𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
4.34K subscribers
4.2K photos
139 videos
136 files
1.04K links
🇮🇳इस ग्रुप का उद्देश्य आपको इतिहास विषय से विभिन्न एग्जाम यथा UGC NET,SET,NVS,KVS,EMRS, Ass. Professor,PGT, RPSC ,UPPSC,MPSC ,DSSSB
आदि में सफलता प्राप्त करने में मदद करना एवम इतिहास विषय के ज्ञान से अवगत कराना है ।
Download Telegram
प्राचीन भारत की संदर्भ मे द्वितीय नगरीकरण निम्नलिखित में से किसकी नगरीय प्रक्रिया को इंगित करता है -
Anonymous Quiz
21%
सिन्धु घाटी की
60%
गंगा घाटी की
18%
नर्मदा घाटी की
2%
कावेरी घाटी की
👍2
ऋग्वैदिक काल में निष्क किसकी इकाई थी -
Anonymous Quiz
9%
भूमि
22%
मूल्य
64%
स्वर्ण
5%
रजत
👍4
वातापी के चालुक्य शासकों का कालक्रम ....


पुलकेशिन प्रथम ( 535 - 566 ई. )

कीर्तिवर्मन प्रथम ( 566 - 598 ई. )

मंगलेश ( 598 - 610 ई . )

पुलकेशिन द्वितीय ( 610 - 642 ई. )

विक्रमादित्य प्रथम ( 655 - 681 ई. )

विनयादित्य ( 681 - 696 ई. )

विजयादित्य ( 696 - 733 ई. )

विक्रमादित्य द्वितीय ( 733 - 747 ई. )

कीर्तिवर्मन द्वितीय ( 744 - 757 ई.)
🔥5👍4
वातापी के निम्नलिखित चालुक्य शासकों का सही क्रम क्या है ?

A.) विक्रमादित्य द्वितीय B.) कीर्तिवर्मन द्वितीय C.) पुलकेशिन द्वितीय D.) विनयादित्य
Anonymous Quiz
14%
1.) A B C D
30%
2.) B D A C
48%
3.) C D A B
9%
4.) D A B C
👏2👍1🎉1👌1
कुमार कंपन के सैन्य अभियान का विवरण देने वाले संस्कृत काव्य " मदुरा विजयम " के लेखक कौन थे ?
Anonymous Quiz
13%
चिन्ना देवी
13%
तुलसीदास
24%
कालिदास
21%
क्षमेन्द्र
29%
गंगा देवी
👌5
Forwarded from इतिहास ज्ञान गंगा (✍ इतिहास की जिज्ञासा)
कुम्भ इलाहाबाद।
यह बालक सेक्टर नंबर 6 पीपा पुल 17  के पास जहां कल्पवासी लोग तंबू में रह रहे हैं उसके पास यह बच्चा मिला इसकी उम्र लगभग 1 वर्ष यह सड़क पर मिला है और यह नागवासुकी थाने पर मौजूद है अगर किसी को इसके बारे में कुछ भी जानकारी हो तो प्लीज नागवासुकी थाने पर संपर्क करें प्लीज शेयर करे...
👏6💯2👍1
निम्न में से " सत्य के अनेकान्तवाद " का सिद्धांत किसका विशिष्ट लक्षण है ?
Anonymous Quiz
22%
आजीवक
33%
बौद्ध धर्म
16%
सिक्ख धर्म
17%
लोकायत
13%
इनमें से कोई भी नही
👍5
निम्नलिखित में से " प्रस्थान त्रयी " में शामिल नही है ?
Anonymous Quiz
28%
वेद
19%
उपनिषद्
23%
ब्रह्मसूत्र
30%
भगवदगीता
👍5
अकबर के संरक्षण में फारसी में अनुवादित ग्रंथ ....


🌿  सिंहासन बत्तीसी  , रामायण  ---  बदायूँनी

🌿  अथर्ववेद  ---  बदायूँनी ने इसका अनुवाद प्रारम्भ किया तथा हाजी इब्राहिम सरहिन्दी ने पूर्ण किया

🌿 महाभारत -  नकीब खां के नेतृत्व में ( अन्य बदायूँनी , मुल्ला शेरी , हाजी सुल्तान थानेसरी )

🌿 हरिवंश ( कृष्ण चरित की संस्कृत पुस्तक )  ---  मुल्ला शैरी

🌿 लीलावती , भागवत पुराण , नलदमयन्ती  ---  फैजी

🌿 कालिया दमन , पंचतंत्र  --- अबुल फजल

🌿 राजतरंणिनी ---  शाह मुहम्मद शाहाबादी

🌿 हितोपदेश ---  ताजुलमाली

🌿 तजक ( खगोल शास्त्रीय  ग्रंथ ) ---  मुकम्मल खाँ गुजराती

🌿 मुजम - अल - बुल्दान ( अरबी की भूगोल विषयक पुस्तक )  ---  मुल्ला अहमद सतवी , कासिम बेग , शेख मुनव्वर

🌿 हयाद - अल - हैवान ( अरबी रचना ) --- अबुल फजल , शेख मुबारक

🌿  जिचे जदीदे - मिर्जाई ---  फतैहउल्ला शिराजी
👍5🔥4
सती (रोकथाम) अधिनियम, 1987, सती प्रथा को रोकने के लिए बनाया गया था. इस अधिनियम के तहत, सती प्रथा को बढ़ावा देना या उसका महिमामंडन करना गैरकानूनी है. इस अधिनियम के तहत, सती प्रथा को रोकने के लिए सती आयोग की स्थापना की गई.
इस अधिनियम के बारे में ज़रूरी बातें:
यह अधिनियम राजस्थान सरकार ने बनाया था.
साल 1988 में इसे भारत सरकार ने संघीय कानून बनाया.
यह अधिनियम जम्मू और कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागू हुआ.
इस अधिनियम के तहत, सती प्रथा को बढ़ावा देने या उसका महिमामंडन करने पर सज़ा का प्रावधान है.
सती प्रथा के मामलों की जांच करने और उन्हें रोकने के लिए सती आयोग की स्थापना की गई.
सती प्रथा के समर्थन करने, उसका महिमामंडन करने या किसी को सती प्रथा से मरने के लिए मजबूर करने पर सज़ा हो सकती है.
सती प्रथा के खात्मे के लिए राजा राममोहन राय ने भी अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने समाज को सती प्रथा के ख़िलाफ़ जागरूक किया था.
👍4
राहुल सांकृत्यायन, साल 1920 के असहयोग आंदोलन में बिहार के छपरा ज़िले में सक्रिय थे. वे इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ता थे और इसके लिए जेल भी गए थे. 
राहुल सांकृत्यायन के बारे में कुछ और बातें:
उनका असली नाम केदार नाथ पांडे था. 
वे एक प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार और स्वतंत्रता सेनानी थे. 
वे यायावर थे और उन्होंने कोलकाता, काशी, दार्जिलिंग, तिब्बत, नेपाल, चीन, श्रीलंका, सोवियत संघ समेत कई देशों का भ्रमण किया. 
वे बौद्ध धर्म को मानते थे. 
उन्होंने तिब्बत से खच्चर पर किताबें लाई थीं. 
वे जहां जाते थे, वहां की संस्कृति को अपनाते थे. 
साल 1920-22 में हुए असहयोग आंदोलन का मकसद भारत को आज़ादी दिलाना था. यह आंदोलन महात्मा गांधी ने आयोजित किया था. 
👍4