Mahatma Gandhi Institute for Civil Services(MGICS)
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An Innovative Institute For IAS/IPS/MPPSC/ACF/Ranger/MPSI/SSC & Other Competitive Exam With Test Series.
One to One Guidance By Toppers & MPPSC Expert.

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सोलर ऊर्जा शक्ति अपार,
प्रदुषण मुक्त हो ये संसार

अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों का उपयोग कर आज देश ऊर्जा के क्षेत्र में विकास के नए आयाम बना है।

#AkshayUrjaDivas #IndianAkshayUrjaDay
#MGICS #
आधुनिक भारत के शिल्पकार, संचार क्रांति के जनक, देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व.राजीव गांधी जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।

देश के विकास , प्रगति , उन्नति में किया गया उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय है।

#RajivGandhi #RemembringRajivGandhi
#प्रख्यात_शहनाई_वादक एवं #भारत_रत्न से सम्मानित #उस्ताद_बिस्मिल्लाह_खाँ की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि। #Bismillah #MGICS
https://fb.watch/7wqRi2mjxX/

भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम, असीम स्नेह और विश्वास के प्रतीक 'रक्षाबंधन' के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
राखी का यह पर्व भारतीय संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों, कर्तव्य, आत्मीयता, सद्भाव और सामाजिक संबधों की प्रगाढ़ता के महत्त्व को रेखांकित करता है।
आइए, सब मिलकर कोरोना की इस वैश्विक महामारी के खिलाफ सभी को रक्षासूत्र में बांधने का संकल्प फिर दोहराएं।

#RakshaBandhan #रक्षाबंधन
देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीद राजगुरु जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
#Rajguru #MGICS
ऐतिहासिक!

देश में आज 1 करोड़ से अधिक टीके लगाए गए।

#COVID19 पर जीत की ओर बड़ रहा है भारत।

देश की जागरूक जनता एवं अथक परिश्रम कर रहे हमारे स्वास्थ्यकर्मियों का इस उपलब्धि के लिए हार्दिक अभिनंदन।

#vaccinated_today #vaccinatedandhappy #staysafe #MGICS
#मध्यप्रदेश_खेल_पुरस्कारों की घोषणा

#2020खेल-पुरस्कार के लिए नामों का ऐलान, स्पोर्ट डायरेक्टर पवन जैन ने किया ऐलान

#ओलंपिक_एशियन_गेम और #राष्ट्रीय_खेलों में शामिल होने वाले
11 खिलाड़ियों को मिलेगा व्यक्तिगत खेल पुरस्कार
#11_खिलाड़ियों को व्यक्तिगत खेल के लिए #एकलव्य_पुरस्कार

#अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दलीय खेल के लिए #साधना_सेंगर को #हॉकी मे #एकलव्य_पुरस्कार

#पावर_लिफ्टिंग में #ध्रुवराज_कुर्रे को #एकलव्य_पुरस्कार

#विक्रम_पुरस्कार

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उम्दा प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत रूप से #6_खिलाड़ियों को #विक्रम_पुरस्कार

#विवेक_सागर_प्रसाद को #हॉकी के लिए दलिए स्तर पर #विक्रम_पुरस्कार का ऐलान, #बास्केटबॉल में #हर्षवर्धन_तोमर को #विक्रम_अवार्ड

उज्जैन की #पूजा_मालवीय को #मलखंब में #विक्रम_पुरस्कार

#दिव्यांग_श्रेणी में ग्वालियर की #प्राची_यादव को #पैराकेनो में #विक्रम_पुरस्कार

ग्वालियर के #वीरेंद्र_डबास को पैरा #क्याकिंग_कैनोइंग में #विश्वामित्र_पुरस्कार
जबलपुर की #रिचपाल_सिंह_सलारिया #तीरंदाजी में #विश्वामित्र_पुरस्कार

भोपाल के डॉक्टर #हबीब_हसन को #हॉकी में #विश्वामित्र_पुरस्कार

उज्जैन के की वैष्णवी का हार को #मलखंब में स्वर्गीय #प्रभाष_जोशी_खेल_पुरस्कार

#टेबल_टेनिस_संघ के पूर्व अध्यक्ष #अभय_छजलानी को #लाइफटाइम_अचीवमेंट_पुरस्कार
#Paralympics में सिल्वर मैडल जीतकर #भाविनाबेन_पटेल ने संपूर्ण भारतवर्ष को गौरवांवित किया है,
हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं!

#BhavinaPatel #paralympicgames
#हॉकी_के_जादूगर श्री #मेजर_ध्यानचंद जी की जयंती पर नमन एवं #राष्ट्रीय_खेल_दिवस की शुभकामनाएं..🙏💐

#MajorDhyanChand
#NationalSportsDay
#BirthAnniversary
यह बात उन दिनों की है, जब बर्लिन ओलिंपिक में हॉकी का फाइनल मैच भारत और जर्मनी के बीच 14 अगस्त 1936 को खेला जाना था। लगातार बारिश की वजह से मैच अगले दिन 15 अगस्त को खेला गया। 40 हजार दर्शकों के बीच उस दिन जर्मन तानाशाह हिटलर भी मौजूद थे। हाफ टाइम तक भारत 1 गोल से आगे था। गीली मिट्टी की वजह से मेजर ध्यानचंद ने अपने जूते उतारे और खाली पैर हॉकी खेलने लगे। हिटलर के सामने उन्होंने कई गोल करके ओलिंपिक में जर्मनी को हराया और भारतीय हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीत लिया। उन्होंने जर्मनी को बुरी तरह परास्त किया। भारत ने फाइनल मुकाबले में जर्मनी को 8-1 से मात दी।
मैदान पर नंगे पैर दौड़ते ध्यानचंद का प्रदर्शन देखकर हिटलर भी उनके फैन हो गये। वह ध्यानचंद के खेल से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें जर्मनी की ओर से खेलने के बदले में अपनी सेना में उच्च पद देने का प्रस्ताव दे डाला। ध्यानचंद ने बड़ी विनम्रता के साथ हिटलर का प्रस्ताव यह कहते हुए ठुकरा दिया कि भारत उनका देश है, जिसे वह जान से ज्यादा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ही मेरा वतन है और मैं वहीं के लिए आजीवन हॉकी खेलता रहूंगा। वह ध्यानचंद का आखिरी ओलिंपिक था।
ध्यानचंद ने 1928 एम्सटर्ड ओलिंपिक, 1932 लॉस एंजेल्स ओलिंपिक और 1936 बर्लिन ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। तीनों ही बार भारत ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता। एम्सटर्ड और एंजेल्स ओलंपिक में ध्यानचंद टीम के सदस्य खिलाड़ी के तौर पर शामिल थे। जबकि बर्लिन ओलिंपिक में उन्होंने कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व किया और गोल्ड मेडल जीता। ध्यानचंद के इस दमदार प्रदर्शन के चलते उस दौर को भारतीय हॉकी जगत का सुनहरा दौर कहा जाता था। आज हॉकी के जादूगर की जन्मतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

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