आज की बड़ी खबर ग्रुप के सभी सदस्य के लिए आगामी भर्ती परीक्षाओं से संबंधित
👉 नवीन फर्स्ट ग्रेड भर्ती और सेकंड ग्रेड भर्ती आचार संहिता से पहले पहले शत-प्रतिशत आ जाएगी परीक्षा 2024 में फरवरी बाद ही होगा , फर्स्ट ग्रेड में पदो की संख्या अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती होगी, 2nd ग्रेड में भी कम से कम 8000 पद तो रहेंगे ही
👉 संस्कृत शिक्षा विभाग में नवीन भर्तियां आचार संहिता से पहले पहले आएंगे जिसमें लेवल 2 विज्ञान और गणित के पदों की संख्या सर्वाधिक होगी
👉 लाइब्रेरियन भर्ती शिक्षा विभाग में थर्ड और सेकंड ग्रेड दोनों पदों पर आएगी , साथ ही कॉलेज शिक्षा में भी लाइब्रेरियन की भर्ती आएगी
👉 संस्कृत विभाग में कंप्यूटर अनुदेशक की भर्ती की विज्ञप्ति भी जल्द जारी होगी , सामान्य शिक्षा विभाग की कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में अभी समय लगेगा
👉 राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती सीईटी के माध्यम से होगी और परीक्षा से पहले 15 गुना अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी कर फिजिकल कराए जाने की पूरी संभावना है
👉 इस भर्ती के अलावा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की आरएसी की भर्ती बिना सीईटी के होगी
👉 राजस्थान पुलिस में महिलाओं के लिए पहली बार एएसआई की भर्ती लगभग 1000 पदों पर होगी इसके लिए अभी कार्मिक विभाग से और कैबिनेट से नियम संशोधन होना बाकी है
👉 राजस्थान पुलिस एसआई भर्ती का विज्ञापन अगस्त माह में जारी हो जाएगा पदों की संख्या लगभग 550 होगी
👉 अभी कल परसों में घोषित आवासीय बोर्ड हाउसिंग बोर्ड की भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होगा और ढाई माह के अंतर्गत परीक्षा करा कर नियुक्ति दे दी जाएगी
👉 कॉपरेटिव डिपार्टमेंट (सहकारिता विभाग) में भी लगभग 500 पदों पर बैंकिंग सहायक इत्यादि पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होगा OTR फीस शुल्क इत्यादि का संशोधन होना बाकी है
👉 विद्युत विभाग में हेल्पर सेकंड, टेक्निकल हेल्पर, एलडीसी,जूनियरअकाउंटेंट, JEn इत्यादि पदों पर लगभग 3250 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होगा और 2 माह के अंतर्गत परीक्षा करा दी जाएगी
👉 कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से 5900 पदों पर पशु परिचर भर्ती का विज्ञापन भी आचार संहिता से पहले जारी होगा और 2024 में परीक्षा होगी
👉 कृषि पर्यवेक्षक और जो भी भर्ती जिनका कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा कैलेंडर जारी किया जा चुका है उनका विज्ञापन अति शीघ्र जारी होगा
👉 कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से आयोजित होने वाली प्रसिद्ध एलडीसी भर्ती में अभी तक की स्थिति अनुसार पदो की संख्या लगभग 7200 है , जिसमे सचिवालय के पदो की संख्या 620 है सीईटी के माध्यम से 15 गुना अभ्यर्थी को लिया जायेगा
👉 VDO भर्ती की वेटिंग लिस्ट जल्द जारी होगी कार्मिक विभाग ने सहमति जता दी है पदो की संख्या 570 के आस पास है
REET पात्रता परीक्षा का विज्ञापन भी अगस्त माह में देखने को मिल जाएगा
👉 नवीन फर्स्ट ग्रेड भर्ती और सेकंड ग्रेड भर्ती आचार संहिता से पहले पहले शत-प्रतिशत आ जाएगी परीक्षा 2024 में फरवरी बाद ही होगा , फर्स्ट ग्रेड में पदो की संख्या अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती होगी, 2nd ग्रेड में भी कम से कम 8000 पद तो रहेंगे ही
👉 संस्कृत शिक्षा विभाग में नवीन भर्तियां आचार संहिता से पहले पहले आएंगे जिसमें लेवल 2 विज्ञान और गणित के पदों की संख्या सर्वाधिक होगी
👉 लाइब्रेरियन भर्ती शिक्षा विभाग में थर्ड और सेकंड ग्रेड दोनों पदों पर आएगी , साथ ही कॉलेज शिक्षा में भी लाइब्रेरियन की भर्ती आएगी
👉 संस्कृत विभाग में कंप्यूटर अनुदेशक की भर्ती की विज्ञप्ति भी जल्द जारी होगी , सामान्य शिक्षा विभाग की कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में अभी समय लगेगा
👉 राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती सीईटी के माध्यम से होगी और परीक्षा से पहले 15 गुना अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी कर फिजिकल कराए जाने की पूरी संभावना है
👉 इस भर्ती के अलावा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की आरएसी की भर्ती बिना सीईटी के होगी
👉 राजस्थान पुलिस में महिलाओं के लिए पहली बार एएसआई की भर्ती लगभग 1000 पदों पर होगी इसके लिए अभी कार्मिक विभाग से और कैबिनेट से नियम संशोधन होना बाकी है
👉 राजस्थान पुलिस एसआई भर्ती का विज्ञापन अगस्त माह में जारी हो जाएगा पदों की संख्या लगभग 550 होगी
👉 अभी कल परसों में घोषित आवासीय बोर्ड हाउसिंग बोर्ड की भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होगा और ढाई माह के अंतर्गत परीक्षा करा कर नियुक्ति दे दी जाएगी
👉 कॉपरेटिव डिपार्टमेंट (सहकारिता विभाग) में भी लगभग 500 पदों पर बैंकिंग सहायक इत्यादि पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होगा OTR फीस शुल्क इत्यादि का संशोधन होना बाकी है
👉 विद्युत विभाग में हेल्पर सेकंड, टेक्निकल हेल्पर, एलडीसी,जूनियरअकाउंटेंट, JEn इत्यादि पदों पर लगभग 3250 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होगा और 2 माह के अंतर्गत परीक्षा करा दी जाएगी
👉 कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से 5900 पदों पर पशु परिचर भर्ती का विज्ञापन भी आचार संहिता से पहले जारी होगा और 2024 में परीक्षा होगी
👉 कृषि पर्यवेक्षक और जो भी भर्ती जिनका कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा कैलेंडर जारी किया जा चुका है उनका विज्ञापन अति शीघ्र जारी होगा
👉 कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से आयोजित होने वाली प्रसिद्ध एलडीसी भर्ती में अभी तक की स्थिति अनुसार पदो की संख्या लगभग 7200 है , जिसमे सचिवालय के पदो की संख्या 620 है सीईटी के माध्यम से 15 गुना अभ्यर्थी को लिया जायेगा
👉 VDO भर्ती की वेटिंग लिस्ट जल्द जारी होगी कार्मिक विभाग ने सहमति जता दी है पदो की संख्या 570 के आस पास है
REET पात्रता परीक्षा का विज्ञापन भी अगस्त माह में देखने को मिल जाएगा
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✴ RSMSSB RPSC भर्तियां ✴
💠 विभिन्न भर्तियों की आवेदन तिथियाँ निम्न प्रकार से है।
🌟 संगणक भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 12 जुलाई
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 10 अगस्त
🌟 राजस्थान GNM भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 10 जुलाई
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 8 अगस्त
🌟 राजस्थान ANM भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 10 जुलाई
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 8 अगस्त
🌟 RAS भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 1 जुलाई
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 31 जुलाई
🌟 कनिष्ठ लेखाकार भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 27 जून
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 26 जुलाई
🌟 तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती
💮 आवेदन शुरू : 27 जून
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 26 जुलाई
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💠 विभिन्न भर्तियों की आवेदन तिथियाँ निम्न प्रकार से है।
🌟 संगणक भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 12 जुलाई
💮 आवेदन अंतिम तिथि : 10 अगस्त
🌟 राजस्थान GNM भर्ती 2023
💮 आवेदन शुरू : 10 जुलाई
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💮 आवेदन शुरू : 1 जुलाई
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Agriculture_Supervisor_2023-Copy.pdf
8.9 MB
एग्रीकल्चर सुपरवाइजर भर्ती 2023 विज्ञप्ति जारी पद 430
REET भर्ती परीक्षा लेवल-01 और लेवल - 02 MD मल्टीपल डिसएबिलिटी कैटेगरी रिवाइज्ड रिज़ल्ट जारी
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2023 तक बढ़ा दी गई है....
बिहार शिक्षक भर्ती : 1 लाख 70 हजार पदों पर भर्ती
🔹 अब तक कुल 5 लाख 50 हजार 683 छात्रों ने पंजीयन कराया है..
जिसमें से केवल 4 लाख 1 हजार 682 छात्रों के आवेदन ही फाइनल हुए हैं।
👉👉 @OnlineNotesStore
बिहार शिक्षक भर्ती : 1 लाख 70 हजार पदों पर भर्ती
🔹 अब तक कुल 5 लाख 50 हजार 683 छात्रों ने पंजीयन कराया है..
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राजस्थान समसामयिक घटनाचक्र करेंट अफेयर्स अति महत्वपूर्ण 🔰
▪️अरुणाचल प्रदेश,नागालैंड के कुछ हिस्सों में अफस्पा कानून की अवधि 6 महीने के लिए बढ़ाई गई।
▪️मिस्र ब्रिक्स बैंक के नए सदस्य के रूप में शामिल हुआ
▪️तमिलनाडु सरकार ने एरोड जिले के तंथै पेरियार वन्यजीव अभयारण्य को राज्य का 18वां वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का फैसला किया है।
▪️देश के पहले केबल रेल पुल का सफल परीक्षण जम्मू कश्मीर में किया गया
यह पुल अंजी नदी पर बन रहा है जो कटरा को रियासी से जोड़ेगा
▪️राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार
▪️राजस्थान साहित्य अकादमी का वर्ष 2022-23 का मीरा पुरस्कार जयपुर की रति सक्सेना को कविता पुस्तक हंसी एक प्रार्थना के लिए दिया जाएगा।
▪️वहीं, राजस्थान सरकार की तरफ से दिए जाने वाला एक लाख रुपए का जनार्दन राय नागर सम्मान वर्ष 2022-23 के लिए अजमेर निवासी डॉ. चंद्र प्रकाश देवल को दिया जाना तय हुआ है।
▪️राजस्थान के कितने जिलों को टीबी उन्मूलन के लिए "सब नेशनल सर्टिफिकेशन ऑफ टीबी एलिमिनेशन अवार्ड 2022" से सम्मानित किया गया - 08 जिलों को (बारां, भीलवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर)
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में बसंत ऋतु महोत्सव का आयोजन कहां किया गया - पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में 18 मार्च को गांधी जीवन दर्शन का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कहां आयोजित किया - कोटा
▪️राजस्थान पर्यटन विकास निगम, प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों व पत्रकारों को निगम के होटलों में ठहरने पर कितने प्रतिशत छूट - 50% छूट
▪️राजस्थान में ब्लॉक स्तर पर किस योजना के तहत खेल स्टेडियम का निर्माण - मेजर ध्यानचंद स्टेडियम योजना
▪️पुरी, उड़ीसा में आयोजित "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" शूटिंग बॉल चैंपियनशिप (अंडर 25) में राजस्थान में कौन सा पदक - स्वर्ण पदक
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में 24 व 25 मार्च, 2023 को पर्यटन विभाग, राजस्थान द्वारा गणगौर उत्सव का आयोजन कहां - जयपुर
▪️24 मार्च को वनस्थली विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, टोंक का कौनसा वार्षिकोत्सव मनाया - 87 वाँ वार्षिक उत्सव
▪️हाल ही में आफ़रीं संस्थान, जोधपुर द्वारा तरु मित्र पुरस्कार किसे प्रदान - रिषिका विश्नोई
▪️केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने किस राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों व चना खरीदने का आदेश - राजस्थान
▪️भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 36 उपग्रहों को ले जाने वाला भारत का सबसे बड़ा LVM3 रॉकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया।
▪️राजस्थान साहित्य उत्सव
राजस्थान में पहली बार राजस्थान साहित्य उत्सव साहित्य कुंभ 2023 का आयोजन जोधपुर में उम्मेद उद्यान के जनाना बाग में किया गया। इस अवसर पर समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए साथ विद्वानों को भी सम्मानित किया गया।
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▪️अरुणाचल प्रदेश,नागालैंड के कुछ हिस्सों में अफस्पा कानून की अवधि 6 महीने के लिए बढ़ाई गई।
▪️मिस्र ब्रिक्स बैंक के नए सदस्य के रूप में शामिल हुआ
▪️तमिलनाडु सरकार ने एरोड जिले के तंथै पेरियार वन्यजीव अभयारण्य को राज्य का 18वां वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का फैसला किया है।
▪️देश के पहले केबल रेल पुल का सफल परीक्षण जम्मू कश्मीर में किया गया
यह पुल अंजी नदी पर बन रहा है जो कटरा को रियासी से जोड़ेगा
▪️राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार
▪️राजस्थान साहित्य अकादमी का वर्ष 2022-23 का मीरा पुरस्कार जयपुर की रति सक्सेना को कविता पुस्तक हंसी एक प्रार्थना के लिए दिया जाएगा।
▪️वहीं, राजस्थान सरकार की तरफ से दिए जाने वाला एक लाख रुपए का जनार्दन राय नागर सम्मान वर्ष 2022-23 के लिए अजमेर निवासी डॉ. चंद्र प्रकाश देवल को दिया जाना तय हुआ है।
▪️राजस्थान के कितने जिलों को टीबी उन्मूलन के लिए "सब नेशनल सर्टिफिकेशन ऑफ टीबी एलिमिनेशन अवार्ड 2022" से सम्मानित किया गया - 08 जिलों को (बारां, भीलवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर)
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में बसंत ऋतु महोत्सव का आयोजन कहां किया गया - पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में 18 मार्च को गांधी जीवन दर्शन का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कहां आयोजित किया - कोटा
▪️राजस्थान पर्यटन विकास निगम, प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों व पत्रकारों को निगम के होटलों में ठहरने पर कितने प्रतिशत छूट - 50% छूट
▪️राजस्थान में ब्लॉक स्तर पर किस योजना के तहत खेल स्टेडियम का निर्माण - मेजर ध्यानचंद स्टेडियम योजना
▪️पुरी, उड़ीसा में आयोजित "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" शूटिंग बॉल चैंपियनशिप (अंडर 25) में राजस्थान में कौन सा पदक - स्वर्ण पदक
▪️हाल ही में राजस्थान प्रदेश में 24 व 25 मार्च, 2023 को पर्यटन विभाग, राजस्थान द्वारा गणगौर उत्सव का आयोजन कहां - जयपुर
▪️24 मार्च को वनस्थली विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, टोंक का कौनसा वार्षिकोत्सव मनाया - 87 वाँ वार्षिक उत्सव
▪️हाल ही में आफ़रीं संस्थान, जोधपुर द्वारा तरु मित्र पुरस्कार किसे प्रदान - रिषिका विश्नोई
▪️केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने किस राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों व चना खरीदने का आदेश - राजस्थान
▪️भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 36 उपग्रहों को ले जाने वाला भारत का सबसे बड़ा LVM3 रॉकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया।
▪️राजस्थान साहित्य उत्सव
राजस्थान में पहली बार राजस्थान साहित्य उत्सव साहित्य कुंभ 2023 का आयोजन जोधपुर में उम्मेद उद्यान के जनाना बाग में किया गया। इस अवसर पर समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए साथ विद्वानों को भी सम्मानित किया गया।
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जोधपुर शैली
इस शैली पर मुगल शैली का प्रभाव हैं, जसवंत सिंह प्रथम का इस शैली का स्वर्णकाल काल रहा है।
इस शैली में चित्र राजकीय विषय के ऊपर बनाये गये है। इस शैली में अजंता शैली की परम्परा का निर्वाह किया गया है। मारवाड शैली के पूर्ण विकास का काल 16 वीं से 17 वीं सदी रहा है।
यह शैली बाद में मुग़ल शैली सेइतनी से इतना प्रभावित हुई की अपनी सत्ता भी खो दी। मुग़ल शैली के प्रभाव के कारण इसमें विलासिता पूर्ण चित्र भी बनाये गये। यह शैली अंत में सामाजिक जीवन के प्रभाव में भी आई।
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इस शैली पर मुगल शैली का प्रभाव हैं, जसवंत सिंह प्रथम का इस शैली का स्वर्णकाल काल रहा है।
इस शैली में चित्र राजकीय विषय के ऊपर बनाये गये है। इस शैली में अजंता शैली की परम्परा का निर्वाह किया गया है। मारवाड शैली के पूर्ण विकास का काल 16 वीं से 17 वीं सदी रहा है।
यह शैली बाद में मुग़ल शैली सेइतनी से इतना प्रभावित हुई की अपनी सत्ता भी खो दी। मुग़ल शैली के प्रभाव के कारण इसमें विलासिता पूर्ण चित्र भी बनाये गये। यह शैली अंत में सामाजिक जीवन के प्रभाव में भी आई।
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अलवर शैली
राजा प्रतापसिंह – अलवर शैली के जन्म दाता
प्रमुख चित्रकार – डालचंद, सालिगराम, बलदेव, गुलामअली, सालगा
योगासन अलवर शैली का प्रमुख विषय है।
मूलचंद हाथी दांत बनाने वाले प्रसिद्ध कलाकार थे।
बसलो चित्रण (बोर्डर का चित्र) – इस चित्र शैली के तवायफों (वेश्याओं) के अधिक चित्र बने।
महाराज शिवदान सिंह ने कामशास्त्र के चित्र बनवाये।
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राजा प्रतापसिंह – अलवर शैली के जन्म दाता
प्रमुख चित्रकार – डालचंद, सालिगराम, बलदेव, गुलामअली, सालगा
योगासन अलवर शैली का प्रमुख विषय है।
मूलचंद हाथी दांत बनाने वाले प्रसिद्ध कलाकार थे।
बसलो चित्रण (बोर्डर का चित्र) – इस चित्र शैली के तवायफों (वेश्याओं) के अधिक चित्र बने।
महाराज शिवदान सिंह ने कामशास्त्र के चित्र बनवाये।
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उदयपुर शैली
राजस्थानी चित्रकला की मूल शैली है।
उदयपुर शैली का प्रारम्भिक विकास राणा कुम्भा के काल में हुआ।
उदयपुर शैली का स्वर्णकाल जगत सिंह प्रथम का काल रहा। महाराणा जगत सिंह के समय उदयपुर के राजमहलों में “चितेरों री ओवरी” नामक कला विद्यालय खोला गया जिसे “तस्वीरां रो कारखानों”भी कहा जाता है।
विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र नामक ग्रन्थ में पशु-पक्षियों की कहानियों के माध्यम से मानव जीवन के सिद्वान्तों को समझाया गया है।
पंचतन्त्र का फारसी अनुवाद “कलिला दमना” है, जो एक रूपात्मक कहानी है। इसमें राजा(शेर) तथा उसके दो मंत्रियों(गीदड़) कलिला व दमना का वर्णन किया गया है।
उदयपुर शैली में कलिला और दमना नाम से चित्र चित्रित किए गए थे।
प्रमुख चित्रकार – मनोहर लाल, साहिबदीन कृपा राम, उमरा।
चित्रों के विषय – आर्श रामायण, गीत गोविन्द, भ्रमर गीत।
प्रमुख रंग – लाल, पीला
वृक्ष, पशु, पक्षी – कदम्ब, हाथी,चकौर
पुरुष – गठीला शरीर, छोटा कद, लम्बी मूछें, पगड़ी, कमर में पताका, कान में मोती।
स्त्री – मछली जैसी आँखे , लम्बी नाक, पारदर्शी औढनी।
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राजस्थानी चित्रकला की मूल शैली है।
उदयपुर शैली का प्रारम्भिक विकास राणा कुम्भा के काल में हुआ।
उदयपुर शैली का स्वर्णकाल जगत सिंह प्रथम का काल रहा। महाराणा जगत सिंह के समय उदयपुर के राजमहलों में “चितेरों री ओवरी” नामक कला विद्यालय खोला गया जिसे “तस्वीरां रो कारखानों”भी कहा जाता है।
विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र नामक ग्रन्थ में पशु-पक्षियों की कहानियों के माध्यम से मानव जीवन के सिद्वान्तों को समझाया गया है।
पंचतन्त्र का फारसी अनुवाद “कलिला दमना” है, जो एक रूपात्मक कहानी है। इसमें राजा(शेर) तथा उसके दो मंत्रियों(गीदड़) कलिला व दमना का वर्णन किया गया है।
उदयपुर शैली में कलिला और दमना नाम से चित्र चित्रित किए गए थे।
प्रमुख चित्रकार – मनोहर लाल, साहिबदीन कृपा राम, उमरा।
चित्रों के विषय – आर्श रामायण, गीत गोविन्द, भ्रमर गीत।
प्रमुख रंग – लाल, पीला
वृक्ष, पशु, पक्षी – कदम्ब, हाथी,चकौर
पुरुष – गठीला शरीर, छोटा कद, लम्बी मूछें, पगड़ी, कमर में पताका, कान में मोती।
स्त्री – मछली जैसी आँखे , लम्बी नाक, पारदर्शी औढनी।
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नाथद्वारा शैली
चित्रकार – नारायण, घीसाराम, चतुर्भुज, उदयराम, खूबीराम
विषय – कृष्णलीला, श्रीनाथ जी के विग्रह, राधा कृष्ण यशोदा के चित्र।
प्रमुख रंग – पीला, हरा।
पुरुष – पुष्ट शरीर, तिलक
स्त्री – तिरछी चकोर की आंखे, उरोजों का गोल उभार, मांसल शरीर, मंगल सूत्र
विशेष – पिछवाई चित्रण (मंदिर में मूर्ति के पीछे चित्र बनाना)
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चित्रकार – नारायण, घीसाराम, चतुर्भुज, उदयराम, खूबीराम
विषय – कृष्णलीला, श्रीनाथ जी के विग्रह, राधा कृष्ण यशोदा के चित्र।
प्रमुख रंग – पीला, हरा।
पुरुष – पुष्ट शरीर, तिलक
स्त्री – तिरछी चकोर की आंखे, उरोजों का गोल उभार, मांसल शरीर, मंगल सूत्र
विशेष – पिछवाई चित्रण (मंदिर में मूर्ति के पीछे चित्र बनाना)
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देवगढ़ शैली
चित्रकार – बैजनाथ, चोखा, कँवला
विषय – शिकार के दृश्य, अन्तः पुर, राजसी ठाट-बाट, सवारियां।
विशेष – देवगढ़ शैली में जयपुर, जोधपुर,उदयपुर तीनों सहेलियों का प्रभाव है।
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चित्रकार – बैजनाथ, चोखा, कँवला
विषय – शिकार के दृश्य, अन्तः पुर, राजसी ठाट-बाट, सवारियां।
विशेष – देवगढ़ शैली में जयपुर, जोधपुर,उदयपुर तीनों सहेलियों का प्रभाव है।
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चावंड शैली
चित्रकार – नसीरुद्दीन (निसरदी)
विषय – प्रताप के शाशनकाल में शुरू में एवं अमर सिंह के समय नसीरुद्दीन ने रागमाला ग्रन्थ चित्रित किया।
विशेष – आकाश को सर्पिला कार व् लहरिया दार तरंगित बादलों के रूप में प्रदर्शित किया।
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चित्रकार – नसीरुद्दीन (निसरदी)
विषय – प्रताप के शाशनकाल में शुरू में एवं अमर सिंह के समय नसीरुद्दीन ने रागमाला ग्रन्थ चित्रित किया।
विशेष – आकाश को सर्पिला कार व् लहरिया दार तरंगित बादलों के रूप में प्रदर्शित किया।
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बूंदी शैली
राव उम्मेदसिंह बूंदी शैली राजस्थान की विचारधारा का प्रारंभिक केंद्र था राव उम्मेदसिंह के समय बूंदी शैली का सर्वाधिक विकास हुआ।
इस शैली का राव उम्मेदसिंह द्वारा जंगली सूअर का शिकार करते हुए एक चित्र प्रसिद्ध है जिसका निर्माण 1750 ई में हुआ। इस शैली में शिकार के चित्र हरे रंग में बनाये गये है।
प्रमुख चित्र – पशु-पक्षी के चित्र, फल-फूलों के चित्र, रागमाला (सर्वाधिक प्रमुख चित्र), दरबार, घुड़दौड़, हाथियों की लड़ाई, बसंत रागिनी, बारहमासा, वासुकसज्जा नायिका।
पुरुष आकृति – पतला शरीर, बड़ी मूछें, झुकी पगड़ी।
स्त्री आकृति -आम के पत्तों जैसी आँखे, लाल चुनरी, लम्बी बाहें।
बूंदी शाली में लाल व पीले रंगों का प्रयोग सर्वाधिक किया गया है।
इस शैली में प्रमुखत: खजूर के वृक्ष को चित्रित किया गया है।
वर्षा में नाचता हुआ मोर राजस्थान की विशेषता है तथा यह क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध है।
बूंदी शैली मुख्यतः मेवाड़ शैली से प्रभावित थी।
प्रमुख चित्रकार – राजा रामसिंह, राव गोपीनाथ, छत्रसाल और बिशनसिंह आदि ने बूंदी शैली को विशेष प्रोत्साहन दिया
बूंदी शैली में मुख्यतः बत्तख, हिरण व शेर जैसे पशुओं को चित्रित किया गया है।
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राव उम्मेदसिंह बूंदी शैली राजस्थान की विचारधारा का प्रारंभिक केंद्र था राव उम्मेदसिंह के समय बूंदी शैली का सर्वाधिक विकास हुआ।
इस शैली का राव उम्मेदसिंह द्वारा जंगली सूअर का शिकार करते हुए एक चित्र प्रसिद्ध है जिसका निर्माण 1750 ई में हुआ। इस शैली में शिकार के चित्र हरे रंग में बनाये गये है।
प्रमुख चित्र – पशु-पक्षी के चित्र, फल-फूलों के चित्र, रागमाला (सर्वाधिक प्रमुख चित्र), दरबार, घुड़दौड़, हाथियों की लड़ाई, बसंत रागिनी, बारहमासा, वासुकसज्जा नायिका।
पुरुष आकृति – पतला शरीर, बड़ी मूछें, झुकी पगड़ी।
स्त्री आकृति -आम के पत्तों जैसी आँखे, लाल चुनरी, लम्बी बाहें।
बूंदी शाली में लाल व पीले रंगों का प्रयोग सर्वाधिक किया गया है।
इस शैली में प्रमुखत: खजूर के वृक्ष को चित्रित किया गया है।
वर्षा में नाचता हुआ मोर राजस्थान की विशेषता है तथा यह क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध है।
बूंदी शैली मुख्यतः मेवाड़ शैली से प्रभावित थी।
प्रमुख चित्रकार – राजा रामसिंह, राव गोपीनाथ, छत्रसाल और बिशनसिंह आदि ने बूंदी शैली को विशेष प्रोत्साहन दिया
बूंदी शैली में मुख्यतः बत्तख, हिरण व शेर जैसे पशुओं को चित्रित किया गया है।
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प्रतापगढ़ के बारे में
राजस्थान का 33वां जिला
निर्माण – 26 जनवरी 2008
समिति – परमेशचन्द्र समिति
5 तहसीलें – प्रतापगढ़, अरनोद, छोटीसादड़ी, धरियावद एवं पीपलखुंट
जाखम बांध जाखम नदी पर 81 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है।
चित्तौड़गढ़ से—प्रतापगढ़, अरनोद, छोटी सादड़ी,
उदयपुर से—धारियावाद तथा
बाँसवाड़ा से- पीपलखूँट तहसीलें ली गई।
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राजस्थान का 33वां जिला
निर्माण – 26 जनवरी 2008
समिति – परमेशचन्द्र समिति
5 तहसीलें – प्रतापगढ़, अरनोद, छोटीसादड़ी, धरियावद एवं पीपलखुंट
जाखम बांध जाखम नदी पर 81 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है।
चित्तौड़गढ़ से—प्रतापगढ़, अरनोद, छोटी सादड़ी,
उदयपुर से—धारियावाद तथा
बाँसवाड़ा से- पीपलखूँट तहसीलें ली गई।
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