*🔥 UPPCS के लिए सबसे महत्वपूर्ण इंडेसक्स*
*1. Global Innovation Index 2026*
संस्था: WIPO (World Intellectual Property Organization)
कुल: 139 अर्थव्यवस्थाएँ
भारत: 38वाँ स्थान
भारत Central & Southern Asia में प्रथम है।
विश्व में प्रथम: Switzerland।
WIPO +1
*2. Global Gender Gap Index 2026*
जारीकर्ता: World Economic Forum (WEF)
भारत: 131वाँ स्थान
भारत का gender parity score: 64.5%
भारत का सबसे मजबूत sub-index: Educational Attainment।
World Economic Forum
*3. World Happiness Report 2026*
भारत: 116वाँ स्थान
भारत का score: 4.536
यह रिपोर्ट subjective well-being/happiness को मापती है
finland first
*4. Global Peace Index 2026*
संस्था: Institute for Economics & Peace
भारत: 127वाँ
भारत की स्थिति पिछले संस्करण की तुलना में कमजोर हुई।
सबसे शांतिपूर्ण देश: Iceland।
Global Peace Index +1
*5. Environmental Performance Index 2026* — बहुत महत्वपूर्ण
संस्था: Yale Center for Environmental Law & Policy आदि
कुल: 177 देश
भारत: 176वाँ
Score: 22.46
भारत से नीचे केवल Laos (177वाँ) रहा।
प्रथम: Estonia।
Yale School of the Environment +1
*6. SDG Index 2026*
जारीकर्ता: SDSN — Sustainable Development Solutions Network
भारत: 94वाँ/169
Score: 68.3
भारत की ranking में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ।
प्रथम: Finland।
SDG Index Dashboard +1
*7. Climate Change Performance Index 2026*
प्रकाशित: Germanwatch + NewClimate Institute + Climate Action Network
भारत: 23वाँ स्थान
Score: 61.31
भारत पिछले संस्करण के 10वें स्थान से गिरकर 23वें स्थान पर आया।
शीर्ष 3 स्थान खाली रखे गए क्योंकि किसी देश को “Very High” performance नहीं मिली।
The Indian Express +1
*8. Corruption Perceptions* Index 2025
Transparency International द्वारा जारी।
2026 में जारी CPI में भारत: 91वाँ/182
Score: 39/100
प्रथम: Denmark।
*1. Global Innovation Index 2026*
संस्था: WIPO (World Intellectual Property Organization)
कुल: 139 अर्थव्यवस्थाएँ
भारत: 38वाँ स्थान
भारत Central & Southern Asia में प्रथम है।
विश्व में प्रथम: Switzerland।
WIPO +1
*2. Global Gender Gap Index 2026*
जारीकर्ता: World Economic Forum (WEF)
भारत: 131वाँ स्थान
भारत का gender parity score: 64.5%
भारत का सबसे मजबूत sub-index: Educational Attainment।
World Economic Forum
*3. World Happiness Report 2026*
भारत: 116वाँ स्थान
भारत का score: 4.536
यह रिपोर्ट subjective well-being/happiness को मापती है
finland first
*4. Global Peace Index 2026*
संस्था: Institute for Economics & Peace
भारत: 127वाँ
भारत की स्थिति पिछले संस्करण की तुलना में कमजोर हुई।
सबसे शांतिपूर्ण देश: Iceland।
Global Peace Index +1
*5. Environmental Performance Index 2026* — बहुत महत्वपूर्ण
संस्था: Yale Center for Environmental Law & Policy आदि
कुल: 177 देश
भारत: 176वाँ
Score: 22.46
भारत से नीचे केवल Laos (177वाँ) रहा।
प्रथम: Estonia।
Yale School of the Environment +1
*6. SDG Index 2026*
जारीकर्ता: SDSN — Sustainable Development Solutions Network
भारत: 94वाँ/169
Score: 68.3
भारत की ranking में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ।
प्रथम: Finland।
SDG Index Dashboard +1
*7. Climate Change Performance Index 2026*
प्रकाशित: Germanwatch + NewClimate Institute + Climate Action Network
भारत: 23वाँ स्थान
Score: 61.31
भारत पिछले संस्करण के 10वें स्थान से गिरकर 23वें स्थान पर आया।
शीर्ष 3 स्थान खाली रखे गए क्योंकि किसी देश को “Very High” performance नहीं मिली।
The Indian Express +1
*8. Corruption Perceptions* Index 2025
Transparency International द्वारा जारी।
2026 में जारी CPI में भारत: 91वाँ/182
Score: 39/100
प्रथम: Denmark।
❤1
कितना ख़ूबसूरत होता है न वो शख़्स,
जिसे देखे बग़ैर भी दिल को सुकून मिलता है,
जो अपना तो नहीं होता,
मगर जिसके होने से सब कुछ अपना-सा लगता है।
उसकी उदासी में मन बेचैन होता है,
उसकी ख़ुशी से दिल रोशन होता है,
वो अनजान है मेरे एहसासों से,
और मेरी हर दुआ में उसका नाम होता है।
डरती हूँ अपने दिल की बात कहने से,
कहीं खो न दूँ उसे अपना हाल कहने से,
कुछ रिश्ते ख़ामोशी में ही ख़ूबसूरत होते हैं,
डर लगता है उन्हें मोहब्बत का नाम देने से।
नहीं है ज़िद कि वो मेरा हो जाए,
बस जहाँ रहे, ख़ुश रहे, मुस्कुराए,
चाहे उसकी ख़ुशियों में मेरा ज़िक्र न हो,
मेरा दिल फिर भी उसके लिए दुआएँ सजाए।
नाम दूँ भी तो क्या दूँ इस एहसास को,
लफ़्ज़ कम पड़ जाएँगे मेरे जज़्बात को,
कुछ लोग बिना अपने हुए भी
रूह में उतर जाते हैं उम्र भर के लिए।
काश, कभी मेरी ख़ामोशी पढ़कर
वो इतना तो समझ पाए—
कि उसे पाने की ज़िद नहीं मुझे,
बस उसे खोने का ख़याल
मेरे दिल को डरा जाता है। ❤️
जिसे देखे बग़ैर भी दिल को सुकून मिलता है,
जो अपना तो नहीं होता,
मगर जिसके होने से सब कुछ अपना-सा लगता है।
उसकी उदासी में मन बेचैन होता है,
उसकी ख़ुशी से दिल रोशन होता है,
वो अनजान है मेरे एहसासों से,
और मेरी हर दुआ में उसका नाम होता है।
डरती हूँ अपने दिल की बात कहने से,
कहीं खो न दूँ उसे अपना हाल कहने से,
कुछ रिश्ते ख़ामोशी में ही ख़ूबसूरत होते हैं,
डर लगता है उन्हें मोहब्बत का नाम देने से।
नहीं है ज़िद कि वो मेरा हो जाए,
बस जहाँ रहे, ख़ुश रहे, मुस्कुराए,
चाहे उसकी ख़ुशियों में मेरा ज़िक्र न हो,
मेरा दिल फिर भी उसके लिए दुआएँ सजाए।
नाम दूँ भी तो क्या दूँ इस एहसास को,
लफ़्ज़ कम पड़ जाएँगे मेरे जज़्बात को,
कुछ लोग बिना अपने हुए भी
रूह में उतर जाते हैं उम्र भर के लिए।
काश, कभी मेरी ख़ामोशी पढ़कर
वो इतना तो समझ पाए—
कि उसे पाने की ज़िद नहीं मुझे,
बस उसे खोने का ख़याल
मेरे दिल को डरा जाता है। ❤️
❤3
"अहम और वहम से दूर रहें!"
यूपीपीसीएस में यह बात सीसैट (CSAT) पर सबसे सटीक बैठती है।
अहम (Ego): "मेरा बैकग्राउंड साइंस या मैथ्स का है, मुझे सीसैट पढ़ने की क्या जरूरत?"
वहम (Illusion): "सिर्फ 33% ही तो लाने हैं, परीक्षा से पहले आखिरी हफ्ते में देख लूंगा।"
याद रखिए, हर साल हजारों मेधावी छात्र सिर्फ इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि GS में 110+ का शानदार स्कोर होने के बावजूद वे सीसैट में लुढ़क जाते हैं। आपकी पूरे साल की जीएस की तपस्या, सीसैट के इसी अहम और वहम के कारण एक झटके में खाक में मिल सकती है।
आयोग अब सीसैट के पेपर में किसी के बैकग्राउंड का सम्मान नहीं करता। इस 'क्वालीफाइंग' ट्रैप को हल्के में मत लीजिए। रोज़ कम से कम एक घंटा इसके PYQ और अभ्यास को जरूर दीजिए।
यूपीपीसीएस में यह बात सीसैट (CSAT) पर सबसे सटीक बैठती है।
अहम (Ego): "मेरा बैकग्राउंड साइंस या मैथ्स का है, मुझे सीसैट पढ़ने की क्या जरूरत?"
वहम (Illusion): "सिर्फ 33% ही तो लाने हैं, परीक्षा से पहले आखिरी हफ्ते में देख लूंगा।"
याद रखिए, हर साल हजारों मेधावी छात्र सिर्फ इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि GS में 110+ का शानदार स्कोर होने के बावजूद वे सीसैट में लुढ़क जाते हैं। आपकी पूरे साल की जीएस की तपस्या, सीसैट के इसी अहम और वहम के कारण एक झटके में खाक में मिल सकती है।
आयोग अब सीसैट के पेपर में किसी के बैकग्राउंड का सम्मान नहीं करता। इस 'क्वालीफाइंग' ट्रैप को हल्के में मत लीजिए। रोज़ कम से कम एक घंटा इसके PYQ और अभ्यास को जरूर दीजिए।
❤2
❤️❤️मेरे दोस्त सब कहेंगे कि जी जान लगा के पढ़ो,
सोना खाना पीना सब छोड़ दो,
, मैं कुछ और कहना चाहती हूं,
,अपना ख्याल रखो,
अपनी तैयारी को एन्जॉय करो, अपनी मासूमियत बरकरार रखो, क्यूंकि सुखे चेहरे, उड़े हुए बाल, और चिड़चिड़ा सा रहना
किसी भी कामयाबी की निशानी नही है,
,, और कल जब तुम अपनी मंजिल पर पहुंचोगे तो, सबसे बड़ा सवाल यही होगा, की तुम खुश तो हो ना .............❤️❤️
सोना खाना पीना सब छोड़ दो,
, मैं कुछ और कहना चाहती हूं,
,अपना ख्याल रखो,
अपनी तैयारी को एन्जॉय करो, अपनी मासूमियत बरकरार रखो, क्यूंकि सुखे चेहरे, उड़े हुए बाल, और चिड़चिड़ा सा रहना
किसी भी कामयाबी की निशानी नही है,
,, और कल जब तुम अपनी मंजिल पर पहुंचोगे तो, सबसे बड़ा सवाल यही होगा, की तुम खुश तो हो ना .............❤️❤️
❤2
UPSC polity important topics
d883cbdf-e5f1-4a76-af75-0bb75529e2b4.pdf
Upssscpet test series
एहसासों का मरा हुआ इंसान,
दुनिया का सबसे बदकिस्मत इंसान होता है।।
जिसके पास खोने को कुछ नहीं होता,
पाने को कुछ नहीं होता।।
होता है तो बस एक जिंदा लास,
जिसे वो ढोता रहता है कभी किसी अपने के लिए, किसी ऐसे के लिए जिसे टूटता हुआ देख नहीं सकता।।
होते है तो कुछ सवाल,
कि आखिर क्यू नहीं समझा पाया वो अपनी तकलीफ,
या शायद कभी किसी ने पूछा ही नहीं।।
होते है तो कुछ जवाब बिना सवालों के,
कि मैं तो अकेला खड़ा था न,
कभी सबके आगे, कभी सबके पीछे,
लेकिन मेरे साथ कोई खड़ा नहीं।।
होती है कुछ जिम्मेदारियां,
कि भले छोड़ दूं पूरी दुनिया पीछे लेकिन मां को कैसे छोड़ दूं अकेला।।
होते है कुछ घुटन के पल,
जिसे वो चीख कर जाहिर करना चाहता है, लेकिन समाज के सन्नाटे में खलल न पड़े तो कर लेता है खुद को कमरे में बंद।।
होता है एक टकराव अपनों से,
कि क्यों नहीं पूछा कि ठीक तो हो तुम।।
आसान नहीं था एहसासों का मर जाना,
हां अब आसान है पत्थर बन जाना।।
दुनिया का सबसे बदकिस्मत इंसान होता है।।
जिसके पास खोने को कुछ नहीं होता,
पाने को कुछ नहीं होता।।
होता है तो बस एक जिंदा लास,
जिसे वो ढोता रहता है कभी किसी अपने के लिए, किसी ऐसे के लिए जिसे टूटता हुआ देख नहीं सकता।।
होते है तो कुछ सवाल,
कि आखिर क्यू नहीं समझा पाया वो अपनी तकलीफ,
या शायद कभी किसी ने पूछा ही नहीं।।
होते है तो कुछ जवाब बिना सवालों के,
कि मैं तो अकेला खड़ा था न,
कभी सबके आगे, कभी सबके पीछे,
लेकिन मेरे साथ कोई खड़ा नहीं।।
होती है कुछ जिम्मेदारियां,
कि भले छोड़ दूं पूरी दुनिया पीछे लेकिन मां को कैसे छोड़ दूं अकेला।।
होते है कुछ घुटन के पल,
जिसे वो चीख कर जाहिर करना चाहता है, लेकिन समाज के सन्नाटे में खलल न पड़े तो कर लेता है खुद को कमरे में बंद।।
होता है एक टकराव अपनों से,
कि क्यों नहीं पूछा कि ठीक तो हो तुम।।
आसान नहीं था एहसासों का मर जाना,
हां अब आसान है पत्थर बन जाना।।
❤1
🟥 लोक सभा में राज्यों के सीटों की संख्या
▪️उत्तर प्रदेश - 80
▪️महाराष्ट्र - 48
▪️पश्चिम बंगाल - 42
▪️बिहार - 40
▪️तमिलनाडु - 39
▪️मध्य प्रदेश - 29
▪️कर्नाटक - 28
▪️गुजरात - 26
▪️आंध्र प्रदेश - 25
▪️राजस्थान - 25
▪️उत्तर प्रदेश - 80
▪️महाराष्ट्र - 48
▪️पश्चिम बंगाल - 42
▪️बिहार - 40
▪️तमिलनाडु - 39
▪️मध्य प्रदेश - 29
▪️कर्नाटक - 28
▪️गुजरात - 26
▪️आंध्र प्रदेश - 25
▪️राजस्थान - 25
🥰2
UPSC polity important topics
Photo
यूपी की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पार्टी का नाम जनता शक्ति पार्टी रखा है। उन्होंने बताया कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर जिले की सदर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
👍2
पहले क्यूं नहीं मिले से क्यूं मिले तक का सफ़र,
मेरे सब कुछ हो से तुम कौन हो तक का सफ़र,
हंसी की वजह होने से रोने की वजह होने तक का सफ़र,
हम आपके है से हम कोई नहीं तक का सफ़र,
हर पल याद आने से कभी याद न आने तक का सफ़र,
24 घंटे समय से 1 सेकेंड समय न होने तक का सफ़र,
कब मिलने आओगे से कभी मत मिलना तक का सफ़र,
केवल आपको चाहते है से केवल तुम्हें नहीं चाहते तक का सफ़र,
हर पल सामने क्यूं नहीं रहते से कभी नज़र मत आना तक का सफ़र,
ये वो सफ़र है जो चाहता कोई नहीं लेकिन वक्त के इस फैसले को कोई झुठला भी नहीं पाता और फ़िर यादों को सजोने वाला डरने लगता यादों से।
अपनों के बीच रहने वाला डरने लगता अपनों से।
हर पल सबको हंसाने वाला खुद हो जाता है ख़ामोश।
और ढूंढने लगता है खुद में ही कोई दोष।
कि कोई कमी होगी मेरे हाथों की लकीरों में जो ऐसा सफ़र मंज़ूर किया मेरे वक्त ने।।
ख़ामोश एहसासों से चीखते अल्फ़ाजो का सफ़र.........
वक्त को चुकाई है हमने उस वक्त की क़ीमत,
जो वक्त जी न पाए अपने वक्त पर।।
मेरे सब कुछ हो से तुम कौन हो तक का सफ़र,
हंसी की वजह होने से रोने की वजह होने तक का सफ़र,
हम आपके है से हम कोई नहीं तक का सफ़र,
हर पल याद आने से कभी याद न आने तक का सफ़र,
24 घंटे समय से 1 सेकेंड समय न होने तक का सफ़र,
कब मिलने आओगे से कभी मत मिलना तक का सफ़र,
केवल आपको चाहते है से केवल तुम्हें नहीं चाहते तक का सफ़र,
हर पल सामने क्यूं नहीं रहते से कभी नज़र मत आना तक का सफ़र,
ये वो सफ़र है जो चाहता कोई नहीं लेकिन वक्त के इस फैसले को कोई झुठला भी नहीं पाता और फ़िर यादों को सजोने वाला डरने लगता यादों से।
अपनों के बीच रहने वाला डरने लगता अपनों से।
हर पल सबको हंसाने वाला खुद हो जाता है ख़ामोश।
और ढूंढने लगता है खुद में ही कोई दोष।
कि कोई कमी होगी मेरे हाथों की लकीरों में जो ऐसा सफ़र मंज़ूर किया मेरे वक्त ने।।
ख़ामोश एहसासों से चीखते अल्फ़ाजो का सफ़र.........
वक्त को चुकाई है हमने उस वक्त की क़ीमत,
जो वक्त जी न पाए अपने वक्त पर।।
❤3
#UPSSSC PET 26 से आने वाली वैकेंसी।
1- VDO
2- JUNIOR ASSISTANT
3- मुख्य सेविका
4- Lower PCS Special
5- ADO PANCHAYAT
6- CHAKBANDI LEKHPAL......
7- Lower Simple Graduation (700,800 )
8- Steno
Etc special vacancy
1- VDO
2- JUNIOR ASSISTANT
3- मुख्य सेविका
4- Lower PCS Special
5- ADO PANCHAYAT
6- CHAKBANDI LEKHPAL......
7- Lower Simple Graduation (700,800 )
8- Steno
Etc special vacancy
❤1
“खुद के लिए” ✍️
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
चमकती है जो आँखों में, उस नमी को पहचानो,
दूसरों की महफ़िल से पहले, अपनी तन्हाई को देखो तो सही।
ज़माने की दौड़ में बहुत खो चुके हो तुम,
ज़रा रुक कर अपने ही पास, बैठ कर देखो तो सही।
तुम्हारी हँसी पर हक़ सिर्फ़ तुम्हारा ही है,
गैरों के लिए बहुत रो लिए, अब खुद के लिए मुस्कुरा कर देखो तो सही।
जो टूट गए हैं ख़्वाब, छूट गए हैं सपने, उन्हें फिर से सँवारो,
ग़लतियों को भुला कर अपनी, खुद को गले लगा कर देखो तो सही।
तुम अनमोल हो, किसी की तारीफ़ के मोहताज नहीं,
अपनी ही नज़र से एक बार, अपनी क़ीमत को आँक कर देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
चमकती है जो आँखों में, उस नमी को पहचानो,
दूसरों की महफ़िल से पहले, अपनी तन्हाई को देखो तो सही।
ज़माने की दौड़ में बहुत खो चुके हो तुम,
ज़रा रुक कर अपने ही पास, बैठ कर देखो तो सही।
तुम्हारी हँसी पर हक़ सिर्फ़ तुम्हारा ही है,
गैरों के लिए बहुत रो लिए, अब खुद के लिए मुस्कुरा कर देखो तो सही।
जो टूट गए हैं ख़्वाब, छूट गए हैं सपने, उन्हें फिर से सँवारो,
ग़लतियों को भुला कर अपनी, खुद को गले लगा कर देखो तो सही।
तुम अनमोल हो, किसी की तारीफ़ के मोहताज नहीं,
अपनी ही नज़र से एक बार, अपनी क़ीमत को आँक कर देखो तो सही।
आईने के सामने ठहर कर खुद को देखो तो सही,
दूसरों से पहले, खुद से मोहब्बत करके देखो तो सही।
❤2
अगर जीत लिखी है
मेरे हिस्से तो,
हार क्या कर पाएगी,
गिर कर उठना सीख लिया है
असफलताएं कब तक
टकराएंगी।।
भाग्य को कोसना छोड़ दिया है,
ख़ुद की सरजमीं पर पाँव रखना बाकी है
रोना भी छोड़ दिया है,
अभी सफलता की दिखानी झांकी है।।
उठें हैं कदम तो रुकेंगे नहीं,
चाहे आए लाख बाधाएं,
पाँव में छाले पड़े, चाहे हों घायल,
सर उठे ही रहेंगे झुकेंगे नहीं।।
सीख रहें हैं खामोशियों से लड़ना,
बैठना नहीं है,
कुछ ना कुछ करते हैं रहना,
मिली सीख जो जीवन से
उसको अब है कहना।।
मेरे हिस्से तो,
हार क्या कर पाएगी,
गिर कर उठना सीख लिया है
असफलताएं कब तक
टकराएंगी।।
भाग्य को कोसना छोड़ दिया है,
ख़ुद की सरजमीं पर पाँव रखना बाकी है
रोना भी छोड़ दिया है,
अभी सफलता की दिखानी झांकी है।।
उठें हैं कदम तो रुकेंगे नहीं,
चाहे आए लाख बाधाएं,
पाँव में छाले पड़े, चाहे हों घायल,
सर उठे ही रहेंगे झुकेंगे नहीं।।
सीख रहें हैं खामोशियों से लड़ना,
बैठना नहीं है,
कुछ ना कुछ करते हैं रहना,
मिली सीख जो जीवन से
उसको अब है कहना।।
❤1
Supreme Court JCA भर्ती 2026
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती निकली है।
योग्यता: ग्रेजुएट + कंप्यूटर ज्ञान, टाइपिंग 35 WPM
आयु: 18 से 30 वर्ष
वेतन: पे लेवल 6, लगभग ₹73,000 तक
आवेदन: 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026
फीस: ₹1500
आवेदन लिंक: https://cdn3.digialm.com//EForms/configuredHtml/32912/100521/Index.html
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती निकली है।
योग्यता: ग्रेजुएट + कंप्यूटर ज्ञान, टाइपिंग 35 WPM
आयु: 18 से 30 वर्ष
वेतन: पे लेवल 6, लगभग ₹73,000 तक
आवेदन: 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026
फीस: ₹1500
आवेदन लिंक: https://cdn3.digialm.com//EForms/configuredHtml/32912/100521/Index.html
❤1
🟦कुल रामसर स्थल: 103
नवीनतम शामिल स्थल-
◾ सुखना आर्द्रभूमि: चंडीगढ़
◾सौज झील: उत्तर प्रदेश
◾घोषणा की तिथि: 15 अक्टूबर 2026
◾घोषणा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव।
नवीनतम शामिल स्थल-
◾ सुखना आर्द्रभूमि: चंडीगढ़
◾सौज झील: उत्तर प्रदेश
◾घोषणा की तिथि: 15 अक्टूबर 2026
◾घोषणा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव।
❤1
रिश्ते क्या खून के हो, तभी अपने हैं
अपनापन मायने नहीं रखता क्या,
पर मैं तो देखती हूं न उनमें अपनापन
तो मुझे में क्यू, वो अपनापन नही पा रहे
, हर सुबह यही ख्याल आता,
कभी तो अपना, समझ कर , देख के मुस्कुरा देंगे
सुबह से शाम हो ही जाती है
कुछ सपने, सपने ही रहे जाते हैं
कोई नही पूछता तुम कैसे हो
क्या सबका ख्याल, मैं ही करूँ
मेरा कौन है
सच बोलूं तो कोई नही
हां कहने को सब, शायद
असल के कोई नही
थक जाता है ऐसा मन
फिर रोता है अकेले में
जिसको समझने वाला कोई नही
भीड़ मे खो चुकी जो खुद को
कोई सहारा बचा ही नहीं
हां चाहिए भी नही शायद उसे
कोई सहारा
शायद आदत नही
जब बचपन, ही हो वैसा
तो शायद बड़े होके
मर जाते हैं सपने ..........
अपनापन मायने नहीं रखता क्या,
पर मैं तो देखती हूं न उनमें अपनापन
तो मुझे में क्यू, वो अपनापन नही पा रहे
, हर सुबह यही ख्याल आता,
कभी तो अपना, समझ कर , देख के मुस्कुरा देंगे
सुबह से शाम हो ही जाती है
कुछ सपने, सपने ही रहे जाते हैं
कोई नही पूछता तुम कैसे हो
क्या सबका ख्याल, मैं ही करूँ
मेरा कौन है
सच बोलूं तो कोई नही
हां कहने को सब, शायद
असल के कोई नही
थक जाता है ऐसा मन
फिर रोता है अकेले में
जिसको समझने वाला कोई नही
भीड़ मे खो चुकी जो खुद को
कोई सहारा बचा ही नहीं
हां चाहिए भी नही शायद उसे
कोई सहारा
शायद आदत नही
जब बचपन, ही हो वैसा
तो शायद बड़े होके
मर जाते हैं सपने ..........
❤3😁1
🔴 ब्रिटिश भारत में शिक्षा का विकास :-
▪️ 1813 — चार्टर एक्ट
• शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष ₹1 लाख का प्रावधान।
▪️ 1835 — मैकाले का स्मरण-पत्र
• अंग्रेजी माध्यम एवं पाश्चात्य शिक्षा पर बल।
• अधोगामी निस्पंदन सिद्धांत (Downward Filtration Theory)।
▪️ 1854 — वुड्स डिस्पैच
• भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा।
• प्राथमिक स्तर पर स्थानीय भाषाएँ तथा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी।
• महिला एवं धर्मनिरपेक्ष शिक्षा पर बल।
• 1857 में कलकत्ता, बंबई एवं मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना।
▪️ 1882–83 — हंटर आयोग
• लॉर्ड रिपन के समय गठन।
• प्राथमिक शिक्षा पर विशेष बल।
▪️ 1902 — रैले आयोग
• लॉर्ड कर्जन द्वारा गठन।
• विश्वविद्यालयों की स्थिति की समीक्षा।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: गुरुदास बनर्जी एवं सैयद हुसैन बिलग्रामी।
▪️ 1904 — भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम
• विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया गया।
• शिक्षा एवं शोध में सुधार पर बल।
▪️ 1917–19 — सैडलर आयोग
• कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं के अध्ययन हेतु गठन।
• विद्यालयी शिक्षा के 12 वर्षीय पाठ्यक्रम की सिफारिश।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: आशुतोष मुखर्जी एवं जियाउद्दीन अहमद।
▪️ 1929 — हार्टोग समिति
• प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता एवं अपव्यय-गतिरोध की समस्या पर बल।
• व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन।
▪️ 1937 — वर्धा शिक्षा योजना
• महात्मा गांधी की पहल।
• डॉ. जाकिर हुसैन समिति ने प्रारूप तैयार किया।
• हस्तकला आधारित बुनियादी शिक्षा पर बल।
▪️ 1944 — सार्जेंट योजना
• 3–6 वर्ष: पूर्व-प्राथमिक शिक्षा।
• 6–14 वर्ष: निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य।
• 20 वर्षों में वयस्क निरक्षरता समाप्त करने की योजना।
▪️ 1813 — चार्टर एक्ट
• शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष ₹1 लाख का प्रावधान।
▪️ 1835 — मैकाले का स्मरण-पत्र
• अंग्रेजी माध्यम एवं पाश्चात्य शिक्षा पर बल।
• अधोगामी निस्पंदन सिद्धांत (Downward Filtration Theory)।
▪️ 1854 — वुड्स डिस्पैच
• भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा।
• प्राथमिक स्तर पर स्थानीय भाषाएँ तथा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी।
• महिला एवं धर्मनिरपेक्ष शिक्षा पर बल।
• 1857 में कलकत्ता, बंबई एवं मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना।
▪️ 1882–83 — हंटर आयोग
• लॉर्ड रिपन के समय गठन।
• प्राथमिक शिक्षा पर विशेष बल।
▪️ 1902 — रैले आयोग
• लॉर्ड कर्जन द्वारा गठन।
• विश्वविद्यालयों की स्थिति की समीक्षा।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: गुरुदास बनर्जी एवं सैयद हुसैन बिलग्रामी।
▪️ 1904 — भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम
• विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया गया।
• शिक्षा एवं शोध में सुधार पर बल।
▪️ 1917–19 — सैडलर आयोग
• कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं के अध्ययन हेतु गठन।
• विद्यालयी शिक्षा के 12 वर्षीय पाठ्यक्रम की सिफारिश।
• प्रमुख भारतीय सदस्य: आशुतोष मुखर्जी एवं जियाउद्दीन अहमद।
▪️ 1929 — हार्टोग समिति
• प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता एवं अपव्यय-गतिरोध की समस्या पर बल।
• व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन।
▪️ 1937 — वर्धा शिक्षा योजना
• महात्मा गांधी की पहल।
• डॉ. जाकिर हुसैन समिति ने प्रारूप तैयार किया।
• हस्तकला आधारित बुनियादी शिक्षा पर बल।
▪️ 1944 — सार्जेंट योजना
• 3–6 वर्ष: पूर्व-प्राथमिक शिक्षा।
• 6–14 वर्ष: निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य।
• 20 वर्षों में वयस्क निरक्षरता समाप्त करने की योजना।
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