पहले क्यूं नहीं मिले से क्यूं मिले तक का सफ़र,
मेरे सब कुछ हो से तुम कौन हो तक का सफ़र,
हंसी की वजह होने से रोने की वजह होने तक का सफ़र,
हम आपके है से हम कोई नहीं तक का सफ़र,
हर पल याद आने से कभी याद न आने तक का सफ़र,
24 घंटे समय से 1 सेकेंड समय न होने तक का सफ़र,
कब मिलने आओगे से कभी मत मिलना तक का सफ़र,
केवल आपको चाहते है से केवल तुम्हें नहीं चाहते तक का सफ़र,
हर पल सामने क्यूं नहीं रहते से कभी नज़र मत आना तक का सफ़र,
ये वो सफ़र है जो चाहता कोई नहीं लेकिन वक्त के इस फैसले को कोई झुठला भी नहीं पाता और फ़िर यादों को सजोने वाला डरने लगता यादों से।
अपनों के बीच रहने वाला डरने लगता अपनों से।
हर पल सबको हंसाने वाला खुद हो जाता है ख़ामोश।
और ढूंढने लगता है खुद में ही कोई दोष।
कि कोई कमी होगी मेरे हाथों की लकीरों में जो ऐसा सफ़र मंज़ूर किया मेरे वक्त ने।।
ख़ामोश एहसासों से चीखते अल्फ़ाजो का सफ़र.........
वक्त को चुकाई है हमने उस वक्त की क़ीमत,
जो वक्त जी न पाए अपने वक्त पर।।
मेरे सब कुछ हो से तुम कौन हो तक का सफ़र,
हंसी की वजह होने से रोने की वजह होने तक का सफ़र,
हम आपके है से हम कोई नहीं तक का सफ़र,
हर पल याद आने से कभी याद न आने तक का सफ़र,
24 घंटे समय से 1 सेकेंड समय न होने तक का सफ़र,
कब मिलने आओगे से कभी मत मिलना तक का सफ़र,
केवल आपको चाहते है से केवल तुम्हें नहीं चाहते तक का सफ़र,
हर पल सामने क्यूं नहीं रहते से कभी नज़र मत आना तक का सफ़र,
ये वो सफ़र है जो चाहता कोई नहीं लेकिन वक्त के इस फैसले को कोई झुठला भी नहीं पाता और फ़िर यादों को सजोने वाला डरने लगता यादों से।
अपनों के बीच रहने वाला डरने लगता अपनों से।
हर पल सबको हंसाने वाला खुद हो जाता है ख़ामोश।
और ढूंढने लगता है खुद में ही कोई दोष।
कि कोई कमी होगी मेरे हाथों की लकीरों में जो ऐसा सफ़र मंज़ूर किया मेरे वक्त ने।।
ख़ामोश एहसासों से चीखते अल्फ़ाजो का सफ़र.........
वक्त को चुकाई है हमने उस वक्त की क़ीमत,
जो वक्त जी न पाए अपने वक्त पर।।
❤3
#UPSSSC PET 26 से आने वाली वैकेंसी।
1- VDO
2- JUNIOR ASSISTANT
3- मुख्य सेविका
4- Lower PCS Special
5- ADO PANCHAYAT
6- CHAKBANDI LEKHPAL......
7- Lower Simple Graduation (700,800 )
8- Steno
Etc special vacancy
1- VDO
2- JUNIOR ASSISTANT
3- मुख्य सेविका
4- Lower PCS Special
5- ADO PANCHAYAT
6- CHAKBANDI LEKHPAL......
7- Lower Simple Graduation (700,800 )
8- Steno
Etc special vacancy
❤1
“खुद के लिए” ✍️
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
चमकती है जो आँखों में, उस नमी को पहचानो,
दूसरों की महफ़िल से पहले, अपनी तन्हाई को देखो तो सही।
ज़माने की दौड़ में बहुत खो चुके हो तुम,
ज़रा रुक कर अपने ही पास, बैठ कर देखो तो सही।
तुम्हारी हँसी पर हक़ सिर्फ़ तुम्हारा ही है,
गैरों के लिए बहुत रो लिए, अब खुद के लिए मुस्कुरा कर देखो तो सही।
जो टूट गए हैं ख़्वाब, छूट गए हैं सपने, उन्हें फिर से सँवारो,
ग़लतियों को भुला कर अपनी, खुद को गले लगा कर देखो तो सही।
तुम अनमोल हो, किसी की तारीफ़ के मोहताज नहीं,
अपनी ही नज़र से एक बार, अपनी क़ीमत को आँक कर देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
चमकती है जो आँखों में, उस नमी को पहचानो,
दूसरों की महफ़िल से पहले, अपनी तन्हाई को देखो तो सही।
ज़माने की दौड़ में बहुत खो चुके हो तुम,
ज़रा रुक कर अपने ही पास, बैठ कर देखो तो सही।
तुम्हारी हँसी पर हक़ सिर्फ़ तुम्हारा ही है,
गैरों के लिए बहुत रो लिए, अब खुद के लिए मुस्कुरा कर देखो तो सही।
जो टूट गए हैं ख़्वाब, छूट गए हैं सपने, उन्हें फिर से सँवारो,
ग़लतियों को भुला कर अपनी, खुद को गले लगा कर देखो तो सही।
तुम अनमोल हो, किसी की तारीफ़ के मोहताज नहीं,
अपनी ही नज़र से एक बार, अपनी क़ीमत को आँक कर देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
❤2
अगर जीत लिखी है
मेरे हिस्से तो,
हार क्या कर पाएगी,
गिर कर उठना सीख लिया है
असफलताएं कब तक
टकराएंगी।।
भाग्य को कोसना छोड़ दिया है,
ख़ुद की सरजमीं पर पाँव रखना बाकी है
रोना भी छोड़ दिया है,
अभी सफलता की दिखानी झांकी है।।
उठें हैं कदम तो रुकेंगे नहीं,
चाहे आए लाख बाधाएं,
पाँव में छाले पड़े, चाहे हों घायल,
सर उठे ही रहेंगे झुकेंगे नहीं।।
सीख रहें हैं खामोशियों से लड़ना,
बैठना नहीं है,
कुछ ना कुछ करते हैं रहना,
मिली सीख जो जीवन से
उसको अब है कहना।।
मेरे हिस्से तो,
हार क्या कर पाएगी,
गिर कर उठना सीख लिया है
असफलताएं कब तक
टकराएंगी।।
भाग्य को कोसना छोड़ दिया है,
ख़ुद की सरजमीं पर पाँव रखना बाकी है
रोना भी छोड़ दिया है,
अभी सफलता की दिखानी झांकी है।।
उठें हैं कदम तो रुकेंगे नहीं,
चाहे आए लाख बाधाएं,
पाँव में छाले पड़े, चाहे हों घायल,
सर उठे ही रहेंगे झुकेंगे नहीं।।
सीख रहें हैं खामोशियों से लड़ना,
बैठना नहीं है,
कुछ ना कुछ करते हैं रहना,
मिली सीख जो जीवन से
उसको अब है कहना।।
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Supreme Court JCA भर्ती 2026
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती निकली है।
योग्यता: ग्रेजुएट + कंप्यूटर ज्ञान, टाइपिंग 35 WPM
आयु: 18 से 30 वर्ष
वेतन: पे लेवल 6, लगभग ₹73,000 तक
आवेदन: 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026
फीस: ₹1500
आवेदन लिंक: https://cdn3.digialm.com//EForms/configuredHtml/32912/100521/Index.html
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती निकली है।
योग्यता: ग्रेजुएट + कंप्यूटर ज्ञान, टाइपिंग 35 WPM
आयु: 18 से 30 वर्ष
वेतन: पे लेवल 6, लगभग ₹73,000 तक
आवेदन: 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026
फीस: ₹1500
आवेदन लिंक: https://cdn3.digialm.com//EForms/configuredHtml/32912/100521/Index.html
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🟦कुल रामसर स्थल: 103
नवीनतम शामिल स्थल-
◾ सुखना आर्द्रभूमि: चंडीगढ़
◾सौज झील: उत्तर प्रदेश
◾घोषणा की तिथि: 15 अक्टूबर 2026
◾घोषणा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव।
नवीनतम शामिल स्थल-
◾ सुखना आर्द्रभूमि: चंडीगढ़
◾सौज झील: उत्तर प्रदेश
◾घोषणा की तिथि: 15 अक्टूबर 2026
◾घोषणा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव।
❤1
रिश्ते क्या खून के हो, तभी अपने हैं
अपनापन मायने नहीं रखता क्या,
पर मैं तो देखती हूं न उनमें अपनापन
तो मुझे में क्यू, वो अपनापन नही पा रहे
, हर सुबह यही ख्याल आता,
कभी तो अपना, समझ कर , देख के मुस्कुरा देंगे
सुबह से शाम हो ही जाती है
कुछ सपने, सपने ही रहे जाते हैं
कोई नही पूछता तुम कैसे हो
क्या सबका ख्याल, मैं ही करूँ
मेरा कौन है
सच बोलूं तो कोई नही
हां कहने को सब, शायद
असल के कोई नही
थक जाता है ऐसा मन
फिर रोता है अकेले में
जिसको समझने वाला कोई नही
भीड़ मे खो चुकी जो खुद को
कोई सहारा बचा ही नहीं
हां चाहिए भी नही शायद उसे
कोई सहारा
शायद आदत नही
जब बचपन, ही हो वैसा
तो शायद बड़े होके
मर जाते हैं सपने ..........
अपनापन मायने नहीं रखता क्या,
पर मैं तो देखती हूं न उनमें अपनापन
तो मुझे में क्यू, वो अपनापन नही पा रहे
, हर सुबह यही ख्याल आता,
कभी तो अपना, समझ कर , देख के मुस्कुरा देंगे
सुबह से शाम हो ही जाती है
कुछ सपने, सपने ही रहे जाते हैं
कोई नही पूछता तुम कैसे हो
क्या सबका ख्याल, मैं ही करूँ
मेरा कौन है
सच बोलूं तो कोई नही
हां कहने को सब, शायद
असल के कोई नही
थक जाता है ऐसा मन
फिर रोता है अकेले में
जिसको समझने वाला कोई नही
भीड़ मे खो चुकी जो खुद को
कोई सहारा बचा ही नहीं
हां चाहिए भी नही शायद उसे
कोई सहारा
शायद आदत नही
जब बचपन, ही हो वैसा
तो शायद बड़े होके
मर जाते हैं सपने ..........
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🔴 ब्रिटिश भारत में शिक्षा का विकास :-
▪️ 1813 — चार्टर एक्ट
• शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष ₹1 लाख का प्रावधान।
▪️ 1835 — मैकाले का स्मरण-पत्र
• अंग्रेजी माध्यम एवं पाश्चात्य शिक्षा पर बल।
• अधोगामी निस्पंदन सिद्धांत (Downward Filtration Theory)।
▪️ 1854 — वुड्स डिस्पैच
• भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा।
• प्राथमिक स्तर पर स्थानीय भाषाएँ तथा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी।
• महिला एवं धर्मनिरपेक्ष शिक्षा पर बल।
• 1857 में कलकत्ता, बंबई एवं मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना।
▪️ 1882–83 — हंटर आयोग
• लॉर्ड रिपन के समय गठन।
• प्राथमिक शिक्षा पर विशेष बल।
▪️ 1902 — रैले आयोग
• लॉर्ड कर्जन द्वारा गठन।
• विश्वविद्यालयों की स्थिति की समीक्षा।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: गुरुदास बनर्जी एवं सैयद हुसैन बिलग्रामी।
▪️ 1904 — भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम
• विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया गया।
• शिक्षा एवं शोध में सुधार पर बल।
▪️ 1917–19 — सैडलर आयोग
• कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं के अध्ययन हेतु गठन।
• विद्यालयी शिक्षा के 12 वर्षीय पाठ्यक्रम की सिफारिश।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: आशुतोष मुखर्जी एवं जियाउद्दीन अहमद।
▪️ 1929 — हार्टोग समिति
• प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता एवं अपव्यय-गतिरोध की समस्या पर बल।
• व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन।
▪️ 1937 — वर्धा शिक्षा योजना
• महात्मा गांधी की पहल।
• डॉ. जाकिर हुसैन समिति ने प्रारूप तैयार किया।
• हस्तकला आधारित बुनियादी शिक्षा पर बल।
▪️ 1944 — सार्जेंट योजना
• 3–6 वर्ष: पूर्व-प्राथमिक शिक्षा।
• 6–14 वर्ष: निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य।
• 20 वर्षों में वयस्क निरक्षरता समाप्त करने की योजना।
▪️ 1813 — चार्टर एक्ट
• शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष ₹1 लाख का प्रावधान।
▪️ 1835 — मैकाले का स्मरण-पत्र
• अंग्रेजी माध्यम एवं पाश्चात्य शिक्षा पर बल।
• अधोगामी निस्पंदन सिद्धांत (Downward Filtration Theory)।
▪️ 1854 — वुड्स डिस्पैच
• भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा।
• प्राथमिक स्तर पर स्थानीय भाषाएँ तथा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी।
• महिला एवं धर्मनिरपेक्ष शिक्षा पर बल।
• 1857 में कलकत्ता, बंबई एवं मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना।
▪️ 1882–83 — हंटर आयोग
• लॉर्ड रिपन के समय गठन।
• प्राथमिक शिक्षा पर विशेष बल।
▪️ 1902 — रैले आयोग
• लॉर्ड कर्जन द्वारा गठन।
• विश्वविद्यालयों की स्थिति की समीक्षा।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: गुरुदास बनर्जी एवं सैयद हुसैन बिलग्रामी।
▪️ 1904 — भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम
• विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया गया।
• शिक्षा एवं शोध में सुधार पर बल।
▪️ 1917–19 — सैडलर आयोग
• कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं के अध्ययन हेतु गठन।
• विद्यालयी शिक्षा के 12 वर्षीय पाठ्यक्रम की सिफारिश।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: आशुतोष मुखर्जी एवं जियाउद्दीन अहमद।
▪️ 1929 — हार्टोग समिति
• प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता एवं अपव्यय-गतिरोध की समस्या पर बल।
• व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन।
▪️ 1937 — वर्धा शिक्षा योजना
• महात्मा गांधी की पहल।
• डॉ. जाकिर हुसैन समिति ने प्रारूप तैयार किया।
• हस्तकला आधारित बुनियादी शिक्षा पर बल।
▪️ 1944 — सार्जेंट योजना
• 3–6 वर्ष: पूर्व-प्राथमिक शिक्षा।
• 6–14 वर्ष: निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य।
• 20 वर्षों में वयस्क निरक्षरता समाप्त करने की योजना।
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नागरिकता से संबंधित अनुच्छेद
🟨अनुच्छेद-5 संविधान के लागू होने के समय नागरिकता।
⬜अनुच्छेद-6 पाकिस्तान से भारत आए लोगों की नागरिकता।
🟫अनुच्छेद-7 उन लोगों की नागरिकता जो पाकिस्तान चले गए और फिर भारत वापस आ गए।
🟩अनुच्छेद-8 भारतीय मूल के व्यक्तियों की नागरिकता।
नागरिकता की समाप्ति (किसी अन्य देश की नागरिकता की स्वैच्छिक स्वीकृति पर नागरिकता
🟥अनुच्छेद-9 की स्वतः समाप्ति) नागरिकता के अधिकारों की निरंतरता (जब तक कि संसद ने ऐसा कानून नहीं बनाया है)।
🟪अनुच्छेद-10 संसद कानून द्वारा नागरिकता के अधिकार को विनियमित कर सकती है।
🟦अनुच्छेद-11संसद के पास नागरिकता के अधिग्रहण और समाप्ति एवं नागरिकता से संबंधित अन्य सभी मामलों के संबंध में कोई भी प्रावधान करने की शक्ति होगी।
🟨अनुच्छेद-5 संविधान के लागू होने के समय नागरिकता।
⬜अनुच्छेद-6 पाकिस्तान से भारत आए लोगों की नागरिकता।
🟫अनुच्छेद-7 उन लोगों की नागरिकता जो पाकिस्तान चले गए और फिर भारत वापस आ गए।
🟩अनुच्छेद-8 भारतीय मूल के व्यक्तियों की नागरिकता।
नागरिकता की समाप्ति (किसी अन्य देश की नागरिकता की स्वैच्छिक स्वीकृति पर नागरिकता
🟥अनुच्छेद-9 की स्वतः समाप्ति) नागरिकता के अधिकारों की निरंतरता (जब तक कि संसद ने ऐसा कानून नहीं बनाया है)।
🟪अनुच्छेद-10 संसद कानून द्वारा नागरिकता के अधिकार को विनियमित कर सकती है।
🟦अनुच्छेद-11संसद के पास नागरिकता के अधिग्रहण और समाप्ति एवं नागरिकता से संबंधित अन्य सभी मामलों के संबंध में कोई भी प्रावधान करने की शक्ति होगी।
❤3
⬜️विटामिन , रासायनिक नाम और रोग
बिटामिन B1 थायमिन_बेरी बेरी
विटामिन B2 रायबोफ्लेविन____किलोसिस
विटामिन B3 _नियासिन ___पेलाग्रा
विटामिन B5 _ पेंटोथेनिक अम्ल___चर्म रोग
विटामिन B6 _पाइरीडोक्सिन___रक्त क्षीणता, स्वप्न याद रहना
विटामिन B7 _बायोटिन____चर्म रोग
बिटामिन B9 _फॉलिक अम्ल____घातक रक्त क्षीणता
बिटामिन B1 थायमिन_बेरी बेरी
विटामिन B2 रायबोफ्लेविन____किलोसिस
विटामिन B3 _नियासिन ___पेलाग्रा
विटामिन B5 _ पेंटोथेनिक अम्ल___चर्म रोग
विटामिन B6 _पाइरीडोक्सिन___रक्त क्षीणता, स्वप्न याद रहना
विटामिन B7 _बायोटिन____चर्म रोग
बिटामिन B9 _फॉलिक अम्ल____घातक रक्त क्षीणता
❤1👏1
Polity_ हक और ज़िम्मेदारी समझाता है
History _ बताती है कि हम कहां से आये है
Geography _देश और दुनिया को करीब से दिखाती है
Economy _देश और व्यवस्था का हिसाब समझाती है
Environment _प्रकृति से हमारा रिश्ता बनाता है
Science and technology _बदलती दुनिया के साथ चलना सिखाती है
Current affairs _रोज बदलती दुनिया के साथ जोड़ कर रखता है
" और इन सबके के बीच एक ही सपना है"
Government job.....❣️
History _ बताती है कि हम कहां से आये है
Geography _देश और दुनिया को करीब से दिखाती है
Economy _देश और व्यवस्था का हिसाब समझाती है
Environment _प्रकृति से हमारा रिश्ता बनाता है
Science and technology _बदलती दुनिया के साथ चलना सिखाती है
Current affairs _रोज बदलती दुनिया के साथ जोड़ कर रखता है
" और इन सबके के बीच एक ही सपना है"
Government job.....❣️
❤2
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू
●भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू हो गया है। इसके तहत पहले दिन से भारत के 100% निर्यात को न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
● इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, कारोबारियों, किसानों और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूती मिलेगी
●भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू हो गया है। इसके तहत पहले दिन से भारत के 100% निर्यात को न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
● इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, कारोबारियों, किसानों और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूती मिलेगी
👍1
पुलिस स्मृति दिवस | 21 अक्टूबर
आज का दिन उन वीर पुलिसकर्मियों को नमन करने का दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा और कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
उनका साहस, त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
शहीद पुलिसकर्मियों को शत्-शत् नमन!
🇮🇳 जय हिंद! जय भारत!
आज का दिन उन वीर पुलिसकर्मियों को नमन करने का दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा और कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
उनका साहस, त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
शहीद पुलिसकर्मियों को शत्-शत् नमन!
🇮🇳 जय हिंद! जय भारत!
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जीवन में "छोड़ देने" की कला में माहिर होना ज़रूरी है। सब कुछ वैसे भी पकड़ कर नहीं रखा जा सकता। किसी परीक्षा की तैयारी में यह पता रहना चाहिए कि क्या-क्या नहीं तैयार करना है। चुनते समय यह पता रहना चाहिये कि किन लोगों से वास्ता नहीं रखना है। सम्बन्धों में यह पता रहना चाहिए कि किस सम्बन्ध को कब जाने देना है। बातों में यह पता रहना चाहिए कि किन बातों को दीर्घकालिक स्मृति का हिस्सा नहीं बनने देना है।
बहुत अधिक मूल्यों, स्मृतियों, द्वंद्वों, अतिसंवेदनशीलता, सापेक्षता और समावेशन में जकड़े लोग अंततः कहीं नहीं पहुँचते, सिवाए हाशिए के, वह भी ख़ुद नहीं बल्कि लोगों द्वारा खिसका दिए जाने के बाद।
इसलिए अपनी प्राथमिकता तय कीजिये और उनपर कार्य कीजिये, निश्चित ही सफलता मिलेगी।
बहुत अधिक मूल्यों, स्मृतियों, द्वंद्वों, अतिसंवेदनशीलता, सापेक्षता और समावेशन में जकड़े लोग अंततः कहीं नहीं पहुँचते, सिवाए हाशिए के, वह भी ख़ुद नहीं बल्कि लोगों द्वारा खिसका दिए जाने के बाद।
इसलिए अपनी प्राथमिकता तय कीजिये और उनपर कार्य कीजिये, निश्चित ही सफलता मिलेगी।
❤2👏1
☑️ विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)
✔️ विश्व पर्यावरण दिवस की नींव 1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित 'मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (5 जून से 16 जून) के दौरान रखी गई थी।
✔️ पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया था।
✔️ पहले विश्व पर्यावरण दिवस का आधिकारिक विषय (Theme) "केवल एक पृथ्वी" (Only One Earth) था।
✔️1972 के इसी सम्मेलन के परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की भी स्थापना हुई थी, जिसका मुख्यालय नैरोबी (केन्या) में है।
✔️ विश्व पर्यावरण दिवस की नींव 1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित 'मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (5 जून से 16 जून) के दौरान रखी गई थी।
✔️ पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया था।
✔️ पहले विश्व पर्यावरण दिवस का आधिकारिक विषय (Theme) "केवल एक पृथ्वी" (Only One Earth) था।
✔️1972 के इसी सम्मेलन के परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की भी स्थापना हुई थी, जिसका मुख्यालय नैरोबी (केन्या) में है।
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❇️ वस्तु एवं सेवा कर (GST)
☞ भारत में जीएसटी का विचार सबसे पहले 2000 में केलकर टास्क फोर्स ने प्रस्तुत किया था, जिसका उद्देश्य जटिल कर प्रणाली को सरल, एकीकृत और पारदर्शी बनाना था।
☞ जीएसटी लागू करने हेतु संविधान में संशोधन हेतु, संविधान (122वाँ संशोधन) विधेयक, 2014 संसद में प्रस्तुत किया गया था। संविधान संशोधन विधेयक मई, 2015 में लोकसभा द्वारा पारित किया गया था। कुछ संशोधनों के साथ यह विधेयक अंततः 3 अगस्त, 2016 को राज्यसभा में और उसके बाद 8 अगस्त, 2016 को लोकसभा द्वारा पारित किया गया।
☞ 8 सितंबर, 2016 को माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई। अब इसे 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 के रूप में अधिनियमित किया गया है, जो संसद और राज्य विधानसभाओं को वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित कानून बनाने और वस्तु एवं सेवा कर परिषद के गठन का एक साथ अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत 1 जुलाई 2017 से “वन नेशन, वन टैक्स” के सिद्धांत के साथ GST पूरे देश में लागू हुआ।
☞ सर्वप्रथम फ्रांस ने 1954 में GST (Goods and Services Tax) लागू किया था। असम GST बिल को मंजूरी देने वाला भारत का पहला राज्य था।
☞ भारत में जीएसटी का विचार सबसे पहले 2000 में केलकर टास्क फोर्स ने प्रस्तुत किया था, जिसका उद्देश्य जटिल कर प्रणाली को सरल, एकीकृत और पारदर्शी बनाना था।
☞ जीएसटी लागू करने हेतु संविधान में संशोधन हेतु, संविधान (122वाँ संशोधन) विधेयक, 2014 संसद में प्रस्तुत किया गया था। संविधान संशोधन विधेयक मई, 2015 में लोकसभा द्वारा पारित किया गया था। कुछ संशोधनों के साथ यह विधेयक अंततः 3 अगस्त, 2016 को राज्यसभा में और उसके बाद 8 अगस्त, 2016 को लोकसभा द्वारा पारित किया गया।
☞ 8 सितंबर, 2016 को माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई। अब इसे 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 के रूप में अधिनियमित किया गया है, जो संसद और राज्य विधानसभाओं को वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित कानून बनाने और वस्तु एवं सेवा कर परिषद के गठन का एक साथ अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत 1 जुलाई 2017 से “वन नेशन, वन टैक्स” के सिद्धांत के साथ GST पूरे देश में लागू हुआ।
☞ सर्वप्रथम फ्रांस ने 1954 में GST (Goods and Services Tax) लागू किया था। असम GST बिल को मंजूरी देने वाला भारत का पहला राज्य था।
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मैं स्वभाव से अकेला रहने वाला व्यक्ति हूं ,,
आपसे रोज बात करता हूं
" तो यकीनन आप खास होंगे "
आपसे रोज बात करता हूं
" तो यकीनन आप खास होंगे "
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