ मन्दिर — बीकानेर
आँसिया के मन्दिर — आँसिया (जोधपुर)
धूलेश्वर मन्दिर — आबू
अर्बूदा देवी मन्दिर — आबू
अद्भुतनाथ मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
ब्रह्मा मन्दिर — पुष्कर (अजमेर)
भन्डसर मन्दिर (जैन मन्दिर) — बीकानेर
बदोली मन्दिर — मेवाड़
अचलेश्वर महादेव मन्दिर — अचलगढ़ दिलवाड़ा (आबू)
चिन्तामणि मन्दिर — बीकानेर
चामुण्डा देवी मन्दिर — जोधपुर किला (जोधपुर)
दिगम्बर जैन मन्दिर — अलवर
घाटेश्वर मन्दिर — बरोली (कोटा)
द्वारिकानाथ मन्दिर — कंकरोली
गोविन्ददेव जी का मन्दिर —जयपुर
दिलवाड़ा जैन मन्दिर —आबू
गौमुख मन्दिर — आबू
जगदीश मन्दिर — उदयपुर
गणेश मन्दिर — जयपुर
कुम्भा श्याम मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला (चित्तौड़गढ़)
हर मन्दिर — बीकानेर (जूनागढ़ किले में )
हनुमान मन्दिर — गलताजी (जयपुर)
कर्णीमाता मन्दिर — देशनोक (बीकानेर)
जैमल मन्दिर — बीकानेर (जूनागढ़ किले में)
कपार्दा के मन्दिर — रनकपुर (जोधपुर)
जम्बु मार्गेश्वर मन्दिर — बून्दी
लक्ष्मीनारायण मन्दिर — बीकानेर
काली मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला (चित्तौड़गढ़)
काली माता मन्दिर — भरतपुर
मीरा मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
कुंज बिहारी मन्दिर — जोधपुर किला
नीलकंठ महादेव मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
काली का मन्दिर — आमेर (जयपुर)
कान्तीनाथ जैन मन्दिर — अचलगढ़ (आबू)
रनकपुर जैन मन्दिर — रनकपुर
लक्ष्मीनाथ जी मन्दिर — जैसलमेर
लोदरवा जैन मन्दिर — लोदरवा (जैसलमेर)
सोनी मन्दिर (जैन मन्दिर) — अजमेर
महावीर जी मन्दिर — श्री महावीर जी
महामंगलेश्वर मन्दिर — बून्दी (बून्दी-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर)
सूर्य मन्दिर — जयपुर
नीलकंठ महादेव मन्दिर — अलवार
नीलकंठ महादेव मन्दिर — कोटा
विमल शाही मन्दिर (जैन मन्दिर) — आबू
रक्तदन्तिका मन्दिर — सतूर (बूंदी)
सूर्य मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
समिदेश्वर मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
सन्चौर मन्दिर — जालौर
सावित्री मन्दिर — पुष्कर (अजमेर)
सम्भावनाथ मन्दिर (जैन मन्दिर) — जैसलमेर
श्री रघुनाथ जी मन्दिर — नक्की झील (आबू)
सास-बहू का मन्दिर — उदयपुर
श्रीनाथ जी — नाथद्वार
विष्णु मन्दिर — केशोरायपाटन (बूंदी)
शिव देवरा मन्दिर —रामगढ़ (कोटा)
शीतलेश्वर मन्दिर — झालरपाटन (कोटा)
तेजपाल मन्दिर (जैन मन्दिर) —आबू
वरूण मन्दिर — बूंदी
सिंधी जी के जैन मन्दिर — साँगानेर (जयपुर)
मन्दिर का नाम स्थान
अम्बिका माता मन्दिर — जगत
धुनीनाथ मन्दिर — बीकानेर
आँसिया के मन्दिर — आँसिया (जोधपुर)
धूलेश्वर मन्दिर — आबू
अर्बूदा देवी मन्दिर — आबू
अद्भुतनाथ मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
ब्रह्मा मन्दिर — पुष्कर (अजमेर)
भन्डसर मन्दिर (जैन मन्दिर) — बीकानेर
बदोली मन्दिर — मेवाड़
अचलेश्वर महादेव मन्दिर — अचलगढ़ दिलवाड़ा (आबू)
चिन्तामणि मन्दिर — बीकानेर
चामुण्डा देवी मन्दिर — जोधपुर किला (जोधपुर)
दिगम्बर जैन मन्दिर — अलवर
घाटेश्वर मन्दिर — बरोली (कोटा)
द्वारिकानाथ मन्दिर — कंकरोली
गोविन्ददेव जी का मन्दिर —जयपुर
दिलवाड़ा जैन मन्दिर —आबू
गौमुख मन्दिर — आबू
जगदीश मन्दिर — उदयपुर
गणेश मन्दिर — जयपुर
कुम्भा श्याम मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला (चित्तौड़गढ़)
हर मन्दिर — बीकानेर (जूनागढ़ किले में )
हनुमान मन्दिर — गलताजी (जयपुर)
कर्णीमाता मन्दिर — देशनोक (बीकानेर)
जैमल मन्दिर — बीकानेर (जूनागढ़ किले में)
कपार्दा के मन्दिर — रनकपुर (जोधपुर)
जम्बु मार्गेश्वर मन्दिर — बून्दी
लक्ष्मीनारायण मन्दिर — बीकानेर
काली मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला (चित्तौड़गढ़)
काली माता मन्दिर — भरतपुर
मीरा मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
कुंज बिहारी मन्दिर — जोधपुर किला
नीलकंठ महादेव मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
काली का मन्दिर — आमेर (जयपुर)
कान्तीनाथ जैन मन्दिर — अचलगढ़ (आबू)
रनकपुर जैन मन्दिर — रनकपुर
लक्ष्मीनाथ जी मन्दिर — जैसलमेर
लोदरवा जैन मन्दिर — लोदरवा (जैसलमेर)
सोनी मन्दिर (जैन मन्दिर) — अजमेर
महावीर जी मन्दिर — श्री महावीर जी
महामंगलेश्वर मन्दिर — बून्दी (बून्दी-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर)
सूर्य मन्दिर — जयपुर
नीलकंठ महादेव मन्दिर — अलवार
नीलकंठ महादेव मन्दिर — कोटा
विमल शाही मन्दिर (जैन मन्दिर) — आबू
रक्तदन्तिका मन्दिर — सतूर (बूंदी)
सूर्य मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
समिदेश्वर मन्दिर — चित्तौड़गढ़ का किला
सन्चौर मन्दिर — जालौर
सावित्री मन्दिर — पुष्कर (अजमेर)
सम्भावनाथ मन्दिर (जैन मन्दिर) — जैसलमेर
श्री रघुनाथ जी मन्दिर — नक्की झील (आबू)
सास-बहू का मन्दिर — उदयपुर
श्रीनाथ जी — नाथद्वार
विष्णु मन्दिर — केशोरायपाटन (बूंदी)
शिव देवरा मन्दिर —रामगढ़ (कोटा)
शीतलेश्वर मन्दिर — झालरपाटन (कोटा)
तेजपाल मन्दिर (जैन मन्दिर) —आबू
वरूण मन्दिर — बूंदी
सिंधी जी के जैन मन्दिर — साँगानेर (जयपुर)
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राजस्थान करंट अफेयर्स
ऊंट महोत्सव 2024
आयोजन 12 से 14 जनवरी 2024
आयोजनकर्ता :- राजस्थान पर्यटन विभाग
पुरस्कार :- मिस्टर बीकानेर - श्रीकांत व्यास
मिस मरवण - हर्षिता मारू
नोट :- संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2024 को ऊंट वर्ष घोषित किया है
मरू महोत्सव 2024
आयोजन :- 22 से 24 फरवरी
आयोजन कर्ता :- राजस्थान पर्यटन विभाग
पुरस्कार :- मिस्टर डेजर्ट - श्रीकांत व्यास
मिस मूमल - पारुल विजय
मिसेज जैसलमेर - मरुधर कंवर
ऊंट महोत्सव 2024
आयोजन 12 से 14 जनवरी 2024
आयोजनकर्ता :- राजस्थान पर्यटन विभाग
पुरस्कार :- मिस्टर बीकानेर - श्रीकांत व्यास
मिस मरवण - हर्षिता मारू
नोट :- संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2024 को ऊंट वर्ष घोषित किया है
मरू महोत्सव 2024
आयोजन :- 22 से 24 फरवरी
आयोजन कर्ता :- राजस्थान पर्यटन विभाग
पुरस्कार :- मिस्टर डेजर्ट - श्रीकांत व्यास
मिस मूमल - पारुल विजय
मिसेज जैसलमेर - मरुधर कंवर
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राजस्थान की वेशभूषा 🔰
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1. पगड़ी
पगडी मेवाड़ की प्रसिद्ध है।
पगड़ी को पाग, पेंचा व बागा भी कहते है।
विवाह पर पहनी जाने वाली पगड़ी मोठडा पगडी कहलाती है।
श्रावण मास में पहनी जाने वाली पगड़ी लहरिया कहलाती है।
दशहरे के अवसर पर पहने जाने वाली पगड़ी मदील कहलाती है!
दीपावली के अवसर पर पहने जाने वाली पगड़ी केसरिया कहलाती हैं
फूल पती की छपाई वाली पगडी होली, के अवसर पर पहनी जाती है।
रियासती पगडि़यां
1. जसवंत शाही
2. चुड़ावत शाही
3. भीम शाही
4. उदयशाही
5. मानशाही
6. राठौडी
7. हम्मीर -शाही
8. अमरशाही
9. स्वरूपशाही
10. शाहजहांनी
11. राजशाही
2. अंगरखी
शरीर के ऊपरी भाग में पहने जाने वाला वस्त्र है।
अन्य नाम - बुगतरी, अचकन, बण्डी आदि!
3. चौगा
सम्पन्न वर्ग द्वारा अगरखी के ऊपर पहने जाने वाला वस्त्र है।
तनजेब व जामदानी के चैगे- गर्मियों में पहने जाते है।
4. जामा
शादी- विवाह या युद्ध जैसे विशेष अवसरों पर घुटनों तक जो वस्त्र पहना जाता था जामा कहलाता है।
5. आत्मसुख
सर्दी से बचाव के लिए अंगरखी पर पहना जाने वाला वस्त्र है।
सबसे पुराना आत्मसुख सिटी पैलेस (जयपुर) में सुरक्षित है।
6. पटका
जामा के ऊपर पटका/ कमरबंद बांधने की प्रथा थी, जिस पर तलवार या कटार लटकाई जाती थी।
7. ओढ़नी
शरीर के निचले हिस्से मे घाघरा ओर ऊपर कूर्ती, कांचली के बाद स्त्रियां ओढली ओढ़ती है।
लूंगडी - मीणा जाति से संबंधित है।
पोमचा- पीली व गुलाबी जमीन वाली विशेष ओढनी बच्चे के जन्म के समय महिलाएं ओढती है।
लहरिया - तीज-त्यौहार के अवसर पर महिलाओं पहने जाने वाली ओढनी है।
कटकी - अविवाहित बालिकाओं की ओढनी है।
ओढ़नी के अन्य प्रकार
1. ज्वार भांत की ओढ़नी
2. ताराभांत की ओढ़नी
3. लहर भांत की ओढ़नी
4. केरीभांत की ओढनी
तारा भांत की ओढ़नी- आदिवासी स्त्रियों की लोकप्रिय ओढ़नी है।
8. ठेपाड़ा / ढेपाडा
भील पुरूषों द्वारा पहनी जाने वाली तंग धोती है।
9. सिंदूरी
भील महिलाओं द्वारा पहने जाने वाली लाल रंग की साड़ी है!
10. खोयतू
लंगोटिया भीलों में पुरूषों द्वारा कमर पर बांधे जाने वाली लंगोटी को कहते है।
11. कछावू
लंगेटिया भील महिलाओं द्वारा घुटने तक पहना जाने वाला नीचा धाघरा जो प्रायः काले और लाल रंग का होता है।
12. चीर, चारसो, दुकूल
ये स्त्रियों की वेशभूषांऐ है
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1. पगड़ी
पगडी मेवाड़ की प्रसिद्ध है।
पगड़ी को पाग, पेंचा व बागा भी कहते है।
विवाह पर पहनी जाने वाली पगड़ी मोठडा पगडी कहलाती है।
श्रावण मास में पहनी जाने वाली पगड़ी लहरिया कहलाती है।
दशहरे के अवसर पर पहने जाने वाली पगड़ी मदील कहलाती है!
दीपावली के अवसर पर पहने जाने वाली पगड़ी केसरिया कहलाती हैं
फूल पती की छपाई वाली पगडी होली, के अवसर पर पहनी जाती है।
रियासती पगडि़यां
1. जसवंत शाही
2. चुड़ावत शाही
3. भीम शाही
4. उदयशाही
5. मानशाही
6. राठौडी
7. हम्मीर -शाही
8. अमरशाही
9. स्वरूपशाही
10. शाहजहांनी
11. राजशाही
2. अंगरखी
शरीर के ऊपरी भाग में पहने जाने वाला वस्त्र है।
अन्य नाम - बुगतरी, अचकन, बण्डी आदि!
3. चौगा
सम्पन्न वर्ग द्वारा अगरखी के ऊपर पहने जाने वाला वस्त्र है।
तनजेब व जामदानी के चैगे- गर्मियों में पहने जाते है।
4. जामा
शादी- विवाह या युद्ध जैसे विशेष अवसरों पर घुटनों तक जो वस्त्र पहना जाता था जामा कहलाता है।
5. आत्मसुख
सर्दी से बचाव के लिए अंगरखी पर पहना जाने वाला वस्त्र है।
सबसे पुराना आत्मसुख सिटी पैलेस (जयपुर) में सुरक्षित है।
6. पटका
जामा के ऊपर पटका/ कमरबंद बांधने की प्रथा थी, जिस पर तलवार या कटार लटकाई जाती थी।
7. ओढ़नी
शरीर के निचले हिस्से मे घाघरा ओर ऊपर कूर्ती, कांचली के बाद स्त्रियां ओढली ओढ़ती है।
लूंगडी - मीणा जाति से संबंधित है।
पोमचा- पीली व गुलाबी जमीन वाली विशेष ओढनी बच्चे के जन्म के समय महिलाएं ओढती है।
लहरिया - तीज-त्यौहार के अवसर पर महिलाओं पहने जाने वाली ओढनी है।
कटकी - अविवाहित बालिकाओं की ओढनी है।
ओढ़नी के अन्य प्रकार
1. ज्वार भांत की ओढ़नी
2. ताराभांत की ओढ़नी
3. लहर भांत की ओढ़नी
4. केरीभांत की ओढनी
तारा भांत की ओढ़नी- आदिवासी स्त्रियों की लोकप्रिय ओढ़नी है।
8. ठेपाड़ा / ढेपाडा
भील पुरूषों द्वारा पहनी जाने वाली तंग धोती है।
9. सिंदूरी
भील महिलाओं द्वारा पहने जाने वाली लाल रंग की साड़ी है!
10. खोयतू
लंगोटिया भीलों में पुरूषों द्वारा कमर पर बांधे जाने वाली लंगोटी को कहते है।
11. कछावू
लंगेटिया भील महिलाओं द्वारा घुटने तक पहना जाने वाला नीचा धाघरा जो प्रायः काले और लाल रंग का होता है।
12. चीर, चारसो, दुकूल
ये स्त्रियों की वेशभूषांऐ है
👍11
EconomicReview(english) 2023-24.pdf
40 MB
🧶 आर्थिक समीक्षा 23-24 😎
▪️ जिसका संबंध हमेशा गत वित्त वर्ष से होता है, जो की आगामी परीक्षाओं की दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है 🥰
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▪️ जिसका संबंध हमेशा गत वित्त वर्ष से होता है, जो की आगामी परीक्षाओं की दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है 🥰
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🤷♂13🤩10😁6❤1
✴ राजस्थान प्री-डीएलएड (BSTC) परीक्षा 2024 की फाइनल आंसर Key जारी
👍2❤1
Rajasthan BSTC 2024 Final Answer Key.pdf
1.4 MB
Rajasthan BSTC 2024 Final Answer Key.pdf
.... हर मासूम मुखौटे के पीछे एक शातिर चेहरा होता है...पेरेंट्स के पास सिर्फ उनके बेटे की तस्वीर बची है...बाक़ी सब बहु ले गयी... 😓
👨💻 साल भर से कम समय पहले आई एक मासूम चेहरे वाली लड़की... दुनिया भर की इज्जत, सम्मान, सिंपैथी और कीर्ति चक्र लेकर गायब हो गई...☹️
▪️ बचपन से लेकर जिंदगी भर तक पालन पोषण करने वाले मां बाप देखते ही रह गए... न पैसा मिला.. और न वो अवॉर्ड्... इकलौता बेटा था... वो भी शहीद हो गया...
.... 5 महीने पहले हुई शादी से निकटतम परिजन का लाभ लेकर बहु हो गई गायब...😐
....हां यह बात सही है कि... उस लड़की की अभी तक बहुत लंबी उम्र बाकी है शायद... दूसरी शादी करने की भी हकदार है...
....लेकिन वो अवॉर्ड्स और उन पैसों में तो atleast हिस्सेदार बनाती उन पेरेंट्स को... शायद जितना हक उसका है उससे भी कहीं ज्यादा हक उस लड़के के माता पिता का भी है... So निकटतम परिजन की परिभाषा बदलनी चाहिए...😐
From - RajExamAspirant
👨💻 साल भर से कम समय पहले आई एक मासूम चेहरे वाली लड़की... दुनिया भर की इज्जत, सम्मान, सिंपैथी और कीर्ति चक्र लेकर गायब हो गई...☹️
▪️ बचपन से लेकर जिंदगी भर तक पालन पोषण करने वाले मां बाप देखते ही रह गए... न पैसा मिला.. और न वो अवॉर्ड्... इकलौता बेटा था... वो भी शहीद हो गया...
.... 5 महीने पहले हुई शादी से निकटतम परिजन का लाभ लेकर बहु हो गई गायब...😐
....हां यह बात सही है कि... उस लड़की की अभी तक बहुत लंबी उम्र बाकी है शायद... दूसरी शादी करने की भी हकदार है...
....लेकिन वो अवॉर्ड्स और उन पैसों में तो atleast हिस्सेदार बनाती उन पेरेंट्स को... शायद जितना हक उसका है उससे भी कहीं ज्यादा हक उस लड़के के माता पिता का भी है... So निकटतम परिजन की परिभाषा बदलनी चाहिए...😐
From - RajExamAspirant
👍39💔16❤2
◾️ विंबलडन ओपन - 2024
🔹पुरूष एकल (result pending.....)
🔹 महीला एकल
🔹 विजेता - बारबरा क्रेजिकोवा (चेक गणराज्य)
🔹 उपविजेता - जेसमिन पाओलिनी (इटली)
Gk fact:
◾️ फ्रेंच ओपन - 2024
🔹 पुरुष एकल विजेता - कार्लोस अल्कारेज (स्पेन)
🔹 महीला एकल विजेता - ईगा स्वियातेक (पोलैंड)
◾️ ऑस्ट्रेलियन ओपन - 2024
🔹 पुरूष एकल विजेता - जेनिक सिनर (इटली)
🔹 महीला एकल विजेता - आर्यना संबालेका (बेलारूस)
🔹 पुरुष युगल विजेता - रोहन बोपन्ना (भारत) + मैथ्यू एबडेन (ऑस्ट्रेलिया)
🔹पुरूष एकल (result pending.....)
🔹 महीला एकल
🔹 विजेता - बारबरा क्रेजिकोवा (चेक गणराज्य)
🔹 उपविजेता - जेसमिन पाओलिनी (इटली)
Gk fact:
◾️ फ्रेंच ओपन - 2024
🔹 पुरुष एकल विजेता - कार्लोस अल्कारेज (स्पेन)
🔹 महीला एकल विजेता - ईगा स्वियातेक (पोलैंड)
◾️ ऑस्ट्रेलियन ओपन - 2024
🔹 पुरूष एकल विजेता - जेनिक सिनर (इटली)
🔹 महीला एकल विजेता - आर्यना संबालेका (बेलारूस)
🔹 पुरुष युगल विजेता - रोहन बोपन्ना (भारत) + मैथ्यू एबडेन (ऑस्ट्रेलिया)
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कृषि शिक्षा: प्रोत्साहन राशि में गुना तक की बढ़ोतरी
▪️कृषि विषय लेकर स्टडी करने वाली छात्राओं की प्रोत्साहन राशि अब बढ़ा दी गई है। 12वीं की छात्रा को अब 5 हजार रुपए मिलेंगे।
▪️कृषि आयुक्तालय जयपुर की ओर से 2024-25 में कृषि. शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को तीन गुना बढ़ाया है।
▪️कृषि विषय का अध्ययन करने वाली कक्षा 12वीं की छात्राओं को 15 हजार, यूजी व पीजी की छात्राओं को 25 हजार और कृषि विषय में पीएचडी करने वाली छात्रा को 40 हज़ार प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
▪️कृषि विषय लेकर स्टडी करने वाली छात्राओं की प्रोत्साहन राशि अब बढ़ा दी गई है। 12वीं की छात्रा को अब 5 हजार रुपए मिलेंगे।
▪️कृषि आयुक्तालय जयपुर की ओर से 2024-25 में कृषि. शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को तीन गुना बढ़ाया है।
▪️कृषि विषय का अध्ययन करने वाली कक्षा 12वीं की छात्राओं को 15 हजार, यूजी व पीजी की छात्राओं को 25 हजार और कृषि विषय में पीएचडी करने वाली छात्रा को 40 हज़ार प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
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