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Forwarded from PROFESSORS ADDA
Q. जब एक छात्र एक ही परीक्षा में दो बार बैठता है, तो उसे कहा जाता है:
Anonymous Quiz
12%
(a) पोस्ट परीक्षण (post-test)
15%
(b) पूर्व परीक्षण। (pre-test)
67%
(c) परीक्षण पुन परीक्षण (test-retest)
6%
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Forwarded from PROFESSORS ADDA
👌2
Which of the following are not the barrier of effective communication
Anonymous Poll
16%
Linguistics
24%
Emotion
24%
Noise
37%
Focused learning
👍2
Forwarded from Tauseef Alig
Collection of data from questionnaires, observation and interview come under whih category?
Anonymous Poll
51%
Primary
32%
Secondary
13%
Tertiary
4%
None of the above
👍31
Forwarded from Tauseef Alig
If someone copies someone else article or plagarises other people's work as own without his/ her permission is known as
Anonymous Poll
14%
Ethical
68%
Unethical
11%
Error
8%
Dishonesty
👍2
Sarkari Yojana (Govt. Schemes)

▪️National Sports Talent Search Scheme (NSTSS)
◾️Ministry of Youth Affairs & Sports
◼️February 20, 2015

▪️Pandit Deendayal Upadhyay Shramev Jayate Yojana (PDUSJY)  

◾️Ministry of Labour and Employment
◼️October 16, 2014

▪️Make in India (MI)
◾️Ministry of Commerce and Industry
◼️September 25, 2014

▪️Pradhan Mantri Jan Aushadhi Yojana (PMJAY)
◾️Department of Pharmaceuticals
◼️2008

▪️National Bal Swachhta (NBS)          
◾️Ministry of Women and Child Development
◼️November 10, 2014

▪️Namami Gange (NG)
◾️Ministry of Water Resources
◼️July 10, 2014

▪️Swachh Bharat Abhiyan (SBA)     
◾️Ministry of Housing and Urban Affairs
◼️October 2, 2014

▪️PM-Kisan Samman Nidhi Yojana
◾️Ministry of Agriculture and Farmers Welfare
◼️24th February 2019

▪️Pradhan Mantri Kisan Maan-Dhan Yojana (PM-KMY)
◾️Ministry of Agriculture & Farmers’ Welfare
◼️12th September 2019

▪️Pradhan Mantri Shram Yogi Maan Dhan (PM-SYM)
◾️Ministry of Labour and Employment
◼️15th February 2019

▪️Swachh Bharat Abhiyan            
◾️Government of India
◾️September 25, 2019

▪️Saansad Adarsh Gram Yojana (SAGY)
◾️ Government of India
◼️11th October 2014

▪️Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY)
◾️Ministry of Finance
◼️April 2015

▪️UJALA Scheme
◾️Government of India
◼️1st May 2015

▪️Pradhan Mantri Awas Yojana
◾️Ministry of Housing and Urban Affairs
◼️17 June 2015

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सभी से अनुरोध है कि शेयर की गई पोस्ट में से नोट्स बनाने की कोशिश करे। इससे आपके पास एग्जाम के दिन रिवीजन नोट्स रहेंगे।

प्रो माधव सावले
नेट सेट पीएचडी
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इंटरनेट का क्रमिक विकास............
______________________________________

1969 ई.: अमेरिकी रक्षा विभाग के एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (APRA) ने सं. रा. अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग करके इंटरनेट 'अप्रानेट' (APRANET) की शुरुआत की। इसका विकास, शोध, शिक्षा और सरकारी संस्थाओं के लिए किया गया था। इसका एक अन्य उद्देश्य था आपात स्थिति में जबकि संपर्क के सभी साधन निष्क्रिय हो चुके हों, आपस में सम्पर्क स्थापित किया जा सके। 1971 तक एपीआरए नेट लगभग 2 दर्जन कम्प्यूटरों को जोड़ चुका था।

1972 ई.: इलेक्ट्रॉनिक मेल अथवा ई-मेल की शुरुआत।

1973 ई.: ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल/ इंटरनेट प्रोटोकॉल (टीसीपी/आईपी) को डिजाइन किया गया। 1983 तक आते-आते यह इंटरनेट पर दो कम्प्यूटरों के बीच संचार का माध्यम बन गया। इसमें से एक प्रोटोकॉल, एफ टी पी (फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल) की सहायता से इंटरनेट प्रयोगकर्ता किसी भी कम्प्यूटर से जुड़कर फाइलें डाउनलोड कर सकता है।

1983 ई.: अप्रानेट के मिलेट्री हिस्से को मिलनेट (MILNET) में डाल दिया गया।

1986 ई.: यू. एस. नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) ने एनएसएफनेट (NSFNET) लाँच किया। यह पहला बड़े पैमाने का नेटवर्क था, जिसमें इंटरनेट तकनीक का प्रयोग किया गया था।

1988 ई.: फिनलैंड के जाक्र्को ओकेरीनेने ने इंटरनेट चैटिंग का विकास किया।

1989 ई.: मैकगिल यूनीवर्सिटी, माँट्रियाल के पीटर ड्यूश ने प्रथम बार इंटरनेट का इंडेक्स (अनुक्रमणिका) बनाने का प्रयास किया। थिंकिंग मशीन कार्पोरेशन के ब्रिऊस्टर कहले ने एक अन्य इंडेक्सिंग सिक्सड, डब्ल्यू ए आई एस (वाइड एरिया इंफॉर्मेशन सर्वर) का विकास किया। सीईआरएन (यूरोपियन लेबोरेटरी फॉर पाटकल फिजिक्स) के बर्नर्स-ली ने इंटरनेट पर सूचना के वितरण की एक नई तकनीक का विकास किया, जिसे अंतत: वल्र्ड वाइड वेब कहा गया। यह वेब हाइपरटेक्स्ट पर आधारित है, जो कि किसी इंटरनेट प्रयोगकर्ता को इंटरनेट की विभिन्न साइट्स पर एक डाक्यूमेंट को दूसरे से जोड़ता है। यह कार्य हाइपरलिंक (विशेष रूप से प्रोग्राम किए गए शब्दों, बटन अथवा ग्राफिक्स) के माध्यम से होता है।

1991 ई.: प्रथम यूज़र फ्रेंडली इंटरफेस, गोफर का मिन्नेसोटा यूनिवर्सिटी (सं.रा. अमेरिका) में विकास। तब से गोफर सर्वाधिक विख्यात इंटरफेस बना हुआ है; एनएसएफनेट को कॉमॢशयल ट्रैफिक के लिए खोला गया।

1993 ई.: 'नेशनल सेंटर ऑफ सुपरकम्प्यूटिंग एप्लीकेशंसÓ के मार्क एंड्रीसन ने मोजेइक नामक नेवीगेटिंग सिस्टम का विकास किया। इस सॉफ्टवेयर के द्वारा इंटरनेट को मैगज़ीन फॉर्मेट में पेश किया जाने लगा। इस सॉफ्टवेयर से टेक्स्ट और ग्राफिक्स इंटरनेट पर उपलब्ध हो गए। आज भी यह वल्र्ड वाइड वेब के लिए मुख्य नेवीगेटिंग सिस्टम है।

1994 ई.: नेटस्केप कम्युनिकेशन और 1995 में माइक्रोसॉफ्ट ने अपने-अपने ब्राउज़र बाजार में उतारे। इन ब्राउज़रों से प्रयोगकर्ताओं के लिए इंटरनेट का प्रयोग अत्यन्त आसान हो गया।

1995 ई.: प्रारंभिक व्यावसायिक साइट्स को इंटरनेट पर लाँच किया गया। ई-मेल के द्वारा मास मार्केटिंग कैम्पेन चलाए जाने लगे।

1996 ई.: 1996 तक आते आते दुनिया भर में इंटरनेट को काफी लोकप्रियता हासिल हो गई। इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं की संख्या 4.5 करोड़ पहुँची।

1999 ई.: ई-कॉमर्स की अवधारणा अत्यन्त तेजी से फैली, जिससे इंटरनेट के द्वारा खरीद-फरोख्त लोकप्रिय हो गई।

2003 ई.: न्यूजीलैण्ड में 'नियूइ' (NIUE) ने इंटरनेट में देशव्यापी 'वायरलेस एक्सेस' प्रणाली का प्रयोग आरंभ किया (इसमें ङ्खद्ब-स्नद्ब तकनीक का प्रयोग किया जाता है)।


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कम्प्यूटर का परिचय......
_____________________________________

कम्प्यूटर एक डाटा प्रोसेसिंग उपकरण होता है जो पढ़ व लिख सकता है, गणना और तुलना कर सकता है, डाटा की भारी मात्रा को उच्च गति, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ स्टोर व प्रोसेस कर सकता है।

यह दिए हुए निर्देशों पर कार्य करता है।
एक बार डाटा और निर्देशों का समुच्चय इसकी मेमोरी में फीड कर दिया जाता है तो यह निर्देशों का अनुपालन करता है, डाटा पर निर्देशानुसार कार्य करता है और परिणाम देता है।

इसकी कार्यप्रणाली स्वचालित होती है।
यह इलेक्ट्रॉनिक अवयवों का प्रयोग करता है; ट्रांजिस्टर, रेजिस्टर, डायोड और सर्किट।

इनपुट (Input) :::::: डाटा को इकठ्ठा करके कम्प्यूटर में डाला जाता है। इसे इनपुट प्रोसेस कहते हैं।

भंडारण (Storage) ::::::::: जो भी डाटा कम्प्यूटर के अंदर पहुँचता है वह उसकी मेमोरी में स्टोर हो जाता है जिसे कम्प्यूटर की फिजि़कल मेमोरी (Physical Memory) कहते हैं। फिजि़कल मेमोरी की एक सहायक मेमोरी ऑक्ज़ीलरी मेमोरी (auxilary memory) भी होती है।

प्रोसेसिंग (Processing) :::::: कम्प्यूटर की फिजि़कल मेमोरी में स्टोर डाटा पर इच्छित परिणाम पाने के लिए कार्य किया जाता है, जिसे प्रोसेसिंग कहते हैं। परिणाम फिर से फिजि़कल मेमोरी में स्टोर हो जाते हैं।

आउटपुट (output) :::::: फिजि़कल मेमोरी से स्टोर डाटा को निकालने की प्रक्रिया को आउटपुट कहते हैं।

कम्प्यूटर का आर्किटेक्चर (Architecture Of Computer) किसी भी पारम्परिक कम्प्यूटर के निम्नलिखित अवयव होते हैं ::::::::::

इनपुट उपकरण (Input device) :::::::::

इस उपकरण का उपयोग मनुष्य से मशीन के बीच सँचार के लिए किया जाता है। जिस डाटा की कम्प्यूटर में प्रोसेसिंग की जानी है उसे इसी उपकरण के द्वारा डाला जाता है, उदाहरणस्वरूप की-बोर्ड, ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर, मार्क रीडर, मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रीडर।

आउटपुट उपकरण (Output Device) ::::

इस उपकरण का प्रयोग मशीन से मनुष्य के बीच संचार के लिए किया जाता है। प्रोसेस्ड परिणामों को इन उपकरणों के द्वारा कम्प्यूटर प्रणाली से निकाला जाता है, उदाहरणस्वरूप, वीडियो डिस्प्ले यूनिट, प्रिंटर्स, प्लॉटर्स इत्यादि।


सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU)
(Central Processing Unit) :::::::::::

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कम्प्यूटर के सभी ऑपरेशनों का समन्वय एवँ संगठन करके सम्पूर्ण प्रणाली को नियंत्रित करती है। यह की-बोर्ड जैसे विभिन्न इनपुट उपकरणों द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करती है और प्रिंटर जैसे विभिन्न पैरीफेरल उपकरणों के लिए आउटपुट का इंतजाम करती है। यह प्राइमरी स्टोरेज में स्टोर निर्देशों को लाने के लिए जिम्मेदार होती है, उनकी व्याख्या करती है और उन सभी हार्डवेयर यूनिटों को निर्देश जारी करती है जो उन निर्देशों पर कार्य करने के लिए उत्तरदायी होते हैं।

ए एल यू (ALU) :::::::::

यह उपकरण कम्प्यूटर की सभी गणितीय और तार्किक ऑपरेशनों को करने के लिए जिम्मेवार होता है। गणितीय ऑपरेशनों का प्रयोग सँख्याओं की तुलना और 'लेस दैन' ( Less Than), 'इक्वल टू' (Equal to) और 'ग्रेटर देन' (Greater than) इत्यादि निरूपित करने में किया जाता है। ए एल यू टेक्स्ट व सँख्याओं दोनों को ही सँभाल सकता है। कभी-कभी कम्प्यूटर में गणितीय को- प्रोसेसर लगा होता है जो कि दूसरा माइक्रोप्रोसेसर होता है जो गणितीय कार्य के लिए ही होता है। को-प्रोसेसर का मुख्य लाभ गणना की बढ़ी हुई गति होती है।

मेमोरी यूनिट (Memory unit) ::::::::

इसका प्रयोग डाटा और प्रोग्राम को स्टोर करने के लिए किया जाता है। सम्पूर्ण मेमोरी को दो भागों में बाँटा जाता है। एक भाग में भारी सँख्या में लेबल्ड बॉक्स होते हैं- इसका अर्थ है एक बॉक्स प्रति डाटा आइटम। दूसरा भाग विधि-विशेष (Algorithm) को स्टोर करता है। मेमोरी के बॉक्स में स्थित डेटम (Datum) को बॉक्स के नाम अथवा लेबल से निर्दिष्टï करने पर प्राप्त किया जा सकता है। जब किसी डेटम का प्रयोग बॉक्स से किया जाता है तो ऐसे में डेटम की एक कॉपी का ही प्रयोग किया जाता है, वास्तविक डेटम नष्टï नहीं होता है। जब किसी डेटम को मेमोरी में लिखते हैं तो यह एक विशेष बॉक्स में स्टोर हो जाता है और बॉक्स की पुरानी विषयवस्तु नष्ट हो जाती है।

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