निम्न में से कहाँ " ऑगस्टस का मंदिर " स्थित था ? [ RPSC -- 2024 ]
Anonymous Quiz
28%
अरिकामेडु
19%
बैरीगाज़ा
31%
कावेरीपट्टनम
18%
मुजरिस
4%
पुहार
❤3👏2🙏2👌2
मेरूतुंग की " प्रबंध चिंतामणि " में निम्नलिखित में से किस वंश का वर्णन है ? [ MP.AP -- 2017 ]
Anonymous Quiz
12%
चन्देल
13%
चौहान
50%
गुर्जर प्रतिहार
19%
परमार
5%
गहङवाल
❤2👏1🙏1💯1🤗1
किस पुस्तक में पूर्वमध्यकाल की सामाजिक स्थिति के संबंध में कहा गया है कि ," दरबारी जहां तला हुआ मांस खाते थे तथा फूलों से सुगंधित ठंडी शराब पीते थे वहीं साधारण जनता को चावल और उत्पल -- शाक पर संतोष करना पङता था ?
Anonymous Quiz
18%
अवदानकल्पलता
15%
योगसारसंग्रह
42%
कथासरित्सागर
14%
मिताक्षरा
11%
राजतरंगिणी
❤3🙏3👌1🏆1
क्या हम अपनी ही ढाल को तोड़ रहे हैं? 💔⛰️
कभी रुककर उस पहाड़ की ओर देखा है? वो जो सदियों से इंसानों के आने से भी पहले से एक पिता की तरह एक प्रहरी की तरह सीना ताने खड़ा है?वो अरावली, जिसने सदियों से थार के रेगिस्तान को हमारे घरों तक पहुँचने से रोका है। जिसने तपती धूप को छांव में बदला, जिसने बादलों को रोककर हमारी प्यास बुझाई। वो हमारे लिए सिर्फ पत्थरों का ढेर नहीं, हमारे 'फेफड़े' (Lungs) हैं।
विकास की अंधी दौड़ में हम ये भूल गए कि हम अपनी ही सांसों का सौदा कर रहे हैं।
ज़रा सोचिए...
जिस दिन अरावली की आखिरी चट्टान गिर जाएगी, उस दिन रेगिस्तान को हमारे आंगन में आने से कौन रोकेगा? जब पानी रसातल में चला जाएगा और हवा में सिर्फ जहर होगा, तब हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे? क्या हम उन्हें विरासत में सिर्फ कंक्रीट का जंगल और धूल भरी आंधियां देकर जाएंगे?
अरावली का दर्द मेरा और आपका दर्द है। ये हमारे अस्तित्व का सवाल है।
इससे पहले कि ये हरी-भरी वादियां सिर्फ इतिहास की किताबों में सिमट कर रह जाएं... जाग जाइए। अरावली को हमारी ज़रूरत है, ठीक वैसे ही जैसे हमें अरावली की।
अरावली बचाएं, अपना भविष्य बचाएं।
कभी रुककर उस पहाड़ की ओर देखा है? वो जो सदियों से इंसानों के आने से भी पहले से एक पिता की तरह एक प्रहरी की तरह सीना ताने खड़ा है?वो अरावली, जिसने सदियों से थार के रेगिस्तान को हमारे घरों तक पहुँचने से रोका है। जिसने तपती धूप को छांव में बदला, जिसने बादलों को रोककर हमारी प्यास बुझाई। वो हमारे लिए सिर्फ पत्थरों का ढेर नहीं, हमारे 'फेफड़े' (Lungs) हैं।
विकास की अंधी दौड़ में हम ये भूल गए कि हम अपनी ही सांसों का सौदा कर रहे हैं।
ज़रा सोचिए...
जिस दिन अरावली की आखिरी चट्टान गिर जाएगी, उस दिन रेगिस्तान को हमारे आंगन में आने से कौन रोकेगा? जब पानी रसातल में चला जाएगा और हवा में सिर्फ जहर होगा, तब हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे? क्या हम उन्हें विरासत में सिर्फ कंक्रीट का जंगल और धूल भरी आंधियां देकर जाएंगे?
अरावली का दर्द मेरा और आपका दर्द है। ये हमारे अस्तित्व का सवाल है।
इससे पहले कि ये हरी-भरी वादियां सिर्फ इतिहास की किताबों में सिमट कर रह जाएं... जाग जाइए। अरावली को हमारी ज़रूरत है, ठीक वैसे ही जैसे हमें अरावली की।
अरावली बचाएं, अपना भविष्य बचाएं।
❤10🙏5💯4👍1
" यदि मैं इसी समय भिक्षु हो जाऊँ तो अधिक काल तक जीवत न रह सकूँगा , क्योकि मेरे शत्रुओं की संख्या अधिक है । " यह कथन किस ग्रंथ में मिलता है ?
Anonymous Quiz
44%
मिलिंदपन्हों में
20%
मुद्राराक्षस में
9%
वायु पुराण में
23%
मालविकाग्निमित्र में
4%
वृहत् कथाकोश में
❤2🙏2👌1🤗1
निम्न में से " कौटिल्य ने दैविक विपदाओं " को कितने भागों में वर्गीकरण किया है ?
Anonymous Quiz
8%
दो
33%
चार
40%
सात
17%
आठ
2%
दस
❤3👏2👍1🙏1👌1
प्रयाग प्रशस्ति में निम्न में से किस प्रशासनिक अधिकारी का उल्लेख नहीं मिलता है ?
Anonymous Quiz
19%
खाद्यटपाकिक
11%
संधिविग्रहक
18%
महादण्डनायक
13%
कुमारात्य
38%
विनर्यास्थतिस्थापक
❤2🙏1👌1💯1🏆1
UGC NET December 2025 Exam City जारी
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Exam Date :- 31 दिसंबर से 7 जनवरी 2026 तक
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👍5
निम्नलिखित में चीन की यात्रा करने वाले किस बौद्ध आचार्य को " द्वितीय बुद्ध " भी कहा जाता है ?
Anonymous Quiz
6%
कमलशील
20%
संघरक्षित
40%
पद्मसम्भव
23%
वसुमित्र
11%
दीपंकर
👏4
महायान बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र " गोमती विहार " कहाँ स्थित था ?
Anonymous Quiz
7%
कूची
43%
खोतान
37%
तिब्बत
11%
जावा
3%
बोर्नियों
❤6
गुप्तकाल में " टिकिन " नामक अधिकारी का कार्य होता था ?
Anonymous Quiz
5%
भू - कर संग्रहकर्ता
20%
सङकों की देखरेख करना
44%
गुप्तचरों से सूचना इकट्ठा करना
20%
लिपिक या लेखक
11%
घोङो की आपूर्ति का ध्यान रखना
👍5❤1
अजंता की किस गुफा को " राशिचक्र गुफा एवं चित्रशाला " भी कहा जाता है ?
Anonymous Quiz
12%
09
19%
12
24%
14
41%
17
4%
19
❤6
चंद्रगुप्त द्वितीय के सेनापति आम्रकार्दव ने __ दीनार बौद्ध संघ को दान दिया ?
Anonymous Quiz
18%
25
24%
30
39%
35
17%
40
2%
45
🙏6
हर्षकालीन किस स्त्रोत में " पैठक " नामक ईकाई का उल्लेख मिलता है ?
Anonymous Quiz
8%
सोनीपत मुहर
22%
मधुबन लेख
55%
बाँसखेङा लेख
13%
नौसारी लेख
3%
प्रियदर्शिका
👌2👏1💯1
हङप्पाई संदर्भ में निम्नलिखित में से किन स्थलों पर बेलनाकार प्रस्तर ड्रिल प्राप्त हुई है ? [ NET --2024 ]
A.) चन्हूदङो B.) हङप्पा C.) मोहनजोदङो D.) धौलावीरा E.) कालीबंगा
A.) चन्हूदङो B.) हङप्पा C.) मोहनजोदङो D.) धौलावीरा E.) कालीबंगा
Anonymous Quiz
8%
1.) केवल A , B और E
30%
2.) केवल B , C और E
48%
3.) केवल A , B , C और D
13%
4.) केवल A , C और E
🙏2👏1🏆1
9 वीं सदी में चन्देल तथा कलचुरी द्वारा जीते गए क्षेत्रों की पहचान कीजिए ? [ NET -- 2024 ]
A.) कर्नाटा B.) गौङ C.) राढ़ D.) अंग E.) वंग
A.) कर्नाटा B.) गौङ C.) राढ़ D.) अंग E.) वंग
Anonymous Quiz
16%
1.) केवल A , B , C , D
34%
2.) केवल B , C , D , E
25%
3.) केवल A , C , D , E
24%
4.) केवल A , B , C , D , E
👌2🙏1💯1
भारतीय इतिहास – आरम्भ से आज़ादी तक (PSP-History)
अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, RPSC, REET, Patwar, Police, SSC आदि) की तैयारी कर रहे हैं और भारतीय इतिहास के लिए एक विश्वसनीय, संक्षिप्त और परीक्षा-उपयोगी पुस्तक ढूंढ रहे हैं, तो पप्पू सिंह प्रजापत द्वारा लिखित यह पुस्तक आपके लिए एक संपूर्ण समाधान है।
⭐ इस पुस्तक की विशेषताएँ
प्राचीन काल से 1947 तक भारतीय इतिहास का क्रमबद्ध और स्पष्ट वर्णन
NCERT (6th–12th, Old + New) का वैज्ञानिक और सटीक समावेश
तथ्य, तिथियाँ और अवधारणाएँ परीक्षा-केन्द्रित शैली में
नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार विषयों की प्रस्तुति
इतिहास से अधिकतम प्रश्न आने वाले टॉपिक्स पर विशेष फोकस
“आजादी के बाद भारत (1947–2000)” पर अलग से उपयोगी अध्याय
✍️ लेखन शैली
लेखकों की भाषा सरल, प्रभावी और सीधे मुद्दे पर है, जिससे विषय जल्दी समझ में आता है और लंबे समय तक याद रहता है। जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को भी आसान शब्दों में समझाया गया है।
🎯 किसके लिए उपयोगी
प्रथम बार इतिहास पढ़ने वाले विद्यार्थी
रिवीजन और फैक्ट-बेस्ड तैयारी चाहने वाले अभ्यर्थी
राज्य व केंद्र स्तरीय सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार
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तथ्य, तिथियाँ और अवधारणाएँ परीक्षा-केन्द्रित शैली में
नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार विषयों की प्रस्तुति
इतिहास से अधिकतम प्रश्न आने वाले टॉपिक्स पर विशेष फोकस
“आजादी के बाद भारत (1947–2000)” पर अलग से उपयोगी अध्याय
✍️ लेखन शैली
लेखकों की भाषा सरल, प्रभावी और सीधे मुद्दे पर है, जिससे विषय जल्दी समझ में आता है और लंबे समय तक याद रहता है। जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को भी आसान शब्दों में समझाया गया है।
🎯 किसके लिए उपयोगी
प्रथम बार इतिहास पढ़ने वाले विद्यार्थी
रिवीजन और फैक्ट-बेस्ड तैयारी चाहने वाले अभ्यर्थी
राज्य व केंद्र स्तरीय सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार
❤9
विमकड फैसिस (विमकड फैसिस) के सिंहासन पर बैठे राजमणिक की विशाल मूर्ति कहाँ से प्राप्त हुई?
👉 इस विशाल प्रतिमा को मथुरा के इटोकरी स्थल से प्राप्त किया गया है।
यह मूर्ति कुषाण काल से संबंधित है और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
📌 सारांश:
मथुरा संग्रहालय में प्रदर्शित कला और मूर्तियों में फैसिस के सिंहासन पर विराजमान राजमणिक की विशाल मूर्ति भी शामिल है।
यह प्रतिमा इटोकरी (मथुरा) से खोजी गई थी।
👉 इस विशाल प्रतिमा को मथुरा के इटोकरी स्थल से प्राप्त किया गया है।
यह मूर्ति कुषाण काल से संबंधित है और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
📌 सारांश:
मथुरा संग्रहालय में प्रदर्शित कला और मूर्तियों में फैसिस के सिंहासन पर विराजमान राजमणिक की विशाल मूर्ति भी शामिल है।
यह प्रतिमा इटोकरी (मथुरा) से खोजी गई थी।
हेरोडोटस (Herodotus)
हेरोडोटस को “इतिहास का जनक (Father of History)” कहा जाता है।
उनका जन्म लगभग 484 ई.पू. में हैलीकार्नासस (एशिया माइनर) में हुआ था।
उनकी प्रसिद्ध कृति Histories है।
इस ग्रंथ में उन्होंने यूनान-ईरान (ग्रीको-पर्शियन) युद्धों का विस्तृत वर्णन किया है।
हेरोडोटस ने इतिहास लेखन में यात्राओं, मौखिक कथाओं और प्रत्यक्ष निरीक्षण का प्रयोग किया।
वे घटनाओं के साथ-साथ भूगोल, समाज, संस्कृति और परंपराओं का भी वर्णन करते हैं।
उनके लेखन में कथात्मक शैली अधिक है, इसलिए कभी-कभी किंवदंतियाँ भी मिलती हैं।
इसके बावजूद, उन्होंने इतिहास को व्यवस्थित रूप से लिखने की परंपरा की शुरुआत की।
हेरोडोटस को “इतिहास का जनक (Father of History)” कहा जाता है।
उनका जन्म लगभग 484 ई.पू. में हैलीकार्नासस (एशिया माइनर) में हुआ था।
उनकी प्रसिद्ध कृति Histories है।
इस ग्रंथ में उन्होंने यूनान-ईरान (ग्रीको-पर्शियन) युद्धों का विस्तृत वर्णन किया है।
हेरोडोटस ने इतिहास लेखन में यात्राओं, मौखिक कथाओं और प्रत्यक्ष निरीक्षण का प्रयोग किया।
वे घटनाओं के साथ-साथ भूगोल, समाज, संस्कृति और परंपराओं का भी वर्णन करते हैं।
उनके लेखन में कथात्मक शैली अधिक है, इसलिए कभी-कभी किंवदंतियाँ भी मिलती हैं।
इसके बावजूद, उन्होंने इतिहास को व्यवस्थित रूप से लिखने की परंपरा की शुरुआत की।
❤7
प्रबोध चन्द्रोदय (Prabodha Chandrodaya)
प्रबोध चन्द्रोदय एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक (रूपक) है।
इसके रचयिता कृष्णमिश्र (Krishnamishra) हैं।
इसकी रचना लगभग 11वीं शताब्दी में मानी जाती है।
यह नाटक रूपकात्मक (Allegorical) शैली में लिखा गया है।
इसमें ज्ञान (प्रबोध) को चन्द्रमा के उदय के रूप में दिखाया गया है।
नाटक में पात्र अमूर्त हैं, जैसे—
विवेक (बुद्धि)
अविद्या (अज्ञान)
मोह
काम
ज्ञान
इसका मुख्य उद्देश्य वेदांत दर्शन और आत्मिक ज्ञान का प्रचार करना है।
यह ग्रंथ संस्कृत साहित्य और दर्शन—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रबोध चन्द्रोदय एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक (रूपक) है।
इसके रचयिता कृष्णमिश्र (Krishnamishra) हैं।
इसकी रचना लगभग 11वीं शताब्दी में मानी जाती है।
यह नाटक रूपकात्मक (Allegorical) शैली में लिखा गया है।
इसमें ज्ञान (प्रबोध) को चन्द्रमा के उदय के रूप में दिखाया गया है।
नाटक में पात्र अमूर्त हैं, जैसे—
विवेक (बुद्धि)
अविद्या (अज्ञान)
मोह
काम
ज्ञान
इसका मुख्य उद्देश्य वेदांत दर्शन और आत्मिक ज्ञान का प्रचार करना है।
यह ग्रंथ संस्कृत साहित्य और दर्शन—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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