Ex muslim Movment
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कुरान का science कितना खोखला है?

आज कल के मॉर्डन इस्लामिक स्कॉलर जैसे कि जाकिर नाइक यह दावा करता है कि कुरआन में चांद को नूर (nur) कहा गया है जिसका मतलब है Reflected Light

जब की हम अगर Arabic Dictionary को देखें तो उसमें कहीं भी नूर (nur) लफ्ज़ का मतलब reflected Light नहीं दिया गया उल्टा नूर (nur) का अर्थ केवल light ही दिया गया है।😜😜

यही बात हमे नबी मुहम्मद के चचेरे भाई इब्न अब्बास के कुरान पर लिखा हुआ प्राचीन तफसीर में भी मिलता है कि कुरान में चांद को सिर्फ light बोला गया है न कि reflected light।😂😂

अब क्या जाकिर नाइक सहाबा इब्न अब्बास जी से ज्यादा कुरान को जनता है ?🤪

सबसे प्राचीन तफसीर से सिद्ध होता है कि कुरान unscientific है क्यों कि चांद खुद कोई light नहीं होता।
MOMIN VS ME

MOMIN :- अल्लाह टाइम और स्पेस से बाहर है😍

ME:- आपने वो किस्सा सुना है?

MOMIN :- जल्दी बोल कोनसा किस्सा नमाज पढ़ने जाना है

ME:- अरे आपको याद है अल्लाह ने मूसा को बोला था डंडा फेक और वो डंडे का सांप बन गया था ?

MOMIN:- अरे हा क्या जबरदस्त किस्सा था किन किन नेमतो को ठुकराओगे मूसा तो कलीमुल्ला है उससे अल्लाह ने डायरेक्ट बात की थी

LE ME :- जब अल्लाह ने मूसा को डंडा फेंकने के लिए बोला तब समय में था अल्लाह ?😒 डायरेक्ट बात करने समय कोई समय लागू हुआ था उसपर?😒

MOMIN:- भाग काफिर DAJJAAL, फिरोन, शैतान , अभी मेरा ईमान डोल गया था ASTAGFIRULLAH अल्लाह पर कोई लॉजिक लगाना आज से हराम
क़ुरआन विज्ञान पार्ट:-2

तो हमारे प्यारे अल्लाह मिया ने चांद को प्रकाश बनाया है चाँद खुद रोशनी नहीं देता, बल्कि सूरज की किरणों को सिर्फ परावर्तित करता है?
आज का 5वीं क्लास का छात्र भी जानता है कि moon is not a light source — वो सिर्फ सूरज की borrowed light से चमकता है।

"क्या आप वाक़ई एक ऐसे ग्रंथ को ‘ईश्वर का शाश्वत ज्ञान’ मानते हैं जिसमें चाँद को खुद का रौशनी देने वाला बताया गया है, जबकि आज की साधारण किताबें भी उससे ज़्यादा सही ज्ञान देती हैं?"
Media is too big
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MOVIE NAME:- DISASTER उर्फ KAIF KHAN की जबरदस्त ठुकाई BY VEGETA(V.S Team-M)

TOPIC:- क्या अल्लाह AL-KHALIQ है ? जवाब न देकर Red Herring करते हुए सवालों बचने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन अल्लाह के फ़ज़्लों करम से कैफ खान की फिर से ठुकाई हो गई आप सब भी ठुकाई का आनन्द लेकर पुण्य कमाए😍
Disgusting hadiths!! 🤮🤢
Guru Gobind Singh Ji 🙏🚩
अतः इस्लाम मत खण्डनम् —

इस्लाम में यह मान्यता है कि अल्लाह ने सबसे पहले "कलम" (pen) को बनाया, और यह भी माना जाता है कि समय (time) को भी अल्लाह ने ही बनाया — अर्थात् समय सृष्टि का भाग है, वह स्वयंभू नहीं है। परन्तु यही मान्यता अपने में ही विरोधाभास उत्पन्न करती है।

अब प्रश्न उठता है — यदि अल्लाह ने समय को बनाया, और कलम को भी बनाया, तो सबसे पहले क्या बनाया?

1. यदि कहा जाए कि सबसे पहले कलम बनाई गई, तो “बनाई गई” का अर्थ होता है कि एक समय ऐसा था जब कलम नहीं थी और फिर वह बनी —
→ पर "कलम बनी" यह कथन स्वयं समय की उपस्थिति को आवश्यक मानता है।
क्योंकि “बनना”, “पहले न होना” और “बाद में होना” — ये सब समय की अवधारणाएँ हैं।
अतः यह कैसे कहा जा सकता है कि समय तो था ही नहीं, और तब कलम बनी?


2. यदि कहा जाए कि समय पहले बनाया गया, तो यह हदीस से टकराव (contradiction) पैदा करता है, क्योंकि हदीस तो यह कहती है कि सबसे पहले कलम बनाई गई थी, न कि समय।


3. अब कोई कह सकता है कि अल्लाह ने समय और कलम को एक साथ बनाया।
→ किन्तु “एक साथ बनाना” भी समय की धारणा पर आधारित है, क्योंकि एक साथ होना और पहले या बाद में होना — यह सब समय में ही संभव है।
→ और जब आप कहते हैं कि “कलम बनी” और “पहले नहीं थी”, तो यह स्पष्ट है कि समय पहले से उपस्थित था, वरना “पहले नहीं थी” का कोई अर्थ ही नहीं।



निष्कर्ष:
इस्लामी सिद्धांत में यह स्पष्ट विरोधाभास है —

यदि समय नहीं था, तो "कलम बनी" यह कथन असंभव है।

यदि कलम बनी और पहले नहीं थी — तो समय पहले से होना चाहिए।

यदि समय पहले था, तो कलम पहली नहीं बनी — हदीस का खण्डन होता है।

यदि समय और कलम साथ बने — तो भी "पहले नहीं थी" यह बात झूठी हो जाती है।


इसलिए इस्लामी सिद्धांत में "अल्लाह ने सबसे पहले कलम बनाई और समय भी बनाया" — यह तर्क की कसौटी पर टिक नहीं पाता।

यदि कोई मुस्लिम भाई/बहन इस तर्क का उत्तर देना चाहें, तो कृपया स्पष्ट और तार्किक रूप से उत्तर दें।
MUTHLIM : Go and drink cow urine! Hahahahaha 😝

ARYA: (PRESENTING THIS HADITH) You got a whole menu!! 💀

MUTHLIM : pisslamophobe!! Pisslamophobe!! 😫!!