कल,राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET) में शामिल होने वाले सभी साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं। 🎯🔥👍💯
आपकी मेहनत, दृढ़इच्छा शक्ति और तैयारी आपको सफलता की ओर ले जाए।
शांत मन से परीक्षा दें, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और स्वयं पर अटूट विश्वास रखें। 💪📚
आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगल शुभकामनाएं।
परीक्षा दिनांक - 13 सितंबर, 2026
आपकी मेहनत, दृढ़इच्छा शक्ति और तैयारी आपको सफलता की ओर ले जाए।
शांत मन से परीक्षा दें, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और स्वयं पर अटूट विश्वास रखें। 💪📚
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परीक्षा दिनांक - 13 सितंबर, 2026
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बस एक दिन और......
इसी सप्ताह से फ़िर से पुराने अंदाज में नयी क्लासेस क़े साथ.... Back to Work🎗
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🇮🇳 14 सितंबर | हिंदी दिवस
हिंदी दिवस का इतिहास-
हिंदी का विकास संस्कृत → प्राकृत → अपभ्रंश → हिंदी के क्रम में माना जाता है। मध्यकाल में हिंदी की विभिन्न बोलियों—जैसे ब्रज, अवधी, मैथिली, भोजपुरी, राजस्थानी आदि—ने इसके साहित्यिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आधुनिक हिंदी के विकास में खड़ी बोली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगे चलकर देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी आधुनिक भारत में व्यापक रूप से स्थापित हुई।
🇮🇳 स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में हिंदी को जनसंपर्क और राष्ट्रव्यापी संवाद की भाषा के रूप में भी महत्वपूर्ण स्थान मिला।
🏛️ 14 सितंबर 1949 — ऐतिहासिक दिन
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। आपकी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य,,,,,,
🔹 हिंदी दिवस — 14 सितंबर
🔹 हिंदी को संघ की राजभाषा स्वीकार किया गया — 14 सितंबर 1949
🔹 संबंधित अनुच्छेद — अनुच्छेद 343
🔹 हिंदी की लिपि — देवनागरी
🔹 संघ की राजभाषा — हिंदी
🔹 राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान — भाग 17
🔹 विश्व हिंदी दिवस — 10 जनवरी
🔹 अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस — 21 फरवरी
🌸 हिंदी हमारी अभिव्यक्ति ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण पहचान है।
🇮🇳 हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
हिंदी दिवस का इतिहास-
हिंदी का विकास संस्कृत → प्राकृत → अपभ्रंश → हिंदी के क्रम में माना जाता है। मध्यकाल में हिंदी की विभिन्न बोलियों—जैसे ब्रज, अवधी, मैथिली, भोजपुरी, राजस्थानी आदि—ने इसके साहित्यिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आधुनिक हिंदी के विकास में खड़ी बोली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगे चलकर देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी आधुनिक भारत में व्यापक रूप से स्थापित हुई।
🇮🇳 स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में हिंदी को जनसंपर्क और राष्ट्रव्यापी संवाद की भाषा के रूप में भी महत्वपूर्ण स्थान मिला।
🏛️ 14 सितंबर 1949 — ऐतिहासिक दिन
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। आपकी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य,,,,,,
🔹 हिंदी दिवस — 14 सितंबर
🔹 हिंदी को संघ की राजभाषा स्वीकार किया गया — 14 सितंबर 1949
🔹 संबंधित अनुच्छेद — अनुच्छेद 343
🔹 हिंदी की लिपि — देवनागरी
🔹 संघ की राजभाषा — हिंदी
🔹 राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान — भाग 17
🔹 विश्व हिंदी दिवस — 10 जनवरी
🔹 अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस — 21 फरवरी
🌸 हिंदी हमारी अभिव्यक्ति ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण पहचान है।
🇮🇳 हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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