वॉइस ऑफ़ इंडिया (वीओआई) एक समाचार पत्र और टेलीविज़न चैनल है. वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र की शुरुआत दादाभाई नौरोजी ने साल 1883 में बॉम्बे से की थी. वहीं, वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल नोएडा से प्रसारित होता है.
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के संपादक दादाभाई नौरोजी थे.
बाद में इस अखबार को 'इंडियन स्पेक्टेटर' में शामिल कर लिया गया.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल को त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड चलाता है.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल पर हिन्दी भाषा के राष्ट्रीय, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, और राजस्थान के न्यूज़ चैनल हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सम्पादक रविशंकर हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सह समूह सम्पादक राजेश बादल हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के संपादक दादाभाई नौरोजी थे.
बाद में इस अखबार को 'इंडियन स्पेक्टेटर' में शामिल कर लिया गया.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल को त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड चलाता है.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल पर हिन्दी भाषा के राष्ट्रीय, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, और राजस्थान के न्यूज़ चैनल हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सम्पादक रविशंकर हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सह समूह सम्पादक राजेश बादल हैं.
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चैनल के सभी सदस्यों से अनुरोध है जो pdf डाली जाए उसे त्वरित वेग से save कर लेवे
क्योंकि pdf से चैनल पर कॉपीराइट का खतरा बना रहता है इसीलिए जिन भी सदस्यों ने pdf save न की है कर ले कल तक सभी pdf हटा दी जाएंगी
धन्यवाद
क्योंकि pdf से चैनल पर कॉपीराइट का खतरा बना रहता है इसीलिए जिन भी सदस्यों ने pdf save न की है कर ले कल तक सभी pdf हटा दी जाएंगी
धन्यवाद
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निम्न में से " कनिष्क कालीन व्यापार " की जानकारी किस पुस्तक से मिलती है ?
Anonymous Quiz
24%
बुद्धचरित
32%
मालविकाग्निमित्रम्
34%
अवदान शतक
9%
अर्थशास्त्र
1%
ऋग्वेद
👍6
निम्न में से " ऋग्वैदिक आर्य और हङप्पा संस्कृति के लोग एक ही थे " इस सिद्धान्त का प्रतिपादक कौन है ?
Anonymous Quiz
15%
आर .एस . शर्मा
22%
रोमिला थापर
34%
बी.बी. लाल
23%
एच.डी.सांकलिया
7%
डी.डी.कौशाम्बी
👍7
" नवधा भक्ति " की संकल्पना किस धर्म का एक महत्वपूर्ण संस्कार है ?
Anonymous Quiz
12%
जैन धर्म
20%
शैव धर्म
24%
बौद्ध धर्म
40%
वैष्णव धर्म
4%
सिक्ख धर्म
🏆3👍2👏1🫡1
सुधारक, एक समाचार पत्र था जिसकी स्थापना गोपाल गणेश आगरकर ने साल 1888 में की थी. यह अंग्रेज़ी और मराठी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होता था. इस पत्र में सामाजिक सुधारों से जुड़ी जानकारी और खबरें होती थीं.
सुधारक समाचार पत्र से जुड़ी कुछ खास बातेंः
गोपाल गणेश आगरकर एक समाज सुधारक और पत्रकार थे.
वे मराठी के प्रसिद्ध समाचार पत्र केसरी के पहले संपादक भी थे.
आगरकर व्यक्तिवाद के कट्टर समर्थक थे.
उन्होंने जाति व्यवस्था, बाल विवाह, विधवाओं को गंजा बनाने, और ग्रंथ-धर्म-प्रामान्य जैसी सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.
आगरकर और लोकमान्य तिलक के बीच मतभेद के कारण उन्होंने केसरी का संपादकत्व छोड़ दिया था.
आगरकर ने गोपाल कृष्ण गोखले को सुधारक पत्र का संपादक बनाया था.
सुधारक समाचार पत्र से जुड़ी कुछ खास बातेंः
गोपाल गणेश आगरकर एक समाज सुधारक और पत्रकार थे.
वे मराठी के प्रसिद्ध समाचार पत्र केसरी के पहले संपादक भी थे.
आगरकर व्यक्तिवाद के कट्टर समर्थक थे.
उन्होंने जाति व्यवस्था, बाल विवाह, विधवाओं को गंजा बनाने, और ग्रंथ-धर्म-प्रामान्य जैसी सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.
आगरकर और लोकमान्य तिलक के बीच मतभेद के कारण उन्होंने केसरी का संपादकत्व छोड़ दिया था.
आगरकर ने गोपाल कृष्ण गोखले को सुधारक पत्र का संपादक बनाया था.
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द हिन्दू, भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी समाचार पत्र है. यह चेन्नई से प्रकाशित होता है. द हिन्दू को भारत के सबसे प्रभावशाली दैनिक समाचार पत्रों में से एक माना जाता है.
द हिन्दू के बारे में कुछ और खास बातें:
द हिन्दू की शुरुआत साल 1878 में एक साप्ताहिक के रूप में हुई थी.
साल 1889 में यह दैनिक समाचार पत्र बन गया.
साल 1995 में द हिन्दू ने अपना ऑनलाइन संस्करण लॉन्च किया था.
द हिन्दू, मुख्य रूप से दक्षिण भारत में पढ़ा जाता है.
केरल और तमिलनाडु में द हिन्दू सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला अंग्रेज़ी समाचार पत्र है.
भारत में प्रकाशित होने वाले कुछ और प्रमुख समाचार पत्र: दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान.
द हिन्दू के बारे में कुछ और खास बातें:
द हिन्दू की शुरुआत साल 1878 में एक साप्ताहिक के रूप में हुई थी.
साल 1889 में यह दैनिक समाचार पत्र बन गया.
साल 1995 में द हिन्दू ने अपना ऑनलाइन संस्करण लॉन्च किया था.
द हिन्दू, मुख्य रूप से दक्षिण भारत में पढ़ा जाता है.
केरल और तमिलनाडु में द हिन्दू सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला अंग्रेज़ी समाचार पत्र है.
भारत में प्रकाशित होने वाले कुछ और प्रमुख समाचार पत्र: दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान.
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प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की राजधानियां ये थीं:
मगध की राजधानी राजगृह या गिरिव्रज थी. यह वर्तमान में गया और पटना के इलाके में है.
काशी की राजधानी वाराणसी थी. यह वर्तमान में बनारस के नाम से जानी जाती है.
कोशल की राजधानी श्रावस्ती थी. यह वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश में है.
वज्जि की राजधानी वैशाली थी. यह वर्तमान में बिहार में है.
वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी. यह वर्तमान में प्रयागराज के नाम से जानी जाती है.
कुरु की राजधानी इंद्रप्रस्थ थी. यह वर्तमान में मेरठ और हरियाणा के इलाके में है.
पांचाल की राजधानी काम्पिल्य थी. यह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पश्चिम में है.
मत्स्य की राजधानी विराटनगर थी. यह वर्तमान में जयपुर के इलाके में है.
अंग की राजधानी चंपा थी.
मल्ला की राजधानी पावा थी.
मगध की राजधानी राजगृह या गिरिव्रज थी. यह वर्तमान में गया और पटना के इलाके में है.
काशी की राजधानी वाराणसी थी. यह वर्तमान में बनारस के नाम से जानी जाती है.
कोशल की राजधानी श्रावस्ती थी. यह वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश में है.
वज्जि की राजधानी वैशाली थी. यह वर्तमान में बिहार में है.
वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी. यह वर्तमान में प्रयागराज के नाम से जानी जाती है.
कुरु की राजधानी इंद्रप्रस्थ थी. यह वर्तमान में मेरठ और हरियाणा के इलाके में है.
पांचाल की राजधानी काम्पिल्य थी. यह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पश्चिम में है.
मत्स्य की राजधानी विराटनगर थी. यह वर्तमान में जयपुर के इलाके में है.
अंग की राजधानी चंपा थी.
मल्ला की राजधानी पावा थी.
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भारत में पहली रेलवे लाइन मुंबई के बोरी बंदर और ठाणे के बीच बनी थी. यह रेलवे लाइन 16 अप्रैल, 1853 को शुरू हुई थी. इस ऐतिहासिक यात्रा का नेतृत्व उस समय के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौज़ी ने किया था.
भारत में रेलवे से जुड़ी कुछ और खास बातें:
इस रेलवे लाइन पर 14 कोच और 400 यात्री सफ़र करने के लिए चढ़े थे.
सुल्तान, सिंध, और साहिब नाम के तीन लोकोमोटिव ने इस ट्रेन को खींचा था.
पूर्वी भारत में पहली ट्रेन 1854 में हावड़ा से हुगली के बीच चली थी.
दक्षिण भारत में पहली ट्रेन 1856 में रोयापुरम-व्यासरपदी (मद्रास) से वालाजाह रोड (आरकोट) के बीच चली थी.
पहली रेलवे कार्यशाला 1862 में बिहार के जमालपुर में बनाई गई थी.
दिल्ली जंक्शन 1864 में उत्तर में पहला स्टेशन बना था.
भारत में रेलवे से जुड़ी कुछ और खास बातें:
इस रेलवे लाइन पर 14 कोच और 400 यात्री सफ़र करने के लिए चढ़े थे.
सुल्तान, सिंध, और साहिब नाम के तीन लोकोमोटिव ने इस ट्रेन को खींचा था.
पूर्वी भारत में पहली ट्रेन 1854 में हावड़ा से हुगली के बीच चली थी.
दक्षिण भारत में पहली ट्रेन 1856 में रोयापुरम-व्यासरपदी (मद्रास) से वालाजाह रोड (आरकोट) के बीच चली थी.
पहली रेलवे कार्यशाला 1862 में बिहार के जमालपुर में बनाई गई थी.
दिल्ली जंक्शन 1864 में उत्तर में पहला स्टेशन बना था.
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इनमें से कोई भी किसी अन्य के समक्ष झुकने को तैयार नहीं होता था, और इक्ता वितरण में समानता की मांग करते थे | तुर्कान ए चहलगानी के संबंध में यह कथन किस इतिहासकार का है ?
Anonymous Quiz
21%
मिन्हाज
37%
बरनी
33%
इसामी
9%
इब्नबतूता
😁5👍2
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Very deep message in this video 🍀
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निम्नलिखित अजंता की गुफाओं में से किसमें पद्मपाणि अवलोकितेश्वर का चित्र पाया गया ?
Anonymous Quiz
10%
गुफा संख्या 24
14%
गुफा संख्या 5
33%
गुफा संख्या 1
35%
गुफा संख्या 16
9%
गुफा संख्या 9
निम्न में से गुप्त युगीन ब्राह्मी अभिलेख से युक्त जैन प्रतिमाये मिली है ?
Anonymous Quiz
22%
दुर्जनपुर से
39%
उदयगिरि से
27%
विदिशा से
9%
सांची से
3%
वाराणसी से
🎉5
निम्न में से " गुप्त काल में भूमि - कर संग्रह " से सम्बन्धित अधिकारी था ?
Anonymous Quiz
5%
दिविर
12%
न्यायाधिकरण
43%
महाक्षपटलिक
23%
ध्रुवाधिकरण
18%
करणिक
🌿 ऐहोल अभिलेख - इस अभिलेख में सबसे पहली बार " गुर्जर " जाति का उल्लेख हुआ ............ और इस अभिलेख में पुलकेशिन प्रथम द्वारा अश्वमेघ यज्ञ किये जाने का वर्णन है ।
🌿 गहङवालो के अभिलेखों में सर्वप्रथम " तुरूष्कदण्डकर " तथा " जलकर " का उल्लेख मिलता है ।
🌿 गुप्त शासक वैन्यगुप्त के समय के " गुणैधर ताम्रपत्र " से उत्तर भारत में सर्वप्रथम " सामन्त " शब्द का अभिलेखीय साक्ष्य मिलता है ।
🌿 मिहिरभोज के " ग्वालियर अभिलेख " में सर्वप्रथम " शून्य " का अभिलेखीय प्रमाण मिलता है ।
🌿 हेलियोडोरस का " गरूङ स्तम्भ लेख " " भागवत धर्म " का प्रथम अभिलेखीय प्रमाण है ।
🌿 सातवीं सदी के " कुडुमियमलाई " अभिलेख से प्राप्त शास्त्रीय रागों के स्वरों की व्याख्या मिलती है ।
🌿 सर्वप्रथम " अश्वमेघ यज्ञ " की सूचना देने वाला अभिलेख " धनदेव का अयोध्या " अभिलेख है ।
🌿 गहङवालो के अभिलेखों में सर्वप्रथम " तुरूष्कदण्डकर " तथा " जलकर " का उल्लेख मिलता है ।
🌿 गुप्त शासक वैन्यगुप्त के समय के " गुणैधर ताम्रपत्र " से उत्तर भारत में सर्वप्रथम " सामन्त " शब्द का अभिलेखीय साक्ष्य मिलता है ।
🌿 मिहिरभोज के " ग्वालियर अभिलेख " में सर्वप्रथम " शून्य " का अभिलेखीय प्रमाण मिलता है ।
🌿 हेलियोडोरस का " गरूङ स्तम्भ लेख " " भागवत धर्म " का प्रथम अभिलेखीय प्रमाण है ।
🌿 सातवीं सदी के " कुडुमियमलाई " अभिलेख से प्राप्त शास्त्रीय रागों के स्वरों की व्याख्या मिलती है ।
🌿 सर्वप्रथम " अश्वमेघ यज्ञ " की सूचना देने वाला अभिलेख " धनदेव का अयोध्या " अभिलेख है ।
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