हालिया अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, चीन अब अरुणाचल प्रदेश को अपने "Core Interests" (मुख्य हितों) में मानता है।
खतरा क्या है? इसका अर्थ है कि चीन के लिए अरुणाचल अब 'गैर-समझौतावादी' (non-negotiable) है और वह इसे पाने के लिए युद्ध तक कर सकता है। यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, क्योंकि चीन ने अब इसे सीधे अपनी "संप्रभुता" से जोड़कर बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है।
नीचे पूर्व राजदूत अशोक के. कांथा का विश्लेषण दिया गया है।
इतिहास: चीन गलत क्यों है? चीन दावा करता है कि उसने मैकमोहन रेखा को खारिज कर दिया था, लेकिन तथ्य कुछ और ही साबित करते हैं। 1914 के शिमला सम्मेलन में, तिब्बत एक स्वतंत्र देश था और उसने कानूनी रूप से संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यहाँ तक कि चीनी प्रतिनिधि ने भी मसौदे पर हस्ताक्षर (initial) किए थे। उन्होंने अंतिम हस्ताक्षर केवल 'आंतरिक-बाहरी तिब्बत' के बीच सीमा विवाद के कारण रोके थे, न कि भारत-तिब्बत सीमा के कारण"
LAC" का जाल वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) कोई फिक्स लाइन नहीं है; चीन इसका इस्तेमाल एक चाल की तरह करता है। 1959 में, उन्होंने "वास्तविक नियंत्रण" के आधार पर एक रेखा का प्रस्ताव रखा ताकि अक्साई चिन पर अपने अवैध कब्जे को वैध बना सकें, जिसे नेहरू ने खारिज कर दिया। 1956 से, चीन अपनी दावा रेखा को लगातार पश्चिम (भारत) की ओर खिसकाता रहा है। भारत "वॉटरशेड सिद्धांत" (सबसे ऊंची चोटियों) का पालन करता है, जबकि चीन पुराने नक्शों का उपयोग करके चोटियों के दक्षिण में स्थित भूमि का दावा करता है।टूटे वादे: "रणनीतिक अस्पष्टता" (Strategic Ambiguity) भारत ने शांति बनाए रखने और नक्शे साझा करने के लिए 1993 और 1996 के समझौतों पर हस्ताक्षर किए। हालाँकि, 2002 में, चीन ने लद्दाख के नक्शे साझा करने से इनकार कर दिया। यह जानबूझकर अपनाई गई "रणनीतिक अस्पष्टता" है—सीमा को अपरिभाषित रखने से उन्हें तकनीकी रूप से किसी "फिक्स लाइन" को पार किए बिना भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की अनुमति मिलती है।
पैकेज डील" और 2005 की जीत 1980 के दशक में, चीन ने एक "पैकेज डील" (अरुणाचल में यथास्थिति स्वीकारने के बदले लद्दाख में दावे) की पेशकश की थी, लेकिन बाद में वे इससे पीछे हट गए। 2005 में, भारत ने "बसी हुई आबादी" (Settled Populations) के नियम को समझौते में शामिल करवाकर एक बड़ी जीत हासिल की। यह नियम कहता है कि सीमा बसे हुए क्षेत्रों को बाधित नहीं कर सकती, जो कानूनी रूप से तवांग और अरुणाचल के अन्य आबादी वाले हिस्सों को चीनी दावों से सुरक्षित करता है।
ग्रे ज़ोन वारफेयर": एक नया खतरा चीन ने अपनी रणनीति को बातचीत से हटाकर "ग्रे ज़ोन ऑपरेशंस" में बदल दिया है। ये ऐसे आक्रामक कदम हैं जिन्हें वास्तविक युद्ध (War) की सीमा से ठीक नीचे रहते हुए भारत को नुकसान पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें "सलामी स्लाइसिंग" जैसी युक्तियाँ शामिल हैं—जैसे लद्दाख में "बफर जोन" को धीरे-धीरे हथियाने के लिए चरागाह क्षेत्रों को अवरुद्ध करना, और नामका चू जैसे भूमि के छोटे टुकड़ों पर अवैध नियंत्रण बनाए रखना। इसके अलावा, बीजिंग अपने झूठे दावों को जताने के लिए मनोवैज्ञानिक युद्ध का उपयोग करता है, जैसे अरुणाचल में स्थानों का नाम बदलना (इसे "जांगनान" कहना) और वहां के भारतीय यात्रियों को परेशान करना।☘☘
खतरा क्या है? इसका अर्थ है कि चीन के लिए अरुणाचल अब 'गैर-समझौतावादी' (non-negotiable) है और वह इसे पाने के लिए युद्ध तक कर सकता है। यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, क्योंकि चीन ने अब इसे सीधे अपनी "संप्रभुता" से जोड़कर बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है।
नीचे पूर्व राजदूत अशोक के. कांथा का विश्लेषण दिया गया है।
इतिहास: चीन गलत क्यों है? चीन दावा करता है कि उसने मैकमोहन रेखा को खारिज कर दिया था, लेकिन तथ्य कुछ और ही साबित करते हैं। 1914 के शिमला सम्मेलन में, तिब्बत एक स्वतंत्र देश था और उसने कानूनी रूप से संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यहाँ तक कि चीनी प्रतिनिधि ने भी मसौदे पर हस्ताक्षर (initial) किए थे। उन्होंने अंतिम हस्ताक्षर केवल 'आंतरिक-बाहरी तिब्बत' के बीच सीमा विवाद के कारण रोके थे, न कि भारत-तिब्बत सीमा के कारण"
LAC" का जाल वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) कोई फिक्स लाइन नहीं है; चीन इसका इस्तेमाल एक चाल की तरह करता है। 1959 में, उन्होंने "वास्तविक नियंत्रण" के आधार पर एक रेखा का प्रस्ताव रखा ताकि अक्साई चिन पर अपने अवैध कब्जे को वैध बना सकें, जिसे नेहरू ने खारिज कर दिया। 1956 से, चीन अपनी दावा रेखा को लगातार पश्चिम (भारत) की ओर खिसकाता रहा है। भारत "वॉटरशेड सिद्धांत" (सबसे ऊंची चोटियों) का पालन करता है, जबकि चीन पुराने नक्शों का उपयोग करके चोटियों के दक्षिण में स्थित भूमि का दावा करता है।टूटे वादे: "रणनीतिक अस्पष्टता" (Strategic Ambiguity) भारत ने शांति बनाए रखने और नक्शे साझा करने के लिए 1993 और 1996 के समझौतों पर हस्ताक्षर किए। हालाँकि, 2002 में, चीन ने लद्दाख के नक्शे साझा करने से इनकार कर दिया। यह जानबूझकर अपनाई गई "रणनीतिक अस्पष्टता" है—सीमा को अपरिभाषित रखने से उन्हें तकनीकी रूप से किसी "फिक्स लाइन" को पार किए बिना भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की अनुमति मिलती है।
पैकेज डील" और 2005 की जीत 1980 के दशक में, चीन ने एक "पैकेज डील" (अरुणाचल में यथास्थिति स्वीकारने के बदले लद्दाख में दावे) की पेशकश की थी, लेकिन बाद में वे इससे पीछे हट गए। 2005 में, भारत ने "बसी हुई आबादी" (Settled Populations) के नियम को समझौते में शामिल करवाकर एक बड़ी जीत हासिल की। यह नियम कहता है कि सीमा बसे हुए क्षेत्रों को बाधित नहीं कर सकती, जो कानूनी रूप से तवांग और अरुणाचल के अन्य आबादी वाले हिस्सों को चीनी दावों से सुरक्षित करता है।
ग्रे ज़ोन वारफेयर": एक नया खतरा चीन ने अपनी रणनीति को बातचीत से हटाकर "ग्रे ज़ोन ऑपरेशंस" में बदल दिया है। ये ऐसे आक्रामक कदम हैं जिन्हें वास्तविक युद्ध (War) की सीमा से ठीक नीचे रहते हुए भारत को नुकसान पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें "सलामी स्लाइसिंग" जैसी युक्तियाँ शामिल हैं—जैसे लद्दाख में "बफर जोन" को धीरे-धीरे हथियाने के लिए चरागाह क्षेत्रों को अवरुद्ध करना, और नामका चू जैसे भूमि के छोटे टुकड़ों पर अवैध नियंत्रण बनाए रखना। इसके अलावा, बीजिंग अपने झूठे दावों को जताने के लिए मनोवैज्ञानिक युद्ध का उपयोग करता है, जैसे अरुणाचल में स्थानों का नाम बदलना (इसे "जांगनान" कहना) और वहां के भारतीय यात्रियों को परेशान करना।☘☘
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1935 के अधिनियम धारा 203 के तहत संघीय न्यायालय का स्थान होगा ?
Anonymous Quiz
40%
कोलकाता
23%
मद्रास
12%
मुंबई
26%
दिल्ली
👏3❤1
1857 की क्रांति में चिनहाट का युद्ध कब हुआ था?
Anonymous Quiz
11%
30 मई
31%
30 जून
42%
30 जुलाई
14%
30 सितंबर
1%
इनमें से कोई नहीं
👌3❤2
निम्न में से " सत्यमेव जयते " शब्द किस उपनिषद् से लिया गया है ?
Anonymous Quiz
5%
बृहदारण्यक उपनिषद
9%
छान्दोग्योपनिषद
82%
मुण्डकोपनिषद
3%
तैत्तिरीय उपनिषद
1%
कठ उपनिषद
👌4
महावीर स्वामी ने " चतुर्विध संघ " की स्थापना कहाँ की थी ? [ RPSC -- 2018 ]
Anonymous Quiz
8%
पाटलीपुत्र
33%
वैशाली
30%
श्रावस्ती
14%
वल्लभी
15%
पावा
👌5
सुभाष चंद्र बोस किस वर्ष जेल में रहते हुए कलकत्ता के मेयर चुने गए ?
Anonymous Quiz
9%
1920
33%
1925
31%
1930
18%
1935
9%
1940
🙏4❤1
भारतीय राष्ट्रीय क्रांग्रेस में सम्मिलित होने के लिए सुभाष चन्द्र बोस को किसने प्रेरित किया ?
Anonymous Quiz
43%
सी. आर. दास और एम.के. गांधी
18%
जवाहर लाल नेहरू और जयप्रकाश नारायण
14%
राजेंद्र प्रसाद और राजगोपालाचारी
20%
गोपाल कृष्ण गोखले और बाल गंगाधर तिलक
5%
विनोबा भावे और भूलाभाई देसाई
👌2🙏1💯1🏆1
सुभाषचंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 में अस्थायी सरकार की स्थापना कहाँ की ?
Anonymous Quiz
66%
सिंगापुर
10%
बर्मा
16%
जर्मनी
8%
जापान
0%
इटली
❤5😍1
सुभाष चन्द्र बोस ने दक्षिण - पूर्वी एशिया में भारतीयों को पूर्णतया लामबंद करने हेतु - एकता , आस्था , समर्पण जैसे संकेत शब्दों का प्रयोग किया जो कि किस भारतीय महापुरूष ( व्यक्तिगत ) के विचार से ग्रहण किया गया था ? [ NET -- 2023 ]
Anonymous Quiz
39%
स्वामी विवेकानंद
21%
महात्मा गांधी
28%
श्री अरबिंदो घोष
11%
गोपाल कृष्ण गोखले
2%
भीमराव अम्बेडकर
🤗3❤1👌1
सुभाष चंद्र बोस को " नेताजी " की उपाधि कहाँ मिली ?
Anonymous Quiz
20%
जापान
13%
भारत
61%
जर्मनी
5%
रूस
0%
फ्रांस
👏4
सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष बने ?
Anonymous Quiz
7%
1934 , 1935
17%
1936 , 1937
67%
1938 , 1939
6%
1940 , 1942
3%
1943 , 1945
मान सरोवर अभिलेख 713 चित्तौड़ से 4 मौर्य राजाओं की जानकारी प्राप्त होती है निम्नलिखित में से कौनसा सही नहीं है?
Anonymous Quiz
14%
भीम
35%
भोज
27%
मान
24%
धवल
❤3🔥2
निम्नलिखित किस स्थल से लघुपाषाणिक संदर्भ में एक हाथीदांत का लटकन प्राप्त हुआ है ? [ NET -- 2014 ]
Anonymous Quiz
9%
बागोर
30%
महदहा
44%
दमदमा
12%
पैसरा
5%
उतनूर
❤5
बालाथल के पुरास्थल की खोज किसके द्वारा की गई ? [ MPSET -- 2021 ]
Anonymous Quiz
35%
वी.एन.मिश्र
31%
अमलानन्द घोष
18%
ले. मसूरिये
11%
मार्टिमर व्हीलर
5%
ए. आर. कैनेडी
❤6
निम्नलिखित में से कौन ऋग्वैदिक युग के प्रसिद्ध " पंचजन " में सम्मिलित नहीं है ? [ RPSC -- 2022 ]
Anonymous Quiz
9%
तुर्वस
14%
पुरू
59%
भरत
12%
अनु
6%
यदु
❤6👍1
❤5
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
कौटिल्य ने कितने प्रकार के दासों का उल्लेख किया है ?
दास प्रथा
🌿 नारद स्मृति में 8 प्रकार के दासों का उल्लेख .
🌿 मनु ने 7 प्रकार के दासों का उल्लेख .
🌿 कौटिल्य ने 9 प्रकार के दासों का उल्लेख .
🌿 विज्ञानेश्वर ने 15 प्रकार के दासों का उल्लेख .
🌿 ( .... अशोक ने अपने " 9 शिलालेख " में दासों के उचित व्यवहार करने का निर्देश दिया है .... )
🌿 1562 ई. में मुगल शासक अकबर द्वारा दास - प्रथा पर निषेध अधिरोपित किया गया .
🌿 1833 के अधिनियम द्वारा अंग्रेजों ने दास - प्रथा को विधि विरूद्ध घोषित किया और 1843 में गर्वनर जनरल एलनबरो ने अधिनियम 5 के तहत दास - प्रथा को सम्पूर्ण भारत में अवैध घोषित कर दिया ।
👍5🙏1
निम्नलिखित में से कौन - सा जैन ग्रंथ जैन भिक्षुओं के लिए नियमों का वर्णन करता है ?
Anonymous Quiz
48%
आचरांग सूत्र
23%
भगवती सूत्र
12%
कालिका - पुराण
14%
दीपवंश और महावंश
3%
भद्रबाहुचरित
❤8