Backlink Kaise Banaye?
बैकलिंक बनाने से पहले सुनिश्चित कर लें जिस किसी वेबसाइट से बैकलिंक ले रहे हो उसका SEO और Spam Score क्या है. नया ब्लॉग बनाते ही उसके लिए बैकलिंक बनाने के लिए कई बार low quality backlink बना लेते हैं या खरीद लेते हैं. इससे फायदा तो कुछ होगा नहीं बल्कि, नुकसान हो जायेगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए बैकलिंक बनाने से पहले यह चेक करें इस वेबसाइट से बैकलिंक लेने में आपको फायदा है या नहीं? किसी ब्लॉग के लिए हम जितना चाहे उतना बैकलिंक बना सकते हैं. लेकिन, फालतू बैकलिंक से अच्छा है काम की वेबसाइट से कुछ ही बैकलिंक मिले। बैकलिंक कैसे बनायें तो इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया है जिससे बैकलिंक बना सकते हो.
बैकलिंक बनाने से पहले सुनिश्चित कर लें जिस किसी वेबसाइट से बैकलिंक ले रहे हो उसका SEO और Spam Score क्या है. नया ब्लॉग बनाते ही उसके लिए बैकलिंक बनाने के लिए कई बार low quality backlink बना लेते हैं या खरीद लेते हैं. इससे फायदा तो कुछ होगा नहीं बल्कि, नुकसान हो जायेगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए बैकलिंक बनाने से पहले यह चेक करें इस वेबसाइट से बैकलिंक लेने में आपको फायदा है या नहीं? किसी ब्लॉग के लिए हम जितना चाहे उतना बैकलिंक बना सकते हैं. लेकिन, फालतू बैकलिंक से अच्छा है काम की वेबसाइट से कुछ ही बैकलिंक मिले। बैकलिंक कैसे बनायें तो इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया है जिससे बैकलिंक बना सकते हो.
Blog Comment
ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने के बाद सम्बंधित गूगल सर्च करो और यहाँ कमेंट करो इससे ब्लॉग का Awareness बढ़ता है. इस लिंक से कोई खास फायदा नहीं होता है क्यूंकि यह Nofollow backlink होता है. लेकिन, यह रिलेटेड लिंक है और यूजर ब्लॉग कमेंट भी पढ़ता है.
ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने के बाद सम्बंधित गूगल सर्च करो और यहाँ कमेंट करो इससे ब्लॉग का Awareness बढ़ता है. इस लिंक से कोई खास फायदा नहीं होता है क्यूंकि यह Nofollow backlink होता है. लेकिन, यह रिलेटेड लिंक है और यूजर ब्लॉग कमेंट भी पढ़ता है.
Quality Content
कोई यूजर किसी वेबसाइट क्यूँ विजिट करता है? यूजर और सर्च इंजन दोनों ही High Quality और Detail Content चाहता है. ऐसा कंटेंट जिसमें यूजर के प्रॉब्लम का समाधान हो. यदि यूजर का समस्या ख़त्म नहीं होता तो वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा नहीं आएगा। ब्लॉग्गिंग में कंटेंट ही सब कुछ है. High Quality Content के बिना SEO भी कुछ नहीं कर सकता है.
कोई यूजर किसी वेबसाइट क्यूँ विजिट करता है? यूजर और सर्च इंजन दोनों ही High Quality और Detail Content चाहता है. ऐसा कंटेंट जिसमें यूजर के प्रॉब्लम का समाधान हो. यदि यूजर का समस्या ख़त्म नहीं होता तो वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा नहीं आएगा। ब्लॉग्गिंग में कंटेंट ही सब कुछ है. High Quality Content के बिना SEO भी कुछ नहीं कर सकता है.
Guest Post
सभी बड़ा ब्लॉग गेस्ट पोस्ट ऑफर करता है. लोग बहुत तेजी से गेस्ट पोस्ट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन, यहाँ से मिलने वाला बैकलिंक कुछ ही दिनों तक do follow रहता है कुछ दिन बाद इसे nofollow कर देते हैं. कई बार तो ऐसा देखा गया है author Name हटाकर यहाँ गेस्ट पोस्ट लिख देते हैं. दूसरे ब्लॉगर भी unrelated Topic पर dofollow backlink नहीं देना चाहते हैं. यदि गेस्ट पोस्ट करना चाहते हैं तो अपने केटेगरी के ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट कीजिये।
सभी बड़ा ब्लॉग गेस्ट पोस्ट ऑफर करता है. लोग बहुत तेजी से गेस्ट पोस्ट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन, यहाँ से मिलने वाला बैकलिंक कुछ ही दिनों तक do follow रहता है कुछ दिन बाद इसे nofollow कर देते हैं. कई बार तो ऐसा देखा गया है author Name हटाकर यहाँ गेस्ट पोस्ट लिख देते हैं. दूसरे ब्लॉगर भी unrelated Topic पर dofollow backlink नहीं देना चाहते हैं. यदि गेस्ट पोस्ट करना चाहते हैं तो अपने केटेगरी के ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट कीजिये।
सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
Search Engine Types in Hindi सर्च इंजन कितने तरह का होता है? पिछले कई पोस्ट से लगातार सर्च इंजन के बारें में बात किया जा रहा है. सर्च इंजन से जुड़ी कई जानकारी अब तक शेयर किया जा चुका है. इस पोस्ट में हम बात करेंगें सर्च इंजन कितने तरह का होता है. क्यूंकि, एंड्राइड मोबाइल में गूगल सर्च इंजन पहले से इनस्टॉल होता है तो हम सिर्फ एक ही सर्च इंजन के बारें में जानते हैं. एंड्राइड एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है और यह गूगल का ही है. इसीलिए किसी भी मोबाइल में गूगल पहले से इनस्टॉल होता है. लेकिन, इसके अलावे भी कई सर्च इंजन है जिसके बारें में आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं.
Search Engine Types in Hindi सर्च इंजन कितने तरह का होता है? पिछले कई पोस्ट से लगातार सर्च इंजन के बारें में बात किया जा रहा है. सर्च इंजन से जुड़ी कई जानकारी अब तक शेयर किया जा चुका है. इस पोस्ट में हम बात करेंगें सर्च इंजन कितने तरह का होता है. क्यूंकि, एंड्राइड मोबाइल में गूगल सर्च इंजन पहले से इनस्टॉल होता है तो हम सिर्फ एक ही सर्च इंजन के बारें में जानते हैं. एंड्राइड एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है और यह गूगल का ही है. इसीलिए किसी भी मोबाइल में गूगल पहले से इनस्टॉल होता है. लेकिन, इसके अलावे भी कई सर्च इंजन है जिसके बारें में आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं.
सर्च इंजन क्या है?
सर्च इंजन क्या है? इसके बारें में एक डिटेल पोस्ट पब्लिश किया जा चुका है. सर्च इंजन एक इंटरनेट बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो यूजर को इंटरनेट पर मौजूद जानकारी से सही और सटीक जानकारी ढूंढ कर देने में मदद करता है. वास्तव में सर्च इंजन के पास कोई डाटा नहीं होता है. यह मौजूद जानकारी में से सही जानकारी इकठ्ठा कर देने का काम करती है. इन जानकारी को इकट्ठा करने के लिए सर्च इंजन बोट और क्रॉलर हमेशा काम करते रहते हैं. सर्च इंजन इन जानकारी को कई पारा मीटर पर चेक करने के बाद इसे SERP में जगह देती है.
सर्च इंजन क्या है? इसके बारें में एक डिटेल पोस्ट पब्लिश किया जा चुका है. सर्च इंजन एक इंटरनेट बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो यूजर को इंटरनेट पर मौजूद जानकारी से सही और सटीक जानकारी ढूंढ कर देने में मदद करता है. वास्तव में सर्च इंजन के पास कोई डाटा नहीं होता है. यह मौजूद जानकारी में से सही जानकारी इकठ्ठा कर देने का काम करती है. इन जानकारी को इकट्ठा करने के लिए सर्च इंजन बोट और क्रॉलर हमेशा काम करते रहते हैं. सर्च इंजन इन जानकारी को कई पारा मीटर पर चेक करने के बाद इसे SERP में जगह देती है.
Search Engine क्या है और कैसे काम करता है?
सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
सर्च इंजन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं.
1. Crawler-Based Search Engines
2. Web Directories
3. Hybrid Search Engines
4. Meta Search Engines
सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
सर्च इंजन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं.
1. Crawler-Based Search Engines
2. Web Directories
3. Hybrid Search Engines
4. Meta Search Engines
Crawler-Based Search Engines
यह सर्च इंजन में crawler या bot का उपयोग करता है. इसमें crawling, indexing, और ranking जैसे steps follow किया जाता है जिसके बारे में पिछले पोस्ट में बात की गई है. Google, Yahoo!, Bing, DuckDuckGo, Yandex और Ask इसी तरह का सर्च इंजन है.
यह सर्च इंजन में crawler या bot का उपयोग करता है. इसमें crawling, indexing, और ranking जैसे steps follow किया जाता है जिसके बारे में पिछले पोस्ट में बात की गई है. Google, Yahoo!, Bing, DuckDuckGo, Yandex और Ask इसी तरह का सर्च इंजन है.
Web Directories
यह डायरेक्टरी सिस्टम है जहाँ कई सारे websites की link और उसके बारे में जानकारी दी जाती है। इसमें websites को अलग-अलग categories के अनुसार list बना कर दिखाया जाता है। इस डायरेक्टरी में वेबसाइट को register करने लिए website owner साईट category और short description के साथ लिंक सबमिट करता है.
यह डायरेक्टरी सिस्टम है जहाँ कई सारे websites की link और उसके बारे में जानकारी दी जाती है। इसमें websites को अलग-अलग categories के अनुसार list बना कर दिखाया जाता है। इस डायरेक्टरी में वेबसाइट को register करने लिए website owner साईट category और short description के साथ लिंक सबमिट करता है.
यहाँ सभी काम मैन्युअली किया जाता है कोई automatic system काम नहीं करता है. सबमिट किये गये साईट को editor द्वारा manually review किया जाता है और डायरेक्टरी के नियमो के अनुसार सही पाए जाने पर add कर दिया जाता है. अन्यथा reject कर दिया जाता है। कुछ ऐसी भी वेबसाइट है जहाँ मैन्युअल रिव्यु जरूरत नहीं है. यहाँ सबमिट करते ही साइट सबमिट हो जाता है.
Top 10 most Popular Website in India
साइट सबमिट होने के बाद इसे सर्च करने के लिए यहाँ एक search box होता है जिसमें वेबसाइट को ढूँढा जाता है. सर्च किये गए कीवर्ड के अनुसार डायरेक्टरी साइट अपने डेटाबेस में हैडिंग, डिस्क्रिप्शन चेक कर सही साइट रिजल्ट में दिखता है. यहाँ भी प्रीमियम साइट मतलब जिसने पेड सब्सक्रिप्शन लिया है उसे ऊपर दिखाता है. A1WebDirectory, Blogarama, 9sites ये सभी डायरेक्टरी साइट के लिस्ट में आता है.
साइट सबमिट होने के बाद इसे सर्च करने के लिए यहाँ एक search box होता है जिसमें वेबसाइट को ढूँढा जाता है. सर्च किये गए कीवर्ड के अनुसार डायरेक्टरी साइट अपने डेटाबेस में हैडिंग, डिस्क्रिप्शन चेक कर सही साइट रिजल्ट में दिखता है. यहाँ भी प्रीमियम साइट मतलब जिसने पेड सब्सक्रिप्शन लिया है उसे ऊपर दिखाता है. A1WebDirectory, Blogarama, 9sites ये सभी डायरेक्टरी साइट के लिस्ट में आता है.
Hybrid Search Engines
यह क्रॉलर और डायरेक्टरी दोनों ही तरीके का इस्तेमाल करता है. गूगल भी यह काम करती है अक्सर गूगल सर्च करने पर किसी और वेबसाइट का रिजल्ट दिखाया जाता है जिसमें सर्च किया गया कीवर्ड होता है. गूगल का भी शुरुआत डायरेक्टरी के तरह हुआ लेकिन, समय के साथ चलते चलते यह डायरेक्टरी से सर्च इंजन बन गया. गूगल सर्च इंजन वेब बेस्ड ऑनलाइन बिज़नेस डायरेक्टरी और वेबसाइट डायरेक्टरी को काफी प्राथमिकता देता है. ऐसे में यदि किसी सर्च इंजन में रैंक करना है तो वेब डायरेक्टरी में लिस्टिंग जरूरी है. पिछले कुछ सालों में वेब बेस्ड डायरेक्टरी का महत्व कम होते जा रहा है और इसका जगह हाइब्रिड सर्च इंजन ले रहा है. गूगल और याहू इसका बेहतरीन उदहारण है.
यह क्रॉलर और डायरेक्टरी दोनों ही तरीके का इस्तेमाल करता है. गूगल भी यह काम करती है अक्सर गूगल सर्च करने पर किसी और वेबसाइट का रिजल्ट दिखाया जाता है जिसमें सर्च किया गया कीवर्ड होता है. गूगल का भी शुरुआत डायरेक्टरी के तरह हुआ लेकिन, समय के साथ चलते चलते यह डायरेक्टरी से सर्च इंजन बन गया. गूगल सर्च इंजन वेब बेस्ड ऑनलाइन बिज़नेस डायरेक्टरी और वेबसाइट डायरेक्टरी को काफी प्राथमिकता देता है. ऐसे में यदि किसी सर्च इंजन में रैंक करना है तो वेब डायरेक्टरी में लिस्टिंग जरूरी है. पिछले कुछ सालों में वेब बेस्ड डायरेक्टरी का महत्व कम होते जा रहा है और इसका जगह हाइब्रिड सर्च इंजन ले रहा है. गूगल और याहू इसका बेहतरीन उदहारण है.
Meta Search Engines
कुछ ऐसे सर्च इंजन हैं जो किसी और सर्च इंजन से डाटा कलेक्ट कर यूजर को दिखती है मेटा सर्च इंजन कहलाता है। ऐसे सर्च इंजन में जब कोई यूजर किसी कीवर्ड को ढूंढता है तो इस क्वेरी को अन्य अलग – अलग सर्च इंजन में ढूंढता है. यहाँ मिले हुए सर्च रिजल्ट में अपना सर्च अल्गोरिथम अप्लाई कर सही रिजल्ट यूजर को देने का काम करती है. जैसे Dogpile, Metacrawler ये मेटा सर्च इंजन की तरह काम करता है.
कुछ ऐसे सर्च इंजन हैं जो किसी और सर्च इंजन से डाटा कलेक्ट कर यूजर को दिखती है मेटा सर्च इंजन कहलाता है। ऐसे सर्च इंजन में जब कोई यूजर किसी कीवर्ड को ढूंढता है तो इस क्वेरी को अन्य अलग – अलग सर्च इंजन में ढूंढता है. यहाँ मिले हुए सर्च रिजल्ट में अपना सर्च अल्गोरिथम अप्लाई कर सही रिजल्ट यूजर को देने का काम करती है. जैसे Dogpile, Metacrawler ये मेटा सर्च इंजन की तरह काम करता है.
Some Other Search Engines
इन्टरनेट पर कुछ ऐसे सर्च इंजन भी हैं जो कुछ विशेष केटेगरी में सर्च करने के लिए ही बनाया गया है. जैसे कुछ ऐसी वेबसाइट हैं जहाँ सिर्फ मोबाइल, कार, बाइक, या किसी एक प्रोडक्ट से सम्बंधित जानकरी ही उपलब्ध होता है. इस तरह का सर्च इंजन / वेबसाइट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसे NICHE WEBSITE कहते हैं. गूगल सर्च इंजन इस तरह की वेबसाइट को ज्यादा महत्व सेती है. उदाहरण के लिए नीचे कुछ वेबसाइट का नाम दिया गया है.
इन्टरनेट पर कुछ ऐसे सर्च इंजन भी हैं जो कुछ विशेष केटेगरी में सर्च करने के लिए ही बनाया गया है. जैसे कुछ ऐसी वेबसाइट हैं जहाँ सिर्फ मोबाइल, कार, बाइक, या किसी एक प्रोडक्ट से सम्बंधित जानकरी ही उपलब्ध होता है. इस तरह का सर्च इंजन / वेबसाइट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसे NICHE WEBSITE कहते हैं. गूगल सर्च इंजन इस तरह की वेबसाइट को ज्यादा महत्व सेती है. उदाहरण के लिए नीचे कुछ वेबसाइट का नाम दिया गया है.
Shopping Website
•Google Shopping
•Yahoo Shopping
•PriceGrabber
•Google Shopping
•Yahoo Shopping
•PriceGrabber
News Website
•Google News
•Yahoo News
•Google News
•Yahoo News
Image Website
•Google Image
•Bing Image
•Yahoo! Image
•Pixabay
•TinyEye
•Pinterest
•Google Image
•Bing Image
•Yahoo! Image
•Pixabay
•TinyEye
Music Website
•Allmusic
•Last FM
•Sound Click
•BeeMP3
•Gaana
इस तरह की कई वेबसाइट है जो सिर्फ एक ही तरीके की जानकारी देता है.
•Allmusic
•Last FM
•Sound Click
•BeeMP3
•Gaana
इस तरह की कई वेबसाइट है जो सिर्फ एक ही तरीके की जानकारी देता है.
Different views of a worksheet
एम एस एक्सेल में आप अपनी वर्कशीट को 2 प्रकार से देख सकते हैं जिन्हें व्यू कहा जाता है-
Normal View (नॉर्मल व्यू)
इस View में समस्त डाटा अपने पूरे आकार में ठीक उसी प्रकार दिखाई देता है जिस प्रकार उसे फॉर्मेट किया जाता है इस व्यू में ही हम समस्त कार्य करते हैं अर्थात जब हम एक्सेल चालू करते हैं तो सबसे पहले जो view दिखाई देता हैं उसे normal view कहा जाता हैं|
Page Break preview (पेज ब्रेक प्रीव्यू)
इस View में वर्कशीट के छापे जाने वाले every पेज को छोटे आकार में दिखाया जाता है और every पेज पर पृष्ठ संख्या (Page number) दिखाई जाती है इससे हम किसी पेज की बाउंड्री को ड्रैग करके उसे सही place पर ला सकते हैं और उस पेज में आवश्यक डेटा छाप सकते हैं|
जब आप Page Break preview में आते हैं तो उस में दिखाए गए पेज आपके पेज सेटअप और प्रिंट सेटअप के अनुसार होते हैं यदि आपने पेज सेटअप नहीं बदला है तो वह वैसे ही दिखाई देंगे लेकिन यदि आप किसी पेज की सीमा रेखा को इस प्रकार बढ़ा देते हैं कि वह jayada लंबा व चौड़ा हो जाता है तो excel उसको अपने आप छोटा करके इस तरह Print करेगा कि वह एक ही पेज पर Print हो जाए इस प्रकार Page Break preview में हमें प्रिंटिंग को कंट्रोल करने की सुविधा मिलती हैं|
Full Screen View (फुल स्क्रीन व्यू)
नॉर्मल व्यू और पेज ब्रेक प्रिव्यू के अलावा एक और व्यू होता है जिसमें हम अपनी वर्कशीट को देख सकते हैं और उस में कार्य कर सकते हैं इसे Full Screen View कहते हैं इस व्यू में सभी टूलबार छुप जाते हैं और वर्कशीट पूरी स्क्रीन पर दिखाई देती है जिसमें केवल एक बटन close full screen का होता है|
किसी वर्कशीट को Full Screen View में देखने के लिए View menu में Full screen option को select कीजिए इससे सभी टूलबार छुप जाएंगे और वह वर्कशीट पूरी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी|
Full Screen View स्क्रीन व्यू से बाहर निकलने के लिए close full screen बटन को क्लिक कीजिए इससे वह वर्कशीट फिर से नॉर्मल व्यू में आ जाएगी|
एम एस एक्सेल में आप अपनी वर्कशीट को 2 प्रकार से देख सकते हैं जिन्हें व्यू कहा जाता है-
Normal View (नॉर्मल व्यू)
इस View में समस्त डाटा अपने पूरे आकार में ठीक उसी प्रकार दिखाई देता है जिस प्रकार उसे फॉर्मेट किया जाता है इस व्यू में ही हम समस्त कार्य करते हैं अर्थात जब हम एक्सेल चालू करते हैं तो सबसे पहले जो view दिखाई देता हैं उसे normal view कहा जाता हैं|
Page Break preview (पेज ब्रेक प्रीव्यू)
इस View में वर्कशीट के छापे जाने वाले every पेज को छोटे आकार में दिखाया जाता है और every पेज पर पृष्ठ संख्या (Page number) दिखाई जाती है इससे हम किसी पेज की बाउंड्री को ड्रैग करके उसे सही place पर ला सकते हैं और उस पेज में आवश्यक डेटा छाप सकते हैं|
जब आप Page Break preview में आते हैं तो उस में दिखाए गए पेज आपके पेज सेटअप और प्रिंट सेटअप के अनुसार होते हैं यदि आपने पेज सेटअप नहीं बदला है तो वह वैसे ही दिखाई देंगे लेकिन यदि आप किसी पेज की सीमा रेखा को इस प्रकार बढ़ा देते हैं कि वह jayada लंबा व चौड़ा हो जाता है तो excel उसको अपने आप छोटा करके इस तरह Print करेगा कि वह एक ही पेज पर Print हो जाए इस प्रकार Page Break preview में हमें प्रिंटिंग को कंट्रोल करने की सुविधा मिलती हैं|
Full Screen View (फुल स्क्रीन व्यू)
नॉर्मल व्यू और पेज ब्रेक प्रिव्यू के अलावा एक और व्यू होता है जिसमें हम अपनी वर्कशीट को देख सकते हैं और उस में कार्य कर सकते हैं इसे Full Screen View कहते हैं इस व्यू में सभी टूलबार छुप जाते हैं और वर्कशीट पूरी स्क्रीन पर दिखाई देती है जिसमें केवल एक बटन close full screen का होता है|
किसी वर्कशीट को Full Screen View में देखने के लिए View menu में Full screen option को select कीजिए इससे सभी टूलबार छुप जाएंगे और वह वर्कशीट पूरी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी|
Full Screen View स्क्रीन व्यू से बाहर निकलने के लिए close full screen बटन को क्लिक कीजिए इससे वह वर्कशीट फिर से नॉर्मल व्यू में आ जाएगी|
Insert, Delete and Move worksheet
Insert, Delete and Move worksheet
वर्क बुक में नई वर्कशीट डालना (Inserting new worksheet in workbook)
प्रारंभ में every वर्क बुक में केवल तीन Worksheet होती हैं आवश्यकता होने पर आप उसमें और नई वर्कशीट जोड़ सकते हैं इस की निम्न प्रक्रिया है-
1. सबसे पहले उस Worksheet को सिलेक्ट कीजिए जिस से पहले आप नई Worksheet डालना चाहते हैं|
2. Insert Menu में Worksheet ऑप्शन को सिलेक्ट कीजिए इससे आपकी Workbook में एक नई Worksheet जोड़ दी जाएगी|
नई वर्कशीट का नाम प्रारंभ में sheet X रखा जाता है जहां X कोई पूर्णांक संख्या है बाद में आप उसका नाम बदल सकते हैं|
किसी वर्कशीट को हटाना (deleting a worksheet)
यदि आप किसी वर्कशीट को वर्क बुक से हटाना चाहते हैं तो उसे सिलेक्ट कीजिए और Edit menu में delete sheet option पर क्लिक कीजिए इससे वह Worksheet डिलीट हो जाएगी|
वर्कशीट हटाते time यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कोई नई वर्कशीट जोड़ने तथा किसी वर्कशीट को हटाने के ऑप्शन को आप Undo नहीं कर सकते इसलिए कोई वर्कशीट हटाने से पहले यह पक्का कर लीजिए कि इसमें कोई आवश्यक डाटा तो नहीं भरा है जिसके नष्ट होने से आपका कार्य खराब हो जाए|
किसी वर्कशीट को सरकाना (moving a worksheet)
कई बार सुविधा के लिए हमें sheet bar में वर्कशीट को किसी विशेष क्रम में रखने की आवश्यकता होती है ऐसा आप Worksheets को खिसककर कर सकते हैं इसकी विधि निम्न प्रकार है
1. जिस वर्कशीट को आप खिसकाना चाहते हैं sheet bar में उसके नाम को क्लिक कीजिए और माउस बटन को दबाकर पकड़ लीजिए इससे वहां एक काले रंग का छोटा सा त्रिकोण बन जाएगा|
2. अब माउस बटन को दबाए रख कर माउस पॉइंटर को दाएं या बाएं Move कीजिये|
3. आप Worksheet को जहां लगाना चाहते हैं त्रिकोण को वहां ले जाकर माउस बटन को छोड़ दीजिए इससे वह सीट वहीं स्थिर हो जाएगी|
इस विधि से आप किसी भी वर्कशीट को कहीं भी लगा सकते हैं और सभी वर्कशीट को मनचाहे क्रम में रख सकते हैं
Insert, Delete and Move worksheet
वर्क बुक में नई वर्कशीट डालना (Inserting new worksheet in workbook)
प्रारंभ में every वर्क बुक में केवल तीन Worksheet होती हैं आवश्यकता होने पर आप उसमें और नई वर्कशीट जोड़ सकते हैं इस की निम्न प्रक्रिया है-
1. सबसे पहले उस Worksheet को सिलेक्ट कीजिए जिस से पहले आप नई Worksheet डालना चाहते हैं|
2. Insert Menu में Worksheet ऑप्शन को सिलेक्ट कीजिए इससे आपकी Workbook में एक नई Worksheet जोड़ दी जाएगी|
नई वर्कशीट का नाम प्रारंभ में sheet X रखा जाता है जहां X कोई पूर्णांक संख्या है बाद में आप उसका नाम बदल सकते हैं|
किसी वर्कशीट को हटाना (deleting a worksheet)
यदि आप किसी वर्कशीट को वर्क बुक से हटाना चाहते हैं तो उसे सिलेक्ट कीजिए और Edit menu में delete sheet option पर क्लिक कीजिए इससे वह Worksheet डिलीट हो जाएगी|
वर्कशीट हटाते time यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कोई नई वर्कशीट जोड़ने तथा किसी वर्कशीट को हटाने के ऑप्शन को आप Undo नहीं कर सकते इसलिए कोई वर्कशीट हटाने से पहले यह पक्का कर लीजिए कि इसमें कोई आवश्यक डाटा तो नहीं भरा है जिसके नष्ट होने से आपका कार्य खराब हो जाए|
किसी वर्कशीट को सरकाना (moving a worksheet)
कई बार सुविधा के लिए हमें sheet bar में वर्कशीट को किसी विशेष क्रम में रखने की आवश्यकता होती है ऐसा आप Worksheets को खिसककर कर सकते हैं इसकी विधि निम्न प्रकार है
1. जिस वर्कशीट को आप खिसकाना चाहते हैं sheet bar में उसके नाम को क्लिक कीजिए और माउस बटन को दबाकर पकड़ लीजिए इससे वहां एक काले रंग का छोटा सा त्रिकोण बन जाएगा|
2. अब माउस बटन को दबाए रख कर माउस पॉइंटर को दाएं या बाएं Move कीजिये|
3. आप Worksheet को जहां लगाना चाहते हैं त्रिकोण को वहां ले जाकर माउस बटन को छोड़ दीजिए इससे वह सीट वहीं स्थिर हो जाएगी|
इस विधि से आप किसी भी वर्कशीट को कहीं भी लगा सकते हैं और सभी वर्कशीट को मनचाहे क्रम में रख सकते हैं