💁♀मानवाधिकार क्या है 👇
🔥 Humsikhatehain महत्वपूर्ण ज्ञान श्रृंखला 👌
✅एक वाक्य में कहें तो मानवाधिकार हर व्यक्ति का नैसर्गिक या प्राकृतिक अधिकार है। इसके दायरे में जीवन, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार आता है। इसके अलावा गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार भी इसमें शामिल हैं।
✅संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए मानवाधिकार संबंधी घोषणापत्र में भी कहा गया था कि मानव के बुनियादी अधिकार किसी भी जाति, धर्म, लिंग, समुदाय, भाषा, समाज आदि से इतर होते हैं। रही बात मौलिक अधिकारों की तो ये देश के संविधान में उल्लिखित अधिकार है। ये अधिकार देश के नागरिकों को और किन्हीं परिस्थितियों में देश में निवास कर रहे सभी लोगों को प्राप्त होते हैं।
✅यहाँ पर एक बात और स्पष्ट कर देना उचित है कि मौलिक अधिकार के कुछ तत्त्व मानवाधिकार के अंतर्गत भी आते हैं जैसे- जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता का अधिकार।
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✅एक वाक्य में कहें तो मानवाधिकार हर व्यक्ति का नैसर्गिक या प्राकृतिक अधिकार है। इसके दायरे में जीवन, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार आता है। इसके अलावा गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार भी इसमें शामिल हैं।
✅संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए मानवाधिकार संबंधी घोषणापत्र में भी कहा गया था कि मानव के बुनियादी अधिकार किसी भी जाति, धर्म, लिंग, समुदाय, भाषा, समाज आदि से इतर होते हैं। रही बात मौलिक अधिकारों की तो ये देश के संविधान में उल्लिखित अधिकार है। ये अधिकार देश के नागरिकों को और किन्हीं परिस्थितियों में देश में निवास कर रहे सभी लोगों को प्राप्त होते हैं।
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💁♀अल्पसंख्यक कौन है? 👇
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✅संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार, ‘Any group of community which is economically, politically non-dominant and inferior in population.’ ऐसा समुदाय जिसका सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक रूप से कोई प्रभाव न हो और जिसकी आबादी नगण्य हो, उसे अल्पसंख्यक कहा जाएगा।
✅अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अल्पसंख्यक ऐसे समूह हैं जिनके पास विशिष्ट और स्थिर जातीय, धार्मिक और भाषायी विशेषताएँ हैं।
✅भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29, 30, 350A तथा 350B में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है लेकिन इसकी परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
✅अनुच्छेद 29 में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारत के राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा।
✅अनुच्छेद 30 में बताया गया है कि धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षा, संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।
✅अनुच्छेद 350 A और 350 B केवल भाषायी अल्पसंख्यकों से संबंधित हैं।
✅1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) के तहत 23 अक्तूबर, 1993 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में पाँच समुदायों मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, पारसी तथा बौद्ध को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई।2014 में जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यक की श्रेणी में शामिल किया गया।
✅गुजरात सरकार ने राज्य में जैन समुदाय को अलग से अल्पसंख्यक घोषित किया है।
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✅संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार, ‘Any group of community which is economically, politically non-dominant and inferior in population.’ ऐसा समुदाय जिसका सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक रूप से कोई प्रभाव न हो और जिसकी आबादी नगण्य हो, उसे अल्पसंख्यक कहा जाएगा।
✅अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अल्पसंख्यक ऐसे समूह हैं जिनके पास विशिष्ट और स्थिर जातीय, धार्मिक और भाषायी विशेषताएँ हैं।
✅भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29, 30, 350A तथा 350B में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है लेकिन इसकी परिभाषा कहीं नहीं दी गई है।
✅अनुच्छेद 29 में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का प्रयोग किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारत के राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा।
✅अनुच्छेद 30 में बताया गया है कि धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षा, संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।
✅अनुच्छेद 350 A और 350 B केवल भाषायी अल्पसंख्यकों से संबंधित हैं।
✅1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा 2(c) के तहत 23 अक्तूबर, 1993 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में पाँच समुदायों मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, पारसी तथा बौद्ध को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई।2014 में जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यक की श्रेणी में शामिल किया गया।
✅गुजरात सरकार ने राज्य में जैन समुदाय को अलग से अल्पसंख्यक घोषित किया है।
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💁♀चलों पढ़ते है, छ्ह मौलिक अधिकार को👇
Humsikhatehain ज्ञान श्रृंखला + महत्वपूर्ण 👍
✅1. समानता का अधिकार: इसमें कानून के समक्ष समानता, धर्म, वंश, जाति लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध तथा रोज़गार के संबंध में समान अवसर शामिल है।
✅2. स्वतंत्रता का अधिकार: भाषा और विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता का अधिकार, एकत्र होने संघ या यूनियन बनाने, आने-जाने, निवास करने और कोई भी जीविकोपार्जन एवं व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का अधिकार (इनमें से कुछ अधिकार राज्य की सुरक्षा, विदेशों के साथ भिन्नतापूर्ण संबंध, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता और नैतिकता के तहत दिये जाते हैं)।
✅3. शोषण के विरुद्ध अधिकार: इसमें बेगार, बाल श्रम और मनुष्यों के व्यापार का निषेध किया गया है।
✅4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार: आस्था एवं अंत:करण की स्वतंत्रता, किसी भी धर्म का अनुयायी बनना, उस पर विश्वास करना एवं धर्म का प्रचार करना इसमें शामिल हैं।
✅5. सांस्कृतिक तथा शिक्षा संबंधी अधिकार:किसी भी वर्ग के नागरिकों को अपनी संस्कृति सुरक्षित रखने, भाषा या लिपि बचाए रखने और अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शैक्षिक संस्थाएँ चलाने का अधिकार।
✅6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार: मौलिक अधिकार के प्रवर्तन के लिये संवैधानिक उपचार का अधिकार ।
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✅1. समानता का अधिकार: इसमें कानून के समक्ष समानता, धर्म, वंश, जाति लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध तथा रोज़गार के संबंध में समान अवसर शामिल है।
✅2. स्वतंत्रता का अधिकार: भाषा और विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता का अधिकार, एकत्र होने संघ या यूनियन बनाने, आने-जाने, निवास करने और कोई भी जीविकोपार्जन एवं व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का अधिकार (इनमें से कुछ अधिकार राज्य की सुरक्षा, विदेशों के साथ भिन्नतापूर्ण संबंध, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता और नैतिकता के तहत दिये जाते हैं)।
✅3. शोषण के विरुद्ध अधिकार: इसमें बेगार, बाल श्रम और मनुष्यों के व्यापार का निषेध किया गया है।
✅4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार: आस्था एवं अंत:करण की स्वतंत्रता, किसी भी धर्म का अनुयायी बनना, उस पर विश्वास करना एवं धर्म का प्रचार करना इसमें शामिल हैं।
✅5. सांस्कृतिक तथा शिक्षा संबंधी अधिकार:किसी भी वर्ग के नागरिकों को अपनी संस्कृति सुरक्षित रखने, भाषा या लिपि बचाए रखने और अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शैक्षिक संस्थाएँ चलाने का अधिकार।
✅6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार: मौलिक अधिकार के प्रवर्तन के लिये संवैधानिक उपचार का अधिकार ।
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💁♀डायनासोर की नई प्रजाति 👇
Humsikhatehain ज्ञान श्रृंखला 👌
✅जापान के होक्काइडो यूनिवर्सिटी (Hokkaido University) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने कंकालों का अध्ययन कर डायनासोर की एक नई प्रजाति की पहचान की है।
👉यह हाड्रोस्यूरिड डायनोसॉर प्रजाति से संबंधित है।
✔️संभवतः यह शाकाहारी जीव पृथ्वी पर क्रिटेशस दौर के अंतिम वर्षों में पाया जाता था।
😳यह जापान में खोजा गया अब तक का सबसे बड़ा (लगभग आठ मीटर/26 फीट) कंकाल है।
✅यह कंकाल लगभग 7.2 करोड़ वर्ष पुराना है।
✅पहली बार वर्ष 2013 में उत्तरी जापान में इसका आंशिक हिस्सा प्राप्त हुआ था और बाद में खुदाई से पूरे कंकाल का पता चला था।
👉टीम ने इस डायनासोर का नाम कम्यूसोरस जपोनिकस (Kamuysaurus japonicus)रखा है, जिसका अर्थ है जापानी ड्रैगन गॉड (Japanese Dragon God)।
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😳यह जापान में खोजा गया अब तक का सबसे बड़ा (लगभग आठ मीटर/26 फीट) कंकाल है।
✅यह कंकाल लगभग 7.2 करोड़ वर्ष पुराना है।
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👉टीम ने इस डायनासोर का नाम कम्यूसोरस जपोनिकस (Kamuysaurus japonicus)रखा है, जिसका अर्थ है जापानी ड्रैगन गॉड (Japanese Dragon God)।
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