✴ नई भर्तियां बहुत जल्द ✴
✴ माध्यमिक शिक्षा बीकानेर द्वारा रिक्त पदों की सूचना मांगी गई है
🔹 2nd ग्रेड अध्यापक भर्ती
🔸 PTI अध्यापक भर्ती
🔹 PTI : 2nd ग्रेड अध्यापक भर्ती
🔸 2nd ग्रेड भर्ती : पुस्तकालयाध्यक्ष
🔹 3rd ग्रेड भर्ती : पुस्तकालयाध्यक्ष
🔸 2nd ग्रेड भर्ती : प्रयोगशाला सहायक
🔹 3rd ग्रेड भर्ती : प्रयोगशाला सहायक
🔸 बेसिक : कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती
🔹 वरिष्ठ : कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती
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राम कृपाल गिरफ्तार
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साहित्यिक स्रोत 📝 🔰
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राजस्थानी साहित्य -- साहित्यकार
1. पृथ्वीराजरासो -- चन्दबरदाई
2. बीसलदेव रांसो -- नरपति नाल्ह
3. हम्मीर रासो -- जोधराज
4. हम्मीर रासो -- शारगंधर
5. संगत रासो -- गिरधर आंसिया
6. बेलिकृष्ण रूकमणीरी -- पृथ्वीराज राठौड़
7. अचलदास खीची री वचनिका -- शिवदास गाडण
8. कान्हड़ दे प्रबन्ध -- पदमनाभ
9. पातल और पीथल -- कन्हैया लाल सेठिया
10. धरती धोरा री -- कन्हैया लाल सेठिया
11. लीलटास -- कन्हैया लाल सेठिया
12. रूठीराणी, चेतावणी रा चूंगठिया -- केसरीसिंह बारहड
13. राजस्थानी कहांवता -- मुरलीधर ब्यास
14. राजस्थानी शब्दकोष -- सीताराम लालस
15. नैणसी री ख्यात -- मुहणौत नैणसी
16. मारवाड रे परगाना री विगत -- मुहणौत नैणसी
🔷 संस्कृत साहित्य
1. पृथ्वीराज विजय -- जयानक (कश्मीरी)
2. हम्मीर महाकाव्य -- नयन चन्द्र सूरी
3. हम्मीर मदमर्दन -- जयसिंह सूरी
4. कुवलयमाला -- उद्योतन सूरी
5. वंश भासकर/छंद मयूख -- सूर्यमल्ल मिश्रण (बूंदी)
6. नृत्यरत्नकोष -- राणा कुंभा
7. भाषा भूषण -- जसवंत सिंह
8. एक लिंग महात्मय -- कान्ह जी ब्यास
9. ललित विग्रराज -- कवि सोमदेव
🔷 फारसी साहित्य
1. चचनामा -- अली अहमद
2. मिम्ता-उल-फुतूह -- अमीर खुसरो
3. खजाइन-उल-फुतूह -- अमीर खुसरों
4. तुजुके बाबरी (तुर्की) बाबरनामा -- बाबर
5. हुमायूनामा -- गुलबदन बेगम
6. अकनामा/आइने अकबरी -- अबुल फजल
7. तुजुके जहांगीरी -- जहांगीर
8. तारीख -ए-राजस्थान -- कालीराम कायस्थ
राजस्थान में प्रमुख गुफाएं 🔰
(अति महत्वपूर्ण 🔻)
▪️गुरु बालीनाथ की गुफा - मसूरिया पहाड़ी (जोधपुर)
▪️संत पीपा की गुफा - टोडारायसिंह ( टोंक), गानरोन
▪️भर्तृहरि की गुफा - पुष्कर ( अजमेर)
▪️हाथी गुफा/चम्पा गुफा - माउंट आबू
▪️कोल्वी/ खोल्वी गुफा - झालावाड़ ( राजस्थान का एलोर)
▪️गुप्तेश्वर महादेव गुफा - उदयपुर (मेवाड़ का अमरनाथ)
▪️मायरा की गुफा (राणा प्रताप का शस्त्रागार) - गोगुंदा (उदयपुर)
▪️रणमुक्तेश्वर महादेव व प्रताप की गुफा - हल्दीघाटी
▪️डडीकर की गुफा - अलवर
▪️होली की बहिन ढूंढ की गुफा - गलता जी ( जयपुर)
▪️झामेश्वर महादेव मंदिर गुफा –उदयपुर
▪️उभैश्वर महादेव गुफा – उदयपुर
▪️तिलकेश्वर महादेव गुफा –उदयपुर
▪️पातालेश्वर गुफा -- उदयपुर
राजस्थान में नागर शैली के उदाहरण-
▪️सोमेश्वर मंदिर- किराडू (बाड़मेर)
▪️अम्बिका मंदिर- जगत (उदयपुर)
▪️दधिमाता मंदिर- गोठ मांगलोद (नागौर)
▪️औसियां के मंदिर- जोधपुर
राजस्थान में द्रविड़ शैली के उदाहरण-
▪️रंगनाथ मंदिर- पुष्कर (अजमेर)
▪️तिरूपति बालाजी का मंदिर-सुजानगढ़ (चुरू)
राजस्थान में पंचायत शैली के उदाहरण-
▪️भंडदेवरा शिव मंदिर- बारां
▪️बूढ़ादीत सूर्य मंदिर- कोटा
▪️जगदीश मंदिर- उदयपुर
▪️बाडोली के शिव मंदिर- बाडोली (रावतभाटा, चित्तौड़)
▪️हरिहर मंदिर औसिया
राजस्थान में भूमिज शैली के अन्य उदाहरण-
▪️उडेश्वर मंदिर- बिजौलिया (भीलवाड़ा)
▪️महानालेश्वर मंदिर- मेनाल (भीलवाड़ा)
▪️भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर ▪️सेवाड़ी जैन मंदिर (पाली) है।
राजस्थान के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल 🔰
1. जवाहर कला केन्द्र-जयपुर
🔷 स्थापना - 1993 ई.
▪️इस संस्था द्वारा सर्वाधिक सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
2. जयपुर कत्थक केन्द्र - जयपुर
▪️स्थापना -1978 ई.
3. रविन्द्र मंच- जयपुर
▪️स्थापना -1963 ई.
4. राजस्थान संगीत संस्थान- जयपुर
▪️स्थापना 1950 ई.
5. पारसी रंग मंच - जयपुर
🔷 स्थापना-1878 ई.
▪️जयपुर के शासक रामसिंह द्वितीय के द्वारा स्थापित है। इसे राम प्रकाश थियेटर भी कहा जाता है।
6. पशिचमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र - उदयपुर
🔷 स्थापना - 1986 ई.
▪️यह केन्द्र बागौर हवेली में संचालित है।
7. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी- जोधपुर
▪️स्थापना 1957
8. राजस्थान साहित्य अकादमी- उदयपुर
▪️स्थापना - जनवरी 1958 ई.।
9. भवानी नाट्यशाला
▪️महाराजा भवानी सिंह द्वारा 1921 ईं. में स्थापित की गई।
10. राजस्थान भाषा साहित्य एवं संस्कृत अकादमी बीकानेर
11. पं झाबर मल शर्मा शोध संस्थान- जयपुर
▪️स्थापना 2000 ई.
12. सदीक खां मागणियार जोक कला एवं अनुसंधान परिषद/ लोकरंग - जयपुर
▪️स्थापना -2002 ई
13. भारतीय लोक कला मण्डल -उदयपुर
🔷 संस्थापक - देवी लाल सांभर
▪️स्थापना - 1952 ई.
14. मारवाड़ नाटक संस्थान/मारवाड़ लोक कला मण्डल -जोधपुर
🔷 संस्थापक-लक्ष्मण दास डांगी
▪️स्थापना- 1897 ई.
15. मरूधर लोक कला मण्डल
🔷 संस्थापक - गणपत लाल डांगी
▪️गणपत लाल डांगी को "गीगले का बापू" कहते है।
16. रूपायन संस्थान:- बौरूदा (जोधपुर)
🔷 स्थापना:- 1960 ई.
▪️संस्थापक - कोमल सिंह कोठारी
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राजस्थानी साहित्य -- साहित्यकार
1. पृथ्वीराजरासो -- चन्दबरदाई
2. बीसलदेव रांसो -- नरपति नाल्ह
3. हम्मीर रासो -- जोधराज
4. हम्मीर रासो -- शारगंधर
5. संगत रासो -- गिरधर आंसिया
6. बेलिकृष्ण रूकमणीरी -- पृथ्वीराज राठौड़
7. अचलदास खीची री वचनिका -- शिवदास गाडण
8. कान्हड़ दे प्रबन्ध -- पदमनाभ
9. पातल और पीथल -- कन्हैया लाल सेठिया
10. धरती धोरा री -- कन्हैया लाल सेठिया
11. लीलटास -- कन्हैया लाल सेठिया
12. रूठीराणी, चेतावणी रा चूंगठिया -- केसरीसिंह बारहड
13. राजस्थानी कहांवता -- मुरलीधर ब्यास
14. राजस्थानी शब्दकोष -- सीताराम लालस
15. नैणसी री ख्यात -- मुहणौत नैणसी
16. मारवाड रे परगाना री विगत -- मुहणौत नैणसी
🔷 संस्कृत साहित्य
1. पृथ्वीराज विजय -- जयानक (कश्मीरी)
2. हम्मीर महाकाव्य -- नयन चन्द्र सूरी
3. हम्मीर मदमर्दन -- जयसिंह सूरी
4. कुवलयमाला -- उद्योतन सूरी
5. वंश भासकर/छंद मयूख -- सूर्यमल्ल मिश्रण (बूंदी)
6. नृत्यरत्नकोष -- राणा कुंभा
7. भाषा भूषण -- जसवंत सिंह
8. एक लिंग महात्मय -- कान्ह जी ब्यास
9. ललित विग्रराज -- कवि सोमदेव
🔷 फारसी साहित्य
1. चचनामा -- अली अहमद
2. मिम्ता-उल-फुतूह -- अमीर खुसरो
3. खजाइन-उल-फुतूह -- अमीर खुसरों
4. तुजुके बाबरी (तुर्की) बाबरनामा -- बाबर
5. हुमायूनामा -- गुलबदन बेगम
6. अकनामा/आइने अकबरी -- अबुल फजल
7. तुजुके जहांगीरी -- जहांगीर
8. तारीख -ए-राजस्थान -- कालीराम कायस्थ
राजस्थान में प्रमुख गुफाएं 🔰
(अति महत्वपूर्ण 🔻)
▪️गुरु बालीनाथ की गुफा - मसूरिया पहाड़ी (जोधपुर)
▪️संत पीपा की गुफा - टोडारायसिंह ( टोंक), गानरोन
▪️भर्तृहरि की गुफा - पुष्कर ( अजमेर)
▪️हाथी गुफा/चम्पा गुफा - माउंट आबू
▪️कोल्वी/ खोल्वी गुफा - झालावाड़ ( राजस्थान का एलोर)
▪️गुप्तेश्वर महादेव गुफा - उदयपुर (मेवाड़ का अमरनाथ)
▪️मायरा की गुफा (राणा प्रताप का शस्त्रागार) - गोगुंदा (उदयपुर)
▪️रणमुक्तेश्वर महादेव व प्रताप की गुफा - हल्दीघाटी
▪️डडीकर की गुफा - अलवर
▪️होली की बहिन ढूंढ की गुफा - गलता जी ( जयपुर)
▪️झामेश्वर महादेव मंदिर गुफा –उदयपुर
▪️उभैश्वर महादेव गुफा – उदयपुर
▪️तिलकेश्वर महादेव गुफा –उदयपुर
▪️पातालेश्वर गुफा -- उदयपुर
राजस्थान में नागर शैली के उदाहरण-
▪️सोमेश्वर मंदिर- किराडू (बाड़मेर)
▪️अम्बिका मंदिर- जगत (उदयपुर)
▪️दधिमाता मंदिर- गोठ मांगलोद (नागौर)
▪️औसियां के मंदिर- जोधपुर
राजस्थान में द्रविड़ शैली के उदाहरण-
▪️रंगनाथ मंदिर- पुष्कर (अजमेर)
▪️तिरूपति बालाजी का मंदिर-सुजानगढ़ (चुरू)
राजस्थान में पंचायत शैली के उदाहरण-
▪️भंडदेवरा शिव मंदिर- बारां
▪️बूढ़ादीत सूर्य मंदिर- कोटा
▪️जगदीश मंदिर- उदयपुर
▪️बाडोली के शिव मंदिर- बाडोली (रावतभाटा, चित्तौड़)
▪️हरिहर मंदिर औसिया
राजस्थान में भूमिज शैली के अन्य उदाहरण-
▪️उडेश्वर मंदिर- बिजौलिया (भीलवाड़ा)
▪️महानालेश्वर मंदिर- मेनाल (भीलवाड़ा)
▪️भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर ▪️सेवाड़ी जैन मंदिर (पाली) है।
राजस्थान के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल 🔰
1. जवाहर कला केन्द्र-जयपुर
🔷 स्थापना - 1993 ई.
▪️इस संस्था द्वारा सर्वाधिक सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
2. जयपुर कत्थक केन्द्र - जयपुर
▪️स्थापना -1978 ई.
3. रविन्द्र मंच- जयपुर
▪️स्थापना -1963 ई.
4. राजस्थान संगीत संस्थान- जयपुर
▪️स्थापना 1950 ई.
5. पारसी रंग मंच - जयपुर
🔷 स्थापना-1878 ई.
▪️जयपुर के शासक रामसिंह द्वितीय के द्वारा स्थापित है। इसे राम प्रकाश थियेटर भी कहा जाता है।
6. पशिचमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र - उदयपुर
🔷 स्थापना - 1986 ई.
▪️यह केन्द्र बागौर हवेली में संचालित है।
7. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी- जोधपुर
▪️स्थापना 1957
8. राजस्थान साहित्य अकादमी- उदयपुर
▪️स्थापना - जनवरी 1958 ई.।
9. भवानी नाट्यशाला
▪️महाराजा भवानी सिंह द्वारा 1921 ईं. में स्थापित की गई।
10. राजस्थान भाषा साहित्य एवं संस्कृत अकादमी बीकानेर
11. पं झाबर मल शर्मा शोध संस्थान- जयपुर
▪️स्थापना 2000 ई.
12. सदीक खां मागणियार जोक कला एवं अनुसंधान परिषद/ लोकरंग - जयपुर
▪️स्थापना -2002 ई
13. भारतीय लोक कला मण्डल -उदयपुर
🔷 संस्थापक - देवी लाल सांभर
▪️स्थापना - 1952 ई.
14. मारवाड़ नाटक संस्थान/मारवाड़ लोक कला मण्डल -जोधपुर
🔷 संस्थापक-लक्ष्मण दास डांगी
▪️स्थापना- 1897 ई.
15. मरूधर लोक कला मण्डल
🔷 संस्थापक - गणपत लाल डांगी
▪️गणपत लाल डांगी को "गीगले का बापू" कहते है।
16. रूपायन संस्थान:- बौरूदा (जोधपुर)
🔷 स्थापना:- 1960 ई.
▪️संस्थापक - कोमल सिंह कोठारी
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राजस्थान के प्रमुख साके 🔰
1. रणथंभौर का साका
यह सन् 1301 में अलाउद्दीन खिलजी के ऐतिहासिक आक्रमण के समय हुआ था। इसमें हम्मीर देव चौहान विश्वासघात के परिणामस्वरूप वीरगति को प्राप्त हुआ तथा उसकी पत्नी रंगादेवी ने जौहर किया था। इसे राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का प्रथम साका माना जाता है।
2. चित्तौड़गढ़ के साके
चित्तौड़ में सर्वाधिक तीन साकेहुए हैं।
◆प्रथम साका- यह सन् 1303 में राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी पद्मनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆द्वितीय साका- यह 1534 ईस्वी में राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय हुआ था। इसमेंरानी कर्मवती के नेतृत्व में स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆तृतीय साका- यह 1567 में राणा उदयसिंह के शासनकाल में अकबर के आक्रमण के समय हुआ था जिसमें जयमल और पत्ता के नेतृत्व में चित्तौड़ की सेना ने मुगल सेना का जमकर मुकाबला किया और स्त्रियों ने जौहर किया था।
3. जालौर का साका
कान्हड़देव के शासनकाल में 1311 – 12 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
4. गागरोण के किले के साके
◆प्रथम साका- 1423 ईस्वी में अचलदास खींची के शासन काल में माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण केसमय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह सन् 1444 में माण्डू के सुल्तान महमूद खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
5. जैसलमेर के ढाई साके
जैसलमेर में कुल ढाई साके होना माना जाता है। इसके तीसरे साके में वीरों ने केसरिया तो किया था किन्तु जौहर नहीं हुआ इस कारण इसको अर्ध साका कहा जाता है।
◆प्रथम साका- यह अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह फिरोजशाह तुगलक के आक्रमण के समय हुआ।
◆तृतीय साका (अर्ध साका)- यह लूणकरण के शासन काल में कंधार के शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ था।
1. रणथंभौर का साका
यह सन् 1301 में अलाउद्दीन खिलजी के ऐतिहासिक आक्रमण के समय हुआ था। इसमें हम्मीर देव चौहान विश्वासघात के परिणामस्वरूप वीरगति को प्राप्त हुआ तथा उसकी पत्नी रंगादेवी ने जौहर किया था। इसे राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का प्रथम साका माना जाता है।
2. चित्तौड़गढ़ के साके
चित्तौड़ में सर्वाधिक तीन साकेहुए हैं।
◆प्रथम साका- यह सन् 1303 में राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी पद्मनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆द्वितीय साका- यह 1534 ईस्वी में राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय हुआ था। इसमेंरानी कर्मवती के नेतृत्व में स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆तृतीय साका- यह 1567 में राणा उदयसिंह के शासनकाल में अकबर के आक्रमण के समय हुआ था जिसमें जयमल और पत्ता के नेतृत्व में चित्तौड़ की सेना ने मुगल सेना का जमकर मुकाबला किया और स्त्रियों ने जौहर किया था।
3. जालौर का साका
कान्हड़देव के शासनकाल में 1311 – 12 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
4. गागरोण के किले के साके
◆प्रथम साका- 1423 ईस्वी में अचलदास खींची के शासन काल में माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण केसमय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह सन् 1444 में माण्डू के सुल्तान महमूद खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
5. जैसलमेर के ढाई साके
जैसलमेर में कुल ढाई साके होना माना जाता है। इसके तीसरे साके में वीरों ने केसरिया तो किया था किन्तु जौहर नहीं हुआ इस कारण इसको अर्ध साका कहा जाता है।
◆प्रथम साका- यह अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह फिरोजशाह तुगलक के आक्रमण के समय हुआ।
◆तृतीय साका (अर्ध साका)- यह लूणकरण के शासन काल में कंधार के शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ था।
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