Israel’s war games taunt Lebanon’s peace another Zionist dagger over a weary people. Lebanon stands strong. #Israelterrorist #LebanonResists #Gazagenocide
https://trendsnip.com/live-dozens-palestinians-killed-gaza-conflict/
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Tragic Loss: Dozens Of Palestinians Killed In Gaza Conflict
Tragic loss in Gaza as dozens of Palestinians are killed amid ongoing conflict. Explore the latest updates and impacts of this humanitarian crisis.
China officially acknowledges five major religions: Buddhism, Taoism (also known as Daoism), Islam, Catholicism, and Protestantism. However, the government exerts significant control over religious practices and organizations.
The officially recognized religions include:
Buddhism
Taoism (Daoism)
Islam
Catholicism
Protestantism.
Source: US department of state.
The officially recognized religions include:
Buddhism
Taoism (Daoism)
Islam
Catholicism
Protestantism.
Source: US department of state.
China demands Israel's swift withdrawal of all military presence from Syria and Lebanon without delay.
सती प्रथा और मुगल का सच 💠
सती प्रथा का सच ध्यान से सुनो यह हिंदुओं में मुगलों के आने से पहले से थी, और जो इसे मुगलों से जोड़ने की कोशिश करते हैं, वे इतिहास को झूठ से दबाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। 464 ईस्वी में नेपाल और 510 ईस्वी में मध्य प्रदेश के शिलालेख साफ चीख-चीख कर बताते हैं कि यह प्रथा 1526 में बाबर के कदम रखने से सैकड़ों साल पहले मौजूद थी। रामायण-महाभारत जैसे ग्रंथों में इसके छिटपुट उल्लेख हैं, और गुप्त काल (320-550 ईस्वी) से लेकर मध्यकाल तक इसके सबूत बिखरे पड़े हैं। मध्यकाल में, खासकर 1200-1600 ईस्वी के बीच, यह प्रथा राजपूतों और कुछ अन्य समुदायों में फैली, लेकिन इसका जन्म मुगलों के आने से पहले का है—यह बात पत्थर पर लिखी लकीर है।मुगल आए तो सती पहले से चल रही थी, और हां, कुछ कहते हैं कि जौहर से इसका कोई ताल्लुक था, लेकिन जौहर और सती अलग हैं—जौहर युद्ध के दौरान सामूहिक आत्महत्या थी, सती व्यक्तिगत थी। मुगलों के समय यह बढ़ी हो सकती है, पर शुरूआत उनकी वजह से नहीं हुई। अकबर ने 1582 में और औरंगजेब ने 1663 में इसे रोकने की कोशिश की, पर यह प्रथा पहले से जड़ें जमा चुकी थी। जो लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर मुगलों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं, उनके पास न सबूत हैं, न तर्क—सिर्फ हवा में बातें हैं।सबूतों की बात करें तो 842 ईस्वी में राजस्थान में चंदमहासेन की मां और 890 ईस्वी में संपल्लादेवी के मामले दर्ज हैं। कर्नाटक में 1000-1400 ईस्वी के बीच 11 और 1400-1600 ईस्वी के बीच 41 मामले मिलते हैं। यह सब मुगलों से पहले का है—इतिहास को झुठलाने की आदत है सूअरों में। प्राचीन स्रोतों से लेकर मध्यकालीन शिलालेखों तक, सती प्रथा का मूल मुगल काल से पहले का है, और यह सच अटल है।
अगर फिर भी हिन्दुओं को लगता है कि सती मुग़लों ने शुरू किया है, तो इसका मतलब कि हिन्दू धर्म मुगल के आने के बाद से है क्यूँकी सती रामायण और महाभारत में इसका उल्लेख है।
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सती प्रथा का सच ध्यान से सुनो यह हिंदुओं में मुगलों के आने से पहले से थी, और जो इसे मुगलों से जोड़ने की कोशिश करते हैं, वे इतिहास को झूठ से दबाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। 464 ईस्वी में नेपाल और 510 ईस्वी में मध्य प्रदेश के शिलालेख साफ चीख-चीख कर बताते हैं कि यह प्रथा 1526 में बाबर के कदम रखने से सैकड़ों साल पहले मौजूद थी। रामायण-महाभारत जैसे ग्रंथों में इसके छिटपुट उल्लेख हैं, और गुप्त काल (320-550 ईस्वी) से लेकर मध्यकाल तक इसके सबूत बिखरे पड़े हैं। मध्यकाल में, खासकर 1200-1600 ईस्वी के बीच, यह प्रथा राजपूतों और कुछ अन्य समुदायों में फैली, लेकिन इसका जन्म मुगलों के आने से पहले का है—यह बात पत्थर पर लिखी लकीर है।मुगल आए तो सती पहले से चल रही थी, और हां, कुछ कहते हैं कि जौहर से इसका कोई ताल्लुक था, लेकिन जौहर और सती अलग हैं—जौहर युद्ध के दौरान सामूहिक आत्महत्या थी, सती व्यक्तिगत थी। मुगलों के समय यह बढ़ी हो सकती है, पर शुरूआत उनकी वजह से नहीं हुई। अकबर ने 1582 में और औरंगजेब ने 1663 में इसे रोकने की कोशिश की, पर यह प्रथा पहले से जड़ें जमा चुकी थी। जो लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर मुगलों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं, उनके पास न सबूत हैं, न तर्क—सिर्फ हवा में बातें हैं।सबूतों की बात करें तो 842 ईस्वी में राजस्थान में चंदमहासेन की मां और 890 ईस्वी में संपल्लादेवी के मामले दर्ज हैं। कर्नाटक में 1000-1400 ईस्वी के बीच 11 और 1400-1600 ईस्वी के बीच 41 मामले मिलते हैं। यह सब मुगलों से पहले का है—इतिहास को झुठलाने की आदत है सूअरों में। प्राचीन स्रोतों से लेकर मध्यकालीन शिलालेखों तक, सती प्रथा का मूल मुगल काल से पहले का है, और यह सच अटल है।
अगर फिर भी हिन्दुओं को लगता है कि सती मुग़लों ने शुरू किया है, तो इसका मतलब कि हिन्दू धर्म मुगल के आने के बाद से है क्यूँकी सती रामायण और महाभारत में इसका उल्लेख है।
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Minority Rights
सती प्रथा और मुगल का सच 💠 सती प्रथा का सच ध्यान से सुनो यह हिंदुओं में मुगलों के आने से पहले से थी, और जो इसे मुगलों से जोड़ने की कोशिश करते हैं, वे इतिहास को झूठ से दबाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। 464 ईस्वी में नेपाल और 510 ईस्वी में मध्य प्रदेश के शिलालेख…
मुसलमानों को ये गौर से पढ़नी चाहिए और दिमाग में बिठा लेनी चाहिए, क्योंकि ये हिंदू काफिर कौम अपने गंदे हिंदुत्व का काला सच छुपाती है और उसका इल्ज़ाम मुगल बादशाहों पर थोपती है। फिर ये लोग मुसलमानों के खिलाफ तीन तलाक का झूठा और बेबुनियाद प्रोपेगेंडा फैलाते हैं।साफ-साफ सुन लो हिंदुओं में सती प्रथा कोई छोटा-मोटा रिवाज नहीं था, बल्कि एक क्रूर चलन था। अगर कोई हिंदू मर्द मर जाता था और उसकी बीवी जिंदा रहती थी, तो उसे भी जिंदा अपने पति की चिता के साथ जला दिया जाता था। उसकी चीखें बाहर न आएं, इसके लिए ये लोग ढोल-नगाड़े बजाते थे। इतना घिनौना रिवाज था कि इसे अंग्रेज अफसर लॉर्ड विलियम बेंटिक ने बंद किया जब एक लड़की को फूंकने के लिए ले जा रहा था हिंदू, लेकिन ये हिंदू काफिर की औलाद हम मुसलमानों पर झूठे इल्ज़ाम लगाती है और हमारी मां-बहनों को हलाला के नाम पर बदनाम करती है। अब से कोई हलाला का नाम ले चाहे रील्स में, सोशल मीडिया पर, या सामने तो उसे ये बात याद दिला दो कि उनके अपने इतिहास का ये काला सच क्या है।
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