𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
गांधी जी ने किस के लिए कहा कि ," वह मेरे लिए हाथ पैर और मस्तिष्क तक बन गए हैं और उनके बिना मैं ऐसे व्यक्ति की तरह महसूस करता हूं जिसने अपना पैर और अपनी वाणी खो दी हो । जितना ज्यादा मैं उसे जानता हूं , उतना ज्यादा उसके गुणो का कायल होता जाता हूं । वह जितना…
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30%
बाल गंगाधर तिलक
42%
महादेव देसाई
14%
रामचंद्र शुक्ल
11%
जवाहर लाल नेहरू
4%
सरदार पटेल
👏3❤2👌2
" बटाई की भारी शर्तों और मवेशियों , बीज , आजीविका व कर्जों के बदले बेगारी से दबे ये काश्तकार खुद को कर्ज से कभी बाहर नही निकाल सकते । जब उन्हें जीने को भी पूरा नही मिलता तो ऐसे भयानक हालात में वे दिल लगाकर काम कैसे कर सकते है न ही उन्हें अपनी हालात सुधरने की उम्मीद दिखाई देती है । " 1806 ई. में बंगाल के रैयतों के बारे में यह कथन किसका है ?
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
" बटाई की भारी शर्तों और मवेशियों , बीज , आजीविका व कर्जों के बदले बेगारी से दबे ये काश्तकार खुद को कर्ज से कभी बाहर नही निकाल सकते । जब उन्हें जीने को भी पूरा नही मिलता तो ऐसे भयानक हालात में वे दिल लगाकर काम कैसे कर सकते है न ही उन्हें अपनी हालात सुधरने…
❤3
निम्नलिखित में से किस पुस्तक की रचना वी. डी. सावरकर ने नहीं की --
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53%
इंडिया डिवाइडेड
18%
द इंडियन वार ऑफ इंडिपेंडेंस
10%
ट्रांसपोर्टेशन फाॅर लाइफ
5%
एसेंशियल ऑफ हिंदुत्व
13%
मेजिनी चरित्र
❤3😇2
🌿🌿 हमारे सामने खतरा यह है , कि हमारा धर्म रसोई घर में न बंद हो जाए । हम अर्थात् हम में से अधिकांश न वेंदाती है , न पौराणिक और न ही तांत्रिक । हम केवल " हमे मत छुओं " के समर्थक है । हमारा ईश्वर भोजन के बर्तन में है और हमारा धर्म यह है , कि हम पवित्र है , हमे छूना मत । अगर यह सब कुछ एक शताब्दी और चलता रहा , तो हम में से हर व्यक्ति एक पागलखाने में होगा ......
🫡4❤1
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
🌿🌿 हमारे सामने खतरा यह है , कि हमारा धर्म रसोई घर में न बंद हो जाए । हम अर्थात् हम में से अधिकांश न वेंदाती है , न पौराणिक और न ही तांत्रिक । हम केवल " हमे मत छुओं " के समर्थक है । हमारा ईश्वर भोजन के बर्तन में है और हमारा धर्म यह है , कि हम पवित्र है ,…
जाति प्रथा तथा कर्मकाण्डों के संदर्भ में उपरोक्त तीखी टिप्पणी किसके द्वारा दी गई है --
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7%
महात्मा गांधी
33%
भीमराव अम्बेडकर
44%
स्वामी विवेकानंद
4%
दादा भाई नौरोजी
13%
राजा राममोहन राय
🙏5❤3
किसकी आत्मकथा " मेरे जीवन की बिखरी हुई पत्तियां " नाम से ज्ञात है ?
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21%
राजकुमारी अमृत कौर
19%
सुचेता कृपलानी
27%
सरोजनी नायडू
28%
सरला देवी चौधरानी
6%
रमाबाई रानाडे
👌4💯1
किस चोल अभिलेख में अश्वमेध यज्ञ का उल्लेख हुआ है?
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13%
करन्दै दानपत्र लेख
35%
मणिमंगलम अभिलेख
39%
उत्तरमेरु अभिलेख
12%
तिरूवेन्दिपुरम अभिलेख
🔥2🙏2
किस चोल शासक को सुन्दरचोल भी कहा जाता था ?
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23%
राजराज 1
27%
राजराज 2
38%
परांतक 1
13%
परांतक 2
👍2👌1
चोलकालीन मूर्तियों में सर्वाधिक किस देवता की मूर्तियां हैं?
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18%
विष्णु
53%
शिव
11%
ब्रह्मा
18%
मुरुगन
🔥2❤1
राजराज 1 ने अपने अंतिम नौसैनिक अभियान में किस द्वीप को जीतकर चोल साम्राज्य में मिलाया था?
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7%
जावा
41%
सिंहगल
23%
सुमात्रा
28%
मालदीव
❤3👍2
राजराज प्रथम के विजय अभियानों को क्रमशः लगाइए-
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26%
पंड्या, केरल, कलिंग, मालदीव
49%
केरल, पंड्या,कलिंग, मालदीव
22%
केरल, कलिंग, पंड्या, मालदीव
3%
कलिंग, केरल, मालदीव, पंड्या
🔥4
श्रीमती एनी बेसेंट किस वर्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनी ?
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40%
1916
17%
1921
20%
1925
5%
1927
18%
इनमें से कोई नही
😍3❤2
किसने एक सौ एकङ भूमि 1951 में विनोबा भावे को दान में दी , जिससे भावे " भूदान आंदोलन " प्रारम्भ करने को प्रेरित हुए ?
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32%
वेदिरे रामचंद्र रेड्डी
32%
पिंगली वेंकटराम रेड्डी
19%
कोन्डा वेंकटराम रेड्डी
7%
नुकला रामचंद्र रेड्डी
10%
इंदुलाल याग्निक रेड्डी
❤5
" विश्वविद्यालय , मानवतावाद , सहिष्णुता , विवेक बुद्धि , विचारों के साहस और सत्य की खोज़ का प्रतीक है । यह सदैव उच्चतर लक्ष्यों की दिशा में मानव जाति के अग्रवर्ती मार्च का प्रतीक है । यदि विश्वविद्यालय अपने कर्त्तव्य पर्याप्त ढंग से निभाते है तो यह राष्ट्र और जनता के लिए शुभ है । "
उपरोक्त कथन किसका है ?
उपरोक्त कथन किसका है ?
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
" विश्वविद्यालय , मानवतावाद , सहिष्णुता , विवेक बुद्धि , विचारों के साहस और सत्य की खोज़ का प्रतीक है । यह सदैव उच्चतर लक्ष्यों की दिशा में मानव जाति के अग्रवर्ती मार्च का प्रतीक है । यदि विश्वविद्यालय अपने कर्त्तव्य पर्याप्त ढंग से निभाते है तो यह राष्ट्र…
किस राष्ट्रवादी बुद्धिजीवी ने 1893 में " इंदु प्रकाश " में श्रृंखलाबद्ध ढंग से लेख लिखकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए और निम्नलिखित शब्दों में टिप्पणी की : " तो क्रांग्रेस के बारे में मैं कहता हूँ कि इसके उद्देश्य गलत हैं और उन्हें हासिल करने के लिए जिस जज्बे से वह आगे बढ़ रही है , वह ईमानदार जज्बा और हार्दिक प्रतिबद्धता नहीं है और इसके लिए जिन पद्धतियों का उसने चुनाव किया है , वे पद्धतियां सही नहीं हैं । "