🧶 लोकसभा स्पीकर के चुनाव 🤩
▪️ स्वतंत्र भारत की राजनीति के इतिहास में तीसरी बार होने जा रहे है स्पीकर पद के लिए चुनाव ☹️
👨💻 दूसरी बार स्पीकर बनने वाले पहले बीजेपी नेता होंगे ओम बिरला 😎
🫂 रोचक तथ्य 🫶
🙌 अब तक बलराम जाखड़ (कांग्रेस) एकमात्र ऐसे नेता हैं जो दो बार लोकसभा के स्पीकर पद पर रह चुके हैं 💃
▪️ इस प्रकार वे भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे लंबे समय (09 साल) तक अध्यक्ष पद रहने वाले एकमात्र व्यक्ति है। 🥰
▪️ स्वतंत्र भारत की राजनीति के इतिहास में तीसरी बार होने जा रहे है स्पीकर पद के लिए चुनाव ☹️
👨💻 दूसरी बार स्पीकर बनने वाले पहले बीजेपी नेता होंगे ओम बिरला 😎
🫂 रोचक तथ्य 🫶
🙌 अब तक बलराम जाखड़ (कांग्रेस) एकमात्र ऐसे नेता हैं जो दो बार लोकसभा के स्पीकर पद पर रह चुके हैं 💃
▪️ इस प्रकार वे भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे लंबे समय (09 साल) तक अध्यक्ष पद रहने वाले एकमात्र व्यक्ति है। 🥰
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🧶 18वीं लोकसभा के शैडो प्रधानमंत्री बने राहुल गांधी 🤩
▪️ चूंकि विपक्ष के नेता को शैडो पीएम की भी संज्ञा दी जाती है, अतः राहुल गांधी अब शैडो कैबिनेट बनाके अपनी पीएम बनने की अधूरी ख्वाहिशें पूरी करने जा रहे है 😎
👨💻 दोनों सदनों में विपक्ष के नेता को वर्ष 1977 में वैधानिक मान्यता दी गई थी और वे कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं के हकदार हैं। 🥰
▪️ विपक्ष के नेता के पद का उल्लेख संविधान में नहीं बल्कि संसदीय संविधि में है, अतः यह एक संवैधानिक पद नहीं है। ☹️
🙌 राहुल गांधी के पास होंगी ये शक्तियां🤞
🗣 नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद वो उस कमिटी का हिस्सा बन जाएंगे, जो सीबीआई के डायरेक्टर, मुख्य सूचना आयुक्त, लोकपाल, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन और सदस्य और भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ती करती है. 💪
▪️ इन सारी नियुक्तियों में राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उसी टेबल पर बैठेंगे, जहां पीएम मोदी बैठेंगे और पहली बार ऐसा होगा, जब इन फैसलों में पीएम को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी से भी उनकी सहमति लेनी होगी। 🥳
▪️ चूंकि विपक्ष के नेता को शैडो पीएम की भी संज्ञा दी जाती है, अतः राहुल गांधी अब शैडो कैबिनेट बनाके अपनी पीएम बनने की अधूरी ख्वाहिशें पूरी करने जा रहे है 😎
👨💻 दोनों सदनों में विपक्ष के नेता को वर्ष 1977 में वैधानिक मान्यता दी गई थी और वे कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं के हकदार हैं। 🥰
▪️ विपक्ष के नेता के पद का उल्लेख संविधान में नहीं बल्कि संसदीय संविधि में है, अतः यह एक संवैधानिक पद नहीं है। ☹️
🙌 राहुल गांधी के पास होंगी ये शक्तियां🤞
🗣 नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद वो उस कमिटी का हिस्सा बन जाएंगे, जो सीबीआई के डायरेक्टर, मुख्य सूचना आयुक्त, लोकपाल, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन और सदस्य और भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ती करती है. 💪
▪️ इन सारी नियुक्तियों में राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उसी टेबल पर बैठेंगे, जहां पीएम मोदी बैठेंगे और पहली बार ऐसा होगा, जब इन फैसलों में पीएम को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी से भी उनकी सहमति लेनी होगी। 🥳
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प्रमुख व्यक्ति के घोड़े और हाथी के नाम🔰
▪️पृथ्वीराज चौहान के घोड़े का नाम - नाट्यरंभा
▪️हेमू के हाथी का नाम - हवाई
▪️तेजाजी की घोड़ी का नाम - लीलण
▪️रानी लक्ष्मीबाई के घोड़े का नाम - पवन और बादल
▪️महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम - चेतक
▪️महाराणा प्रताप की हाथी का नाम - रामप्रसाद (अकबर ने उसका नाम पीरप्रसाद रखा था।)
▪️शिवाजी के घोड़े का नाम - कृष्णा
▪️मानसिंह के हाथी का नाम - मर्दाना
▪️पृथ्वीराज चौहान के घोड़े का नाम - नाट्यरंभा
▪️महाराजा रणजीत सिंह के घोड़े का नाम - लैला
▪️सिकंदर के घोड़े का नाम - बहुकेफला
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▪️पृथ्वीराज चौहान के घोड़े का नाम - नाट्यरंभा
▪️हेमू के हाथी का नाम - हवाई
▪️तेजाजी की घोड़ी का नाम - लीलण
▪️रानी लक्ष्मीबाई के घोड़े का नाम - पवन और बादल
▪️महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम - चेतक
▪️महाराणा प्रताप की हाथी का नाम - रामप्रसाद (अकबर ने उसका नाम पीरप्रसाद रखा था।)
▪️शिवाजी के घोड़े का नाम - कृष्णा
▪️मानसिंह के हाथी का नाम - मर्दाना
▪️पृथ्वीराज चौहान के घोड़े का नाम - नाट्यरंभा
▪️महाराजा रणजीत सिंह के घोड़े का नाम - लैला
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झोरावा गीत
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो पत्नी अपने पति के वियोग में गाती है।
सुवटिया
उत्तरी मेवाड़ में भील जाति की स्त्रियां पति-वियोग में तोते (सूए) को संबोधित करते हुए यह गीत गाती हैं।
पीपली गीत
मारवाड़, बीकानेर तथा शेखावटी क्षेत्र में वर्षा ऋतु के समय स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
सेंजा गीत
यह एक विवाह गीत है, जो अच्छे वर की कामना हेतु महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
कुरजां गीत
यह लोकप्रिय गीत में कुरजां पक्षी को संबोधित करते हुए विरहणियों द्वारा अपने प्रियतम की याद में गाया जाता है, जिसमें नायिका अपने परदेश स्थित पति के लिए कुरजां को सन्देश देने का कहती है।
जकडि़या गीत
पीरों की प्रशंसा में गाए जाने वाले गीत जकडि़या गीत कहलाते हैं।
पपीहा गीत
पपीहा पक्षी को सम्बोधित करते हुए गया गया गीत है। इसमें प्रेमिका अपने प्रेमी को उपवन में आकर मिलने की प्रार्थना करती है।
कागा गीत
कौवे का घर की छत पर आना मेहमान आने का शगुन माना जाता है। कौवे को संबोधित करके प्रेयसी अपने प्रिय के आने का शगुन मानती है और कौवे को लालच देकर उड़ने की कहती है।
कांगसियों
यह राजस्थान का एक लोकप्रिय श्रृंगारिक गीत है।
हमसीढो
भील स्त्री तथा पुरूष दोनों द्वारा सम्मिलित रूप से मांगलिक अवसरों पर गाया जाने वाला गीत है।
हरजस
यह भक्ति गीत है, हरजस का अर्थ है हरि का यश। हरजस भगवान राम व श्रीकृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले भक्ति गीत हैं।
हिचकी गीत
मेवात क्षेत्र अथवा अलवर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें दाम्पत्य प्रेम को दर्शाया जाता है और प्रियतम की याद को व्यक्त किया जाता है।
जलो और जलाल
विवाह के समय वधु पक्ष की स्त्रियां जब वर की बारात का डेरा देखने आती हैं तब यह गीत गाती हैं।
दुप्पटा गीत
विवाह के समय दुल्हे की सालियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
कामण
कामण का अर्थ है - जादू-टोना। पति को अन्य स्त्री के जादू-टोने से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
पावणा
विवाह के पश्चात् दामाद के ससुराल जाने पर भोजन के समय अथवा भोजन के उपरान्त स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
सिठणें - विवाह के समय गाया जाने वाला हास्य-परिहासपूर्ण गीत जिसमें समधी और उसके संबंधियों को संबोधित किया जाता है।
मोरिया गीत - इसमें उस बालिका की व्यथा का वर्णन है जिसका विवाह तय हो चुका है लेकिन हो नहीं पाया है।
जीरो - जालौर क्षेत्र का गीत जिसमें स्त्री अपने पति से जीरा न बोने की विनती करती है।
बिच्छुड़ो - हाडौती क्षेत्र का गीत जिसमें एक स्त्री, जिसे बिच्छु ने काट लिया है, मरने से पहले अपने पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।
पंछीडा गीत - हाडौती और ढूढाड़ क्षेत्र का त्यौहारों और मेलों पर गाया जाने वाला लोकप्रिय गीत।
रसिया गीत - होली के अवसर पर ब्रज, भरतपुर, धौलपुर और नाथद्वारा के श्रीनाथजी के मंदिर में गाए जाने वाले गीत।
घूमर - नाच के साथ गाया जाने वाला गीत जिसमें नायिका अपने प्रियतम से श्रृंगारिक साधनों की मांग करती है।
औल्यूं गीत - बेटी की विदाई के समय गाया जाने वाला गीत जिसमें 'याद आना' का भाव होता है।
लांगुरिया - करौली की कैला देवी की आराधना में गाए जाने वाले भक्तिगीत।
गोरबंध - ऊंट के गले के आभूषण पर मारवाड़ और शेखावटी क्षेत्र में गाया जाने वाला गीत।
चिरमी - चिरमी के पौधे को संबोधित कर बाल ग्राम वधू द्वारा अपने भाई और पिता की प्रतीक्षा के समय का वर्णन।
पणिहारी - राजस्थानी स्त्री के पतिव्रता धर्म पर आधारित गीत।
इडुणी - पानी भरने जाते समय गाया जाने वाला गीत जिसमें इडुणी के खो जाने का जिक्र होता है।
केसरिया बालम - विरह युक्त रजवाड़ी गीत जिसमें स्त्री विदेश गए हुए अपने पति की याद में गाती है।
धुडला गीत - मारवाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो स्त्रियों द्वारा घुड़ला पर्व पर गाया जाता है।
लावणी गीत - नायक द्वारा नायिका को बुलाने के संदर्भ में गाई जाने वाली लावणियां।
मूमल - जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें लोद्रवा की राजकुमारी मूमल का सौन्दर्य वर्णन किया गया है। यह एक श्रृंगारिक गीत है।
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो पत्नी अपने पति के वियोग में गाती है।
सुवटिया
उत्तरी मेवाड़ में भील जाति की स्त्रियां पति-वियोग में तोते (सूए) को संबोधित करते हुए यह गीत गाती हैं।
पीपली गीत
मारवाड़, बीकानेर तथा शेखावटी क्षेत्र में वर्षा ऋतु के समय स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
सेंजा गीत
यह एक विवाह गीत है, जो अच्छे वर की कामना हेतु महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
कुरजां गीत
यह लोकप्रिय गीत में कुरजां पक्षी को संबोधित करते हुए विरहणियों द्वारा अपने प्रियतम की याद में गाया जाता है, जिसमें नायिका अपने परदेश स्थित पति के लिए कुरजां को सन्देश देने का कहती है।
जकडि़या गीत
पीरों की प्रशंसा में गाए जाने वाले गीत जकडि़या गीत कहलाते हैं।
पपीहा गीत
पपीहा पक्षी को सम्बोधित करते हुए गया गया गीत है। इसमें प्रेमिका अपने प्रेमी को उपवन में आकर मिलने की प्रार्थना करती है।
कागा गीत
कौवे का घर की छत पर आना मेहमान आने का शगुन माना जाता है। कौवे को संबोधित करके प्रेयसी अपने प्रिय के आने का शगुन मानती है और कौवे को लालच देकर उड़ने की कहती है।
कांगसियों
यह राजस्थान का एक लोकप्रिय श्रृंगारिक गीत है।
हमसीढो
भील स्त्री तथा पुरूष दोनों द्वारा सम्मिलित रूप से मांगलिक अवसरों पर गाया जाने वाला गीत है।
हरजस
यह भक्ति गीत है, हरजस का अर्थ है हरि का यश। हरजस भगवान राम व श्रीकृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले भक्ति गीत हैं।
हिचकी गीत
मेवात क्षेत्र अथवा अलवर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें दाम्पत्य प्रेम को दर्शाया जाता है और प्रियतम की याद को व्यक्त किया जाता है।
जलो और जलाल
विवाह के समय वधु पक्ष की स्त्रियां जब वर की बारात का डेरा देखने आती हैं तब यह गीत गाती हैं।
दुप्पटा गीत
विवाह के समय दुल्हे की सालियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
कामण
कामण का अर्थ है - जादू-टोना। पति को अन्य स्त्री के जादू-टोने से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
पावणा
विवाह के पश्चात् दामाद के ससुराल जाने पर भोजन के समय अथवा भोजन के उपरान्त स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला गीत है।
सिठणें - विवाह के समय गाया जाने वाला हास्य-परिहासपूर्ण गीत जिसमें समधी और उसके संबंधियों को संबोधित किया जाता है।
मोरिया गीत - इसमें उस बालिका की व्यथा का वर्णन है जिसका विवाह तय हो चुका है लेकिन हो नहीं पाया है।
जीरो - जालौर क्षेत्र का गीत जिसमें स्त्री अपने पति से जीरा न बोने की विनती करती है।
बिच्छुड़ो - हाडौती क्षेत्र का गीत जिसमें एक स्त्री, जिसे बिच्छु ने काट लिया है, मरने से पहले अपने पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।
पंछीडा गीत - हाडौती और ढूढाड़ क्षेत्र का त्यौहारों और मेलों पर गाया जाने वाला लोकप्रिय गीत।
रसिया गीत - होली के अवसर पर ब्रज, भरतपुर, धौलपुर और नाथद्वारा के श्रीनाथजी के मंदिर में गाए जाने वाले गीत।
घूमर - नाच के साथ गाया जाने वाला गीत जिसमें नायिका अपने प्रियतम से श्रृंगारिक साधनों की मांग करती है।
औल्यूं गीत - बेटी की विदाई के समय गाया जाने वाला गीत जिसमें 'याद आना' का भाव होता है।
लांगुरिया - करौली की कैला देवी की आराधना में गाए जाने वाले भक्तिगीत।
गोरबंध - ऊंट के गले के आभूषण पर मारवाड़ और शेखावटी क्षेत्र में गाया जाने वाला गीत।
चिरमी - चिरमी के पौधे को संबोधित कर बाल ग्राम वधू द्वारा अपने भाई और पिता की प्रतीक्षा के समय का वर्णन।
पणिहारी - राजस्थानी स्त्री के पतिव्रता धर्म पर आधारित गीत।
इडुणी - पानी भरने जाते समय गाया जाने वाला गीत जिसमें इडुणी के खो जाने का जिक्र होता है।
केसरिया बालम - विरह युक्त रजवाड़ी गीत जिसमें स्त्री विदेश गए हुए अपने पति की याद में गाती है।
धुडला गीत - मारवाड़ क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो स्त्रियों द्वारा घुड़ला पर्व पर गाया जाता है।
लावणी गीत - नायक द्वारा नायिका को बुलाने के संदर्भ में गाई जाने वाली लावणियां।
मूमल - जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत, जिसमें लोद्रवा की राजकुमारी मूमल का सौन्दर्य वर्णन किया गया है। यह एक श्रृंगारिक गीत है।
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राज्य में 8 नई अकादमिया
▪️राज्य में पहले से संचालित हैं 18 अकदमिया अब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।
▪️निम्न 8 अकदमिया बनेगी
1. सवाई जयसिंह अकादमी ढूंढाड़, जयपुर
2. महाराजा सूरजमल बृज अकादमी, भरतपुर
3. मेहराब शेखा जी सहस्त्र बल अकादमी, सीकर
4. सरदार बूंदा मीणा हाड़ौती अकादमी, जयपुर
5. राणा सांगा मेवाड़ अकादमी, उदयपुर
6. राव जोधा अकादमी, जोधपुर
7. पृथ्वीराज चौहान अकादमी, अजमेर
8. जिलाई बाई मांड अकादमी, बीकानेर
🔷 अति महत्वपूर्ण फेक्ट
▪️राजस्थान की पहली अकादमी 1966 में जयपुर में राजस्थान स्कूल ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट के नाम से स्थापित की गई।
▪️विद्या संस्थान - उदयपुर (1931) में दुसरी अकादमी स्थापित की गई।
▪️राज्य में पहले से संचालित हैं 18 अकदमिया अब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।
▪️निम्न 8 अकदमिया बनेगी
1. सवाई जयसिंह अकादमी ढूंढाड़, जयपुर
2. महाराजा सूरजमल बृज अकादमी, भरतपुर
3. मेहराब शेखा जी सहस्त्र बल अकादमी, सीकर
4. सरदार बूंदा मीणा हाड़ौती अकादमी, जयपुर
5. राणा सांगा मेवाड़ अकादमी, उदयपुर
6. राव जोधा अकादमी, जोधपुर
7. पृथ्वीराज चौहान अकादमी, अजमेर
8. जिलाई बाई मांड अकादमी, बीकानेर
🔷 अति महत्वपूर्ण फेक्ट
▪️राजस्थान की पहली अकादमी 1966 में जयपुर में राजस्थान स्कूल ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट के नाम से स्थापित की गई।
▪️विद्या संस्थान - उदयपुर (1931) में दुसरी अकादमी स्थापित की गई।
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हर चुभने वालीं चीज़ का
मकसद गलत नहीं होता..
सुई जब चलती है तो
बेहतरीन पोशाक बना देती है.!!
मकसद गलत नहीं होता..
सुई जब चलती है तो
बेहतरीन पोशाक बना देती है.!!
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यहाँ नौकरी और भी आसान , 15 लाख में थानेदार , 9 लाख में पटवारी 😳
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