निम्न में से " गांधी इन हिज टाइम्स एंड आवर्स " किसने लिखी ?
Anonymous Quiz
26%
डेविड हार्डीमैन
31%
लुई फिशर
19%
टी. के. रविंद्रन
17%
स्टेनले वोलपर्ट
6%
एरिक. एच. एरिक्सन
❤3
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
निम्न में से " गांधी इन हिज टाइम्स एंड आवर्स " किसने लिखी ?
• गांधी एंड हिज ज्यूइश फ्रैंड्स -- मारगरेट चटर्जी
• गांधी एंड टैगोर : पाॅलिटिक्स ट्रुथ एंड कॅन्साइंस -- गांगेय मुखर्जी
• गांधीज पाॅलिटिकल फिलोसफी -- भीखू पारीख
• गांधीज ट्रुथ : ऑन द ओरिजन्स ऑफ मिलिटेंट नाॅनवायोलेन्स -- एरिक एच. एरिकसन
• चंपारण एंड गांधी : प्लांटर्स , पीजेंट्स एंड गांधीयन पाॅलिटिक्स -- जैक्स पोचपेडोस
• माय टाइम्स : एन ऑटोबायोग्राफी -- जे. बी. कृपलानी
• गांधीज प्रिजनर द लाइफ ऑफ गांधीज सन मणिलाल -- उमा धुपेलिया मिस्त्री
• गांधीज पैशन : द लाइफ एंड लीगेसी ऑफ महात्मा गांधी -- स्टेनले वोलपर्ट
• महात्मा गांधी : द मैन हू बिकेम वन विद यूनिवर्सल बीइंग -- रोमा रोलां
• गांधी एंड टैगोर : पाॅलिटिक्स ट्रुथ एंड कॅन्साइंस -- गांगेय मुखर्जी
• गांधीज पाॅलिटिकल फिलोसफी -- भीखू पारीख
• गांधीज ट्रुथ : ऑन द ओरिजन्स ऑफ मिलिटेंट नाॅनवायोलेन्स -- एरिक एच. एरिकसन
• चंपारण एंड गांधी : प्लांटर्स , पीजेंट्स एंड गांधीयन पाॅलिटिक्स -- जैक्स पोचपेडोस
• माय टाइम्स : एन ऑटोबायोग्राफी -- जे. बी. कृपलानी
• गांधीज प्रिजनर द लाइफ ऑफ गांधीज सन मणिलाल -- उमा धुपेलिया मिस्त्री
• गांधीज पैशन : द लाइफ एंड लीगेसी ऑफ महात्मा गांधी -- स्टेनले वोलपर्ट
• महात्मा गांधी : द मैन हू बिकेम वन विद यूनिवर्सल बीइंग -- रोमा रोलां
🏆3❤1👌1
" महात्मा गांधी अहिंसात्मक क्रांति के सौम्य ( Gentle ) पैगम्बर थे । " किसका कथन है ?
Anonymous Quiz
10%
सुभाष चन्द्र बोस
50%
काॅलिन्स एंड लैपियर
28%
विंस्टन चर्चिल
8%
बाल गंगाधर तिलक
4%
महादेव देसाई
💔 कुछ दर्द... अंतहीन होते हैं 💔
5 दिन... जिंदगी के जब मैंने बच्चों के ICU की उन ठंडी दीवारों के बीच, ज़िंदगी को धीरे-धीरे हारते हुए देखा। वो आँखें, जो कुछ देर पहले तक उम्मीद से भरी थीं, मेरे देखते ही देखते बुझने लगी.......
इससे भी ऊपर सबसे बड़ा दुख... उस दर्द से नहीं मिला, जो कुछ बच्चों को हो रहा था, बल्कि उस लाचारी से मिला, जहाँ मैं सब कुछ देखकर भी 'कुछ भी नहीं कर सका। जीवन की डोर हर क्षण टूट रही थी.... और मैं एक कोने से उदास आंखों से असहाय गमगीन होकर देखता रहा.... देखा जाए तो यह जीवन का सबसे बड़ा, अंतहीन, और अपार दुःख है...यह वो वेदना है जो शायद कभी खत्म ही नहीं होगी.... मुझे लगता है यह मेरे इस जीवन के अंतिम पलो तक मेरी स्मृति में सदैव के लिए अमिट रहेगी।
इस दर्द की गूँज तब और गहरी हो जाती है, जब याद आता है...
एक मासूम, एक गरीब मा बाप का बच्चा... जो सिर्फ़ इसलिए मर रहा था क्योंकि उसके माँ-बाप के पास इलाज के लिए 'पैसे' नहीं थे। मन में सवाल कही नहीं कचोटता है की डॉक्टर लोगों के पास क्या इतना पैसा भी नहीं होता है कि एक किसी गरीब बच्चे का मुफ्त इलाज हो सके ? ये मानवता और मानवतावादियों पर एक प्रश्न चिन्ह है कि किसी गरीब मा बाप के द्वारा अपने बच्चे को अपने सामने मरते हुए देखना..एक ऐसी मृत्यु... जिसका कारण बीमारी से ज्यादा, इस समाज की असमानता थी। हा घोर अमानता.....अमीर गरीब की असमानता।
देखा जाए तो आँखों से अपने किसी को खोना एक व्यक्तिगत त्रासदी है, पर पैसे के अभाव में किसी बच्चे का दम टूटना, पूरी मानवता पर एक कलंक है।
मानव तो एक सामाजिक प्राणी है न तो क्या हमारा समाज इतना गरीब है? कि हम एक मासूम को पैसे की कमी के कारण जीवन देने से परे हट जाए ?
एक सवाल अपने आप से कीजिए "आज हजारों लोग करोड़ों अरबों रुपए दान करते है.... क्या उस पैसे से जगह जगह अस्पताल नहीं बनाए जा सकते?
खैर अब लगता है काश! उस घड़ी में मैं कुछ कर पाता।
मै सोचता हूं मैने तो बचपन से सुना है ईश्वर तो कृपालु होते है। उनके यहां सभी के लिए समानता है..... फिर भी इस दुनिया में इतनी असमानता क्यों
अब तो लगता है... ईश्वर नहीं है .....अगर होता तो शायद ऐसे किसी की मृत्यु होना स्वाभाविक सम्भव नहीं होता।
Dinesh k Prajapat
5 दिन... जिंदगी के जब मैंने बच्चों के ICU की उन ठंडी दीवारों के बीच, ज़िंदगी को धीरे-धीरे हारते हुए देखा। वो आँखें, जो कुछ देर पहले तक उम्मीद से भरी थीं, मेरे देखते ही देखते बुझने लगी.......
इससे भी ऊपर सबसे बड़ा दुख... उस दर्द से नहीं मिला, जो कुछ बच्चों को हो रहा था, बल्कि उस लाचारी से मिला, जहाँ मैं सब कुछ देखकर भी 'कुछ भी नहीं कर सका। जीवन की डोर हर क्षण टूट रही थी.... और मैं एक कोने से उदास आंखों से असहाय गमगीन होकर देखता रहा.... देखा जाए तो यह जीवन का सबसे बड़ा, अंतहीन, और अपार दुःख है...यह वो वेदना है जो शायद कभी खत्म ही नहीं होगी.... मुझे लगता है यह मेरे इस जीवन के अंतिम पलो तक मेरी स्मृति में सदैव के लिए अमिट रहेगी।
इस दर्द की गूँज तब और गहरी हो जाती है, जब याद आता है...
एक मासूम, एक गरीब मा बाप का बच्चा... जो सिर्फ़ इसलिए मर रहा था क्योंकि उसके माँ-बाप के पास इलाज के लिए 'पैसे' नहीं थे। मन में सवाल कही नहीं कचोटता है की डॉक्टर लोगों के पास क्या इतना पैसा भी नहीं होता है कि एक किसी गरीब बच्चे का मुफ्त इलाज हो सके ? ये मानवता और मानवतावादियों पर एक प्रश्न चिन्ह है कि किसी गरीब मा बाप के द्वारा अपने बच्चे को अपने सामने मरते हुए देखना..एक ऐसी मृत्यु... जिसका कारण बीमारी से ज्यादा, इस समाज की असमानता थी। हा घोर अमानता.....अमीर गरीब की असमानता।
देखा जाए तो आँखों से अपने किसी को खोना एक व्यक्तिगत त्रासदी है, पर पैसे के अभाव में किसी बच्चे का दम टूटना, पूरी मानवता पर एक कलंक है।
मानव तो एक सामाजिक प्राणी है न तो क्या हमारा समाज इतना गरीब है? कि हम एक मासूम को पैसे की कमी के कारण जीवन देने से परे हट जाए ?
एक सवाल अपने आप से कीजिए "आज हजारों लोग करोड़ों अरबों रुपए दान करते है.... क्या उस पैसे से जगह जगह अस्पताल नहीं बनाए जा सकते?
खैर अब लगता है काश! उस घड़ी में मैं कुछ कर पाता।
मै सोचता हूं मैने तो बचपन से सुना है ईश्वर तो कृपालु होते है। उनके यहां सभी के लिए समानता है..... फिर भी इस दुनिया में इतनी असमानता क्यों
अब तो लगता है... ईश्वर नहीं है .....अगर होता तो शायद ऐसे किसी की मृत्यु होना स्वाभाविक सम्भव नहीं होता।
Dinesh k Prajapat
🙏10❤1👌1
Forwarded from इतिहास ज्ञान गंगा (ठकुराइन •)
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●इंडियन पेंटिंग अंडर दि मुगल्स -पर्सी ब्राउन
● आर्किटेक्चर ऑफ़ मुग़ल इंडिया- केथरीन बी.एशर
●दि टेक्निक ऑफ़ मुग़ल इंडिया- मोती चंद
●मुगल पेंटिंग ड्यूरिंग जहांगीर टाइम- अशोक कुमार दास
●द स्ट्रक्चर ऑफ़ दि मुगल अंपायर -इब्न हसन
●हिस्ट्री ऑफ़ मुग़ल इंडिया -आर.नाथ
● बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन इन द मुगल इंडिया :द एविडेंस फ्रॉम पेंटिंग-ए.जे.कैसर
●मुगल आर्किटेक्चर :एन आउटलाइन ऑफ़ इट्स हिस्ट्री एंड डेवलपमेंट-एब्बा कोच
●आर्किटेक्चर ऑफ़ मुग़ल -सी.बी. एशर
●आर्ट एंड मैटेरियल कल्चर इन दी पेंटिंग्स ऑफ़ अकबर्स कोर्ट- एसपी शर्मा
●मिडिवल टेक्नोलॉजी एक्सचेंजेज बेटविन इंडिया एंड द इस्लामिक वर्ल्ड- इरफान हबीब
●साइंस एंड सिविलाइजेशन इन चाइना -जोसेफ नीधम
●गन पाउडर एंड फायर आर्म्स वाॅरफेयर इन मिडिवल इंडिया- इक्तादार आलम खान
●मिलिट्री टेक्नोलॉजी इन होयसल स्कल्पचर {12th और 13th सेंचुरी}-जीन डिलोश
●अर्ली मुगल पेंटिंग- मिलो क्वीवलैंंड बीच
●ए हिस्ट्री ऑफ़ सल्तनत आर्किटेक्चर -आर नाथ
●मुगल पेंटर्स एंड देयर वर्क्स- सोम प्रकाश वर्मा
●पार्टी एंड पॉलिटिक्स एट द मुगल कोर्ट -सतीश चंद्रा
एग्रेरियन क्राइसिस ऑफ़ द मुगल अंपायर- इरफान हबीब
https://t.me/+bqS2kyNkG6I4ZWVl
●इंडियन पेंटिंग अंडर दि मुगल्स -पर्सी ब्राउन
● आर्किटेक्चर ऑफ़ मुग़ल इंडिया- केथरीन बी.एशर
●दि टेक्निक ऑफ़ मुग़ल इंडिया- मोती चंद
●मुगल पेंटिंग ड्यूरिंग जहांगीर टाइम- अशोक कुमार दास
●द स्ट्रक्चर ऑफ़ दि मुगल अंपायर -इब्न हसन
●हिस्ट्री ऑफ़ मुग़ल इंडिया -आर.नाथ
● बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन इन द मुगल इंडिया :द एविडेंस फ्रॉम पेंटिंग-ए.जे.कैसर
●मुगल आर्किटेक्चर :एन आउटलाइन ऑफ़ इट्स हिस्ट्री एंड डेवलपमेंट-एब्बा कोच
●आर्किटेक्चर ऑफ़ मुग़ल -सी.बी. एशर
●आर्ट एंड मैटेरियल कल्चर इन दी पेंटिंग्स ऑफ़ अकबर्स कोर्ट- एसपी शर्मा
●मिडिवल टेक्नोलॉजी एक्सचेंजेज बेटविन इंडिया एंड द इस्लामिक वर्ल्ड- इरफान हबीब
●साइंस एंड सिविलाइजेशन इन चाइना -जोसेफ नीधम
●गन पाउडर एंड फायर आर्म्स वाॅरफेयर इन मिडिवल इंडिया- इक्तादार आलम खान
●मिलिट्री टेक्नोलॉजी इन होयसल स्कल्पचर {12th और 13th सेंचुरी}-जीन डिलोश
●अर्ली मुगल पेंटिंग- मिलो क्वीवलैंंड बीच
●ए हिस्ट्री ऑफ़ सल्तनत आर्किटेक्चर -आर नाथ
●मुगल पेंटर्स एंड देयर वर्क्स- सोम प्रकाश वर्मा
●पार्टी एंड पॉलिटिक्स एट द मुगल कोर्ट -सतीश चंद्रा
एग्रेरियन क्राइसिस ऑफ़ द मुगल अंपायर- इरफान हबीब
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UGC NET. इतिहास
इतिहास की महत्त्वपूर्ण पुस्तकें (UGC NET/ PGT/TGT)
💐प्राचीन भारत–के सी श्रीवास्तव, पप्पू सिंह प्रजापत, सौरभ चौबे।
💐मध्यकालीन भारत–सौरभ चौबे, पप्पू सिंह प्रजापत।
💐आधुनिक भारत–परिक्षावाणी, अरविंद भास्कर।
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💐प्राचीन भारत–के सी श्रीवास्तव, पप्पू सिंह प्रजापत, सौरभ चौबे।
💐मध्यकालीन भारत–सौरभ चौबे, पप्पू सिंह प्रजापत।
💐आधुनिक भारत–परिक्षावाणी, अरविंद भास्कर।
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❤3
पूसा में कृषि अनुसंधान संस्थान की स्थापना किस वायसराय ने की ?
Anonymous Quiz
44%
लाॅर्ड कर्जन
21%
लाॅर्ड रिपन
21%
लाॅर्ड लिटन
11%
लाॅर्ड मेयो
3%
लाॅर्ड डफरिन
❤5🏆1
जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में वायसराय की " एक्जीक्यूटिव काउंसिल " से इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति थे ?
Anonymous Quiz
12%
रवीन्द्रनाथ टैगोर
52%
सर शंकरन नायर
19%
मदन मोहन मालवीय
14%
तेज बहादुर सप्रू
3%
सैफुद्दीन किचलू
💯4❤2👌1
लाला लाजपत राय द्वारा किस समाचार पत्र में लिखे लेख में कांग्रेस को डफरिन के दिमाग की उपज बताया ?
Anonymous Quiz
44%
यंग इंडिया
11%
हिंदुस्तानी
24%
द ओपिनियन
14%
इंडियन मिरर
8%
द इंडियन रिव्यू
❤4
" इंडियन ऱिफाॅर्म एसोसिएशन " की स्थापना केशव चंद्र सेन के द्वारा किस वर्ष की गई थी ?
Anonymous Quiz
23%
1870
26%
1875
42%
1878
6%
1880
3%
1882
🙏4❤2👍1
" एक अच्छे यूरोपीय पुस्तकालय की एक अलमारी का एक हिस्सा भारत और अरब के संपूर्ण साहित्य के बराबर मूल्यवान है । " यह कथन किसका है ?
Anonymous Quiz
52%
मैकाले
11%
राजा राममोहन राय
19%
स्वामी दयानंद सरस्वती
17%
लाॅर्ड विलियम बैटिंक
1%
एम. जी. रानाडे
🙏5❤1
निम्न में से " सुबोध पत्रिका " का प्रकाशन किस संगठन द्वारा किया गया ? ( NET -- 2015 )
Anonymous Quiz
10%
ब्रह्म समाज
24%
आर्य समाज
46%
प्रार्थना समाज
18%
देव समाज
1%
इनमें से कोई नही
❤2🙏1
महाराष्ट्र में " सोसायटी फाॅर दी एनकरेजमेंट ऑफ विडो रिमैरिज " की स्थापना 1866 ई. मे किसने की ? ( NET -- 2014 )
Anonymous Quiz
31%
विष्णु शास्त्री पंङित
13%
गोपाल कृष्ण गोखले
42%
महादेव गोविन्द रानाडे
13%
श्रीधरलू नायडू
1%
बाल गंगाधर तिलक
💯4❤1
रणवीर चक्रवर्ती महोदय ने पूर्व मध्ययुगीन भारत के व्यापार में 'मंडपी' की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है यह मंडपी क्या थे?
Anonymous Quiz
16%
वाणिज्यिक केंद्र
58%
व्यपारिक मंडियां
23%
स्थानीय बाजार
3%
बंदरगाह
❤3🔥2👍1
निम्नलिखित स्थानों में से वर्ष 1906 में किस स्थान पर प्रथम स्वदेशी डकैती या लूट हुई थी ?
Anonymous Quiz
30%
मिदनापुर
25%
रंगापुर
37%
मुज़फ्फरपुर
6%
पेशावर
1%
नसीराबाद
❤3🙏2👌1
भर्ती और चयन की विधि के मुद्दे पर विचार करने के लिए वर्ष 1974 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा निम्नलिखित में से कौन - सी समिति नियुक्त की गई थी ?
Anonymous Quiz
10%
भगवती समिति
23%
संथानम समिति
40%
डी. एस. कोठारी समिति
26%
ए. डी.गोरवाला समिति
1%
अल्पसंख्यक उप - समिति
❤3🙏2
" यह न भूलें कि निम्न वर्गों , उपेक्षितों , गरीबों , अशिक्षितों , मोची , सफाईकर्मी में भी आपकी भांति रक्त और मांस है , वे आपके भाई है । " यह शब्द किसने कहे थे ?
Anonymous Quiz
15%
ज्योतिबा फुले
28%
बी. आर. अम्बेडकर
23%
महात्मा गांधी
32%
स्वामी विवेकानन्द
1%
राजा राममोहन राय
👏4❤1
निम्नलिखित समाचार - पत्रों में से कौन - सा 1932 में " हरिजन बन्धु " में परिवर्तित हो गया ?
Anonymous Quiz
10%
युगान्तर
47%
नवजीवन
34%
इण्डियन ओपिनियन
8%
सोमप्रकाश
1%
बाॅम्बे क्राॅनिकल
❤2🙏2
समाज सुधारकों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन - सा विधवा शिक्षा के मुद्दे पर अग्रणी था ?
Anonymous Quiz
13%
बी. एम. मालाबारी और के. श्रीधालु नायडू
41%
ईश्वर चंद्र विद्यासागर और केशव चंद्र सेन
17%
एम. जी. रानाडे और आर. जी. भंडाकर
6%
राजा राममोहन राय और देवेन्द्र नाथ टैगोर
24%
डी. के. कर्वे और रमाबाई
❤3🙏3
आर्यन थ्योरी को स्पष्टता से खंडित करने वाला एक प्रमाण
🦓 Equus namadicus भारत के प्रागैतिहासिक घोड़ों (prehistoric horses) में से एक था —
यह आधुनिक घोड़े (Equus ferus caballus) का एक विलुप्त पुरखा माना जाता है।
(इस घोड़े का एक प्रमाण भारत के कई स्थानों से प्रीहिस्टोरीक काल की प्राप्त पेंटिंग्स में भी मिलता है जिनमें इसका इस्तेमाल करते हुए दीवारों पे इसको दिखाया गया है)
🧬 वैज्ञानिक वर्गीकरण
वैज्ञानिक नाम: Equus namadicus
वंश: Equus (घोड़े, गधे और ज़ेब्रा का वंश)
परिवार: Equidae
काल: प्लाइस्टोसीन (Pleistocene) युग — लगभग 25 लाख से 10,000 वर्ष पहले
स्थिति: विलुप्त (Extinct)
📍 स्थान (Where Found)
इस प्रजाति के जीवाश्म नर्मदा घाटी (मध्य प्रदेश), उत्तर प्रदेश, और शिवालिक क्षेत्र में मिले हैं।
“Namadicus” नाम नर्मदा नदी (Narmada) से लिया गया है, जहाँ इसके दाँत और हड्डियाँ सबसे पहले खोजी गईं।
🐎 मुख्य विशेषताएँ
विशेषता विवरण
आकार आधुनिक घोड़े से थोड़ा बड़ा; ऊँचाई करीब 1.5 मीटर तक।
दाँत मजबूत और ऊँचे मुकुट वाले (high-crowned), घास चरने के लिए अनुकूल।
खुर एकल खुर (single hoof) — आधुनिक घोड़े की तरह।
शरीर बनावट लम्बा चेहरा, पतली टाँगें, तेज़ दौड़ने वाला जानवर।
आहार पूर्णतः शाकाहारी, मुख्यतः घास।
🌍 पारिस्थितिकी और जीवनशैली
यह खुले घास के मैदानों (grasslands) और नर्मदा घाटी जैसी नदीय समतलों में रहता था।
उस समय भारत में हाथी (Palaeoloxodon), गैंडा (Rhinoceros sivalensis), और भैंसे (Bubalus palaeindicus) जैसे बड़े शाकाहारी जानवर साथ रहते थे।
Equus namadicus संभवतः झुंड (herd) में रहने वाला सामाजिक जीव था।
☠️ विलुप्त होने का कारण
अंतिम हिमयुग (last Ice Age) के दौरान जलवायु परिवर्तन और घास के मैदानों के सिकुड़ने से इसका भोजन स्रोत घट गया।
मानवों के फैलाव और शिकार से भी इसके नष्ट होने में योगदान हुआ माना जाता है।
🧩 महत्त्व
यह भारत में Equus वंश की उपस्थिति का प्रमुख प्रमाण है।
भारतीय प्रागैतिहासिक पारिस्थितिकी को समझने में यह जीवाश्म बहुत महत्वपूर्ण है।
इसके दाँत और खोपड़ी के जीवाश्म आज भी भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के संग्रह में रखे हैं।
🦓 Equus namadicus भारत के प्रागैतिहासिक घोड़ों (prehistoric horses) में से एक था —
यह आधुनिक घोड़े (Equus ferus caballus) का एक विलुप्त पुरखा माना जाता है।
(इस घोड़े का एक प्रमाण भारत के कई स्थानों से प्रीहिस्टोरीक काल की प्राप्त पेंटिंग्स में भी मिलता है जिनमें इसका इस्तेमाल करते हुए दीवारों पे इसको दिखाया गया है)
🧬 वैज्ञानिक वर्गीकरण
वैज्ञानिक नाम: Equus namadicus
वंश: Equus (घोड़े, गधे और ज़ेब्रा का वंश)
परिवार: Equidae
काल: प्लाइस्टोसीन (Pleistocene) युग — लगभग 25 लाख से 10,000 वर्ष पहले
स्थिति: विलुप्त (Extinct)
📍 स्थान (Where Found)
इस प्रजाति के जीवाश्म नर्मदा घाटी (मध्य प्रदेश), उत्तर प्रदेश, और शिवालिक क्षेत्र में मिले हैं।
“Namadicus” नाम नर्मदा नदी (Narmada) से लिया गया है, जहाँ इसके दाँत और हड्डियाँ सबसे पहले खोजी गईं।
🐎 मुख्य विशेषताएँ
विशेषता विवरण
आकार आधुनिक घोड़े से थोड़ा बड़ा; ऊँचाई करीब 1.5 मीटर तक।
दाँत मजबूत और ऊँचे मुकुट वाले (high-crowned), घास चरने के लिए अनुकूल।
खुर एकल खुर (single hoof) — आधुनिक घोड़े की तरह।
शरीर बनावट लम्बा चेहरा, पतली टाँगें, तेज़ दौड़ने वाला जानवर।
आहार पूर्णतः शाकाहारी, मुख्यतः घास।
🌍 पारिस्थितिकी और जीवनशैली
यह खुले घास के मैदानों (grasslands) और नर्मदा घाटी जैसी नदीय समतलों में रहता था।
उस समय भारत में हाथी (Palaeoloxodon), गैंडा (Rhinoceros sivalensis), और भैंसे (Bubalus palaeindicus) जैसे बड़े शाकाहारी जानवर साथ रहते थे।
Equus namadicus संभवतः झुंड (herd) में रहने वाला सामाजिक जीव था।
☠️ विलुप्त होने का कारण
अंतिम हिमयुग (last Ice Age) के दौरान जलवायु परिवर्तन और घास के मैदानों के सिकुड़ने से इसका भोजन स्रोत घट गया।
मानवों के फैलाव और शिकार से भी इसके नष्ट होने में योगदान हुआ माना जाता है।
🧩 महत्त्व
यह भारत में Equus वंश की उपस्थिति का प्रमुख प्रमाण है।
भारतीय प्रागैतिहासिक पारिस्थितिकी को समझने में यह जीवाश्म बहुत महत्वपूर्ण है।
इसके दाँत और खोपड़ी के जीवाश्म आज भी भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के संग्रह में रखे हैं।
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