*💁♂️👉‘e-RUPI’*📚
*🖲️Best way of Learning*
💫2 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वाउचर पर आधारित एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम ‘e-RUPI’ लांच किया जाएगा। यह देश की अपनी डिजिटल करेंसी के रूप में भारत का पहला कदम होगा।
💫ई-रूपी एक नकदरहित यानी कैशलेस और डिजिटल भुगतान प्रणाली माध्यम है जो एसएमएस स्ट्रिंग या एक क्यूआर कोड के रूप में लाभार्थी को प्राप्त होगा। आसान शब्दों में आपको बताएं तो यह एक गिफ्ट वाउचर की तरह होगा, जिसे बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड या मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे कुछ चुनिंदा केंद्रों पर जहां यह स्वीकार्य होगा रिडीम कराया जा सकेगा अर्थात इसकी मदद से क्रय–विक्रय किया जा सकेगा।
💫इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने यूपीआई प्लेटफार्म पर बनाया है और इसे NPCI, वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रुप से लांच किया गया है। यह सिस्टम पर्सन-स्पेशिफिक और पर्पज स्पेशिफिक होगा। e-RUPI के जरिए बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के सेवा प्रदाताओं को लाभार्थियों के साथ कनेक्ट कराया जा सकेगा। सभी बैंक ई-रूपी जारी करने वाले एंटिटी होंगे यानी यह सभी बैंकों द्वारा जारी किया जा सकेगा। किसी भी कॉरपोरेट या सरकारी एजेंसी को व्यक्ति विशेष और किस उद्देश्य के साथ भुगतान किया जाना है, इसे लेकर सहयोगी सरकारी या निजी बैंक से संपर्क करना होगा। लाभार्थी की पहचान मोबाइल नंबर के जरिए होगी और सेवा प्रदाता को बैंक एक वाउचर आवंटित करेगा जो किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर होगा और यह केवल उसी व्यक्ति को डिलीवर होगा।
💫सरकार के मुताबिक ई-रूपी के जरिए कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी में भ्रष्टाचार कम होगा। तमाम तरह के सब्सिडी में होने वाले लीकेज पर भी अंकुश लगेगा। सरकार के मुताबिक निजी सेक्टर भी अपने एंप्लाई वेलफेयर व कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी कार्यक्रमों के अंतर्गत इन डिजिटल वाउचर्स का उपयोग कर सकती है।
*🖲️Best way of Learning*
💫2 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वाउचर पर आधारित एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम ‘e-RUPI’ लांच किया जाएगा। यह देश की अपनी डिजिटल करेंसी के रूप में भारत का पहला कदम होगा।
💫ई-रूपी एक नकदरहित यानी कैशलेस और डिजिटल भुगतान प्रणाली माध्यम है जो एसएमएस स्ट्रिंग या एक क्यूआर कोड के रूप में लाभार्थी को प्राप्त होगा। आसान शब्दों में आपको बताएं तो यह एक गिफ्ट वाउचर की तरह होगा, जिसे बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड या मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे कुछ चुनिंदा केंद्रों पर जहां यह स्वीकार्य होगा रिडीम कराया जा सकेगा अर्थात इसकी मदद से क्रय–विक्रय किया जा सकेगा।
💫इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने यूपीआई प्लेटफार्म पर बनाया है और इसे NPCI, वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रुप से लांच किया गया है। यह सिस्टम पर्सन-स्पेशिफिक और पर्पज स्पेशिफिक होगा। e-RUPI के जरिए बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के सेवा प्रदाताओं को लाभार्थियों के साथ कनेक्ट कराया जा सकेगा। सभी बैंक ई-रूपी जारी करने वाले एंटिटी होंगे यानी यह सभी बैंकों द्वारा जारी किया जा सकेगा। किसी भी कॉरपोरेट या सरकारी एजेंसी को व्यक्ति विशेष और किस उद्देश्य के साथ भुगतान किया जाना है, इसे लेकर सहयोगी सरकारी या निजी बैंक से संपर्क करना होगा। लाभार्थी की पहचान मोबाइल नंबर के जरिए होगी और सेवा प्रदाता को बैंक एक वाउचर आवंटित करेगा जो किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर होगा और यह केवल उसी व्यक्ति को डिलीवर होगा।
💫सरकार के मुताबिक ई-रूपी के जरिए कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी में भ्रष्टाचार कम होगा। तमाम तरह के सब्सिडी में होने वाले लीकेज पर भी अंकुश लगेगा। सरकार के मुताबिक निजी सेक्टर भी अपने एंप्लाई वेलफेयर व कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी कार्यक्रमों के अंतर्गत इन डिजिटल वाउचर्स का उपयोग कर सकती है।
Olympic medalist Indian women
2000: Karnam Malleshwari: Weightlifting
2012: Saina Nehwal: Badminton
2012: Mary Com: Boxing
2016: PV Sindhu: Badminton
2016: Sakshi Malik: Wrestling
2020: Mirabai Chanu: Weightlifting
2020: PV Sindhu: Badminton
2020: Lovelina Borgohen: Boxing
2000: Karnam Malleshwari: Weightlifting
2012: Saina Nehwal: Badminton
2012: Mary Com: Boxing
2016: PV Sindhu: Badminton
2016: Sakshi Malik: Wrestling
2020: Mirabai Chanu: Weightlifting
2020: PV Sindhu: Badminton
2020: Lovelina Borgohen: Boxing