BigBasket के 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा लीक, डार्क वेब पर हो रही बिक्री।
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🔥 BigBasket में बड़ी साइबर सेंध की खबर है। बिगबास्केट के करीब 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। कुछ दिन पहले भी कंपनी के डाटा लीक की रिपोर्ट आई थी। इस डाटा लीक में ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस लीक में फिजिकल एड्रेस और डेट ऑफ बर्थ भी शामिल हैं। डार्क वेब पर बिगबास्केट यूजर्स के डाटा फ्री में उपलब्ध हैं। एक अन्य हैकर ने दावा है कि उसके बाद यूजर्स के पासवर्ड भी एंक्रिप्टेड फॉर्म में हैं।
हैकर्स ग्रुप में फैमस डार्क वेब ShinyHunters पर सभी यूजर्स का डाटा उपलब्ध है जिसमें कई तरह की निजी जानकारियां शामिल हैं। भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इस डाटा लीक को लेकर ट्वीट किया है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी बिगबास्केट का डाटा लीक हुआ था। ShinyHunters डार्क वेब पर पिछले पूरे सप्ताह तक डाटा डाउनलोड करने की सुविधा थी। कई यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टेक्स्ट में मौजूद थे जिनकी बिक्री डार्क वेब पर हो रही थी।
@CyberSecurity_Update
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🔥 BigBasket में बड़ी साइबर सेंध की खबर है। बिगबास्केट के करीब 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। कुछ दिन पहले भी कंपनी के डाटा लीक की रिपोर्ट आई थी। इस डाटा लीक में ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस लीक में फिजिकल एड्रेस और डेट ऑफ बर्थ भी शामिल हैं। डार्क वेब पर बिगबास्केट यूजर्स के डाटा फ्री में उपलब्ध हैं। एक अन्य हैकर ने दावा है कि उसके बाद यूजर्स के पासवर्ड भी एंक्रिप्टेड फॉर्म में हैं।
हैकर्स ग्रुप में फैमस डार्क वेब ShinyHunters पर सभी यूजर्स का डाटा उपलब्ध है जिसमें कई तरह की निजी जानकारियां शामिल हैं। भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इस डाटा लीक को लेकर ट्वीट किया है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी बिगबास्केट का डाटा लीक हुआ था। ShinyHunters डार्क वेब पर पिछले पूरे सप्ताह तक डाटा डाउनलोड करने की सुविधा थी। कई यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टेक्स्ट में मौजूद थे जिनकी बिक्री डार्क वेब पर हो रही थी।
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कोरोना की दूसरी लहर से भारत में हाहाकार मचा है। कोई दवा के लिए परेशान है तो कई ऑक्सीजन के लिए और कोई अस्पताल में भर्ती होने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। ऐसे में कुछ नेता और सामाजिक संस्थाएं लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। सोशल मीडिया की मदद से जरूरतमंदों को जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन इसी बीच नामी सामाजिक संस्थाओं और लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाले गैंग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग दवा, अस्पताल में भर्ती, ऑक्सीजन सिलेंडर देने के नाम लोगों से पैसे ले रहे हैं और उसके बाद मोबाइल नंबर बंद करके गायब हो जा रहे हैं। गृह मंत्रायल के अधीन काम कर रहे साइबर ब्रांच साइबर दोस्त ने ट्वीट करके इस संबंध में लोगों को आगाह किया है। साइबर दोस्त ने ट्वीट करके कहा है कि ये ठग सोशल मीडिया के जरिए आपसे संपर्क करेंगे और कहेंगे कि वे आपकी मदद करना चाहते हैं। वे कहेंगे कि आपको अस्पताल में बेड मिल जाएगी और तमाम दवाईयां भी मिल जाएंगी जिनकी आपको जरूरत है।
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साइबर हमला: एयर इंडिया के सर्वर हैक, यात्रियों के क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का डाटा चुराया
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देश की सरकारी एयर लाइन एयर इंडिया पर साइबर हमला हुआ है। एयर लाइंस के सर्वरों को हैक कर उसमें दर्ज यात्रियों का डाटा चुराने की खबर है।
एयर इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि उसके सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। हैकर्स ने कंपनी के सर्वरों को हैक कर विश्व के करीब 45 लाख यात्रियों का डाटा चुरा लिया है। इसमें क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट आदि का का डाटा शामिल है।
एयर लाइंस ने बयान जारी कर कहा कि हैकरों ने सैकड़ों यात्रियों की निजी जानकारियां हासिल कर ली हैं। पैसेंजर सर्विस सिस्टम से चुराए गए डाटा में क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का विवरण भी शामिल है। इससे पूरे विश्व के करीब 45 लाख यात्री प्रभावित हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि हमारे पैसेंजर सर्विस सिस्टम में यात्रियों की निजी जानकारियां स्टोर रहती हैं। इस पर हाल ही में साइबर हमला हुआ है। इस कारण कुछ यात्रियों का निजी डाटा हैकरों ने हथिया लिया है।
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देश की सरकारी एयर लाइन एयर इंडिया पर साइबर हमला हुआ है। एयर लाइंस के सर्वरों को हैक कर उसमें दर्ज यात्रियों का डाटा चुराने की खबर है।
एयर इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि उसके सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। हैकर्स ने कंपनी के सर्वरों को हैक कर विश्व के करीब 45 लाख यात्रियों का डाटा चुरा लिया है। इसमें क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट आदि का का डाटा शामिल है।
एयर लाइंस ने बयान जारी कर कहा कि हैकरों ने सैकड़ों यात्रियों की निजी जानकारियां हासिल कर ली हैं। पैसेंजर सर्विस सिस्टम से चुराए गए डाटा में क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का विवरण भी शामिल है। इससे पूरे विश्व के करीब 45 लाख यात्री प्रभावित हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि हमारे पैसेंजर सर्विस सिस्टम में यात्रियों की निजी जानकारियां स्टोर रहती हैं। इस पर हाल ही में साइबर हमला हुआ है। इस कारण कुछ यात्रियों का निजी डाटा हैकरों ने हथिया लिया है।
डाटा पर सेंधमारी: हैकर्स ने डोमिनोज के ग्राहकों का आंकड़ा लीक किया,कंपनी ने कहा वित्तीय सूचना सुरक्षित !
पिज्जा ब्रांड डोमिनोज के उपभोक्ताओं से जुड़ी सूचना एक हैकर ने कथित रूप से लीक कर दी है। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने यह सूचना साझा की। कंपनी ने सूचना लीक होने की बात स्वीकार की है,लेकिन बताया है कि उपभोक्ताओं की वित्तीय जानकारी सुरक्षित हैं।साइबर सुरक्षा अध्ययनकर्ता राजशेखर राजहरिया के मुताबिक,हैकर द्वारा विकसित किए गए पोर्टल का उपयोग कर रहे लोग उसका उपयोग उपभोक्ताओं की जासूसी करने, उनके लोकेशन,ऑर्डर की तारीख और वक्त का पता लगाने के लिए कर रहे हैं।
राजहरिया ने ट्वीट किया,डोमिनोज इंडिया के 18 करोड़ उपभोक्ताओं की सूचना सार्वजनिक कर दी गई है। हैकर ने डार्क वेब पर एक सर्च इंजन बनाया है। अगर आपने कभी भी डोमिनोज पर ऑनलाइन ऑर्डर किया है, तो संभवत:आपकी सूचना लीक हुई है। सूचना में नाम,ईमेल,मोबाइल,जीपीएस लोकेशन आदि शामिल है।
संपर्क करने पर डोमिनोज पिज्जा कंपनी स्वामित्व वाली कंपनी जुबिलियंट फूडवर्क्स ने बताया कि हाल ही में कंपनी में सुरक्षा संबंधी कुछ दिक्कत हुई है लेकिन उपभोक्ता की वित्तीय जानकारी लीक नहीं हुई हैं।
पिज्जा ब्रांड डोमिनोज के उपभोक्ताओं से जुड़ी सूचना एक हैकर ने कथित रूप से लीक कर दी है। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने यह सूचना साझा की। कंपनी ने सूचना लीक होने की बात स्वीकार की है,लेकिन बताया है कि उपभोक्ताओं की वित्तीय जानकारी सुरक्षित हैं।साइबर सुरक्षा अध्ययनकर्ता राजशेखर राजहरिया के मुताबिक,हैकर द्वारा विकसित किए गए पोर्टल का उपयोग कर रहे लोग उसका उपयोग उपभोक्ताओं की जासूसी करने, उनके लोकेशन,ऑर्डर की तारीख और वक्त का पता लगाने के लिए कर रहे हैं।
राजहरिया ने ट्वीट किया,डोमिनोज इंडिया के 18 करोड़ उपभोक्ताओं की सूचना सार्वजनिक कर दी गई है। हैकर ने डार्क वेब पर एक सर्च इंजन बनाया है। अगर आपने कभी भी डोमिनोज पर ऑनलाइन ऑर्डर किया है, तो संभवत:आपकी सूचना लीक हुई है। सूचना में नाम,ईमेल,मोबाइल,जीपीएस लोकेशन आदि शामिल है।
संपर्क करने पर डोमिनोज पिज्जा कंपनी स्वामित्व वाली कंपनी जुबिलियंट फूडवर्क्स ने बताया कि हाल ही में कंपनी में सुरक्षा संबंधी कुछ दिक्कत हुई है लेकिन उपभोक्ता की वित्तीय जानकारी लीक नहीं हुई हैं।
10 करोड़ Android यूजर्स का डाटा हुआ लीक, फटाफट डिलीट कर दें ये Apps
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10 करोड़ एंड्रॉयड (Android) यूजर्स का डाटा लीक हो चुका है. इसका कारण 2 दर्जन से ज्यादा ऐसी ऐप्स हैं, जिसे एंड्रॉयड यूजर्स ने जाने-अनजाने में डाउनलोड कर लिया था. हालांकि चेक पॉइंट रिसर्च ने उन ऐप्स की लिस्ट जारी कर दी है, जो यूजर्स का पर्सनल डाटा चुराती हैं. ऐसे में अगर आपने भी उन ऐप्स को डानलोड कर रखा है तो बिना देरी किए उसे डिलीट कर दें.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रो गुरु (Astro Guru), टी'लेवा (T’Leva), 50000 से अधिक डाउनलोड के साथ एक टैक्सी-हेलिंग ऐप और लोगो-डिजाइनिंग ऐप (Logo Maker) यूजर्स का पर्सनल डाटा चुरा रही हैं. रिपोर्ट की मानें तो इन ऐप्स में कई कमियां हैं जिससे यूजर्स का पर्सनल डेटा जोखिम में है, जिसमें ईमेल, पासवर्ड, नाम, जन्म तिथि, जेंडर इन्फॉर्मेशन, प्राइवेट चैट, डिवाइस लोकेशन, यूजर आइडेंटिफायर्स के साथ अन्य चीजें शामिल हैं.
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10 करोड़ एंड्रॉयड (Android) यूजर्स का डाटा लीक हो चुका है. इसका कारण 2 दर्जन से ज्यादा ऐसी ऐप्स हैं, जिसे एंड्रॉयड यूजर्स ने जाने-अनजाने में डाउनलोड कर लिया था. हालांकि चेक पॉइंट रिसर्च ने उन ऐप्स की लिस्ट जारी कर दी है, जो यूजर्स का पर्सनल डाटा चुराती हैं. ऐसे में अगर आपने भी उन ऐप्स को डानलोड कर रखा है तो बिना देरी किए उसे डिलीट कर दें.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रो गुरु (Astro Guru), टी'लेवा (T’Leva), 50000 से अधिक डाउनलोड के साथ एक टैक्सी-हेलिंग ऐप और लोगो-डिजाइनिंग ऐप (Logo Maker) यूजर्स का पर्सनल डाटा चुरा रही हैं. रिपोर्ट की मानें तो इन ऐप्स में कई कमियां हैं जिससे यूजर्स का पर्सनल डेटा जोखिम में है, जिसमें ईमेल, पासवर्ड, नाम, जन्म तिथि, जेंडर इन्फॉर्मेशन, प्राइवेट चैट, डिवाइस लोकेशन, यूजर आइडेंटिफायर्स के साथ अन्य चीजें शामिल हैं.
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आजकल दुनिया में साइबर अपराध इतना बढ़ गया है कि फोन की स्क्रीन टच करते ही आपके साथ लाखों करोड़ों की ठगी हो सकती है. ऐसी ही एक खबर पटना से आ रही है.इस बार शातिरों ने पर्यटन विभाग के ऊपर निशाना साधा है. पर्यटन विभाग के खाते से पूरे 9.80 लाख की निकासी की गई है. पर्यटन विभाग के बैंक ऑफ बड़ौदा को शाखा से यह ठगी की गई है.
बताया जा रहा है कि पैसों की निकासी शातिरों द्वारा चेक क्लोन करके की गई है. यह एक बहुत बड़ी रकम की ठगी है जिसकी जांच जल्द से जल्द होनी चाहिए. इस मामले में पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक लीना कुमारी ने एसकेपुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद पुलिस शातिरों का पता लगाने में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है. जल्द से जल्द वे अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि पैसों की निकासी शातिरों द्वारा चेक क्लोन करके की गई है. यह एक बहुत बड़ी रकम की ठगी है जिसकी जांच जल्द से जल्द होनी चाहिए. इस मामले में पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक लीना कुमारी ने एसकेपुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद पुलिस शातिरों का पता लगाने में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है. जल्द से जल्द वे अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
दुनिया की सबसे बड़ी मीट सप्लाई करने वाली कंपनी JBS ने साइबर अटैक के बाद हैकर्स को 11 मिलियन डॉलर यानी करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसकी जानकारी कंपनी ने खुद अपने एक बयान में दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेबीएस ने यह भुगतान बिट्क्वाइन में किया है। भारत में 10 जून को 11 बजे सुबह तक बिट्क्वाइन की कीमत 26.8 रुपये थी। कंपनी ने हैकर्स को ये पैसे भविष्य के किसी अटैक से बचने और डाटा चोरी से बचने के लिए दिए हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह हुए साइबर अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जॉय बाइडन ने कहा था कि इस अटैक के पीछे रूस का हाथ है।
JBS ने इस साइबर अटैक के बारे में अमेरिका सरकार को सूचना दी थी। JBS ने कहा था कि अमेरिका स्थित उसके मुख्यालय पर साइब
अटैक हुआ है। कोलराडो स्थित कंपनी के मुख्यालय ने भी इस साइबर अटैक के बारे में आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि हैकर्स ने कंपनी के कंप्यूटर सिस्टम को बंद कर दिए हैं। इसके अलावा हैकर्स ने ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में कारोबारी गतिविधियां को रोकने की मांग की है। इस साइबर अटैक में कंपनी के उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ सर्वरों प्रभावित हुए थे।
JBS ने इस साइबर अटैक के बारे में अमेरिका सरकार को सूचना दी थी। JBS ने कहा था कि अमेरिका स्थित उसके मुख्यालय पर साइब
अटैक हुआ है। कोलराडो स्थित कंपनी के मुख्यालय ने भी इस साइबर अटैक के बारे में आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि हैकर्स ने कंपनी के कंप्यूटर सिस्टम को बंद कर दिए हैं। इसके अलावा हैकर्स ने ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में कारोबारी गतिविधियां को रोकने की मांग की है। इस साइबर अटैक में कंपनी के उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ सर्वरों प्रभावित हुए थे।
https://www.rctechhindi.com/2021/06/chinese-hackers-target-russian.html
Chinese hackers target Russian government website - चीनी हैकरों ने रूस के सरकारी वेबसाइट को बनाया निशाना
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