𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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🇮🇳इस ग्रुप का उद्देश्य आपको इतिहास विषय से विभिन्न एग्जाम यथा UGC NET,SET,NVS,KVS,EMRS, Ass. Professor,PGT, RPSC ,UPPSC,MPSC ,DSSSB
आदि में सफलता प्राप्त करने में मदद करना एवम इतिहास विषय के ज्ञान से अवगत कराना है ।
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भगवान राम और पुना ताम्र पत्र

लेख में प्रभावती स्वयं को अभय कुलंकार तथा भगवत भक्ता कहती है। वाकाटक नरेश शिवभक्त था जबकि प्रभावती वैष्णव धर्मानुयायी थी। लेख में कहा गया है कि महारानी प्रभावती रामगिरि पर प्रतिष्ठापित, जिसकी पहचान वर्तमान रामटेक से की गई है, रामचन्द्रजी की पादुका की बड़ी भक्त थी। इसी कारण से उसने उङ्गुण नामक ग्राम भगवद् भक्त आचार्य चनालस्वामी को दान में प्रदान किया था। यह वाकाटक महारानी द्वारा जारी की गई भूमिदान सनद नन्दिवर्धन से अभिभूत हुई है। नन्दिवर्धन की पहचान संतोषजनक न की जा सकी है जोकि वाकाटकों की राजधानी थी और जहाँ से प्रभावती गुप्ता अपने पुत्र दिवाकरसेन के बाल्यकाल में उसकी ओर से शासन भार सम्भालती थी। यह ग्रामदान भगवत भक्ताचार्य चनालस्वामी के पक्ष में अग्रहार दान की प्रचलित शर्तों के अनुसार किया गया था। ग्राम, जोकि आचार्य को दानस्वरूप दिया गया था, का नाम युंगुण या गंगुणग्राम था जोकि सुप्रतिष्ठित आहार विषय में स्थित था। यह सनद शासन वर्ष 13 में दिनांकित है जोकि सम्भवतः रुद्रसेन के शासनवर्ष को सूचित करती है।


Dinesh k Prajapat
❤6🔥2🏆2👍1👏1
निम्न में से मौर्य काल में " एग्रोनोमोई " नामक अधिकारी का क्या कार्य था ?
Anonymous Quiz
26%
नगर की सुरक्षा
38%
सङक निर्माण
23%
राजस्व प्रबंधन
5%
जासूसी
7%
चारागाह प्रभारी
🔥1👏1😢1
निम्नलिखित में से कौन - से वंश के शासकों ने स्वयं को " ब्रह्म क्षत्रिय " कहा है ?
Anonymous Quiz
6%
पाल
26%
सेन
39%
प्रतिहार
24%
राष्ट्रकूट
6%
चालुक्य
निम्नलिखित में से कौन - सी रचना बल्लाल सेन की नही है ?
Anonymous Quiz
12%
ज्ञान सागर
18%
अद्भुत सागर
30%
प्रतिष्ठा सागर
18%
आचार सागर
22%
ब्रत सागर
👌3👍1
तारानाथ ने किस पाल शासक को " बौद्ध धर्म का पुन: संस्थापक कहा है ?
Anonymous Quiz
33%
धर्मपाल
31%
महिपाल प्रथम
13%
रामपाल
20%
देवपाल
3%
नारायणपाल
👍2
महाभारत का तिथि प्रमाण

एहोल प्रस्तर लेख (पुलकेशिन II)

यह अभिलेख मेगूती मंदिर की पूर्वी द्वार पर प्राप्त हुआ है इस लेख की तिथि शक संवत 556 (634 35 ई) है भाषा संस्कृत तथा लिपि दक्षिण भारतीय ब्राह्मी है। इस अभिलेख का सर्वप्रथम संपादन का श्रेय डॉक्टर फ्लीट को जाता है इसमें 19 पंक्तियां हैं तथा इनमें 18वीं व 19 पंक्तियां अभिलेख में बाद में जोड़ी गई प्रतीत होती है।
इस अभिलेख की सबसे रोचक बात यह है कि
अभिलेख में कहा गया है कि इस अभिलेख के लिखे जाने से 3735 वर्ष पूर्व महाभारत का युद्ध हुआ था
यह तिथि एक मात्र तिथि प्रमाण है महाभारत युद्ध का
। लेख में शक संवत् 556 (=634-35 ई०) का उल्लेख है जो महाभारत युद्ध की तिथि के अनुमान में सहायक हो सकता है, यह तिथि उन धारणाओं को भी ध्वस्त करने में सहायक है जिनमें कहा जाता है कि महाभारत एक कवि की कल्पना से अधिक कुछ भी नहीं तथा इस कल्पना का उत्पति काल उत्तर मौर्य युग व चरम गुप्तकाल है।
इस तिथि की साम्यता हड़प्पा सभ्यता से भी की जा सकती है परंतु अभी यह मात्र एक कल्पना ही है जब तक महाभारत के स्पष्ट पुरातात्विक प्रमाण उपलब्ध न हो तथा उत्तर प्रदेश ,हरियाणा, उत्तरी राजस्थान ,दिल्ली आदि से होने वाले उत्खनन महाभारत काल की इतिहास रचना में भविष्य में सहायक हो सके उनका वैज्ञानिक तिथिकरण इस तिथि से मेल खाए।

Dinesh k Prajapat
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𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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🌿🌿  चिश्ती सिलसिला के मुख्य उपदेशक  (  ... मृत्यु का वर्ष  ...  दरगाह का स्थान   ...  )

🌿   शेख  मुईनुद्दीन चिश्ती - 1235 ,
अजमेर ( राजस्थान )

🌿   ख्वाजा कुतुबद्दीन बख्तियार काकी - 1235 ,  दिल्ली ..

🌿   शेख फरीदुद्दीन गंज ए शकर - 1265 , अजोधन ( वर्तमान पाकिस्तान )

🌿   शेख निजामुद्दीन औलिया -  1325 ,  दिल्ली ..

🌿 शेख नासिरूद्दीन चिराग ए देहलवी - 1356 ,  दिल्ली ..
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निम्नलिखित में से कौन पुराणों के संकलन से संबंधित नही है ?
Anonymous Quiz
18%
व्यास
17%
उग्रश्रवा
23%
लोमहर्ष
43%
मंखक
निम्नलिखित में से कौन निर्गुण संप्रदाय के संत थे -

1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
Anonymous Quiz
6%
A.) 1 , 2 , 3 , 4
36%
B.) 2 , 3 , 5 , 6
12%
C.) 1 , 2 , 4 , 6
46%
D.) उपरोक्त सभी
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𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
निम्नलिखित में से कौन निर्गुण संप्रदाय के संत थे -

1.) दादू दयाल 2.) गुरू नानक 3.) रैदास 4.) पीपा 5.) कबीर 6.) धरणीदास
🌿   सगुण परम्परा के संत  ---  रामानुज ,  माध्वाचार्य  , निम्बार्काचार्य  ,  रामानन्द  ,  वल्लभाचार्य  ,  चैतन्य महाप्रभु  ,  शंकरदेव , मीराबाई  ,  तुलसीदास  ,   नरसी मेहता ,  सूरदास  ....

🌿  निर्गुण  परम्परा के संत  ---  कबीर  ,  नानक  ,   रैदास  ,  दादू दयाल  ,  मलूकदास  ,  रज्जब  ,   धरणीदास  ,   पीपा  ....
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