✿ क्रांति गोंड WPL 2025 में किस टीम से हैं और उनका जिला क्या है❓
Anonymous Quiz
62%
🇦 यूपी लखनऊ वॉरियर्स, छतरपुर
23%
🇧 मुंबई इंडियंस, शहडोल
11%
🇨 दिल्ली कैपिटल्स, रतलाम
4%
🇩 राजस्थान रॉयल्स, रीवा
❤5🙏1
बिहार : खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का सातवाँ संस्करण 4 मई से 15 मई 2025 तक बिहार में पहली बार आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मई, 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन समारोह को संबोधित किया और आयोजन की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की।
इसका आयोजन बिहार के पाँच जिलों – पटना, राजगीर, बेगूसराय, गया और भागलपुर में किया गया, जबकि तीन प्रमुख स्पर्धाएँ – जिम्नास्टिक, निशानेबाजी और साइकिलिंग – नई दिल्ली में आयोजित की गईं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का शुभंकर 'गजसिंह' था। 'गजसिंह' एक पौराणिक प्राणी है जो हाथी और शेर का मिश्रण है। इसे नालंदा और बोधगया के पालकालीन मंदिरों की कला से प्रेरित होकर डिज़ाइन किया गया था।
इस आयोजन में 28 खेल विधाओं में लगभग 8500 एथलीटों ने भाग लिया।
महाराष्ट्र कुल 158 पदक (58 स्वर्ण, 47 रजत, 53 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में प्रथम स्थान पर रहा। मेजबान बिहार ने 15वाँ स्थान हासिल किया और कुल 36 पदक (7 स्वर्ण, 11 रजत, 18 कांस्य) अपने नाम किए।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का सातवाँ संस्करण 4 मई से 15 मई 2025 तक बिहार में पहली बार आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मई, 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन समारोह को संबोधित किया और आयोजन की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की।
इसका आयोजन बिहार के पाँच जिलों – पटना, राजगीर, बेगूसराय, गया और भागलपुर में किया गया, जबकि तीन प्रमुख स्पर्धाएँ – जिम्नास्टिक, निशानेबाजी और साइकिलिंग – नई दिल्ली में आयोजित की गईं।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का शुभंकर 'गजसिंह' था। 'गजसिंह' एक पौराणिक प्राणी है जो हाथी और शेर का मिश्रण है। इसे नालंदा और बोधगया के पालकालीन मंदिरों की कला से प्रेरित होकर डिज़ाइन किया गया था।
इस आयोजन में 28 खेल विधाओं में लगभग 8500 एथलीटों ने भाग लिया।
महाराष्ट्र कुल 158 पदक (58 स्वर्ण, 47 रजत, 53 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में प्रथम स्थान पर रहा। मेजबान बिहार ने 15वाँ स्थान हासिल किया और कुल 36 पदक (7 स्वर्ण, 11 रजत, 18 कांस्य) अपने नाम किए।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की पदक तालिका में 10 स्वर्ण 9 रजत और 13 कांस्य टोटल 32 पदक के साथ 10 स्थान पर रहा
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Forwarded from Denik Bhaskar E-NewsPaper
❤3
Dainik Khaskar ✴️
_ Wah Modi ji wah _ “भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सम्राट अशोक महान के संभावित स्वरूप के 3D मॉडल तैयार किए हैं।”
इस छवि के संपादक को,
मैं इस छवि के बारे में कुछ विवरण देना चाहता हूं,
बीच में कमल भाजपा पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहा है,
और शेर मोदी जी के 56 इंच के सीने का प्रतिनिधित्व कर रहा है, और सिर पर मोर के 3 पंख यह दर्शाते हैं कि भाजपा ने 3 बार सरकार बनाई है... ✊😎
मैं इस छवि के बारे में कुछ विवरण देना चाहता हूं,
बीच में कमल भाजपा पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहा है,
और शेर मोदी जी के 56 इंच के सीने का प्रतिनिधित्व कर रहा है, और सिर पर मोर के 3 पंख यह दर्शाते हैं कि भाजपा ने 3 बार सरकार बनाई है... ✊😎
🔥11🫡3😢1
Forwarded from UPPSC ONE 📃
उत्तर प्रदेश शीर्ष उत्पादक
1) शहद उत्पादन :
Uttar Pradesh (17%), West Bengal (16%), Punjab (14%), Bihar (12%) and Rajasthan (9%)
2) आम:
उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल प्रमुख आम उत्पादक राज्य हैं। उत्तर प्रदेश 25.76% हिस्सेदारी और 2023-24 (द्वितीय अग्रिम अनुमान) में सर्वोच्च उत्पादकता के साथ आम उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
3) अमरूद :
उत्तर प्रदेश में 928.44 टन अमरूद का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का 22.93% है।मध्य प्रदेश और बिहार क्रमशः दूसरे और तीसरे सबसे बड़े अमरूद उत्पादक राज्य हैं।
4) मटर :
मटर उत्पादन में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है जो कुल उत्पादन का अकेले 49% पैदा करता है। इसके बाद मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र का स्थान है।
5) मशरूम :
मशरूम उत्पादन में बिहार 2021-22 से पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है। उत्तर प्रदेश का चौथा स्थान है।
6) आलू :
उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा (30% उत्पादन) आलू उत्पादक राज्य है। इसके बाद पश्चिम बंगाल (24%) और बिहार (18%) हैं।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आलू का सर्वाधिक उत्पादन होता है।
7) गन्ना :
उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। यह राज्य भारत के कुल गन्ना उत्पादन का 40% से भी ज़्यादा हिस्सा उत्पादित करता है।
8) तरबूज :
तरबूज उत्पादन में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश है।
इसके अलावा खरबूज उत्पादन में उ.प्र. 1st
#UPPSC #MPPSC #FSO #ONEDAY
1) शहद उत्पादन :
Uttar Pradesh (17%), West Bengal (16%), Punjab (14%), Bihar (12%) and Rajasthan (9%)
2) आम:
उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल प्रमुख आम उत्पादक राज्य हैं। उत्तर प्रदेश 25.76% हिस्सेदारी और 2023-24 (द्वितीय अग्रिम अनुमान) में सर्वोच्च उत्पादकता के साथ आम उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
3) अमरूद :
उत्तर प्रदेश में 928.44 टन अमरूद का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का 22.93% है।मध्य प्रदेश और बिहार क्रमशः दूसरे और तीसरे सबसे बड़े अमरूद उत्पादक राज्य हैं।
4) मटर :
मटर उत्पादन में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है जो कुल उत्पादन का अकेले 49% पैदा करता है। इसके बाद मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र का स्थान है।
5) मशरूम :
मशरूम उत्पादन में बिहार 2021-22 से पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है। उत्तर प्रदेश का चौथा स्थान है।
6) आलू :
उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा (30% उत्पादन) आलू उत्पादक राज्य है। इसके बाद पश्चिम बंगाल (24%) और बिहार (18%) हैं।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आलू का सर्वाधिक उत्पादन होता है।
7) गन्ना :
उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। यह राज्य भारत के कुल गन्ना उत्पादन का 40% से भी ज़्यादा हिस्सा उत्पादित करता है।
8) तरबूज :
तरबूज उत्पादन में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश है।
इसके अलावा खरबूज उत्पादन में उ.प्र. 1st
#UPPSC #MPPSC #FSO #ONEDAY
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उत्तर प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है।
➡️ उत्तर प्रदेश गेहूं, दूध, गन्ना ,आलू, आम, अमरूद, मटर, मशरूम, तरबूज और शहद के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।
#currentaffairs #impfacts
❤5
Forwarded from MPPSC ONE 📚
🌱महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्र और उनके स्थान🏛️
🧑🌾 अनुसंधान से ही कृषि में नवाचार संभव! 🚜
#AgricultureResearch #MPKrishi #InnovationInFarming
🌾राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र- इंदौर
🌾क्षेत्रीय गेहूँ अनुसंधान केंद्र- इंदौर
🥔केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र- ग्वालियर
🥭म.प्र. आम अनुसंधान केंद्र- गोविंदगढ़ (रीवा)
🌳म.प्र. वन अनुसंधान केंद्र- जबलपुर
🌾म.प्र. धान अनुसंधान केंद्र- बड़वानी
🌿म.प्र. कपास अनुसंधान केंद्र- खरगौन
🌾श्री अन्न अनुसंधान केंद्र- डिंडौरी
🍬गन्ना अनुसंधान केंद्र- बोहानी (नरसिंहपुर)
🌱दलहन अनुसंधान केंद्र- अमलाहा (सीहोर)
🍇म.प्र. अंगूर अनुसंधान केंद्र- रतलाम
🍌म.प्र. केला अनुसंधान केंद्र- बुरहानपुर
🌽अंतर्राष्ट्रीय मक्का व गेहूँ अनु.केंद्र- जबलपुर
🌱चना अनुसंधान केंद्र प्रस्तावित- उज्जैन
🌼सरसों अनुसंधान केंद्र प्रस्तावित- ग्वालियर
🧑🌾 अनुसंधान से ही कृषि में नवाचार संभव! 🚜
#AgricultureResearch #MPKrishi #InnovationInFarming
❤14
Forwarded from MPPSC PartA 🎯
_महत्वपूर्ण फल-सब्जी व उनमें वर्णक_
🥕गाजर मे नारँगी रंग - कैरोटिन#MPFSOQuickRevisionSeries2025
🍎 सेव का लाल रंग - एन्थोसायमिन
🥔 आलू का हरा रंग - सोलेनिल
🍅टमाटर मे लाल रंग - लाइकोपिन
🍐आँवले मे कसैलापन - टैनिन
🥜बादाम मे कडुवाहट - एमाइलेडिन
🥑पपीता मे पीला रँग - जेंथोफिल
🌶️मिर्च मे चरपराहाट - केप्सेसिन
🥒खीरे मे कडुवाहट - कुकुर बिटेसिन
🍈करेले मे कडुवाहट - मेमोर्डिकोसाइट
🧅 प्याज मे लाल रंग - एन्थोसाइनिन
🌶 मिर्च का तीखापन - केप्सेसिन
🍋 प्याज मे पीला रंग - क्वेरसिटीन
❤5🔥5
भारतीय रुपया का मूल्य लगातार गिर रहा है । इसी गिरने से रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
भारतीय रुपये की गिरती कीमतों को थामने और उसे स्थिर करने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कई अल्पकालिक (Short-term) और दीर्घकालिक (Long-term) उपाय किए जा सकते हैं।@Daily_Current1
यहाँ कुछ प्रमुख उपाय दिए गए हैं:
1. अल्पकालिक (Short-term) उपाय: तुरंत राहत के लिए
• RBI का हस्तक्षेप (Forex Intervention):
जब रुपये में बहुत तेज़ गिरावट आती है, तो RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) से डॉलर बेचता है और रुपये खरीदता है। इससे बाजार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ती है और रुपये की माँग, जिससे गिरावट कुछ समय के लिए रुक जाती है।
• ब्याज दरों में बदलाव (Interest Rate Adjustments):
अगर ब्याज दरें (Repo Rate) बढ़ाई जाती हैं, तो विदेशी निवेशकों को भारत में पैसा लगाने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है। इससे विदेशी निवेश (FPI) भारत से बाहर जाने के बजाय वापस आता है, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है।
• NRI जमा योजनाओं को आकर्षक बनाना:
अनिवासी भारतीयों (NRIs) को भारत में पैसा भेजने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके लिए NRE और FCNR खातों पर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं ताकि विदेश से डॉलर का प्रवाह (Inflow) बढ़े।@Daily_Current1
2. मध्यम और दीर्घकालिक (Long-term) उपाय: जड़ से सुधार
• आयात पर निर्भरता कम करना (Reducing Imports):@Daily_Current1
भारत अपनी जरुरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है।
• उपाय: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), इथेनॉल ब्लेंडिंग और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर तेल के आयात को कम करना।
• सोना (Gold): भारत में सोने का बहुत आयात होता है। इस पर शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर गैर-जरूरी डॉलर खर्च को रोका जा सकता है।
• निर्यात को बढ़ावा देना (Boosting Exports):
जब हम सामान विदेश बेचते हैं, तो देश में डॉलर आते हैं। सरकार को 'Make in India' और PLI (Production Linked Incentive) स्कीम के तहत मैन्युफैक्चरिंग बढ़ानी चाहिए ताकि हम आयात करने के बजाय निर्यात करें।
• विदेशी निवेश (FDI/FPI) को आकर्षित करना:
भारत में व्यापार करना आसान (Ease of Doing Business) बनाकर और टैक्स नियमों को सरल रखकर विदेशी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए आकर्षित किया जा सकता है। इससे लंबे समय तक विदेशी मुद्रा देश में आती रहेगी।
• स्थानीय मुद्रा में व्यापार (Trade in Local Currency):
दूसरे देशों (जैसे रूस, UAE) के साथ रुपये में व्यापार (Rupee Trade Settlement) को बढ़ावा देना। इससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी और रुपये की मांग बढ़ेगी।
एक जरूरी बात:@Daily_Current1
यह समझना भी जरूरी है कि रुपये की गिरावट हमेशा बुरी नहीं होती।
• फायदा: जब रुपया कमजोर होता है, तो भारत से निर्यात (Export) करने वालों (जैसे IT कंपनियां, टेक्सटाइल इंडसट्री) को फायदा होता है क्योंकि उन्हें डॉलर के बदले ज्यादा रुपये मिलते हैं।
• नुकसान: आयात (Import) महंगा हो जाता है (जैसे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स), जिससे देश में महंगाई बढ़ती है।
इसलिए, RBI का लक्ष्य रुपये को "गिरने से पूरी तरह रोकना" नहीं, बल्कि उसमें होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव (Volatility) को रोकना होता है।
भारतीय रुपये की गिरती कीमतों को थामने और उसे स्थिर करने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कई अल्पकालिक (Short-term) और दीर्घकालिक (Long-term) उपाय किए जा सकते हैं।@Daily_Current1
यहाँ कुछ प्रमुख उपाय दिए गए हैं:
1. अल्पकालिक (Short-term) उपाय: तुरंत राहत के लिए
• RBI का हस्तक्षेप (Forex Intervention):
जब रुपये में बहुत तेज़ गिरावट आती है, तो RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) से डॉलर बेचता है और रुपये खरीदता है। इससे बाजार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ती है और रुपये की माँग, जिससे गिरावट कुछ समय के लिए रुक जाती है।
• ब्याज दरों में बदलाव (Interest Rate Adjustments):
अगर ब्याज दरें (Repo Rate) बढ़ाई जाती हैं, तो विदेशी निवेशकों को भारत में पैसा लगाने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है। इससे विदेशी निवेश (FPI) भारत से बाहर जाने के बजाय वापस आता है, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है।
• NRI जमा योजनाओं को आकर्षक बनाना:
अनिवासी भारतीयों (NRIs) को भारत में पैसा भेजने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके लिए NRE और FCNR खातों पर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं ताकि विदेश से डॉलर का प्रवाह (Inflow) बढ़े।@Daily_Current1
2. मध्यम और दीर्घकालिक (Long-term) उपाय: जड़ से सुधार
• आयात पर निर्भरता कम करना (Reducing Imports):@Daily_Current1
भारत अपनी जरुरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है।
• उपाय: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), इथेनॉल ब्लेंडिंग और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर तेल के आयात को कम करना।
• सोना (Gold): भारत में सोने का बहुत आयात होता है। इस पर शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर गैर-जरूरी डॉलर खर्च को रोका जा सकता है।
• निर्यात को बढ़ावा देना (Boosting Exports):
जब हम सामान विदेश बेचते हैं, तो देश में डॉलर आते हैं। सरकार को 'Make in India' और PLI (Production Linked Incentive) स्कीम के तहत मैन्युफैक्चरिंग बढ़ानी चाहिए ताकि हम आयात करने के बजाय निर्यात करें।
• विदेशी निवेश (FDI/FPI) को आकर्षित करना:
भारत में व्यापार करना आसान (Ease of Doing Business) बनाकर और टैक्स नियमों को सरल रखकर विदेशी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए आकर्षित किया जा सकता है। इससे लंबे समय तक विदेशी मुद्रा देश में आती रहेगी।
• स्थानीय मुद्रा में व्यापार (Trade in Local Currency):
दूसरे देशों (जैसे रूस, UAE) के साथ रुपये में व्यापार (Rupee Trade Settlement) को बढ़ावा देना। इससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी और रुपये की मांग बढ़ेगी।
एक जरूरी बात:@Daily_Current1
यह समझना भी जरूरी है कि रुपये की गिरावट हमेशा बुरी नहीं होती।
• फायदा: जब रुपया कमजोर होता है, तो भारत से निर्यात (Export) करने वालों (जैसे IT कंपनियां, टेक्सटाइल इंडसट्री) को फायदा होता है क्योंकि उन्हें डॉलर के बदले ज्यादा रुपये मिलते हैं।
• नुकसान: आयात (Import) महंगा हो जाता है (जैसे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स), जिससे देश में महंगाई बढ़ती है।
इसलिए, RBI का लक्ष्य रुपये को "गिरने से पूरी तरह रोकना" नहीं, बल्कि उसमें होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव (Volatility) को रोकना होता है।
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उद्योग के लिए अब महिलाएं भी ले सकती हैं 50 लाख रुपए तक का लोन 🔥
@Daily_current1 @Daily_current1
👍7❤3😢1
शूटिंग में सिमरनजीत ने वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड की बराबरी कर जीता गोल्ड मेडल 🔥
@Daily_current1 @Daily_current1
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