✅ थार विशेष (अति महत्वपूर्ण)🔰
🟥 थार का घड़ा - चंदन नलकूप
🟧 थार का लाल- स्वरूप खां मांगणियार
🟨 थार की कला - उस्ता कला
🟩 थार का कल्पवृक्ष- खेजड़ी
🟦 थार होटल- बाड़मेर
🟪 थार महोत्सव- बाड़मेर
⬛️ थार की गंगा- लूणी
⬜️ थार की बाई- गवरी बाई
🟫 थार की वैष्णो- तनोट माता
⬜️ थार की गायिका- मांड
🟪 थार/रेगिस्तान का जल महल- बाटाडू कुआं
🟥 थार का सागवान - रोहिड़ा
🟧 थार का चीता - गोडावण
🟨 थार का लता - रूक्मा देवी
BY:- ANSHU CHOUDHARY
🟥 थार का घड़ा - चंदन नलकूप
🟧 थार का लाल- स्वरूप खां मांगणियार
🟨 थार की कला - उस्ता कला
🟩 थार का कल्पवृक्ष- खेजड़ी
🟦 थार होटल- बाड़मेर
🟪 थार महोत्सव- बाड़मेर
⬛️ थार की गंगा- लूणी
⬜️ थार की बाई- गवरी बाई
🟫 थार की वैष्णो- तनोट माता
⬜️ थार की गायिका- मांड
🟪 थार/रेगिस्तान का जल महल- बाटाडू कुआं
🟥 थार का सागवान - रोहिड़ा
🟧 थार का चीता - गोडावण
🟨 थार का लता - रूक्मा देवी
BY:- ANSHU CHOUDHARY
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राजस्थान के प्रमुख साके
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1. रणथंभौर का साका
यह सन् 1301 में अलाउद्दीन खिलजी के ऐतिहासिक आक्रमण के समय हुआ था। इसमें हम्मीर देव चौहान विश्वासघात के परिणामस्वरूप वीरगति को प्राप्त हुआ तथा उसकी पत्नी रंगादेवी ने जौहर किया था। इसे राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का प्रथम साका माना जाता है।
2. चित्तौड़गढ़ के साके
चित्तौड़ में सर्वाधिक तीन साके हुए हैं।
◆प्रथम साका- यह सन् 1303 में राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी पद्मनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆द्वितीय साका- यह 1535 ईस्वी में राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय हुआ था। इसमेंरानी कर्मवती के नेतृत्व में स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆तृतीय साका- यह 1568 में राणा उदयसिंह के शासनकाल में अकबर के आक्रमण के समय हुआ था जिसमें जयमल और पत्ता के नेतृत्व में चित्तौड़ की सेना ने मुगल सेना का जमकर मुकाबला किया और स्त्रियों ने जौहर किया था।
3. जालौर का साका
कान्हड़देव के शासनकाल में 1311 – 12 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
4. गागरोण के किले के साके
◆प्रथम साका- 1423 ईस्वी में अचलदास खींची के शासन काल में माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण केसमय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह सन् 1444 में माण्डू के सुल्तान महमूद खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
5. जैसलमेर के ढाई साके
जैसलमेर में कुल ढाई साके होना माना जाता है। इसके तीसरे साके में वीरों ने केसरिया तो किया था किन्तु जौहर नहीं हुआ इस कारण इसको अर्ध साका कहा जाता है।
◆प्रथम साका- यह अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह फिरोजशाह तुगलक के आक्रमण के समय हुआ।
◆तृतीय साका (अर्ध साका)- यह लूणकरण के शासन काल में कंधार के शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ था।
By:- ANSHU CHOUDHARY
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1. रणथंभौर का साका
यह सन् 1301 में अलाउद्दीन खिलजी के ऐतिहासिक आक्रमण के समय हुआ था। इसमें हम्मीर देव चौहान विश्वासघात के परिणामस्वरूप वीरगति को प्राप्त हुआ तथा उसकी पत्नी रंगादेवी ने जौहर किया था। इसे राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का प्रथम साका माना जाता है।
2. चित्तौड़गढ़ के साके
चित्तौड़ में सर्वाधिक तीन साके हुए हैं।
◆प्रथम साका- यह सन् 1303 में राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी पद्मनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆द्वितीय साका- यह 1535 ईस्वी में राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय हुआ था। इसमेंरानी कर्मवती के नेतृत्व में स्त्रियों ने जौहर किया था।
◆तृतीय साका- यह 1568 में राणा उदयसिंह के शासनकाल में अकबर के आक्रमण के समय हुआ था जिसमें जयमल और पत्ता के नेतृत्व में चित्तौड़ की सेना ने मुगल सेना का जमकर मुकाबला किया और स्त्रियों ने जौहर किया था।
3. जालौर का साका
कान्हड़देव के शासनकाल में 1311 – 12 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
4. गागरोण के किले के साके
◆प्रथम साका- 1423 ईस्वी में अचलदास खींची के शासन काल में माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण केसमय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह सन् 1444 में माण्डू के सुल्तान महमूद खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
5. जैसलमेर के ढाई साके
जैसलमेर में कुल ढाई साके होना माना जाता है। इसके तीसरे साके में वीरों ने केसरिया तो किया था किन्तु जौहर नहीं हुआ इस कारण इसको अर्ध साका कहा जाता है।
◆प्रथम साका- यह अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ था।
◆द्वितीय साका- यह फिरोजशाह तुगलक के आक्रमण के समय हुआ।
◆तृतीय साका (अर्ध साका)- यह लूणकरण के शासन काल में कंधार के शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ था।
By:- ANSHU CHOUDHARY
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☀️राजीव गांधी शहरी ओलंपिक खेल मैं शामिल खेलों को याद रखने का देसी तरीका 👉👉 BAF Ko TV ki जरूरत है
B----- बास्केटबॉल
A ------ एथलेटिक्स
F----- फुटबॉल
Ko---- खो खो
T------ टेनिस बॉल किकेट
V-----. वोलीवोल
Ki---- कबड्डी
☀️राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में शामिल खेल को याद रखने का देसी तरीका 👉👉
TV SKH KO ........ देना है
T------- टेनिस बॉल क्रिकेट
V ------वॉलीबॉल
S-------शूटिंग बॉल
K-------कबड्डी
H------ हॉकी
KO----- खो खो
✍️✍️✍️✍️
By:- ANSHU CHOUDHARY
B----- बास्केटबॉल
A ------ एथलेटिक्स
F----- फुटबॉल
Ko---- खो खो
T------ टेनिस बॉल किकेट
V-----. वोलीवोल
Ki---- कबड्डी
☀️राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में शामिल खेल को याद रखने का देसी तरीका 👉👉
TV SKH KO ........ देना है
T------- टेनिस बॉल क्रिकेट
V ------वॉलीबॉल
S-------शूटिंग बॉल
K-------कबड्डी
H------ हॉकी
KO----- खो खो
✍️✍️✍️✍️
By:- ANSHU CHOUDHARY
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📜Top 5 Revision Fact📜
1. मरू विकास कार्यक्रम 1977-78
2. मेवात क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1986-87
3. मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 2005-06
4. अरावली विकास कार्यक्रम 1974-75
5. डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1994-95
1. मरू विकास कार्यक्रम 1977-78
2. मेवात क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1986-87
3. मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 2005-06
4. अरावली विकास कार्यक्रम 1974-75
5. डांग क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1994-95
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किसान आंदोलन और संबंधित व्यक्ति
1. बिजोलिया किसान आंदोलन
साधु सीतारामदास, प्रेमचंद भील, फतह करण चारण, ब्रह्मदेव, विजय सिंह पथिक, माणिक्य लाल वर्मा, जमनालाल बजाज
2. बेंगू किसान आंदोलन -
रूपा जी और कृपा जी धाकड़, विजय सिंह पथिक व रामनारायण चौधरी
3. बूंदी किसान आंदोलन
पंडित नैनू राम शर्मा, रामनारायण चौधरी, हरि भाई किंकर, भंवरलाल सुनार, नारायण सिंह, नानक जी भील, देव लाल गुर्जर
4. सीकर किसान आंदोलन
हरलाल सिंह, नेतराम सिंह, पृथ्वी सिंह गोठड़ा
5. भरतपुर किसान आंदोलन - भौजी लंबरदार
6. मेव किसान आंदोलन - मोहम्मद हादि, चौधरी यासीन खान
7. उदरासर किसान आंदोलन - जीवन चौधरी
8. दुधवाखारा किसान आंदोलन - हनुमान सिंह
9. करौली किसान आंदोलन - कुंवर मदन सिंह (1927)
BY:- ANSHU CHOUDHARY
1. बिजोलिया किसान आंदोलन
साधु सीतारामदास, प्रेमचंद भील, फतह करण चारण, ब्रह्मदेव, विजय सिंह पथिक, माणिक्य लाल वर्मा, जमनालाल बजाज
2. बेंगू किसान आंदोलन -
रूपा जी और कृपा जी धाकड़, विजय सिंह पथिक व रामनारायण चौधरी
3. बूंदी किसान आंदोलन
पंडित नैनू राम शर्मा, रामनारायण चौधरी, हरि भाई किंकर, भंवरलाल सुनार, नारायण सिंह, नानक जी भील, देव लाल गुर्जर
4. सीकर किसान आंदोलन
हरलाल सिंह, नेतराम सिंह, पृथ्वी सिंह गोठड़ा
5. भरतपुर किसान आंदोलन - भौजी लंबरदार
6. मेव किसान आंदोलन - मोहम्मद हादि, चौधरी यासीन खान
7. उदरासर किसान आंदोलन - जीवन चौधरी
8. दुधवाखारा किसान आंदोलन - हनुमान सिंह
9. करौली किसान आंदोलन - कुंवर मदन सिंह (1927)
BY:- ANSHU CHOUDHARY
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बागोर सभ्यता
✍️ यह स्थल भीलवाड़ा जिले में कोठरी नदी के तट पर स्थित हैं।
✍️ इस सभ्यता का उत्खनन 1967 से 1969 के मध्य वीरेंद्र नाथ मिश्र के द्वारा किया गया।
✍️ इस मध्यपाषाण कालीन स्थल से पशुपालन के प्राचीनतम प्रमाण मिले हैं।
✍️ बागोर सभ्यता में 14 प्रकार की कृषि किए जाने के अवशेष मिले हैं।
✍️ बागोर सभ्यता को 'आदिम जाति का संग्रहालय' कहा गया है।
✍️ यहाँ पर उत्खनन का कार्य महासतियों के टिले पर किया गया है।
✍️ बागौर सभ्यता में तीन स्तरों के अवशेष प्राप्त हुए है |
✍️ यहाँ से मध्य पाषाण काल के पाँच मानव कंकाल मिले हैं, जो सुनियोजित ढंग से दफ़नाए गये थे।
By:- ANSHU CHOUDHARY
✍️ यह स्थल भीलवाड़ा जिले में कोठरी नदी के तट पर स्थित हैं।
✍️ इस सभ्यता का उत्खनन 1967 से 1969 के मध्य वीरेंद्र नाथ मिश्र के द्वारा किया गया।
✍️ इस मध्यपाषाण कालीन स्थल से पशुपालन के प्राचीनतम प्रमाण मिले हैं।
✍️ बागोर सभ्यता में 14 प्रकार की कृषि किए जाने के अवशेष मिले हैं।
✍️ बागोर सभ्यता को 'आदिम जाति का संग्रहालय' कहा गया है।
✍️ यहाँ पर उत्खनन का कार्य महासतियों के टिले पर किया गया है।
✍️ बागौर सभ्यता में तीन स्तरों के अवशेष प्राप्त हुए है |
✍️ यहाँ से मध्य पाषाण काल के पाँच मानव कंकाल मिले हैं, जो सुनियोजित ढंग से दफ़नाए गये थे।
By:- ANSHU CHOUDHARY
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राजस्थान के प्रमुख भौगोलिक संकेतक (GI Tag ) 🔰
(Special RAS LDC , REET EXAM)🔻
1.बगरू प्रिंट ( हस्तशिल्प) जयपुर
2. बीकानेर भूजिया (खाद्य वस्तु) बीकानेर
3. ब्लू पाॅटरी ( हस्तशिल्प) जयपुर
4. ब्लू पाॅटरी ( लोगो) ( हस्तशिल्प) जयपुर
5. कठपुतली ( हस्तशिल्प) राजस्थान
6. कठपुतली (लोगो) ( हस्तशिल्प) राजस्थान
7. कोटा डोरिया ( हस्तशिल्प) कोटा
8. कोटा डोरिया (लोगो) ( हस्तशिल्प) कोटा
9. मकराना संगमरमर ( प्राकृतिक वस्तु) मकराना नागौर
10. मोलेला मिट्टी कार्य ( हस्तशिल्प) मोलेला नाथद्वारा, राजसमंद
11. मोलेला मिट्टी कार्य (लोगो) ( हस्तशिल्प) मोलेला नाथद्वारा राजसमंद
12. फुलकारी ( हस्तशिल्प) राजस्थान, पंजाब , हरियाणा
13. सांगानेरी प्रिंट ( हस्तशिल्प) जयपुर
14. थेवा कला ( हस्तशिल्प) प्रतापगढ़
15. पोकरण पाॅटरी ( हस्तशिल्प) पोकरण जैसलमेर (2018)
16. सोजत मेहंदी (मेहंदी) 2021 सोजत पाली
(Special RAS LDC , REET EXAM)🔻
1.बगरू प्रिंट ( हस्तशिल्प) जयपुर
2. बीकानेर भूजिया (खाद्य वस्तु) बीकानेर
3. ब्लू पाॅटरी ( हस्तशिल्प) जयपुर
4. ब्लू पाॅटरी ( लोगो) ( हस्तशिल्प) जयपुर
5. कठपुतली ( हस्तशिल्प) राजस्थान
6. कठपुतली (लोगो) ( हस्तशिल्प) राजस्थान
7. कोटा डोरिया ( हस्तशिल्प) कोटा
8. कोटा डोरिया (लोगो) ( हस्तशिल्प) कोटा
9. मकराना संगमरमर ( प्राकृतिक वस्तु) मकराना नागौर
10. मोलेला मिट्टी कार्य ( हस्तशिल्प) मोलेला नाथद्वारा, राजसमंद
11. मोलेला मिट्टी कार्य (लोगो) ( हस्तशिल्प) मोलेला नाथद्वारा राजसमंद
12. फुलकारी ( हस्तशिल्प) राजस्थान, पंजाब , हरियाणा
13. सांगानेरी प्रिंट ( हस्तशिल्प) जयपुर
14. थेवा कला ( हस्तशिल्प) प्रतापगढ़
15. पोकरण पाॅटरी ( हस्तशिल्प) पोकरण जैसलमेर (2018)
16. सोजत मेहंदी (मेहंदी) 2021 सोजत पाली
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👳कौनसी पगड़ी किस अवसर/ऋतु पर/में पहनी जाती है ?
• मोठड़े की पगड़ी - विवाह उत्सव
• लहरिया- श्रावण में
• मदील- दशहरा
• फूल-पत्ती की छपाई वाली पगड़ी- होली पर
💁कुछ बदलते मौसम के अनुसार भी-
• बसंत में गुलाबी
• ग्रीष्म में फूल गुलाबी तथा बहरिया
• वर्षा में मलयागिरी
• शरद में गुल-ए-अनार
• हेमंत- मोळिया
• शिशिर- केसरिया
• दो-तीन बार रिलेट करके पढ़ोगे तो याद हो जाऐगी😊👍
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📝ऐसी ही सारगर्भित जानकारी के लिए जुड़ सकते हो ⬇️
BY:- ANSHU CHOUDHARY
• मोठड़े की पगड़ी - विवाह उत्सव
• लहरिया- श्रावण में
• मदील- दशहरा
• फूल-पत्ती की छपाई वाली पगड़ी- होली पर
💁कुछ बदलते मौसम के अनुसार भी-
• बसंत में गुलाबी
• ग्रीष्म में फूल गुलाबी तथा बहरिया
• वर्षा में मलयागिरी
• शरद में गुल-ए-अनार
• हेमंत- मोळिया
• शिशिर- केसरिया
• दो-तीन बार रिलेट करके पढ़ोगे तो याद हो जाऐगी😊👍
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BY:- ANSHU CHOUDHARY
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🧶🧺 'राजसखी' ब्रांड देश में पहचान बनाएगा
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका( राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) व Amazon के मध्य समझौता हुआ है।( 26 अगस्त 2022)
• 15000 से अधिक महिला उद्यमियों के स्वर सहायता समूह द्वारा हाथ से तैयार उत्पाद पूरे देश में अमेजन पर 'राजसखी' ब्रांड नाम से उपलब्ध है।
यह पूरा आर्टिकल पढ़ लेना, प्रश्न छपने की प्रबल संभावना 🙏
BY: ANSHU CHOUDHARY
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका( राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) व Amazon के मध्य समझौता हुआ है।( 26 अगस्त 2022)
• 15000 से अधिक महिला उद्यमियों के स्वर सहायता समूह द्वारा हाथ से तैयार उत्पाद पूरे देश में अमेजन पर 'राजसखी' ब्रांड नाम से उपलब्ध है।
यह पूरा आर्टिकल पढ़ लेना, प्रश्न छपने की प्रबल संभावना 🙏
BY: ANSHU CHOUDHARY
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🕉 पीतलहर मंदिर 🕉
★ यह मंदिर दिलवाड़ा के जैन मंदिर समूह में शामिल एक मंदिर है
★ अहमदाबाद के सुल्तान बेगड़ा के मंत्री भीमशाह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया
★ यह मंदिर प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ जी को समर्पित हैं
★ 108 मन की आदिनाथजी की मूर्ति पीतल की बनी होने के कारण इसे पीतलहर मंदिर भी कहते है
★ यह मूर्ति दो मंत्रियों ‘सुंदर’ और ‘गदा’ की निगरानी में “देव" नामक शिल्पी ने बनाई
और कोई संदेह(🤔) ??
BY: ANSHU CHOUDHARY
★ यह मंदिर दिलवाड़ा के जैन मंदिर समूह में शामिल एक मंदिर है
★ अहमदाबाद के सुल्तान बेगड़ा के मंत्री भीमशाह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया
★ यह मंदिर प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ जी को समर्पित हैं
★ 108 मन की आदिनाथजी की मूर्ति पीतल की बनी होने के कारण इसे पीतलहर मंदिर भी कहते है
★ यह मूर्ति दो मंत्रियों ‘सुंदर’ और ‘गदा’ की निगरानी में “देव" नामक शिल्पी ने बनाई
और कोई संदेह(🤔) ??
BY: ANSHU CHOUDHARY