कुतुबमीनार का निर्माण चिशती संत कुतुबुदीन बख्तियार काकी जी स्मृति में कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा करवाया गया था इसकी तीसरा मंजिल-इल्तुतमिश पूर्ण
पांचवी मंजिल-फिरोजशाह तुगलक ने बनवाई
सिकंदर लोदी के द्वारा भी इसकी मरम्मत करवाई गई थी क्योंकि भूकंप के समय यह कुछ क्षतिग्रस्त हो गई थी
यहां इस तथ्य को उल्लेखित करना प्रासंगिक होगा कि कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा अजमेर में अडाई दिन के झोपड़े का निर्माण भी करवाया गया था इससे पहले यहां विग्रहराज चतुर्थ द्वारा निर्मित सरस्वती कंठाभरण नामक संस्कृत विद्यालय संचालित होता था
पांचवी मंजिल-फिरोजशाह तुगलक ने बनवाई
सिकंदर लोदी के द्वारा भी इसकी मरम्मत करवाई गई थी क्योंकि भूकंप के समय यह कुछ क्षतिग्रस्त हो गई थी
यहां इस तथ्य को उल्लेखित करना प्रासंगिक होगा कि कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा अजमेर में अडाई दिन के झोपड़े का निर्माण भी करवाया गया था इससे पहले यहां विग्रहराज चतुर्थ द्वारा निर्मित सरस्वती कंठाभरण नामक संस्कृत विद्यालय संचालित होता था