The US has announced a range of new sanctions against #Russia in response to what it says are cyber-attacks. The measures, detailed in an executive order signed by President Joe Biden, are aimed at deterring "Russia's harmful foreign activities" The moves target 32 Russian entities and include the expulsion of diplomats. The US accuses Russia of malicious cyber-activity and interference in the 2020 presidential elections. The executive order also bars US financial institutions from purchasing rouble-denominated bonds from June. They are the second major round of sanctions against Moscow after seven mid-level and senior Russian officials, and more than a dozen government entities, were targeted over the poisoning of Kremlin critic Alexei Navalny last month. Russia says it had no part in the poisoning.
In a call with Russian President Vladimir Putin on Tuesday, Mr Biden said the US would "act firmly" in defence of its national interests. Last year, cyber-security researchers identified a hack in a piece of software called SolarWinds - an intrusion that gave cyber-criminals access to 18,000 government and private computer networks. Intelligence officials believe Russia was behind the attack. The hackers gained access to digital files of several US government agencies, including the treasury, justice and state departments. Microsoft president Brad Smith said in February the SolarWinds hack was "the largest and most sophisticated" the world had ever seen. Last December then US Secretary of State Mike Pompeo said he believed Russia was behind the attack but US investigators "were still unpacking precisely what it is". The US is now set to formally accuse Russian intelligence of carrying out the hack. Russia has denied any involvement.
In a call with Russian President Vladimir Putin on Tuesday, Mr Biden said the US would "act firmly" in defence of its national interests. Last year, cyber-security researchers identified a hack in a piece of software called SolarWinds - an intrusion that gave cyber-criminals access to 18,000 government and private computer networks. Intelligence officials believe Russia was behind the attack. The hackers gained access to digital files of several US government agencies, including the treasury, justice and state departments. Microsoft president Brad Smith said in February the SolarWinds hack was "the largest and most sophisticated" the world had ever seen. Last December then US Secretary of State Mike Pompeo said he believed Russia was behind the attack but US investigators "were still unpacking precisely what it is". The US is now set to formally accuse Russian intelligence of carrying out the hack. Russia has denied any involvement.
BigBasket के 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा लीक, डार्क वेब पर हो रही बिक्री।
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🔥 BigBasket में बड़ी साइबर सेंध की खबर है। बिगबास्केट के करीब 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। कुछ दिन पहले भी कंपनी के डाटा लीक की रिपोर्ट आई थी। इस डाटा लीक में ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस लीक में फिजिकल एड्रेस और डेट ऑफ बर्थ भी शामिल हैं। डार्क वेब पर बिगबास्केट यूजर्स के डाटा फ्री में उपलब्ध हैं। एक अन्य हैकर ने दावा है कि उसके बाद यूजर्स के पासवर्ड भी एंक्रिप्टेड फॉर्म में हैं।
हैकर्स ग्रुप में फैमस डार्क वेब ShinyHunters पर सभी यूजर्स का डाटा उपलब्ध है जिसमें कई तरह की निजी जानकारियां शामिल हैं। भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इस डाटा लीक को लेकर ट्वीट किया है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी बिगबास्केट का डाटा लीक हुआ था। ShinyHunters डार्क वेब पर पिछले पूरे सप्ताह तक डाटा डाउनलोड करने की सुविधा थी। कई यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टेक्स्ट में मौजूद थे जिनकी बिक्री डार्क वेब पर हो रही थी।
@CyberSecurity_Update
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🔥 BigBasket में बड़ी साइबर सेंध की खबर है। बिगबास्केट के करीब 20 मिलियन ग्राहकों का डाटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। कुछ दिन पहले भी कंपनी के डाटा लीक की रिपोर्ट आई थी। इस डाटा लीक में ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, पासवर्ड जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस लीक में फिजिकल एड्रेस और डेट ऑफ बर्थ भी शामिल हैं। डार्क वेब पर बिगबास्केट यूजर्स के डाटा फ्री में उपलब्ध हैं। एक अन्य हैकर ने दावा है कि उसके बाद यूजर्स के पासवर्ड भी एंक्रिप्टेड फॉर्म में हैं।
हैकर्स ग्रुप में फैमस डार्क वेब ShinyHunters पर सभी यूजर्स का डाटा उपलब्ध है जिसमें कई तरह की निजी जानकारियां शामिल हैं। भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इस डाटा लीक को लेकर ट्वीट किया है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी बिगबास्केट का डाटा लीक हुआ था। ShinyHunters डार्क वेब पर पिछले पूरे सप्ताह तक डाटा डाउनलोड करने की सुविधा थी। कई यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टेक्स्ट में मौजूद थे जिनकी बिक्री डार्क वेब पर हो रही थी।
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कोरोना की दूसरी लहर से भारत में हाहाकार मचा है। कोई दवा के लिए परेशान है तो कई ऑक्सीजन के लिए और कोई अस्पताल में भर्ती होने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। ऐसे में कुछ नेता और सामाजिक संस्थाएं लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। सोशल मीडिया की मदद से जरूरतमंदों को जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन इसी बीच नामी सामाजिक संस्थाओं और लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाले गैंग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग दवा, अस्पताल में भर्ती, ऑक्सीजन सिलेंडर देने के नाम लोगों से पैसे ले रहे हैं और उसके बाद मोबाइल नंबर बंद करके गायब हो जा रहे हैं। गृह मंत्रायल के अधीन काम कर रहे साइबर ब्रांच साइबर दोस्त ने ट्वीट करके इस संबंध में लोगों को आगाह किया है। साइबर दोस्त ने ट्वीट करके कहा है कि ये ठग सोशल मीडिया के जरिए आपसे संपर्क करेंगे और कहेंगे कि वे आपकी मदद करना चाहते हैं। वे कहेंगे कि आपको अस्पताल में बेड मिल जाएगी और तमाम दवाईयां भी मिल जाएंगी जिनकी आपको जरूरत है।
https://t.me/CyberSecurity_Update
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साइबर हमला: एयर इंडिया के सर्वर हैक, यात्रियों के क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का डाटा चुराया
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देश की सरकारी एयर लाइन एयर इंडिया पर साइबर हमला हुआ है। एयर लाइंस के सर्वरों को हैक कर उसमें दर्ज यात्रियों का डाटा चुराने की खबर है।
एयर इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि उसके सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। हैकर्स ने कंपनी के सर्वरों को हैक कर विश्व के करीब 45 लाख यात्रियों का डाटा चुरा लिया है। इसमें क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट आदि का का डाटा शामिल है।
एयर लाइंस ने बयान जारी कर कहा कि हैकरों ने सैकड़ों यात्रियों की निजी जानकारियां हासिल कर ली हैं। पैसेंजर सर्विस सिस्टम से चुराए गए डाटा में क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का विवरण भी शामिल है। इससे पूरे विश्व के करीब 45 लाख यात्री प्रभावित हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि हमारे पैसेंजर सर्विस सिस्टम में यात्रियों की निजी जानकारियां स्टोर रहती हैं। इस पर हाल ही में साइबर हमला हुआ है। इस कारण कुछ यात्रियों का निजी डाटा हैकरों ने हथिया लिया है।
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देश की सरकारी एयर लाइन एयर इंडिया पर साइबर हमला हुआ है। एयर लाइंस के सर्वरों को हैक कर उसमें दर्ज यात्रियों का डाटा चुराने की खबर है।
एयर इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि उसके सर्वर पर साइबर हमला हुआ है। हैकर्स ने कंपनी के सर्वरों को हैक कर विश्व के करीब 45 लाख यात्रियों का डाटा चुरा लिया है। इसमें क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट आदि का का डाटा शामिल है।
एयर लाइंस ने बयान जारी कर कहा कि हैकरों ने सैकड़ों यात्रियों की निजी जानकारियां हासिल कर ली हैं। पैसेंजर सर्विस सिस्टम से चुराए गए डाटा में क्रेडिट कार्ड व पासपोर्ट का विवरण भी शामिल है। इससे पूरे विश्व के करीब 45 लाख यात्री प्रभावित हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि हमारे पैसेंजर सर्विस सिस्टम में यात्रियों की निजी जानकारियां स्टोर रहती हैं। इस पर हाल ही में साइबर हमला हुआ है। इस कारण कुछ यात्रियों का निजी डाटा हैकरों ने हथिया लिया है।
डाटा पर सेंधमारी: हैकर्स ने डोमिनोज के ग्राहकों का आंकड़ा लीक किया,कंपनी ने कहा वित्तीय सूचना सुरक्षित !
पिज्जा ब्रांड डोमिनोज के उपभोक्ताओं से जुड़ी सूचना एक हैकर ने कथित रूप से लीक कर दी है। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने यह सूचना साझा की। कंपनी ने सूचना लीक होने की बात स्वीकार की है,लेकिन बताया है कि उपभोक्ताओं की वित्तीय जानकारी सुरक्षित हैं।साइबर सुरक्षा अध्ययनकर्ता राजशेखर राजहरिया के मुताबिक,हैकर द्वारा विकसित किए गए पोर्टल का उपयोग कर रहे लोग उसका उपयोग उपभोक्ताओं की जासूसी करने, उनके लोकेशन,ऑर्डर की तारीख और वक्त का पता लगाने के लिए कर रहे हैं।
राजहरिया ने ट्वीट किया,डोमिनोज इंडिया के 18 करोड़ उपभोक्ताओं की सूचना सार्वजनिक कर दी गई है। हैकर ने डार्क वेब पर एक सर्च इंजन बनाया है। अगर आपने कभी भी डोमिनोज पर ऑनलाइन ऑर्डर किया है, तो संभवत:आपकी सूचना लीक हुई है। सूचना में नाम,ईमेल,मोबाइल,जीपीएस लोकेशन आदि शामिल है।
संपर्क करने पर डोमिनोज पिज्जा कंपनी स्वामित्व वाली कंपनी जुबिलियंट फूडवर्क्स ने बताया कि हाल ही में कंपनी में सुरक्षा संबंधी कुछ दिक्कत हुई है लेकिन उपभोक्ता की वित्तीय जानकारी लीक नहीं हुई हैं।
पिज्जा ब्रांड डोमिनोज के उपभोक्ताओं से जुड़ी सूचना एक हैकर ने कथित रूप से लीक कर दी है। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने यह सूचना साझा की। कंपनी ने सूचना लीक होने की बात स्वीकार की है,लेकिन बताया है कि उपभोक्ताओं की वित्तीय जानकारी सुरक्षित हैं।साइबर सुरक्षा अध्ययनकर्ता राजशेखर राजहरिया के मुताबिक,हैकर द्वारा विकसित किए गए पोर्टल का उपयोग कर रहे लोग उसका उपयोग उपभोक्ताओं की जासूसी करने, उनके लोकेशन,ऑर्डर की तारीख और वक्त का पता लगाने के लिए कर रहे हैं।
राजहरिया ने ट्वीट किया,डोमिनोज इंडिया के 18 करोड़ उपभोक्ताओं की सूचना सार्वजनिक कर दी गई है। हैकर ने डार्क वेब पर एक सर्च इंजन बनाया है। अगर आपने कभी भी डोमिनोज पर ऑनलाइन ऑर्डर किया है, तो संभवत:आपकी सूचना लीक हुई है। सूचना में नाम,ईमेल,मोबाइल,जीपीएस लोकेशन आदि शामिल है।
संपर्क करने पर डोमिनोज पिज्जा कंपनी स्वामित्व वाली कंपनी जुबिलियंट फूडवर्क्स ने बताया कि हाल ही में कंपनी में सुरक्षा संबंधी कुछ दिक्कत हुई है लेकिन उपभोक्ता की वित्तीय जानकारी लीक नहीं हुई हैं।
10 करोड़ Android यूजर्स का डाटा हुआ लीक, फटाफट डिलीट कर दें ये Apps
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10 करोड़ एंड्रॉयड (Android) यूजर्स का डाटा लीक हो चुका है. इसका कारण 2 दर्जन से ज्यादा ऐसी ऐप्स हैं, जिसे एंड्रॉयड यूजर्स ने जाने-अनजाने में डाउनलोड कर लिया था. हालांकि चेक पॉइंट रिसर्च ने उन ऐप्स की लिस्ट जारी कर दी है, जो यूजर्स का पर्सनल डाटा चुराती हैं. ऐसे में अगर आपने भी उन ऐप्स को डानलोड कर रखा है तो बिना देरी किए उसे डिलीट कर दें.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रो गुरु (Astro Guru), टी'लेवा (T’Leva), 50000 से अधिक डाउनलोड के साथ एक टैक्सी-हेलिंग ऐप और लोगो-डिजाइनिंग ऐप (Logo Maker) यूजर्स का पर्सनल डाटा चुरा रही हैं. रिपोर्ट की मानें तो इन ऐप्स में कई कमियां हैं जिससे यूजर्स का पर्सनल डेटा जोखिम में है, जिसमें ईमेल, पासवर्ड, नाम, जन्म तिथि, जेंडर इन्फॉर्मेशन, प्राइवेट चैट, डिवाइस लोकेशन, यूजर आइडेंटिफायर्स के साथ अन्य चीजें शामिल हैं.
@CyberSecurity_Update
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10 करोड़ एंड्रॉयड (Android) यूजर्स का डाटा लीक हो चुका है. इसका कारण 2 दर्जन से ज्यादा ऐसी ऐप्स हैं, जिसे एंड्रॉयड यूजर्स ने जाने-अनजाने में डाउनलोड कर लिया था. हालांकि चेक पॉइंट रिसर्च ने उन ऐप्स की लिस्ट जारी कर दी है, जो यूजर्स का पर्सनल डाटा चुराती हैं. ऐसे में अगर आपने भी उन ऐप्स को डानलोड कर रखा है तो बिना देरी किए उसे डिलीट कर दें.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रो गुरु (Astro Guru), टी'लेवा (T’Leva), 50000 से अधिक डाउनलोड के साथ एक टैक्सी-हेलिंग ऐप और लोगो-डिजाइनिंग ऐप (Logo Maker) यूजर्स का पर्सनल डाटा चुरा रही हैं. रिपोर्ट की मानें तो इन ऐप्स में कई कमियां हैं जिससे यूजर्स का पर्सनल डेटा जोखिम में है, जिसमें ईमेल, पासवर्ड, नाम, जन्म तिथि, जेंडर इन्फॉर्मेशन, प्राइवेट चैट, डिवाइस लोकेशन, यूजर आइडेंटिफायर्स के साथ अन्य चीजें शामिल हैं.
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