आने वाले समय में अग्निवीर स्कीम देश के लिए बहुत घातक साबित होगी ,, कृपया सरकार को इस पर जरूर विचार विमर्श करना चाहिए ❤️🖤
❤95👍19👌5🍾3
🤔27❤11👍7👌1😘1
कृषि क्रांतियां 👌 रट लो अक्सर एग्जाम में आते हैं :)
हरित क्रांति -- खाद्यान्न उत्पादन
श्वेत क्रांति -- दुग्ध उत्पादन
नीली क्रांति -- मत्स्य उत्पादन
भूरी क्रांति -- उर्वरक उत्पादन
रजत क्रांति -- अंडा उत्पादन
पीली क्रांति -- तिलहन उत्पादन
कृष्ण क्रांति -- बायोडीजल उत्पादन
लाल क्रांति -- टमाटर/मांस उत्पादन
गुलाबी क्रांति -- झींगा मछली उत्पादन
बादामी क्रांति -- मासाला उत्पादन
सुनहरी क्रांति -- फल उत्पादन
अमृत क्रांति -- नदी जोड़ो परियोजनाएं
जानकारी अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें :)
Join @jobalert143
हरित क्रांति -- खाद्यान्न उत्पादन
श्वेत क्रांति -- दुग्ध उत्पादन
नीली क्रांति -- मत्स्य उत्पादन
भूरी क्रांति -- उर्वरक उत्पादन
रजत क्रांति -- अंडा उत्पादन
पीली क्रांति -- तिलहन उत्पादन
कृष्ण क्रांति -- बायोडीजल उत्पादन
लाल क्रांति -- टमाटर/मांस उत्पादन
गुलाबी क्रांति -- झींगा मछली उत्पादन
बादामी क्रांति -- मासाला उत्पादन
सुनहरी क्रांति -- फल उत्पादन
अमृत क्रांति -- नदी जोड़ो परियोजनाएं
जानकारी अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें :)
Join @jobalert143
🙏17👍12🤔2
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
►-1885 ई.
2. बंग-भंग आंदोलन(स्वदेशी आंदोलन)
►-1905 ई.
3. मुस्लिम लीग की स्थापना
►-1906 ई.
4.कांग्रेस का बंटवारा
►-1907 ई.
5. होमरूल आंदोलन
1916 ई.
6. लखनऊ पैक्ट
►-दिसंबर 1916 ई.
7. मांटेग्यू घोषणा
►-20 अगस्त 1917 ई.
8. रौलेट एक्ट
►-19 मार्च 1919 ई.
9. जालियांवाला बाग हत्याकांड
►-13 अप्रैल 1919 ई.
10. खिलाफत आंदोलन
►-1919 ई.
11. हंटर कमिटी की रिपोर्ट प्रकाशित
►-18 मई 1920 ई.
12. कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन
►-दिसंबर 1920 ई.
13. असहयोग आंदोलन की शुरुआत
►-1 अगस्त 1920 ई.
14. चौरी-चौरा कांड
►-5 फरवरी 1922 ई.
15. स्वराज्य पार्टी की स्थापना
►-1 जनवरी 1923 ई.
16. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
►-अक्टूबर 1924 ई.
17. साइमन कमीशन की नियुक्ति
►-8 नवंबर 1927 ई.
18. साइमन कमीशन का भारत आगमन
►-3 फरवरी 1928 ई.
19. नेहरू रिपोर्ट
►-अगस्त 1928 ई.
20. बारदौली सत्याग्रह
►-अक्टूबर 1928 ई.
21. लाहौर पड्यंत्र केस
►-8 अप्रैल 1929 ई.
22. कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन
दिसंबर 1929 ई.
23. स्वाधीनता दिवस की घोषणा
►-2 जनवरी 1930 ई.
24. नमक सत्याग्रह
►-12 मार्च 1930 ई. से 5 अप्रैल 1930 ई. तक
25. सविनय अवज्ञा आंदोलन
►-6 अप्रैल 1930 ई.
26. प्रथम गोलमेज आंदोलन
►-12 नवंबर 1930 ई.
27. गांधी-इरविन समझौता
►-8 मार्च 1931 ई.
28.द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
►-7 सितंबर 1931 ई.
29. कम्युनल अवार्ड (साम्प्रदायिक पंचाट)
►-16 अगस्त 1932 ई.
30.पूना पैक्ट
►-सितंबर 1932 ई.
31. तृतीय गोलमेज सम्मेलन
►-17 नवंबर 1932 ई.
32. कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन
►-मई 1934 ई.
33. फॉरवर्ड ब्लाक का गठन
►-1 मई 1939 ई.
34. मुक्ति दिवस
►-22 दिसंबर 1939 ई.
35. पाकिस्तान की मांग
►-24 मार्च 1940 ई.
36. अगस्त प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1940 ई.
37. क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव
►-मार्च 1942 ई.
38. भारत छोड़ो प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1942 ई.
39. शिमला सम्मेलन
►-25 जून 1945 ई.
40. नौसेना का विद्रोह
►-19 फरवरी 1946 ई.
41. प्रधानमंत्री एटली की घोषणा
►-15 मार्च 1946 ई
42. कैबिनेट मिशन का आगमन
►-24 मार्च 1942 ई.
43. प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस
►-16 अगस्त 1946 ई.
44. अंतरिम सरकार की स्थापना
►-2 सितंबर 1946 ई.
शेयर करना न भूलें दोस्तों :) 👍
Join @jobalert143
►-1885 ई.
2. बंग-भंग आंदोलन(स्वदेशी आंदोलन)
►-1905 ई.
3. मुस्लिम लीग की स्थापना
►-1906 ई.
4.कांग्रेस का बंटवारा
►-1907 ई.
5. होमरूल आंदोलन
1916 ई.
6. लखनऊ पैक्ट
►-दिसंबर 1916 ई.
7. मांटेग्यू घोषणा
►-20 अगस्त 1917 ई.
8. रौलेट एक्ट
►-19 मार्च 1919 ई.
9. जालियांवाला बाग हत्याकांड
►-13 अप्रैल 1919 ई.
10. खिलाफत आंदोलन
►-1919 ई.
11. हंटर कमिटी की रिपोर्ट प्रकाशित
►-18 मई 1920 ई.
12. कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन
►-दिसंबर 1920 ई.
13. असहयोग आंदोलन की शुरुआत
►-1 अगस्त 1920 ई.
14. चौरी-चौरा कांड
►-5 फरवरी 1922 ई.
15. स्वराज्य पार्टी की स्थापना
►-1 जनवरी 1923 ई.
16. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
►-अक्टूबर 1924 ई.
17. साइमन कमीशन की नियुक्ति
►-8 नवंबर 1927 ई.
18. साइमन कमीशन का भारत आगमन
►-3 फरवरी 1928 ई.
19. नेहरू रिपोर्ट
►-अगस्त 1928 ई.
20. बारदौली सत्याग्रह
►-अक्टूबर 1928 ई.
21. लाहौर पड्यंत्र केस
►-8 अप्रैल 1929 ई.
22. कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन
दिसंबर 1929 ई.
23. स्वाधीनता दिवस की घोषणा
►-2 जनवरी 1930 ई.
24. नमक सत्याग्रह
►-12 मार्च 1930 ई. से 5 अप्रैल 1930 ई. तक
25. सविनय अवज्ञा आंदोलन
►-6 अप्रैल 1930 ई.
26. प्रथम गोलमेज आंदोलन
►-12 नवंबर 1930 ई.
27. गांधी-इरविन समझौता
►-8 मार्च 1931 ई.
28.द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
►-7 सितंबर 1931 ई.
29. कम्युनल अवार्ड (साम्प्रदायिक पंचाट)
►-16 अगस्त 1932 ई.
30.पूना पैक्ट
►-सितंबर 1932 ई.
31. तृतीय गोलमेज सम्मेलन
►-17 नवंबर 1932 ई.
32. कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन
►-मई 1934 ई.
33. फॉरवर्ड ब्लाक का गठन
►-1 मई 1939 ई.
34. मुक्ति दिवस
►-22 दिसंबर 1939 ई.
35. पाकिस्तान की मांग
►-24 मार्च 1940 ई.
36. अगस्त प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1940 ई.
37. क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव
►-मार्च 1942 ई.
38. भारत छोड़ो प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1942 ई.
39. शिमला सम्मेलन
►-25 जून 1945 ई.
40. नौसेना का विद्रोह
►-19 फरवरी 1946 ई.
41. प्रधानमंत्री एटली की घोषणा
►-15 मार्च 1946 ई
42. कैबिनेट मिशन का आगमन
►-24 मार्च 1942 ई.
43. प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस
►-16 अगस्त 1946 ई.
44. अंतरिम सरकार की स्थापना
►-2 सितंबर 1946 ई.
शेयर करना न भूलें दोस्तों :) 👍
Join @jobalert143
👍37🙏4👌3❤2
#static_gk
Topic नृत्य
कथक
कथक नृत्य (उत्तर प्रदेश) में कथक शब्द संस्कृत के वैदिक शब्द कथा से आया है जिसका अर्थ है "कहानी" और कथाकर का अर्थ है "वह जो कहानी सुनाता है" या "कहानियों से संबंधित"। राधा और कृष्ण की कहानी कथक का प्रमुख विषय है।
यह मुगलों के शासनकाल में लोकप्रिय हुआ। इस नृत्य का स्वर्ण युग वाजिद अली शाह (अवध के अंतिम नवाब) के संरक्षण में आया था।
कथक नृत्य के तीन मुख्य भाग हैं मंगलाचरण और 'नाट्य शास्त्र' में वर्णित 'नृत्ता' और 'नृत्य'।
प्रसिद्ध नर्तकः पंडित बिरजू महाराज, लच्छू महाराज, शंभू महाराज, शोवना नारायण, कुमारी कमला, सुनन्या हजारीलाल अग्रवाल, पंडित दुर्गालाल, प्रेरणा श्रीमाला, रानी कर्णा, सितारा देवी, रूपा रानी दास बोरा आदि।
Join Us 🔜 @Jobalert143
Topic नृत्य
कथक
कथक नृत्य (उत्तर प्रदेश) में कथक शब्द संस्कृत के वैदिक शब्द कथा से आया है जिसका अर्थ है "कहानी" और कथाकर का अर्थ है "वह जो कहानी सुनाता है" या "कहानियों से संबंधित"। राधा और कृष्ण की कहानी कथक का प्रमुख विषय है।
यह मुगलों के शासनकाल में लोकप्रिय हुआ। इस नृत्य का स्वर्ण युग वाजिद अली शाह (अवध के अंतिम नवाब) के संरक्षण में आया था।
कथक नृत्य के तीन मुख्य भाग हैं मंगलाचरण और 'नाट्य शास्त्र' में वर्णित 'नृत्ता' और 'नृत्य'।
प्रसिद्ध नर्तकः पंडित बिरजू महाराज, लच्छू महाराज, शंभू महाराज, शोवना नारायण, कुमारी कमला, सुनन्या हजारीलाल अग्रवाल, पंडित दुर्गालाल, प्रेरणा श्रीमाला, रानी कर्णा, सितारा देवी, रूपा रानी दास बोरा आदि।
Join Us 🔜 @Jobalert143
👍14
RRB RPF SI 2024 Full Notification.pdf
1.8 MB
❤🔥11👍2❤1✍1
मिडल क्लास लौंडे बेचारे...
पढ़ना कुछ और चाहते हैं , पढ़ाया कुछ और जाता है , बन कुछ और जाते हैं !
पसन्द किसी और को करते हैं, प्यार किसी और का मिलता है शादी किसी और से हो जाती है !
चाय बना लेते हैं, कर्ज़ लेने और देने में जरा सी भी देरी नही करते ! रिश्तेदारों को शहर घुमाने की जिम्मेदारी यही निभाते हैं !
4जी फोन लेने में इन्हें साल भर लगता है ! गैस भरवाने की जिम्मेदारी , सुबह दूध और शाम की सब्जी लाने जैसा कठिन और दर्दनाक काम भी यही करते हैं !
खुद की प्रेमिका की शादी में 'नागिन डांस' करने का गौरव केवलः इन्हें ही प्राप्त है ! आइसक्रीम की टेस्ट से इन्हें शादी में हुए खर्चों का अंदाजा लग जाता है !
लुसेंट इनकी जिंदगी में उस गर्लफ्रेंड की तरह होती है जो साथ तो रहती है लेकिन समझ कभी नही आती !
रीजनिंग के प्रश्न चुटकी में हल कर देने वाले ये मिडल क्लास लौंडे खुद की जिंदगी की समस्याओं में उलझे रह जाते हैं !
घर और अपनी 'जान' से किसी लायक बनने का वादा करके निकले ये मिडल क्लास लौंडे जब तक लायक हो के घर लौटते हैं तब तक उनकी जान 'दो चार जानो' की 'जननी' बन चुकी होती है !
पापा की बेइज्जती इन्हें कतई पसन्द नही आती,पापा से खूब फटती भी है ! मम्मी से अक्सर रुडली बात करने के बावजूद माँ के गोद मे सर रख कर रोने वाले ये लौंडे बहुत कमजोर भी होते हैं !
जिम्मेदारियां जल्दी निभाना सीख जाते हैं , रिश्तेदारों के तमाम अड़ंगों के बावजूद मां-बाप का विश्वास कैसे बनाये रखना है इन्हें बखूबी आता है !
चीटिंग कभी कर नही पाते क्योंकि मौका ही नही मिलता !
इश्क़ करने की औकात ही नही क्योंकि रिजेक्शन झेलने की हिम्मत नही ! कोई इनपर 'यु आर चीप' का आरोप नही लगाता क्योंकि ये किसी भी लड़की के साथ सोए नही होते हैं ! अजी सोना छोड़िए, ये किसी लड़की के साथ जागे तक नही होते हैं !
इनकी शादियाँ अक्सर अरेंज्ड ही होती हैं, ऑफकोर्स रिश्तेदारों द्वारा...
इनका इश्क़ अक्सर अधूरा रह जाता है, इनके सपने, इनकी जिंदगी सब अधूरी....
पर ये बेहया लौंडे किसी को एहसास तक नही होने देते..
पहले पापा-मां के सपने फिर सोशायटी मेंटेन करना और उसके बाद अरेंज्ड मैरिज वाली बीबी की एक्सपेक्टेशंस पूरी करते हैं ये अधूरे लौंडे !
सबको पूरा करने के चक्कर मे अधूरे रह जाते हैं ये मिडल क्लास लौंडे !❤️🖤
#copied
Join @jobalert143
पढ़ना कुछ और चाहते हैं , पढ़ाया कुछ और जाता है , बन कुछ और जाते हैं !
पसन्द किसी और को करते हैं, प्यार किसी और का मिलता है शादी किसी और से हो जाती है !
चाय बना लेते हैं, कर्ज़ लेने और देने में जरा सी भी देरी नही करते ! रिश्तेदारों को शहर घुमाने की जिम्मेदारी यही निभाते हैं !
4जी फोन लेने में इन्हें साल भर लगता है ! गैस भरवाने की जिम्मेदारी , सुबह दूध और शाम की सब्जी लाने जैसा कठिन और दर्दनाक काम भी यही करते हैं !
खुद की प्रेमिका की शादी में 'नागिन डांस' करने का गौरव केवलः इन्हें ही प्राप्त है ! आइसक्रीम की टेस्ट से इन्हें शादी में हुए खर्चों का अंदाजा लग जाता है !
लुसेंट इनकी जिंदगी में उस गर्लफ्रेंड की तरह होती है जो साथ तो रहती है लेकिन समझ कभी नही आती !
रीजनिंग के प्रश्न चुटकी में हल कर देने वाले ये मिडल क्लास लौंडे खुद की जिंदगी की समस्याओं में उलझे रह जाते हैं !
घर और अपनी 'जान' से किसी लायक बनने का वादा करके निकले ये मिडल क्लास लौंडे जब तक लायक हो के घर लौटते हैं तब तक उनकी जान 'दो चार जानो' की 'जननी' बन चुकी होती है !
पापा की बेइज्जती इन्हें कतई पसन्द नही आती,पापा से खूब फटती भी है ! मम्मी से अक्सर रुडली बात करने के बावजूद माँ के गोद मे सर रख कर रोने वाले ये लौंडे बहुत कमजोर भी होते हैं !
जिम्मेदारियां जल्दी निभाना सीख जाते हैं , रिश्तेदारों के तमाम अड़ंगों के बावजूद मां-बाप का विश्वास कैसे बनाये रखना है इन्हें बखूबी आता है !
चीटिंग कभी कर नही पाते क्योंकि मौका ही नही मिलता !
इश्क़ करने की औकात ही नही क्योंकि रिजेक्शन झेलने की हिम्मत नही ! कोई इनपर 'यु आर चीप' का आरोप नही लगाता क्योंकि ये किसी भी लड़की के साथ सोए नही होते हैं ! अजी सोना छोड़िए, ये किसी लड़की के साथ जागे तक नही होते हैं !
इनकी शादियाँ अक्सर अरेंज्ड ही होती हैं, ऑफकोर्स रिश्तेदारों द्वारा...
इनका इश्क़ अक्सर अधूरा रह जाता है, इनके सपने, इनकी जिंदगी सब अधूरी....
पर ये बेहया लौंडे किसी को एहसास तक नही होने देते..
पहले पापा-मां के सपने फिर सोशायटी मेंटेन करना और उसके बाद अरेंज्ड मैरिज वाली बीबी की एक्सपेक्टेशंस पूरी करते हैं ये अधूरे लौंडे !
सबको पूरा करने के चक्कर मे अधूरे रह जाते हैं ये मिडल क्लास लौंडे !❤️🖤
#copied
Join @jobalert143
❤71👍28🤔6🔥2🕊2