पूर्व मौर्यकाल के दौरान मध्य गंगा के मैदानो में भवनो की संरचना प्राप्त नहीं होने का क्या कारण था ?
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6%
सिकंदर का आक्रमण
64%
घरों का निर्माण मिट्टी की ईंटों और लकड़ी से हुआ था
24%
गंगा नदी में बाढ़
6%
लोगों का सामुहिक पलायन
👍4
निम्नलिखित में किस स्थल से हङप्पा लिपि में बहुत बङे - बङे अक्षरों में हुआ एक लघु अभिलेख प्राप्त हुआ है ?
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7%
कालीबंगा
48%
धौलावीरा
30%
मोहनजोदङो
12%
राखीगढ़ी
2%
बनावली
👍6
आजीविक सम्प्रदाय के अनुयायियों को किन अन्य नामों से भी जाना जाता था ?
A.) हत्थापलेखण B ) एकदण्डिक C.) मागन्दिक D.) तेदण्डिक
A.) हत्थापलेखण B ) एकदण्डिक C.) मागन्दिक D.) तेदण्डिक
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20%
1.) केवल A और B
32%
2.) केवल A , B और D
15%
3.) केवल A और C
33%
4.) उपरोक्त सभी
निम्न में से किन्होनें अपने सिक्कों पर शिव को अंकित करवाया ?
A.) हर्ष B.) शशांक C.) वासुदेव D.) विम कडफिसेस
A.) हर्ष B.) शशांक C.) वासुदेव D.) विम कडफिसेस
Anonymous Quiz
10%
1.) केवल A और B
33%
2.) केवल B और D
15%
3.) केवल A और C
42%
4.) उपरोक्त सभी
👍6
Forwarded from ✍ इतिहास की जिज्ञासा
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना साल 1861 में हुई थी. इसकी स्थापना जनरल अलेक्ज़ेंडर कनिंघम ने की थी और वे इसके पहले महानिदेशक भी बने।
यह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन काम करता है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का आदर्श वाक्य "प्रत्नकीर्तिमपावृणु" है।
लॉर्ड कर्ज़न के वायसराय रहते हुए 1904 में प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित किया गया था। इस अधिनियम के तहत पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई थी।
लॉर्ड कर्ज़न ने 26 फ़रवरी, 1901 को दिए गए भाषण में कहा था कि वह 'प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को सरकार के प्राथमिक दायित्वों में से एक मानते हैं'।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का काम पुरातात्विक अनुसंधान और देश में सांस्कृतिक स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव करना है।
यह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन काम करता है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का आदर्श वाक्य "प्रत्नकीर्तिमपावृणु" है।
लॉर्ड कर्ज़न के वायसराय रहते हुए 1904 में प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित किया गया था। इस अधिनियम के तहत पुरातत्व विभाग की स्थापना हुई थी।
लॉर्ड कर्ज़न ने 26 फ़रवरी, 1901 को दिए गए भाषण में कहा था कि वह 'प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को सरकार के प्राथमिक दायित्वों में से एक मानते हैं'।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का काम पुरातात्विक अनुसंधान और देश में सांस्कृतिक स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव करना है।
👍5👏4👌1
प्राचीन भारत में " शून्य " का सर्वप्रथम उल्लेख किस ग्रंथ में हुआ है ?
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12%
छंदशास्त्र
44%
सूर्य सिद्धान्तिका
30%
लीलावती
5%
महावंश
9%
अर्थशास्त्र
🏆4
पूर्व मध्यकालीन किसी साहित्यिक ग्रंथ से ज्ञात होता है कि तत्कालीन समय में धान की 50 से भी अधिक किस्मों की खेती होती थी ?
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17%
गरूङ पुराण
24%
शून्य पुराण
27%
ऋग्वेद
18%
मुद्राराक्षस
14%
दिव्यावदान
" किरातार्जुनीयम् " की कथावस्तु का आधारस्त्रोत है ?
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11%
रामायण
51%
महाभारत
23%
आदि ग्रंथ
8%
दर्शन
7%
उपनिषद
👍6👏2
कौनसा स्थल है जहा से कंकाल तो मिले है लेकिन कोई भी कब्रिस्तान नहीं मिला है ?
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14%
लोथल
30%
रोजदी
23%
रोपड़
32%
मोहनजोदरो
👍4❤1
History.pdf
155.4 KB
❤3👍3
निम्नलिखित में से कौन - सी पुस्तक नाथमुनि की है ?
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15%
सिद्धित्रय
34%
न्यायतत्व
24%
श्रीभाष्य
19%
तत्त्वरत्नाकर
8%
चण्डीशत काव्य
🌿🌿 राष्ट्रवादी इतिहास लेखन से सम्बन्धित इतिहासकार -
🌿 रमेश चन्द्र दत्त
🌿 के .एम .पणिक्कर
🌿 आर .जी . भण्डाकर
🌿 के .पी .जायसवाल
🌿ए .सी . रायचौधरी
🌿गोविन्द सखाराम देसाई
🌿राधा कुमुद मुखर्जी
🌿के .एल .नीलकण्ड शास्त्री
🌿 एस .कृष्ण स्वामी आयंगर
🌿आर .सी .मजूमदार
🌿जदुनाथ सरकार
🌿 शफात अहमद खां
🌿 रमेश चन्द्र दत्त
🌿 के .एम .पणिक्कर
🌿 आर .जी . भण्डाकर
🌿 के .पी .जायसवाल
🌿ए .सी . रायचौधरी
🌿गोविन्द सखाराम देसाई
🌿राधा कुमुद मुखर्जी
🌿के .एल .नीलकण्ड शास्त्री
🌿 एस .कृष्ण स्वामी आयंगर
🌿आर .सी .मजूमदार
🌿जदुनाथ सरकार
🌿 शफात अहमद खां
👍9
निम्नलिखित में से कौन - से ग्रंथ तलाक की अनुमति देते है ?
A.) नारद स्मृति B.) मानव धर्मशास्त्र C.) अर्थशास्त्र D.) याज्ञवल्क्य स्मृति
A.) नारद स्मृति B.) मानव धर्मशास्त्र C.) अर्थशास्त्र D.) याज्ञवल्क्य स्मृति
Anonymous Quiz
13%
1.) केवल A और B
31%
2.) केवल B और D
25%
C.) केवल C
32%
D.) उपरोक्त सभी
गुप्तकालीन " बोवर पाण्डुलिपि " सम्बन्धित है ?
Anonymous Quiz
8%
संगीत से
31%
नाट्यशास्त्र से
39%
आयुर्वेद से
9%
गणित से
12%
खगोलशास्त्र से
👍5❤4
निम्नलिखित में से किन धार्मिक पुस्तकों में बलि तथा भाग शब्दों का प्रयोग भूमि कर के लिए किया गया है ?
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6%
जैन साहित्य
21%
बौद्ध साहित्य
47%
शतपथ ब्राह्मण
20%
ऐतरेय ब्राह्मण
6%
इनमें से एक से अधिक
👍4
भरोसा रख तू खुद पर
खुदा भी मेहरबान होगा,
जीत की महफ़िल मिलेगी
हर जगह तेरा नाम होगा।
किस्मत भी तेरे आगे
इज्ज़त से सर झुकाएगी,
तेरे कोशिशों के आगे वो
अपने पैंतरे ना आजमाएगी।
हताश होकर ना बैठना कभी
बस लक्ष्य पर निगाहें रखना,
धनुष की प्रत्यंचा पर तुम
बाण को सजाए रखना।
बार बार कोशिशों से तो
चिड़ियां भी दाना चुगे,
हम तो ठहरे इंसान यारों
फिर जीत क्यों हमको ना मिले।
मेहनत के बाद सफलता का
अंदाज़ भी कुछ अलग होगा,
अखबारों के पन्नों में
बस तेरा ही अल्फ़ाज़ होगा।
भरोसा रख तू खुद पर
खुदा भी मेहरबान होगा,
जीत की महफ़िल मिलेगी
हर जगह तेरा नाम होगा।
खुदा भी मेहरबान होगा,
जीत की महफ़िल मिलेगी
हर जगह तेरा नाम होगा।
किस्मत भी तेरे आगे
इज्ज़त से सर झुकाएगी,
तेरे कोशिशों के आगे वो
अपने पैंतरे ना आजमाएगी।
हताश होकर ना बैठना कभी
बस लक्ष्य पर निगाहें रखना,
धनुष की प्रत्यंचा पर तुम
बाण को सजाए रखना।
बार बार कोशिशों से तो
चिड़ियां भी दाना चुगे,
हम तो ठहरे इंसान यारों
फिर जीत क्यों हमको ना मिले।
मेहनत के बाद सफलता का
अंदाज़ भी कुछ अलग होगा,
अखबारों के पन्नों में
बस तेरा ही अल्फ़ाज़ होगा।
भरोसा रख तू खुद पर
खुदा भी मेहरबान होगा,
जीत की महफ़िल मिलेगी
हर जगह तेरा नाम होगा।
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Forwarded from गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
*हेलीबरी व्यवस्था*
1805 ई. में इंग्लैंड में हेलीबरी नामक काॅलेज स्थापित किया गया था।
इस काॅलेज में 'भारतीय सिविल सर्विस' (भारतीय प्रशासनिक सेवा) में नौकरी के लिए मनोनीत युवकों को प्रशिक्षित किया जाता था,प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को इसमें दो वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता था, जहाँ उसे सामान्य शिक्षा, भारतीय भाषा, क़ानून एवं इतिहास का ज्ञान कराया जाता था।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उसे भारतीय सिविल सर्विस में नौकरी पर भेज दिया जाता था।
इस कॉलेज में केवल मनोनीत युवक ही प्रशिक्षण के लिए भेजे जाते थे, अत: उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण जैसा तो कोई प्रश्न ही नहीं था।
इसलिए ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन ने इस हेलीबरी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की।
इसके पश्चात् 1853 के एक्ट में भारतीय सिविल सर्विसेज के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन का प्रावधान किया गया और 1855 ई. में भारतीय सिविल सर्विस में प्रतियोगिता परीक्षा आरम्भ हो जाने पर उक्त कॉलेज समाप्त कर दिया गया था।
1805 ई. में इंग्लैंड में हेलीबरी नामक काॅलेज स्थापित किया गया था।
इस काॅलेज में 'भारतीय सिविल सर्विस' (भारतीय प्रशासनिक सेवा) में नौकरी के लिए मनोनीत युवकों को प्रशिक्षित किया जाता था,प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को इसमें दो वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता था, जहाँ उसे सामान्य शिक्षा, भारतीय भाषा, क़ानून एवं इतिहास का ज्ञान कराया जाता था।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उसे भारतीय सिविल सर्विस में नौकरी पर भेज दिया जाता था।
इस कॉलेज में केवल मनोनीत युवक ही प्रशिक्षण के लिए भेजे जाते थे, अत: उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण जैसा तो कोई प्रश्न ही नहीं था।
इसलिए ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन ने इस हेलीबरी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की।
इसके पश्चात् 1853 के एक्ट में भारतीय सिविल सर्विसेज के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन का प्रावधान किया गया और 1855 ई. में भारतीय सिविल सर्विस में प्रतियोगिता परीक्षा आरम्भ हो जाने पर उक्त कॉलेज समाप्त कर दिया गया था।