राष्ट्रपति चुनाव 2022
अनुच्छेद 55
राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति
55(2) के प्रावधानानुसार
राज्य विधानसभाओं और संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों के मत मूल्य का विवरण
• एक MLA सर्वाधिक मत मूल्य- उत्तर प्रदेश ( 208)
• एक MLA न्यूनतम मत मूल्य - सिक्किम ( 7)
💥 राजस्थान में एक MLA मत मूल्य - 129
• राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए रिटर्निंग ऑफिसर कौन ?
राज्यसभा महासचिव - पीसी मोदी
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अनुच्छेद 55
राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति
55(2) के प्रावधानानुसार
राज्य विधानसभाओं और संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों के मत मूल्य का विवरण
• एक MLA सर्वाधिक मत मूल्य- उत्तर प्रदेश ( 208)
• एक MLA न्यूनतम मत मूल्य - सिक्किम ( 7)
💥 राजस्थान में एक MLA मत मूल्य - 129
• राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए रिटर्निंग ऑफिसर कौन ?
राज्यसभा महासचिव - पीसी मोदी
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द्रौपदी मुर्मू
• भारत के 15वें राष्ट्रपति
• भारत की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति।
• जन्म - मयूरभंज, उड़ीसा
• झारखंड की राज्यपाल रही।
(18 May 2015- 12 July 2021 )
•
25 जुलाई 2022 को भारत के मुख्य न्यायाधीश NV रमन्ना ने दिलवाई।
• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 60 में तय राष्ट्रपति शपथ प्रारुप के अनुसार संविधान व विधि के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ ली।
• इनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उपराष्ट्रपति कौन-कौन ?
१. वैंकेया नायडू
२. जगदीप धनकड़
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• भारत के 15वें राष्ट्रपति
• भारत की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति।
• जन्म - मयूरभंज, उड़ीसा
• झारखंड की राज्यपाल रही।
(18 May 2015- 12 July 2021 )
•
शपथ कब व किसने दिलाई ?25 जुलाई 2022 को भारत के मुख्य न्यायाधीश NV रमन्ना ने दिलवाई।
• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 60 में तय राष्ट्रपति शपथ प्रारुप के अनुसार संविधान व विधि के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ ली।
• इनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उपराष्ट्रपति कौन-कौन ?
१. वैंकेया नायडू
२. जगदीप धनकड़
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मीरा बाई -
जन्म स्थान- कुडकी, पाली जिला, राजस्थान
पिता- रतनसिंह [बाजोली (पाली) के सामंत]
माता- वीर कुंवर
दादा- दूदाजी (मेडता के राजा)
पति- भोजराज (महाराणा सांगा के पुत्र)
गुरु- रैदास
मीरा बाई के ग्रंथ (पुस्तकें)-
(I) गीत गोविन्द
(II) पदावली
(III) रुकमणी मंगल
(IV) सत्यभामा नूं रुसणो
(V) नरसी जी रो मायरो (रतना खाती के सहयोग से लिखी)
मीरा बाई का पालन पोषण मेडता (नागौर) में हुआ था।
मीरा बाई भगवान श्री कृष्ण को अपना पति मानकर श्री कृष्ण की सगुण पूजा करती थी।
मीरा बाई के पिता रतनसिंह खानवा के युद्ध (1527) में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
द्वारिका (गुजरात) के रणछोड़ मंदिर में मीरा बाई भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति में विलीन हो गई थी या मूर्ति में समा गई थी।
मीरा बाई को "राजस्थान की राधा" कहा जाता है।
महात्मा गांधी के अनुसार मीरा बाई अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने वाली सत्याग्राही महिला थी।
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जन्म स्थान- कुडकी, पाली जिला, राजस्थान
पिता- रतनसिंह [बाजोली (पाली) के सामंत]
माता- वीर कुंवर
दादा- दूदाजी (मेडता के राजा)
पति- भोजराज (महाराणा सांगा के पुत्र)
गुरु- रैदास
मीरा बाई के ग्रंथ (पुस्तकें)-
(I) गीत गोविन्द
(II) पदावली
(III) रुकमणी मंगल
(IV) सत्यभामा नूं रुसणो
(V) नरसी जी रो मायरो (रतना खाती के सहयोग से लिखी)
मीरा बाई का पालन पोषण मेडता (नागौर) में हुआ था।
मीरा बाई भगवान श्री कृष्ण को अपना पति मानकर श्री कृष्ण की सगुण पूजा करती थी।
मीरा बाई के पिता रतनसिंह खानवा के युद्ध (1527) में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
द्वारिका (गुजरात) के रणछोड़ मंदिर में मीरा बाई भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति में विलीन हो गई थी या मूर्ति में समा गई थी।
मीरा बाई को "राजस्थान की राधा" कहा जाता है।
महात्मा गांधी के अनुसार मीरा बाई अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने वाली सत्याग्राही महिला थी।
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गवरी बाई -
जन्म- डूंगरपुर जिला, राजस्थान
गवरी बाई का जन्म डूंगरपुर के नागर ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
गवरी बाई को "वागड़ की मीरा" कहा जाता है।
डूंगरपुर के महारावल शिव सिंह ने गवरी बाई को बालमुकुन्द मंदिर बनवाकर दिया था।
डूंगरपुर के बालमुकुन्दर मंदिर को ही गवरी बाई का मंदिर कहते हैं।
बालमुकुन्द मंदिर भगवान श्री कृष्ण का मंदिर था।
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जन्म- डूंगरपुर जिला, राजस्थान
गवरी बाई का जन्म डूंगरपुर के नागर ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
गवरी बाई को "वागड़ की मीरा" कहा जाता है।
डूंगरपुर के महारावल शिव सिंह ने गवरी बाई को बालमुकुन्द मंदिर बनवाकर दिया था।
डूंगरपुर के बालमुकुन्दर मंदिर को ही गवरी बाई का मंदिर कहते हैं।
बालमुकुन्द मंदिर भगवान श्री कृष्ण का मंदिर था।
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गंगाबाई
– गोस्वामी विट्ठलदास की शिष्या थी। कृष्ण वात्सल्य भाव को भक्ति में प्रधानता दी। गोस्वामी हरिराय के पश्चात् गंगा बेटी का नाम कृष्ण भक्ति में प्रसिद्ध है।
राणा बाई
– हरनावा गाँव के जालिम जाट की पुत्री थीं पालडी के संत चर्तुदास की शिष्या थी। इन्होंने जीवित समाधि ली थी।
भूरी बाई अलख -
जन्म- सरदारगढ़ गाँव, राजसमंद जिला, राजस्थान
भूरी बाई अलख मेवाड़ की प्रमुख महिला संत थी।
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– गोस्वामी विट्ठलदास की शिष्या थी। कृष्ण वात्सल्य भाव को भक्ति में प्रधानता दी। गोस्वामी हरिराय के पश्चात् गंगा बेटी का नाम कृष्ण भक्ति में प्रसिद्ध है।
राणा बाई
– हरनावा गाँव के जालिम जाट की पुत्री थीं पालडी के संत चर्तुदास की शिष्या थी। इन्होंने जीवित समाधि ली थी।
भूरी बाई अलख -
जन्म- सरदारगढ़ गाँव, राजसमंद जिला, राजस्थान
भूरी बाई अलख मेवाड़ की प्रमुख महिला संत थी।
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उम्मेद भवन पैलेस
● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – 1928 ई. महाराजा उम्मेद सिंह
● अकाल राहत कार्यों में बनने वाली राजस्थान की प्रथम इमारत
● छितर पहाड़ी पर स्थित
● छितर पत्थरों से निर्मित
● छितर पैलेस महल भी कहा जाता है
● घड़ियों का संग्रहालय स्थित है
● विश्व का सबसे बड़ा रियासती महल
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● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – 1928 ई. महाराजा उम्मेद सिंह
● अकाल राहत कार्यों में बनने वाली राजस्थान की प्रथम इमारत
● छितर पहाड़ी पर स्थित
● छितर पत्थरों से निर्मित
● छितर पैलेस महल भी कहा जाता है
● घड़ियों का संग्रहालय स्थित है
● विश्व का सबसे बड़ा रियासती महल
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1) अजीत भवन पैलेस
● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – महाराजा हनुवंत सिंह के प्रधानमंत्री अजित सिंह ने करवाया
● भारत की प्रथम हेरिटेज होटल
सज्जनगढ़ पैलेस / उदयपुर की मुकुटमणि / मानसून पैलेस / वाणी
2) विलास महल
● स्थान – उदयपुर
● बांसदरा की पहाड़ी पर निर्मित है
● निर्माण – महाराणा सज्जन सिंह ने
● इसे सज्जनगढ़ दुर्ग भी कहा जाता है
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● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – महाराजा हनुवंत सिंह के प्रधानमंत्री अजित सिंह ने करवाया
● भारत की प्रथम हेरिटेज होटल
सज्जनगढ़ पैलेस / उदयपुर की मुकुटमणि / मानसून पैलेस / वाणी
2) विलास महल
● स्थान – उदयपुर
● बांसदरा की पहाड़ी पर निर्मित है
● निर्माण – महाराणा सज्जन सिंह ने
● इसे सज्जनगढ़ दुर्ग भी कहा जाता है
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चंद्रमहल / सिटी पैलेस
● स्थान – उदयपुर
● निर्माण – महाराणा उदयसिंह ने 1559 में
● फर्ग्युसन ने इसे विंडसर महलों की संज्ञा दी है।
● प्रमुख महल :- कृष्णा कुमारी महल (सबसे बड़ा महल), दिलसुख महल, माणक महलज़ नवचौकी महल (इसमें राजतिलक होता था)
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● स्थान – उदयपुर
● निर्माण – महाराणा उदयसिंह ने 1559 में
● फर्ग्युसन ने इसे विंडसर महलों की संज्ञा दी है।
● प्रमुख महल :- कृष्णा कुमारी महल (सबसे बड़ा महल), दिलसुख महल, माणक महलज़ नवचौकी महल (इसमें राजतिलक होता था)
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चंद्रमहल / सिटी पैलेस
● स्थान – जयपुर
● निर्माण – सवाई जयसिंह
● इस महल में सात महल है अर्थात सात मंजिला है –
(i) सुख मंदिर
(ii) दीवान-ए-आम
(iii) दीवान-ए-खास
(iv) मुबारक महल
(v) पोथीखाना संग्रहालय
● वास्तुकार – याकूब
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● स्थान – जयपुर
● निर्माण – सवाई जयसिंह
● इस महल में सात महल है अर्थात सात मंजिला है –
(i) सुख मंदिर
(ii) दीवान-ए-आम
(iii) दीवान-ए-खास
(iv) मुबारक महल
(v) पोथीखाना संग्रहालय
● वास्तुकार – याकूब
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हवामहल
● स्थान – जयपुर
● निर्माण – सवाई प्रतापसिंह ने 1799 में
● वास्तुकार – लालचंद उस्ता
● खिड़कियां – 953
● जाली झरोखे – 365
● यह लाल पत्थरों से निर्मित है
● हवा महल अपनी विशालताओ के कारण यह हवामहल कहलाया तथा यह कृष्ण मुकुट आकृति में निर्मित है।
● हवामहल की सभी खिड़कियां पूर्व दिशा में खुलती है।
● हवामहल को लाल मंदिर भी कहा जाता है
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● स्थान – जयपुर
● निर्माण – सवाई प्रतापसिंह ने 1799 में
● वास्तुकार – लालचंद उस्ता
● खिड़कियां – 953
● जाली झरोखे – 365
● यह लाल पत्थरों से निर्मित है
● हवा महल अपनी विशालताओ के कारण यह हवामहल कहलाया तथा यह कृष्ण मुकुट आकृति में निर्मित है।
● हवामहल की सभी खिड़कियां पूर्व दिशा में खुलती है।
● हवामहल को लाल मंदिर भी कहा जाता है
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रूठी रानी के प्रमुख महल
1. रूठी रानी का महल
● स्थान – तारागढ़ दुर्ग की तलहटी (अजमेर)
● यह राव मालदेव की रानी उमादे का महल है।
2. रूठी रानी का महल
● स्थान – मांडलगढ़, भीलवाड़ा
3. यशोदा देवकी पट्ट शिवालय / रूठी रानी का महल
● स्थान – भीलवाड़ा
● इस महल में पृथ्वीराज सिसोदिया (उड़ना राजकुमार) की पत्नी ताराबाई रूठ कर रही थी।
4. रूठी रानी का महल
● स्थान – उदयपुर
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1. रूठी रानी का महल
● स्थान – तारागढ़ दुर्ग की तलहटी (अजमेर)
● यह राव मालदेव की रानी उमादे का महल है।
2. रूठी रानी का महल
● स्थान – मांडलगढ़, भीलवाड़ा
3. यशोदा देवकी पट्ट शिवालय / रूठी रानी का महल
● स्थान – भीलवाड़ा
● इस महल में पृथ्वीराज सिसोदिया (उड़ना राजकुमार) की पत्नी ताराबाई रूठ कर रही थी।
4. रूठी रानी का महल
● स्थान – उदयपुर
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अजीत भवन पैलेस
● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – महाराजा हनुवंत सिंह के प्रधानमंत्री अजित सिंह ने करवाया
● भारत की प्रथम हेरिटेज होटल
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● स्थान – जोधपुर
● निर्माण – महाराजा हनुवंत सिंह के प्रधानमंत्री अजित सिंह ने करवाया
● भारत की प्रथम हेरिटेज होटल
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बादल महल
1. बादल महल, जैसलमेर
● राजस्थान का सबसे बड़ा / ऊंचा बादल महल है।
● उपनाम – ताजिया टावर
● इस महल का निर्माण सिलावटों ने किया तथा महारावल बेरिसाल को भेंट कर दिया।
2. बादल महल, नागौर
● नागौर दुर्ग में स्थित है
● यह कलात्मक बादल महल कहलाता है।
3. बादल महल, बीकानेर
● जूनागढ़ दुर्ग में स्थित है
● यह बादल महल सोने की नक्कासी के लिए प्रसिद्ध है
4. बादल महल
● कुंभलगढ़ दुर्ग में स्थित है
● इसमें महाराणा प्रताप का जन्म हुआ
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1. बादल महल, जैसलमेर
● राजस्थान का सबसे बड़ा / ऊंचा बादल महल है।
● उपनाम – ताजिया टावर
● इस महल का निर्माण सिलावटों ने किया तथा महारावल बेरिसाल को भेंट कर दिया।
2. बादल महल, नागौर
● नागौर दुर्ग में स्थित है
● यह कलात्मक बादल महल कहलाता है।
3. बादल महल, बीकानेर
● जूनागढ़ दुर्ग में स्थित है
● यह बादल महल सोने की नक्कासी के लिए प्रसिद्ध है
4. बादल महल
● कुंभलगढ़ दुर्ग में स्थित है
● इसमें महाराणा प्रताप का जन्म हुआ
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👍5👌2
Recruitment_Notification_Final_30062023_CGPDTM_Recruitment_2023.pdf
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✍️QCI भर्ती 2023 का 553 पदों पर नोटिफिकेशन, अन्तिम तिथि 4 अगस्त 2023
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👍3
AWES-OST-2023-Notification.pdf
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✍️आर्मी पब्लिक स्कूल भर्ती का बंपर पदों पर विज्ञापन अंतिम तिथि 10 सितंबर
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1115291962456905177261.pdf
1.2 MB
✍️भारतीय कपास निगम भर्ती 2023 का विज्ञापन अंतिम तिथि 13 अगस्त 2023
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adv169054467742.pdf
1.6 MB
✍️राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2023 का बंपर पदों पर विज्ञापन ऑनलाइन आवेदन 1 अगस्त से 30 अगस्त तक
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