महान व्यक्तित्व ,राष्ट्र गौरव कलाम को सलाम…
भावभीनी श्रद्धाँजली।
“सपने वे नहीं होते, जो आपको रात में सोते समय नींद में आए बल्कि सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।”
ऐसी बुलंद सोच रखने वाले भारत के #पूर्व_राष्ट्रपति '#मिसाइलमैन' #अवुल_पकिर_जैनुलाअबदीन_अब्दुल_कलाम (एपीजे अब्दुल कलाम) #भारतीय_मिसाइल_प्रोग्राम के जनक कहे जाते हैं।
भावभीनी श्रद्धाँजली।
“सपने वे नहीं होते, जो आपको रात में सोते समय नींद में आए बल्कि सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।”
ऐसी बुलंद सोच रखने वाले भारत के #पूर्व_राष्ट्रपति '#मिसाइलमैन' #अवुल_पकिर_जैनुलाअबदीन_अब्दुल_कलाम (एपीजे अब्दुल कलाम) #भारतीय_मिसाइल_प्रोग्राम के जनक कहे जाते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 2010 में आज ही के दिन रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बाघ संरक्षण को लेकर एक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। लोगों को जागरूक करने के लिए #InternationalTigerDay मनाया जाता है।
#मूल_निवासी / #आदिवासी_दिवस
#23_दिसम्बर_1994 को इस बात की घोषणा संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा द्वारा किया गया की हर वर्ष 9 अगस्त को मूल निवासी / स्थानीय निवासी दिवस / आदिवासी दिवस मनाया जाएगा। 9 अगस्त के ही दिन 1982 को पहली बैठक मूलनिवासी / आदिवासियों पर आयोजित की गई थी। #मूलनिवासी_के_बारे_आगे #यूएनओ कहता है कि
"मूल निवासी /आदिवासी प्राचीन विरासत , अद्वितीय संस्कृतियों और लोग और पर्यावरण से संबंध के जुड़ाव के वाहक हैं। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक विशेषताओं को बरकरार रखा है जो उन्हें प्रमुख/ बहुसंख्यक समाजों से अलग करता है , जिनमें वे रहते हैं। अपने सांस्कृतिक भिन्नताओं के बावजूद, दुनिया भर के मूलनिवासी /आदिवशियो से संबंधित समस्याए समान है ."
#वर्ष_2019_का_थीम_यूएनओ द्वारा #_Indigenous_Languages" थी
आइये अपनी भाषाओं को बचाते है। कुछ नया करते है। #MGICS
#23_दिसम्बर_1994 को इस बात की घोषणा संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा द्वारा किया गया की हर वर्ष 9 अगस्त को मूल निवासी / स्थानीय निवासी दिवस / आदिवासी दिवस मनाया जाएगा। 9 अगस्त के ही दिन 1982 को पहली बैठक मूलनिवासी / आदिवासियों पर आयोजित की गई थी। #मूलनिवासी_के_बारे_आगे #यूएनओ कहता है कि
"मूल निवासी /आदिवासी प्राचीन विरासत , अद्वितीय संस्कृतियों और लोग और पर्यावरण से संबंध के जुड़ाव के वाहक हैं। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक विशेषताओं को बरकरार रखा है जो उन्हें प्रमुख/ बहुसंख्यक समाजों से अलग करता है , जिनमें वे रहते हैं। अपने सांस्कृतिक भिन्नताओं के बावजूद, दुनिया भर के मूलनिवासी /आदिवशियो से संबंधित समस्याए समान है ."
#वर्ष_2019_का_थीम_यूएनओ द्वारा #_Indigenous_Languages" थी
आइये अपनी भाषाओं को बचाते है। कुछ नया करते है। #MGICS
अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध जन-जागृति लाने वाली स्वतंत्रता संग्राम की सुप्रसिद्ध 'अगस्त क्रांति' के स्मरण दिवस पर माँ भारती की सेवा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी अमर सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि 🙏
#AugustKrantiDiwas
#AugustKranti
#AugustKrantiDiwas
#AugustKranti
The Quit India Movement also known as India August Movement or Bharat Chodo Andolan was launched at the Bombay session of the All India Congress Committee (AICC) by Mahatma Gandhi on August 8, 1942.
The protest was initiated to demand an end to the British rule in India. Since the movement was held in August it is also known as August Kranti or August Movement.
The movement was started on August 9, 1942, and since then the day is celebrated as August Kranti Day/Diwas.
#AugustKranti
The protest was initiated to demand an end to the British rule in India. Since the movement was held in August it is also known as August Kranti or August Movement.
The movement was started on August 9, 1942, and since then the day is celebrated as August Kranti Day/Diwas.
#AugustKranti