𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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🇮🇳इस ग्रुप का उद्देश्य आपको इतिहास विषय से विभिन्न एग्जाम यथा UGC NET,SET,NVS,KVS,EMRS, Ass. Professor,PGT, RPSC ,UPPSC,MPSC ,DSSSB
आदि में सफलता प्राप्त करने में मदद करना एवम इतिहास विषय के ज्ञान से अवगत कराना है ।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपना प्रसिद्ध नारा 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा' बर्मा (वर्तमान म्यांमार) में दिया था. उन्होंने यह नारा 4 जुलाई, 1944 को भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के सदस्यों के लिए दिया था.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कई नारे दिए थे. इनमें से कुछ नारे ये रहे:
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा
दिल्ली चलो
जय हिन्द
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जापान की मदद से आज़ाद हिंद फ़ौज का गठन किया था. वे इस फ़ौज के अध्यक्ष थे.
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23 दिसंबर 1912 को भारत के गवर्नर-जनरल के नई राजधानी में प्रवेश के उपलक्ष्य में दिल्ली में एक शाही जुलूस निकाला गया, जिसमें लॉर्ड हार्डिंग एक सजे-धजे हाथी पर बैठे थे। जब जुलूस चांदनी चौक से गुजर रहा था, तो हाथी पर बम फेंका गया, जिससे महावत की मौत हो गई। लॉर्ड हार्डिंग घायल होने के बावजूद बच गए।
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भारतीय संग्रहालय की स्थापना 2 फ़रवरी, 1814 को कोलकाता में हुई थी. इसकी स्थापना एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल ने की थी. यह संग्रहालय भारत का सबसे पुराना संग्रहालय है.
भारतीय संग्रहालय की स्थापना से जुड़ी कुछ खास बातेंः
इसकी स्थापना के बाद भारत में संग्रहालयों का आंदोलन शुरू हुआ.
यह संग्रहालय एशिया-प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय है.
इसकी स्थापना के बाद देश में संग्रहालयों की संख्या बढ़ी और आज देश में 400 से ज़्यादा संग्रहालय हैं.
इस संग्रहालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से इकट्ठा की गई रोचक वस्तुएं रखी गई हैं.
भारत के कुछ और प्रमुख संग्रहालयः
राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
सालार जंग संग्रहालय, हैदराबाद
राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, बेंगलुरु
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लॉर्ड मिंटो को पाकिस्तान का जनक मानते थे. 
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बारे में कुछ और जानकारीः
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे. 
उनका जन्म 3 दिसंबर, 1884 को हुआ था. 
उनका निधन 28 फ़रवरी, 1963 को हुआ था. 
वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे. 
उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया. 
उन्होंने भारत के संविधान को तैयार किया था. 
उन्होंने 'हिस्ट्री ऑफ़ चंपारन सत्याग्रह' और 'इंडिया डिवाइडेड' जैसी किताबें लिखी थीं. 
उनकी आत्मकथा हिन्दी में 1946 और अंग्रेज़ी में 1957 में प्रकाशित हुई थी. 
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दिल्ली सल्तनत के शासक फिरोज़ शाह तुगलक ने दीवान-ए-खैरात की स्थापना की थी. दीवान-ए-खैरात, अनाथों और विधवाओं की देखभाल करने वाला विभाग था.
फ़िरोज़ शाह तुगलक के बारे में कुछ और जानकारी:
फ़िरोज़ शाह तुगलक, तुगलक वंश के तीसरे शासक थे.
उन्होंने 1351 से 1388 ईस्वी तक दिल्ली पर शासन किया.
उन्होंने फ़तेहाबाद, हिसार, जौनपुर, और फिरोज़ाबाद शहरों का निर्माण कराया.
उन्होंने सिंचाई के विकास पर बहुत ध्यान दिया.
गरीब मुसलमानों के लिए दीवान-ए-खैरात के अलावा, दार-उल-शफ़ा जैसे निःशुल्क अस्पताल और विवाह ब्यूरो भी बनाए गए थे.
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निम्न में से " सर्वप्रथम द्विभाषिक - द्विलिपीय सिक्के " जारी करने वाले है ?
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कुषाण
15%
शक
20%
पहलव
48%
इंडो - ग्रीक
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मौर्य
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निम्न में से " महाभाष्य में ऋग्वेद " की कितनी शाखाओं का उल्लेख है ?
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30%
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Forwarded from ✍ इतिहास की जिज्ञासा
अंतरिक्ष से भी जगमगाता दिखाई दिया  महाकुंभ नगर
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28 जनवरी 1865 ई. - 17 नवंबर 1928 ई.

" अतीत को देखते रहना व्यर्थ है , जब तक उस अतीत पर
गर्व करने योग्य भविष्य के निर्माण के लिए कार्य न किया जा
ए "
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वॉइस ऑफ़ इंडिया (वीओआई) एक समाचार पत्र और टेलीविज़न चैनल है. वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र की शुरुआत दादाभाई नौरोजी ने साल 1883 में बॉम्बे से की थी. वहीं, वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल नोएडा से प्रसारित होता है.
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र के संपादक दादाभाई नौरोजी थे.
बाद में इस अखबार को 'इंडियन स्पेक्टेटर' में शामिल कर लिया गया.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के बारे में ज़्यादा जानकारी:
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल को त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड चलाता है.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल पर हिन्दी भाषा के राष्ट्रीय, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, और राजस्थान के न्यूज़ चैनल हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सम्पादक रविशंकर हैं.
वॉइस ऑफ़ इंडिया टेलीविज़न चैनल के सह समूह सम्पादक राजेश बादल हैं.
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चैनल के सभी सदस्यों से अनुरोध है जो pdf डाली जाए उसे त्वरित वेग से save कर लेवे
क्योंकि pdf से चैनल पर कॉपीराइट का खतरा बना रहता है इसीलिए जिन भी सदस्यों ने pdf save न की है कर ले कल तक सभी pdf हटा दी जाएंगी
धन्यवाद
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निम्न में से " कनिष्क कालीन व्यापार " की जानकारी किस पुस्तक से मिलती है ?
Anonymous Quiz
24%
बुद्धचरित
32%
मालविकाग्निमित्रम्
34%
अवदान शतक
9%
अर्थशास्त्र
1%
ऋग्वेद
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निम्न में से " ऋग्वैदिक आर्य और हङप्पा संस्कृति के लोग एक ही थे " इस सिद्धान्त का प्रतिपादक कौन है ?
Anonymous Quiz
15%
आर .एस . शर्मा
22%
रोमिला थापर
34%
बी.बी. लाल
23%
एच.डी.सांकलिया
7%
डी.डी.कौशाम्बी
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" नवधा भक्ति " की संकल्पना किस धर्म का एक महत्वपूर्ण संस्कार है ?
Anonymous Quiz
12%
जैन धर्म
20%
शैव धर्म
24%
बौद्ध धर्म
40%
वैष्णव धर्म
4%
सिक्ख धर्म
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सुधारक, एक समाचार पत्र था जिसकी स्थापना गोपाल गणेश आगरकर ने साल 1888 में की थी. यह अंग्रेज़ी और मराठी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होता था. इस पत्र में सामाजिक सुधारों से जुड़ी जानकारी और खबरें होती थीं.
सुधारक समाचार पत्र से जुड़ी कुछ खास बातेंः
गोपाल गणेश आगरकर एक समाज सुधारक और पत्रकार थे.
वे मराठी के प्रसिद्ध समाचार पत्र केसरी के पहले संपादक भी थे.
आगरकर व्यक्तिवाद के कट्टर समर्थक थे.
उन्होंने जाति व्यवस्था, बाल विवाह, विधवाओं को गंजा बनाने, और ग्रंथ-धर्म-प्रामान्य जैसी सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.
आगरकर और लोकमान्य तिलक के बीच मतभेद के कारण उन्होंने केसरी का संपादकत्व छोड़ दिया था.
आगरकर ने गोपाल कृष्ण गोखले को सुधारक पत्र का संपादक बनाया था.
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द हिन्दू, भारत में प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेज़ी समाचार पत्र है. यह चेन्नई से प्रकाशित होता है. द हिन्दू को भारत के सबसे प्रभावशाली दैनिक समाचार पत्रों में से एक माना जाता है.
द हिन्दू के बारे में कुछ और खास बातें:
द हिन्दू की शुरुआत साल 1878 में एक साप्ताहिक के रूप में हुई थी.
साल 1889 में यह दैनिक समाचार पत्र बन गया.
साल 1995 में द हिन्दू ने अपना ऑनलाइन संस्करण लॉन्च किया था.
द हिन्दू, मुख्य रूप से दक्षिण भारत में पढ़ा जाता है.
केरल और तमिलनाडु में द हिन्दू सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला अंग्रेज़ी समाचार पत्र है.
भारत में प्रकाशित होने वाले कुछ और प्रमुख समाचार पत्र: दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान.
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प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की राजधानियां ये थीं:
मगध की राजधानी राजगृह या गिरिव्रज थी. यह वर्तमान में गया और पटना के इलाके में है.
काशी की राजधानी वाराणसी थी. यह वर्तमान में बनारस के नाम से जानी जाती है.
कोशल की राजधानी श्रावस्ती थी. यह वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश में है.
वज्जि की राजधानी वैशाली थी. यह वर्तमान में बिहार में है.
वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी. यह वर्तमान में प्रयागराज के नाम से जानी जाती है.
कुरु की राजधानी इंद्रप्रस्थ थी. यह वर्तमान में मेरठ और हरियाणा के इलाके में है.
पांचाल की राजधानी काम्पिल्य थी. यह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पश्चिम में है.
मत्स्य की राजधानी विराटनगर थी. यह वर्तमान में जयपुर के इलाके में है.
अंग की राजधानी चंपा थी.
मल्ला की राजधानी पावा थी.
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