राजस्थान के प्रमुख खनिज
⬤बैराइट्स ➨ अजमेर, भरतपुर, अलवर, सीकर, बीकानेर
⬤सीसा ➨ उदयपुर
⬤लौह अयस्क ➨ जयपुर
⬤मैगनीज ➨ बाँसवाड़ा, सवाई माधोपुर , अजमेर , उदयपुर
⬤पन्ना ➨ उदयपुर, अजमेर
⬤जस्ता➨ उदयपुर
⬤डोलोमाईट ➨ जयपुर, अलवर,अजमेर
⬤हीरा ➨ चित्तौडगढ
⬤क्वार्टज़ ➨ अजमेर
⬤ग्रेनाईट ➨ जालौर
⬤चीनी मिटटी ➨ सीकर, जालौर, अलवर, सवाई माधोपुर
⬤चूना पत्थर ➨ जोधपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर
⬤जिप्सम ➨ बीकानेर , नागौर , जैसलमेर
⬤चांदी ➨ उदयपुर
⬤संगमरमर ➨ नागौर, अलवर, सीकर, अजमेर, जालौर, सिरोही, उदयपुर, जैसलम, जैसलमेर
⬤तांबा ➨ अलवर, उदयपुर
⬤लिग्नाइट ➨ बीकानेर , जोधपुर
⬤युरेनियम ➨ बांसवाडा, डूंगरपुर
⬤अभ्रक ➨ भीलवाड़ा, उदयपुर
⬤बैराइट्स ➨ अजमेर, भरतपुर, अलवर, सीकर, बीकानेर
⬤सीसा ➨ उदयपुर
⬤लौह अयस्क ➨ जयपुर
⬤मैगनीज ➨ बाँसवाड़ा, सवाई माधोपुर , अजमेर , उदयपुर
⬤पन्ना ➨ उदयपुर, अजमेर
⬤जस्ता➨ उदयपुर
⬤डोलोमाईट ➨ जयपुर, अलवर,अजमेर
⬤हीरा ➨ चित्तौडगढ
⬤क्वार्टज़ ➨ अजमेर
⬤ग्रेनाईट ➨ जालौर
⬤चीनी मिटटी ➨ सीकर, जालौर, अलवर, सवाई माधोपुर
⬤चूना पत्थर ➨ जोधपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर
⬤जिप्सम ➨ बीकानेर , नागौर , जैसलमेर
⬤चांदी ➨ उदयपुर
⬤संगमरमर ➨ नागौर, अलवर, सीकर, अजमेर, जालौर, सिरोही, उदयपुर, जैसलम, जैसलमेर
⬤तांबा ➨ अलवर, उदयपुर
⬤लिग्नाइट ➨ बीकानेर , जोधपुर
⬤युरेनियम ➨ बांसवाडा, डूंगरपुर
⬤अभ्रक ➨ भीलवाड़ा, उदयपुर
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■चौपड़ा ग्रथ -सन्त मावजी
◆सन्त मावजी ने डूंगरपुर के धोला गढ़ स्थान पर रहकर अहमदाबाद से कागज मंगवाकर 5 बड़े -बड़े ग्रँथ लिखे
◆इनमें कुल 72 लाख 96 हजार छंद है
◆इन चोपड़ा ग्रन्थों को केवल दीपावली के दिन दर्शन के लिए रखा जाता है
◆5 भाग-
मेघ सागर
प्रेम सागर
साम सागर
रत्न सागर
अनन्त सागर-मराठा सरदार पेशवा बाजीराव अपने साथ ले गया
ये ग्रँथ वाद विवाद शैली में लिखे गए हैं
◆चौपड़ा झील-पाली
◆चौपड़ा मंदिर-धौलपुर
◆सन्त मावजी ने डूंगरपुर के धोला गढ़ स्थान पर रहकर अहमदाबाद से कागज मंगवाकर 5 बड़े -बड़े ग्रँथ लिखे
◆इनमें कुल 72 लाख 96 हजार छंद है
◆इन चोपड़ा ग्रन्थों को केवल दीपावली के दिन दर्शन के लिए रखा जाता है
◆5 भाग-
मेघ सागर
प्रेम सागर
साम सागर
रत्न सागर
अनन्त सागर-मराठा सरदार पेशवा बाजीराव अपने साथ ले गया
ये ग्रँथ वाद विवाद शैली में लिखे गए हैं
◆चौपड़ा झील-पाली
◆चौपड़ा मंदिर-धौलपुर
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🔻 राजस्थान के जिलों की आकृति 🔻
▪️राजस्थान की आकृति :- विषम कोणिय चतुर्भुज अथवा पतंगाकार
🔻 इसके बारे में सर्वप्रथम बताने वाला विद्वान टी. एच. हेण्डले था
▪️जैसलमेर जिले का आकार :- सात भुजाओं वाले अनियमित बहुभुज के जैसा
▪️जालौर जिले की आकृति :- समुद्र में गोता लगाती मछली(वहेल मछली) के जैसी
▪️उदयपुर जिले की आकृति :- ऑस्ट्रेलिया के जैसी
▪️उदयपुर संभाग की आकृति :- श्रीलंका के समान
▪️चितौड़ जिले की आकृति :- घोडे की नाल के जैसी
▪️चितौड़ के मुख्य भाग की आकृति :- ईल्ली के समान
▪️भीलवाडा की आकृति :- आयताकार
▪️धौलपुर व करौली जिले की आकृति :- बतख के समान
▪️भरतपुर जिले की आकृति :- गिलहरीनुमा
▪️सीकर जिले की आकृति :- अर्द्धचन्दाकार/प्याले नूमा/कटोरे नूमा
▪️हनुमानगढ जिले की आकृति :- कुर्सी/सोफे/अंग्रेजी के L अक्षर के जैसी
▪️जोधपुर की आकृति :- मयूर के समान
▪️राजसमंद जिले की आकृति :- तिलक के समान
▪️अजमेर जिले की आकृति :- त्रिभुजाकार
▪️अजमेर संभाग की आकृति :- जम्मू कश्मीर के समान
▪️टोंक जिले की आकृति :- सम चतुर्भुज अथवा पतंगाकार है जिसके पूर्वी तथा पश्चिमी किनारे अन्दर की ओर धसै हुए
▪️दौसा जिले की आकृति :- धनुषाकार
▪️राजस्थान की आकृति :- विषम कोणिय चतुर्भुज अथवा पतंगाकार
🔻 इसके बारे में सर्वप्रथम बताने वाला विद्वान टी. एच. हेण्डले था
▪️जैसलमेर जिले का आकार :- सात भुजाओं वाले अनियमित बहुभुज के जैसा
▪️जालौर जिले की आकृति :- समुद्र में गोता लगाती मछली(वहेल मछली) के जैसी
▪️उदयपुर जिले की आकृति :- ऑस्ट्रेलिया के जैसी
▪️उदयपुर संभाग की आकृति :- श्रीलंका के समान
▪️चितौड़ जिले की आकृति :- घोडे की नाल के जैसी
▪️चितौड़ के मुख्य भाग की आकृति :- ईल्ली के समान
▪️भीलवाडा की आकृति :- आयताकार
▪️धौलपुर व करौली जिले की आकृति :- बतख के समान
▪️भरतपुर जिले की आकृति :- गिलहरीनुमा
▪️सीकर जिले की आकृति :- अर्द्धचन्दाकार/प्याले नूमा/कटोरे नूमा
▪️हनुमानगढ जिले की आकृति :- कुर्सी/सोफे/अंग्रेजी के L अक्षर के जैसी
▪️जोधपुर की आकृति :- मयूर के समान
▪️राजसमंद जिले की आकृति :- तिलक के समान
▪️अजमेर जिले की आकृति :- त्रिभुजाकार
▪️अजमेर संभाग की आकृति :- जम्मू कश्मीर के समान
▪️टोंक जिले की आकृति :- सम चतुर्भुज अथवा पतंगाकार है जिसके पूर्वी तथा पश्चिमी किनारे अन्दर की ओर धसै हुए
▪️दौसा जिले की आकृति :- धनुषाकार
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🛑वर्तमान में राजस्थान में रोप-वे -
1. सुंधा माता जालोर - लंबाई 800 मी. ( 20 Dec. 2006 )
2. मंशापूर्ण करणीमाता उदयपुर – लंबाई 387 मी. ( 2008 )
3. सावित्री माता पुष्कर – लंबाई 700 मी. ( 2016 )
4. सामोद वीर हनुमान मंदिर चौमू(जयपुर) – 400 मी. ( 25 मई 2019 )
1. सुंधा माता जालोर - लंबाई 800 मी. ( 20 Dec. 2006 )
2. मंशापूर्ण करणीमाता उदयपुर – लंबाई 387 मी. ( 2008 )
3. सावित्री माता पुष्कर – लंबाई 700 मी. ( 2016 )
4. सामोद वीर हनुमान मंदिर चौमू(जयपुर) – 400 मी. ( 25 मई 2019 )
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✨️राजस्थान के प्रमुख प्रथम गाँव
▪️प्रथम ODF+ गांव - जाहोता (जयपुर)
▪️प्रथम सेफ विलेज - बड़कोचर (ब्यावर)
▪️बेहत्तर जल प्रबन्धन - लापोडिया (दूदू,जयपुर )
▪️राष्ट्रीय स्तर पर हेल्दी विलेज - जवानपुरा ( जयपुर )
▪️प्रथम मिनी फूड पार्क - बांदरा (बाड़मेर)
▪️प्रथम मिनी एग्रो पार्क - चैनपुरा ( निवाई , टोंक)
◾️प्रथम सौर पम्म - कापडियावास (जयपुर )
◾️प्रथम सौर पैनल - भालोजी ( जयपुर )
▪️मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में 100% पंजीकृत होने वाली प्रथम पंचायत - नरसाणा (जालोर)
▪️प्रथम सौर ऊर्जाकृत गांव - नयागांव , जयपुर
▪️प्रथम ODF+ गांव - जाहोता (जयपुर)
▪️प्रथम सेफ विलेज - बड़कोचर (ब्यावर)
▪️बेहत्तर जल प्रबन्धन - लापोडिया (दूदू,जयपुर )
▪️राष्ट्रीय स्तर पर हेल्दी विलेज - जवानपुरा ( जयपुर )
▪️प्रथम मिनी फूड पार्क - बांदरा (बाड़मेर)
▪️प्रथम मिनी एग्रो पार्क - चैनपुरा ( निवाई , टोंक)
◾️प्रथम सौर पम्म - कापडियावास (जयपुर )
◾️प्रथम सौर पैनल - भालोजी ( जयपुर )
▪️मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में 100% पंजीकृत होने वाली प्रथम पंचायत - नरसाणा (जालोर)
▪️प्रथम सौर ऊर्जाकृत गांव - नयागांव , जयपुर
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▪ राजस्थान के कुछ महत्वपूर्ण महोत्सव
- ग्रीष्म महोत्सव - माउंट आबू, सिरोही
- थार महोत्सव - बाड़मेर
- डीग महोत्सव - भरतपुर
- मारवाड़ महोत्सव - जोधपुर
- मरु महोत्सव - जैसलमेर
- मत्स्य महोत्सव - अलवर
- हाथी महोत्सव - जयपुर
- ऊंट महोत्सव - बीकानेर
- मीरा महोत्सव - चित्तौड़गढ़
- बैलून महोत्सव - बाड़मेर
- शरद महोत्सव - माउंट आबू, सिरोही
- ग्रीष्म महोत्सव - माउंट आबू, सिरोही
- थार महोत्सव - बाड़मेर
- डीग महोत्सव - भरतपुर
- मारवाड़ महोत्सव - जोधपुर
- मरु महोत्सव - जैसलमेर
- मत्स्य महोत्सव - अलवर
- हाथी महोत्सव - जयपुर
- ऊंट महोत्सव - बीकानेर
- मीरा महोत्सव - चित्तौड़गढ़
- बैलून महोत्सव - बाड़मेर
- शरद महोत्सव - माउंट आबू, सिरोही
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🛫 राजस्थान के प्रमुख हवाई अड्डे 🛩
🔻 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: यह जयपुर से 10 किमी की दूरी पर स्थित है।
1. सांगानेर हवाई अड्डा - जयपुर
2. नल हवाई अड्डा - बीकानेर
3. कोटा हवाई अड्डा - कोटा
4. जैसलमेर हवाई अड्डा - जैसलमेर
5. रातानाडा हवाई अड्डा - जोधपुर
6. डबोक हवाई अड्डा - उदयपुर
📚Share जरूर करें....
🔻 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: यह जयपुर से 10 किमी की दूरी पर स्थित है।
1. सांगानेर हवाई अड्डा - जयपुर
2. नल हवाई अड्डा - बीकानेर
3. कोटा हवाई अड्डा - कोटा
4. जैसलमेर हवाई अड्डा - जैसलमेर
5. रातानाडा हवाई अड्डा - जोधपुर
6. डबोक हवाई अड्डा - उदयपुर
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ओमप्रकाश मिठारवाल
☞इन्हें वर्ष 2022 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ है !
☞ इनका संबंध राजस्थान के सीकर जिले से है!
☞ ओमप्रकाश मिठारवाल का संबंध निशानेबाजी से है!
☞ 2018 में चांगवान में आयोजित विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था!
☞ 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक प्राप्त किया!
करणी सिंह (बीकानेर) :-
☞ करणी सिंह प्रथम अर्जुन पुरस्कार विजेता राजस्थानी थे !
☞ इन्हें 1961 में निशानेबाजी खेल में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ!
✿अर्जुन पुरस्कार: शुरुआत :- 1961
☞ सबसे पुराना खेल पुरस्कार है !!
पुरस्कार राशि - 15 लाख रूपये
☞इन्हें वर्ष 2022 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ है !
☞ इनका संबंध राजस्थान के सीकर जिले से है!
☞ ओमप्रकाश मिठारवाल का संबंध निशानेबाजी से है!
☞ 2018 में चांगवान में आयोजित विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था!
☞ 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक प्राप्त किया!
करणी सिंह (बीकानेर) :-
☞ करणी सिंह प्रथम अर्जुन पुरस्कार विजेता राजस्थानी थे !
☞ इन्हें 1961 में निशानेबाजी खेल में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ!
✿अर्जुन पुरस्कार: शुरुआत :- 1961
☞ सबसे पुराना खेल पुरस्कार है !!
पुरस्कार राशि - 15 लाख रूपये
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🔻 वर्तमान में राजस्थान के 16 कंजर्वेशन रिजर्व की सूची-
(1) बीसलपुर (टोंक ) 2008
(2) जोहड़बीड-गढ़वाल (बीकानेर) - 2008
(3) सुंधामाता(जालौर व सिरोही ) 2008
(4) गुढ़ा विश्नोई (जोधपुर) - 2011
(5) शाकम्भरी (सीकर व झुंझुनू )2012
(6) गोगेलाव(नागौर ) 2012
(7) बीड़ झुंझूनू(झुंझुनू) - 2012
(8) रोटू(नागौर)2012
(9) उम्मेद गंज पक्षी विहार (कोटा)2012
(10) जवाई बांध लेपर्ड (पाली) 2013
(11) बांसियाल-खेतड़ी (झुंझूनू ) 2017
(12) बांसियाल-खेतड़ी-बागोर (झुंझूनू)2018
(13) जवाई बांध लैपर्ड -II (पाली) 2018
(14) मनसा माता ( झुंझुनु )- 2019
(15) शाहबाद के जंगल (बारां (2021)
(16) रणखार (जालौर)- सबसे नवीनतम
🔷 नोट : 25 अप्रैल, 2022 को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 36 के तहत जालौर के चितलवाना क्षेत्र के रणखार (7288.61 हेक्टेयर) को राज्य का 16वाँ कन्जर्वेशन रिजर्व घोषित करने की अधिसूचना जारी की गई है ! 💕🙏
(1) बीसलपुर (टोंक ) 2008
(2) जोहड़बीड-गढ़वाल (बीकानेर) - 2008
(3) सुंधामाता(जालौर व सिरोही ) 2008
(4) गुढ़ा विश्नोई (जोधपुर) - 2011
(5) शाकम्भरी (सीकर व झुंझुनू )2012
(6) गोगेलाव(नागौर ) 2012
(7) बीड़ झुंझूनू(झुंझुनू) - 2012
(8) रोटू(नागौर)2012
(9) उम्मेद गंज पक्षी विहार (कोटा)2012
(10) जवाई बांध लेपर्ड (पाली) 2013
(11) बांसियाल-खेतड़ी (झुंझूनू ) 2017
(12) बांसियाल-खेतड़ी-बागोर (झुंझूनू)2018
(13) जवाई बांध लैपर्ड -II (पाली) 2018
(14) मनसा माता ( झुंझुनु )- 2019
(15) शाहबाद के जंगल (बारां (2021)
(16) रणखार (जालौर)- सबसे नवीनतम
🔷 नोट : 25 अप्रैल, 2022 को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 36 के तहत जालौर के चितलवाना क्षेत्र के रणखार (7288.61 हेक्टेयर) को राज्य का 16वाँ कन्जर्वेशन रिजर्व घोषित करने की अधिसूचना जारी की गई है ! 💕🙏
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राजस्थान के चारण साहित्य के प्रबंध काव्य
काव्य तथा लेखक :
1. वीरभायण : बादर ढाढी
2. अचलदास खींची री वचनिका : गाडन शिवदास
3. राव रिणमल रो रूपक : गाढण पसाइत
4. गुण जोधायण : गाढण पसाइत
5. कान्हड़दे प्रबंध : पद्मनाभ
6. राव हमीरदेव चौपाई : भाउंड व्यास
7. राव जैतसी रो पाछड़ी छन्द : बीठू सूजा
8. रावल माला रो गुण : बारहठ आसा
9. पृथ्वीराज रासो : चंदबरदाई
10. झूलणा महाराज रायसिंघजी रा : सांदू माला
काव्य तथा लेखक :
1. वीरभायण : बादर ढाढी
2. अचलदास खींची री वचनिका : गाडन शिवदास
3. राव रिणमल रो रूपक : गाढण पसाइत
4. गुण जोधायण : गाढण पसाइत
5. कान्हड़दे प्रबंध : पद्मनाभ
6. राव हमीरदेव चौपाई : भाउंड व्यास
7. राव जैतसी रो पाछड़ी छन्द : बीठू सूजा
8. रावल माला रो गुण : बारहठ आसा
9. पृथ्वीराज रासो : चंदबरदाई
10. झूलणा महाराज रायसिंघजी रा : सांदू माला
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🔻 मानगढ़ नरसंहार : 1500 आदिवासियों की मौत
▪️17 नवम्बर 1913 के दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर गोविंद गुरु का जन्म दिन मनाने के लिए आदिवासी भक्तों की टोलियां मानगढ़ धाम के पहाड़ पर जुटी थी।
▪️इसी दिन खेरवाड़ा से ब्रिटिश बटालियन और गुजरात के दाहोद से अंग्रेजी सेना को बुलाया गया था।
▪️अंग्रेजों ने मानगढ़ धाम की सड़क के पार समांतर पहाड़ पर खच्चरों से मशीन गन और तोप पहुंचाए थे।
▪️मेजर हैमिल्टन और उनके तीन अफसरों ने हथियारबंद फौज के साथ मानगढ़ पहाड़ी को तीन ओर से घेर लिया था।
▪️खेरवाड़ा से आई अंग्रेजी सेना ने रात में पूरा सफर तय कर पहाड़ियों पर हथियार जमा दिए थे।
▪️अगली सुबह अंग्रेजी फौज के कर्नल शटन का आदेश मिलते ही सेना ने गोलीबारी करना शुरू कर दिया।
▪️आदिवासियों पर तोप और तत्कालीन मशीन गनों से हमला बोल दिया गया।
▪️इस हमले में 1500 आदिवासियों की मौत हो गई थी।
▪️17 नवम्बर 1913 के दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर गोविंद गुरु का जन्म दिन मनाने के लिए आदिवासी भक्तों की टोलियां मानगढ़ धाम के पहाड़ पर जुटी थी।
▪️इसी दिन खेरवाड़ा से ब्रिटिश बटालियन और गुजरात के दाहोद से अंग्रेजी सेना को बुलाया गया था।
▪️अंग्रेजों ने मानगढ़ धाम की सड़क के पार समांतर पहाड़ पर खच्चरों से मशीन गन और तोप पहुंचाए थे।
▪️मेजर हैमिल्टन और उनके तीन अफसरों ने हथियारबंद फौज के साथ मानगढ़ पहाड़ी को तीन ओर से घेर लिया था।
▪️खेरवाड़ा से आई अंग्रेजी सेना ने रात में पूरा सफर तय कर पहाड़ियों पर हथियार जमा दिए थे।
▪️अगली सुबह अंग्रेजी फौज के कर्नल शटन का आदेश मिलते ही सेना ने गोलीबारी करना शुरू कर दिया।
▪️आदिवासियों पर तोप और तत्कालीन मशीन गनों से हमला बोल दिया गया।
▪️इस हमले में 1500 आदिवासियों की मौत हो गई थी।
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क्या आप जानते है ...... 🔲
✍✍ राजस्थान में स्थापित व प्रस्तावित सबसे बड़े सोलर पार्क -
1. भड़ला सोलर पार्क (जोधपुर) 2245MW
2. फतेहगढ़ पार्क, जैसलमेर (अडानी ग्रुप)- 1500 MW
3. पुंगल ,बीकानेर (कोल इंडिया) - 1190 MW
4. नोख सोलर पार्क (जैसलमेर) - 925MW
5. फलोदी- पोकरण सोलर पार्क-750MW
✍✍ राजस्थान में स्थापित व प्रस्तावित सबसे बड़े सोलर पार्क -
1. भड़ला सोलर पार्क (जोधपुर) 2245MW
2. फतेहगढ़ पार्क, जैसलमेर (अडानी ग्रुप)- 1500 MW
3. पुंगल ,बीकानेर (कोल इंडिया) - 1190 MW
4. नोख सोलर पार्क (जैसलमेर) - 925MW
5. फलोदी- पोकरण सोलर पार्क-750MW
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🔵 'संगीत नाटक अकादमी' (जोधपुर) द्वारा सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं गायिका इला अरुण को "फैलोशिप सम्मान" देने की घोषणा।
🔵 राष्ट्रीय स्वच्छता विद्यालय पुरस्कार 2021-22
• राज. के दो स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
1. स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, पनवाड़ा, टोंक
2. राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर, भीलवाड़ा
• राज. के दो स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
1. स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, पनवाड़ा, टोंक
2. राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर, भीलवाड़ा
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