UPP RE EXAM अगस्त/सितंबर एक्सपेक्टेड हैं
आप लोग अगस्त लास्ट मानकर तैयारी अच्छे से शुरू कर दे
मौका हाथ से जाने मत देना बहुत टाइम मिला है इस भर्ती में
अगस्त लास्ट मानकर तैयारी शुरू कर दे
#UPP
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रेडियो ऑपरेटर फिजिकल जून/जुलाई में संभावित
बाकी क्लियर होते ही बता दिया जाएगा तब तक आप लोग जून लास्ट मानकर तैयारी करे
#रेडियो ऑपरेटर
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#static_gk
Topic नृत्य
भारत के शास्त्रीय नृत्य
संगीत नाटक अकादमी ने भारत के 8 शास्त्रीय नृत्यों को मान्यता दिया है, जिनके नाम भरतनाट्यम (तमिलनाडु), कथक (उत्तर प्रदेश), कथकली (केरल), कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश), मणिपुरी (मणिपुर), मोहिनीअट्टम (केरल), ओडिसी (ओडिशा), सतरिया (असम) हैं।
भारत के शास्त्रीय नृत्यों में नौ रस हैं जिन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। श्रृंगार (प्रेम), हास्य (हास), करुण (शोक), रौद्र (क्रोध), वीर (उत्साह), भयानक (भय), वीभत्स (घृणा), अद्भुत (आश्चर्य), शांत (निर्वेद)।
Topic नृत्य
भारत के शास्त्रीय नृत्य
संगीत नाटक अकादमी ने भारत के 8 शास्त्रीय नृत्यों को मान्यता दिया है, जिनके नाम भरतनाट्यम (तमिलनाडु), कथक (उत्तर प्रदेश), कथकली (केरल), कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश), मणिपुरी (मणिपुर), मोहिनीअट्टम (केरल), ओडिसी (ओडिशा), सतरिया (असम) हैं।
भारत के शास्त्रीय नृत्यों में नौ रस हैं जिन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। श्रृंगार (प्रेम), हास्य (हास), करुण (शोक), रौद्र (क्रोध), वीर (उत्साह), भयानक (भय), वीभत्स (घृणा), अद्भुत (आश्चर्य), शांत (निर्वेद)।
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SSC GD 2024 Answer Key Out
Check Here : https://ssc.digialm.com//EForms/loginAction.do?subAction=ViewLoginPage&formId=87626&orgId=2207
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बीएड & बीटीसी
सोमवार को बीएड लोगों के लिए बहुत खास दिन होने वाला हैं
प्रभु से विनती है कि ऐसा कोई निर्णय न आए जिससे किसी का भी अहित हों
अमन रस्तोगी
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सोमवार को बीएड लोगों के लिए बहुत खास दिन होने वाला हैं
प्रभु से विनती है कि ऐसा कोई निर्णय न आए जिससे किसी का भी अहित हों
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कुछ लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि सेविका का रिजल्ट 5/10 अप्रैल तक आ जाएगा
तो ये सब एक अफवाह मात्र है ऐसा कुछ होता है तो आपको सबसे पहले जॉब अलर्ट पे पोस्ट मिल जाएगी
सब कुछ सही रहा तो जब भी आपकी सुनवाई होगी उसी दिन आपका स्टे हटवा लिया जाएगा
यदि स्टे हटता है तो उसके 15 से 20 दिन पे आपका डीवी रिजल्ट आपके सामने होगा
आप लोग बार बार इसी चीज के लिए msg न करे जैसे ही आपका रिजल्ट आने वाला होगा वैसे ही जॉब अलर्ट पे पोस्ट आ जायेगी
अमन रस्तोगी
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तो ये सब एक अफवाह मात्र है ऐसा कुछ होता है तो आपको सबसे पहले जॉब अलर्ट पे पोस्ट मिल जाएगी
सब कुछ सही रहा तो जब भी आपकी सुनवाई होगी उसी दिन आपका स्टे हटवा लिया जाएगा
यदि स्टे हटता है तो उसके 15 से 20 दिन पे आपका डीवी रिजल्ट आपके सामने होगा
आप लोग बार बार इसी चीज के लिए msg न करे जैसे ही आपका रिजल्ट आने वाला होगा वैसे ही जॉब अलर्ट पे पोस्ट आ जायेगी
अमन रस्तोगी
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और जब पसंद की चीज ही न मिले
फिर चाहे जो मर्जी मिल जाए
क्या फर्क पड़ता है❤️🖤
अमन रस्तोगी
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फिर चाहे जो मर्जी मिल जाए
क्या फर्क पड़ता है❤️🖤
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सोमवार को प्राइमरी में कार्यरत बीएड डिग्री वालों के लिए अहम दिन साबित होने वाला है।।
❤️🖤
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❤️🖤
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#static_gk
Topic नृत्य
भरतनाट्यम
भरतनाट्यम (तमिलनाडु) को पहले सादिर अट्टम के नाम से जाना जाता था।
भरतनाट्यम दक्षिण भारतीय धार्मिक प्रसंगों और शैव धर्म के आध्यात्मिक विचारों को व्यक्त करता है।
कृष्णा अय्यर ने सबसे पहले सादिर नृत्य के लिए भरतनाट्यम शब्द दिया था। यह एकहार्य से विकसित हुआ, जहाँ एक नर्तक एक ही प्रदर्शन में अनेक भूमिकाएँ निभाता है। यह दक्षिण भारत के मंदिरों में देवदासियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता था, इसलिए इसे दासियाट्टम के नाम से भी जाना जाता है।
इसमें भाव, राग, रस और ताल का समावेश है। इसकी तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं नृत्त (शुद्ध नृत्य, सोलो), नाट्य (नाटकीय नृत्य, समूह) और नृत्य (भावनाओं के साथ नृत्य, सोलो)।
इसमें छह भाग शामिल हैं: अलारिप्पु (आह्वान), जतिस्वरम (नृत्य भाग), शब्दम (शब्द के साथ लघु रचनाएँ), वर्णम (एक कथा, जिसमें नृत्य और नृत्या दोनों शामिल हैं), पदम (धार्मिक प्रार्थना, भजन, कीर्तन) और तिल्लाना ( हिंदुस्तानी संगीत के तराना में उत्पत्ति)।
एक भरतनाट्यम कलाकार विचारों को व्यक्त करने और दर्शकों के बीच भावनाओं को जगाने के लिए अभिनय को एक उपकरण के रूप में उपयोग करता है।
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Topic नृत्य
भरतनाट्यम
भरतनाट्यम (तमिलनाडु) को पहले सादिर अट्टम के नाम से जाना जाता था।
भरतनाट्यम दक्षिण भारतीय धार्मिक प्रसंगों और शैव धर्म के आध्यात्मिक विचारों को व्यक्त करता है।
कृष्णा अय्यर ने सबसे पहले सादिर नृत्य के लिए भरतनाट्यम शब्द दिया था। यह एकहार्य से विकसित हुआ, जहाँ एक नर्तक एक ही प्रदर्शन में अनेक भूमिकाएँ निभाता है। यह दक्षिण भारत के मंदिरों में देवदासियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता था, इसलिए इसे दासियाट्टम के नाम से भी जाना जाता है।
इसमें भाव, राग, रस और ताल का समावेश है। इसकी तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं नृत्त (शुद्ध नृत्य, सोलो), नाट्य (नाटकीय नृत्य, समूह) और नृत्य (भावनाओं के साथ नृत्य, सोलो)।
इसमें छह भाग शामिल हैं: अलारिप्पु (आह्वान), जतिस्वरम (नृत्य भाग), शब्दम (शब्द के साथ लघु रचनाएँ), वर्णम (एक कथा, जिसमें नृत्य और नृत्या दोनों शामिल हैं), पदम (धार्मिक प्रार्थना, भजन, कीर्तन) और तिल्लाना ( हिंदुस्तानी संगीत के तराना में उत्पत्ति)।
एक भरतनाट्यम कलाकार विचारों को व्यक्त करने और दर्शकों के बीच भावनाओं को जगाने के लिए अभिनय को एक उपकरण के रूप में उपयोग करता है।
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