निम्नलिखित किस रचना में प्राचीन भारतीय न्यायालय की एक झांकी मिलती है ?
Anonymous Quiz
26%
अर्थशास्त्र
21%
मालविकाग्निमित्रम्
38%
मृच्छकटिकम्
14%
मुद्राराक्षस
1%
रत्नावली
👏3🔥2😱1
निम्नलिखित में से कौन - सी पुस्तक पहली है, जो अधिकारियों को वेतन के रूप में नकद देने का सुझाव देती है ?
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13%
कांदमक नीतिसार
15%
मनुस्मृति
14%
पंचतंत्र
17%
नीतिवाक्यामृत
42%
अर्थशास्त्र
👍1
निम्नलिखित ग्रन्थों में से प्रमुखतः किसमें यज्ञ वेदियों के निर्माण का विवरण मिलता है ?
Anonymous Quiz
14%
ब्रह्मसूत्र
26%
गृह्यसूत्र
22%
धर्मसूत्र
38%
शुल्वसूत्र
❤4👍2🔥1
ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार कहां के शासक सम्राट की उपाधि धारण करते थे ?
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21%
उत्तरकुरू
28%
उत्तरमद्र
29%
भोज
22%
प्राच्य
❤2👍2🎉2🔥1
निम्नलिखित में से विष्णु का प्राचीनतम उल्लेख कहां मिलता है ?
Anonymous Quiz
31%
ऋग्वेद
11%
सामवेद
52%
शतपथ ब्राह्मण
7%
गोपथ ब्राह्मण
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Bhartiya_Itihas_Arya_Competition_Times_4th_Edition_Hindi_Edition.pdf
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भारत में पहले जिस मानव की प्रतिमाओं को पूजा गया वह थी ?
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6%
ब्रह्मा की
17%
विष्णु की
48%
बुद्ध की
29%
शिव की
निम्नलिखित में से किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए है ?
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48%
बैराठ
19%
नगरी
31%
रैढ़
2%
नगर
👍2
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Happy Republic day 🇮🇳🇮🇳
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निम्नलिखित में से किस एक वैदिक साहित्य में मोक्ष की चर्चा मिलती है ?
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18%
ऋग्वेद
11%
ब्राह्मण
22%
परवर्ती संहितायें
48%
उपनिषद्
1%
इनमें से कोई भी नही
👍6
निम्न में से " सत्यमेव जयते " शब्द किस उपनिषद् से लिया गया है ?
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3%
बृहदारण्यक उपनिषद्
7%
छान्दोग्योपनिषद्
6%
कठ उपनिषद्
82%
मुण्डकोपनिषद्
1%
तैत्तिरीय उपनिषद्
👍4👏4
निम्न में से ऋग्वेद का सर्वाधिक लोकप्रिय छन्द कौन - सा है ?
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46%
गायत्री
12%
सामवेद
19%
अनुष्टुप
7%
जगती
17%
त्रिष्टुप
निम्नलिखित में से " गंगा एवं यमुना नदी " का साथ - साथ उल्लेख सर्वप्रथम कहां मिलता है ?
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19%
शतपथ ब्राह्मण
28%
छान्दोग्य उपनिषद्
12%
सुत्तनिपात
38%
ऋग्वेद
4%
मुण्डकोपनिषद्
❤5👍4
स्वतंत्रता दिवस किसी देश को आजादी देता है परन्तु गणतंत्र दिवस उसी आजादी को अनंत काल तक सुनिश्चित करता है।
Dinesh k Prajapat
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𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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आप सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई
🙏🇮🇳🙏
जीवन में पांच जकारों का संयोग बहुत दुर्लभ है :
जननी जन्मदेशश्च जम्बूद्वीपो जनार्द्दन:।
जाह्नवीतीरं इत्येते जकारा: पंचदुर्लभा।। 1।।
मरणं जाह्नवीतीरे नृणां मुक्तिप्रदायकम्।
विकृतावपि सन्ध्यातो मुक्तिद: स्याज्जनार्द्दन:।। 2।।
जननी जन्मदेशाश्च मरणे मुक्तिदा:सदा।
तस्मात् स्वजन्मदेशश्च पापनाशकरो नृणाम्।। 3।।*
अर्थात् १. अपनी जन्मदात्री मां और २. अपनी जन्मभूमि, ३. उसमें भी जम्बूद्वीप भारतवर्ष तथा ४. जनार्दन के साथ - साथ ५. जाह्नवी- गंगा जैसी नदी का तीर।
ये पांच दुर्लभ हैं क्योंकि दो मिल जाएंगे तो तीन नहीं मिलते, तीन मिल जाए तो चार नहीं और चार मिले तो पांचवां कठिन होता है। यदि से पांचों ही मिल जाए तो क्या कहना। क्योंकि, प्राण निकले तो गंगा के किनारे, वह मुक्तिदायक माना गया है, जनार्दन भी यही फलदायी है। जननी व जन्मभूमि पर सांस निकले तो सदा ही मुक्तिदायी होती है, इसलिए कि अपना जन्मदेश लोगों का पाप नाश करने वाला होता है।
+ + +
ये श्लोक उन महर्षि देवल के हैं जिन्होंने राजस्थान की सीमा पर सिंधु के आसपास रहकर उन लोगों के लिए देशज-संस्कार का अभियान छेड़ा था जाे बाहर से आए अथवा स्वदेश की परंपराओं को तिलांजलि दे चुके थे।
गणतंत्र, जिसे प्रजा का पोषित शासन भी कहा जाता है, के चिरायु होने के लिए दो तत्व जरूरी बताए गए हैं : स्वस्थ सुदृढ़ विरोध और बेहतर विकल्प अन्यथा प्रजा की इन्द्रियों सहित मन, बुद्धि और अहंकार भी चाबुक के अधीन हो जाते हैं :
विपक्षं विरोधं चापरिहार्यं नित्यं गणं शासने।
यत्र द्वयं दृढीभूतं तत्र विफलं मनोमार्गिण:।।
--------------------------
* चतुर्वर्ग्ग चिन्तामणि ( हेमाद्रि, अनुवाद डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू) : भाग 4, पृष्ठ 483
🙏🇮🇳🙏
जीवन में पांच जकारों का संयोग बहुत दुर्लभ है :
जननी जन्मदेशश्च जम्बूद्वीपो जनार्द्दन:।
जाह्नवीतीरं इत्येते जकारा: पंचदुर्लभा।। 1।।
मरणं जाह्नवीतीरे नृणां मुक्तिप्रदायकम्।
विकृतावपि सन्ध्यातो मुक्तिद: स्याज्जनार्द्दन:।। 2।।
जननी जन्मदेशाश्च मरणे मुक्तिदा:सदा।
तस्मात् स्वजन्मदेशश्च पापनाशकरो नृणाम्।। 3।।*
अर्थात् १. अपनी जन्मदात्री मां और २. अपनी जन्मभूमि, ३. उसमें भी जम्बूद्वीप भारतवर्ष तथा ४. जनार्दन के साथ - साथ ५. जाह्नवी- गंगा जैसी नदी का तीर।
ये पांच दुर्लभ हैं क्योंकि दो मिल जाएंगे तो तीन नहीं मिलते, तीन मिल जाए तो चार नहीं और चार मिले तो पांचवां कठिन होता है। यदि से पांचों ही मिल जाए तो क्या कहना। क्योंकि, प्राण निकले तो गंगा के किनारे, वह मुक्तिदायक माना गया है, जनार्दन भी यही फलदायी है। जननी व जन्मभूमि पर सांस निकले तो सदा ही मुक्तिदायी होती है, इसलिए कि अपना जन्मदेश लोगों का पाप नाश करने वाला होता है।
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ये श्लोक उन महर्षि देवल के हैं जिन्होंने राजस्थान की सीमा पर सिंधु के आसपास रहकर उन लोगों के लिए देशज-संस्कार का अभियान छेड़ा था जाे बाहर से आए अथवा स्वदेश की परंपराओं को तिलांजलि दे चुके थे।
गणतंत्र, जिसे प्रजा का पोषित शासन भी कहा जाता है, के चिरायु होने के लिए दो तत्व जरूरी बताए गए हैं : स्वस्थ सुदृढ़ विरोध और बेहतर विकल्प अन्यथा प्रजा की इन्द्रियों सहित मन, बुद्धि और अहंकार भी चाबुक के अधीन हो जाते हैं :
विपक्षं विरोधं चापरिहार्यं नित्यं गणं शासने।
यत्र द्वयं दृढीभूतं तत्र विफलं मनोमार्गिण:।।
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* चतुर्वर्ग्ग चिन्तामणि ( हेमाद्रि, अनुवाद डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू) : भाग 4, पृष्ठ 483
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निम्नांकित प्राचीन साहित्यिक ग्रंथों में से किसमें चित्रकला सम्बन्धित एक स्वतंत्र अध्याय है ?
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17%
पंचसिद्धान्तिका
32%
विष्णधर्मोत्तर पुराण
27%
नाट्यशास्त्र
19%
पंचतन्त्र
5%
मुद्राराक्षस
👌4🔥1🤝1