निम्नलिखित में से कौन पुराणों के संकलन से संबंधित नही है ?
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18%
व्यास
17%
उग्रश्रवा
23%
लोमहर्ष
43%
मंखक
निम्नलिखित में से " कूर्चक " एक सम्प्रदाय था ?
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15%
वैष्णव धर्म का
30%
शैव धर्म का
23%
बौद्ध धर्म
23%
जैन धर्म का
9%
सिक्ख धर्म का
❤2🔥2👍1
निम्नलिखित में से कौन निर्गुण संप्रदाय के संत थे -
1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
Anonymous Quiz
6%
A.) 1 , 2 , 3 , 4
36%
B.) 2 , 3 , 5 , 6
12%
C.) 1 , 2 , 4 , 6
46%
D.) उपरोक्त सभी
👍1
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
निम्नलिखित में से कौन निर्गुण संप्रदाय के संत थे -
1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
🌿 सगुण परम्परा के संत --- रामानुज , माध्वाचार्य , निम्बार्काचार्य , रामानन्द , वल्लभाचार्य , चैतन्य महाप्रभु , शंकरदेव , मीराबाई , तुलसीदास , नरसी मेहता , सूरदास ....
🌿 निर्गुण परम्परा के संत --- कबीर , नानक , रैदास , दादू दयाल , मलूकदास , रज्जब , धरणीदास , पीपा ....
🌿 निर्गुण परम्परा के संत --- कबीर , नानक , रैदास , दादू दयाल , मलूकदास , रज्जब , धरणीदास , पीपा ....
👍5
ऋग्वेद की भुर्ज वृक्ष की छाल पर लिखी गई एक पांडुलिपि कहां से प्राप्त हुई , जिसका प्रयोग ऋग्वेद को छापने के लिए 150 वर्ष पहले किया गया -
Anonymous Quiz
3%
दिल्ली
40%
कश्मीर
25%
इलाहाबाद
15%
प्रयागराज
16%
अहिछत्रपुर
🔥2
निम्न में से " अलबरूनी की किताब - उल - हिन्द " में कितने अध्याय है ?
Anonymous Quiz
16%
20
25%
40
43%
80
13%
86
3%
90
❤5👍1
निम्नलिखित में से किस स्मृति में कृषि को वैश्य तथा शूद्र का समान कार्य बताया गया है ?
Anonymous Quiz
14%
नारद स्मृति
24%
देवल स्मृति
38%
मनु स्मृति
9%
विष्णु स्मृति
15%
याज्ञवल्क्य स्मृति
❤2🔥2👍1😢1
Forwarded from ✍ इतिहास की जिज्ञासा
निम्न में से किसके साथ ऋग्वेद में 'आप' का उल्लेख हुआ है?
म
म
Anonymous Quiz
14%
विष्णु
49%
इंद्र
27%
वरुण
10%
मित्र
❤3👌3👍1
Forwarded from ✍ इतिहास की जिज्ञासा
👍2
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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शेड्यूल अनुसार 3 जनवरी तक के exam center show हो रहे है इतिहास का 10 जनवरी को है तो कुछ दिन बाद आयेगा
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👍
👍4🙏1
🌿🌿 कुषाण शासको के सिक्के ........
🌿 कुजुल कड्फिसेस --- इसके सिक्कों पर अंतिम यूनानी राजा " हर्मियस " की आकृति है अत: प्रारम्भ में वह हर्मियस का सामंत था . मार्शल को तक्षशिला की खुदाई से इसके बहुसंख्यक सिक्के मिले थे . यह केवल तांबे के सिक्के है जिस पर " धर्मथिदस " एवं ऊँट की आकृति अंकित है . तथा सिक्कों पर रोमन सम्राट " आगस्टस " या " टाइबेरियस " की भी आकृति अंकित है ...
🌿 विम कड्फिसेस --- इसने " स्वर्ण " , " ताम्र " एवं " रजत " की मुद्राओं को जारी किया था ...
स्वर्ण ( तीन मूल्यों -- द्वि - दीनार , दीनार , पाद - दीनार ) के रूप में है . ताम्र ( अर्ध और पाद ) 17 ग्राम के है . एवं रजत ( चांदी ) ..... तक्षशिला से प्राप्त विम - कडफिसेस के चांदी के सिक्कों पर " नाइके " का अंकन है . ( ..... विम कड्फिसेस के पश्चात् कुषाण मद्राओं पर खरोष्ठी लिपि एवं प्राकृत भाषा तिरोहित हो गई .... )
उसके कुछ सिक्के भीटा , कौशाम्बी तथा बिहार के बक्सर तथा बसाढ़ से भी प्राप्त हुए है तथा सिक्कों पर शिव , नंदी एवं त्रिशूल की आकृति के साथ " महेश्वर " की उपाधि मिलती है ...
🌿 कनिष्क ..... इसके सिक्कों पर ही सबसे पहली बार प्रभामण्डलयुक्त खङी मुद्रा में बुद्ध की आकृति एवं लेख बोद्दो एवं शकमनों ( शाक्यमुनि बुद्ध का अंकन है ... pyq ) कनिष्क के सोने के सिक्के दो मानो - दीनार और पाद - दीनार के है . अपने सभी सिक्कों पर कनिष्क लम्बा कोट , शलवार और टोपी पहने अग्नि - वेदिका के सम्मुख खङा है . ( सिक्कों पर उसका नाम " शाव नानो शाव कनेष्की ) के रूप में अंकित होने लगा .. )
.... कनिष्क ने सिक्कों पर ईरानी , यूनानी , ब्राह्मण एवं बौद्ध ... चार धर्म के देवताओं का अंकन किया है . इसके अतिरिक्त ... अहुरमज्द , दुवस्प , बहुमन , शिव , हेलियोस , सेलिनी , ईरानी देवता अतश , भारतीय लक्ष्मी सदृश्य लेकिन लक्ष्मी नही ऐश्वर्य की देवी अरदोक्षों .... ( pyq ) यूनानी देवता आइसो ( pyq ... ) का चतुर्भजी रूप , स्कन्द और गणेश आदि का अंकन हुआ है .... सोने के सिक्कों पर बुद्ध खङे है और उनका नाम बोद्दो लिखा है ... तांबे के सिक्कों पर शाक्यमुनि बुद्ध लिखा है ( pyq ) ....
🌿 हुविष्क ..... इसके सिक्कों पर सर्वाधिक संख्या में हिन्दू - देवी देवताओं का अंकन हुआ है ( pyq ) यह अंकन कनिष्क के सिक्कों पर अंकित देवी - देवताओं की तुलना में अधिक है .
इसके अतिरिक्त ... उमा , पाशुपत धर्म , शिव त्रिमुख , मृग , पाश , वज्र , शिव के साथ ईरानी देवी नाना का युग्म , स्कन्दकुमार , विशाख , महासेन ( pyq ...) तथा धनुषधारी कार्तिकेय , विष्णु , धनुर्धारी गणेश , बुद्ध , वरूण आदि का अंकन उसकी मुद्रा पर दिखता है ...
🌿 वासुदेव प्रथम .... बैक्ट्रिया तथा अफगानिस्तान से इसके " शिव - नन्दी " प्रकार के सिक्के जिस पर " वासु " नाम उत्कीर्ण है मिलते है ...
🌿 कुजुल कड्फिसेस --- इसके सिक्कों पर अंतिम यूनानी राजा " हर्मियस " की आकृति है अत: प्रारम्भ में वह हर्मियस का सामंत था . मार्शल को तक्षशिला की खुदाई से इसके बहुसंख्यक सिक्के मिले थे . यह केवल तांबे के सिक्के है जिस पर " धर्मथिदस " एवं ऊँट की आकृति अंकित है . तथा सिक्कों पर रोमन सम्राट " आगस्टस " या " टाइबेरियस " की भी आकृति अंकित है ...
🌿 विम कड्फिसेस --- इसने " स्वर्ण " , " ताम्र " एवं " रजत " की मुद्राओं को जारी किया था ...
स्वर्ण ( तीन मूल्यों -- द्वि - दीनार , दीनार , पाद - दीनार ) के रूप में है . ताम्र ( अर्ध और पाद ) 17 ग्राम के है . एवं रजत ( चांदी ) ..... तक्षशिला से प्राप्त विम - कडफिसेस के चांदी के सिक्कों पर " नाइके " का अंकन है . ( ..... विम कड्फिसेस के पश्चात् कुषाण मद्राओं पर खरोष्ठी लिपि एवं प्राकृत भाषा तिरोहित हो गई .... )
उसके कुछ सिक्के भीटा , कौशाम्बी तथा बिहार के बक्सर तथा बसाढ़ से भी प्राप्त हुए है तथा सिक्कों पर शिव , नंदी एवं त्रिशूल की आकृति के साथ " महेश्वर " की उपाधि मिलती है ...
🌿 कनिष्क ..... इसके सिक्कों पर ही सबसे पहली बार प्रभामण्डलयुक्त खङी मुद्रा में बुद्ध की आकृति एवं लेख बोद्दो एवं शकमनों ( शाक्यमुनि बुद्ध का अंकन है ... pyq ) कनिष्क के सोने के सिक्के दो मानो - दीनार और पाद - दीनार के है . अपने सभी सिक्कों पर कनिष्क लम्बा कोट , शलवार और टोपी पहने अग्नि - वेदिका के सम्मुख खङा है . ( सिक्कों पर उसका नाम " शाव नानो शाव कनेष्की ) के रूप में अंकित होने लगा .. )
.... कनिष्क ने सिक्कों पर ईरानी , यूनानी , ब्राह्मण एवं बौद्ध ... चार धर्म के देवताओं का अंकन किया है . इसके अतिरिक्त ... अहुरमज्द , दुवस्प , बहुमन , शिव , हेलियोस , सेलिनी , ईरानी देवता अतश , भारतीय लक्ष्मी सदृश्य लेकिन लक्ष्मी नही ऐश्वर्य की देवी अरदोक्षों .... ( pyq ) यूनानी देवता आइसो ( pyq ... ) का चतुर्भजी रूप , स्कन्द और गणेश आदि का अंकन हुआ है .... सोने के सिक्कों पर बुद्ध खङे है और उनका नाम बोद्दो लिखा है ... तांबे के सिक्कों पर शाक्यमुनि बुद्ध लिखा है ( pyq ) ....
🌿 हुविष्क ..... इसके सिक्कों पर सर्वाधिक संख्या में हिन्दू - देवी देवताओं का अंकन हुआ है ( pyq ) यह अंकन कनिष्क के सिक्कों पर अंकित देवी - देवताओं की तुलना में अधिक है .
इसके अतिरिक्त ... उमा , पाशुपत धर्म , शिव त्रिमुख , मृग , पाश , वज्र , शिव के साथ ईरानी देवी नाना का युग्म , स्कन्दकुमार , विशाख , महासेन ( pyq ...) तथा धनुषधारी कार्तिकेय , विष्णु , धनुर्धारी गणेश , बुद्ध , वरूण आदि का अंकन उसकी मुद्रा पर दिखता है ...
🌿 वासुदेव प्रथम .... बैक्ट्रिया तथा अफगानिस्तान से इसके " शिव - नन्दी " प्रकार के सिक्के जिस पर " वासु " नाम उत्कीर्ण है मिलते है ...
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