एक डेटाबेस में यूजर निम्नलिखित कार्य कर सकता हैं:–
यूजर डेटाबेस को create कर सकता है, डिलीट कर सकता है और मैनेज कर सकता है.
यूजर डेटाबेस में डेटा को आसानी से स्टोर कर सकता है, डेटा में बदलाव कर सकता है और डेटा को डिलीट कर सकता है.
यूजर database में मौजूद डेटा को अपनी जरूरत के अनुसार एक्सेस कर सकता है.
यूजर डेटाबेस को create कर सकता है, डिलीट कर सकता है और मैनेज कर सकता है.
यूजर डेटाबेस में डेटा को आसानी से स्टोर कर सकता है, डेटा में बदलाव कर सकता है और डेटा को डिलीट कर सकता है.
यूजर database में मौजूद डेटा को अपनी जरूरत के अनुसार एक्सेस कर सकता है.
आजकल बहुत सारें databases का प्रयोग किया जाता है जो कि निम्नलिखित हैं:-
MySQL
Oracle
MongoDB
SQL Server
Sybase
Informix
Amazon Relational Database Service
EMS SQL Manager
MySQL
Oracle
MongoDB
SQL Server
Sybase
Informix
Amazon Relational Database Service
EMS SQL Manager
पुराने ज़माने के डेटाबेस को तीन चीज़ों के द्वारा व्यवस्थित (organize) किया जाता था।
1. fields
2. records
3. files
इसमें Field सूचना का एक टुकड़ा होता है। Record, field का एक समूह होता है और file, record का एक संग्रह होता है।
उदाहरण के लिए: Dictionary (शब्दकोश) एक डेटाबेस की तरह ही तो है। जो एक फ़ाइल की तरह होती है, जिसमें किसी भी word (शब्द) को आसानी से ढूंड सकते हैं.
1. fields
2. records
3. files
इसमें Field सूचना का एक टुकड़ा होता है। Record, field का एक समूह होता है और file, record का एक संग्रह होता है।
उदाहरण के लिए: Dictionary (शब्दकोश) एक डेटाबेस की तरह ही तो है। जो एक फ़ाइल की तरह होती है, जिसमें किसी भी word (शब्द) को आसानी से ढूंड सकते हैं.
Advantage of Database in Hindi – डेटाबेस के फायदे
डेटाबेस के लाभ निम्नलिखित हैं:-
यह data redundancy को कम करता है अर्थात् यह duplicate डाटा को स्टोर नहीं करता है.
यह data integrity और security प्रदान करता है. इसमें कोई unauthorized users डेटाबेस को access नहीं कर सकता.
इसमें दो या दो से अधिक users एक समय में database को access कर सकते हैं.
इसमें डाटा को दूसरे users को share किया जा सकता है.
Database में डाटा को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है.
इसमें data को search करना और उसे retrieve करना बहुत ही सरल होता है. पुराने डेटाबेसों में हमें प्रत्येक search के लिए program को लिखने की जरूरत पड़ती थी. परन्तु आजकल के database में सिर्फ command का प्रयोग करके किसी भी डाटा को search कर सकते हैं.
कोई भी user बिना अनुमति के डेटाबेस को एक्सेस नहीं कर सकता.
डेटाबेस में data का backup लेना बहुत ही आसान है और कभी किसी वजह से database corrupt हो जाए तो हम data को फिर से restore कर सकते है.
इसमें data consistent होता है क्योंकि इसमें data redundancy नहीं होती.
डेटाबेस के लाभ निम्नलिखित हैं:-
यह data redundancy को कम करता है अर्थात् यह duplicate डाटा को स्टोर नहीं करता है.
यह data integrity और security प्रदान करता है. इसमें कोई unauthorized users डेटाबेस को access नहीं कर सकता.
इसमें दो या दो से अधिक users एक समय में database को access कर सकते हैं.
इसमें डाटा को दूसरे users को share किया जा सकता है.
Database में डाटा को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है.
इसमें data को search करना और उसे retrieve करना बहुत ही सरल होता है. पुराने डेटाबेसों में हमें प्रत्येक search के लिए program को लिखने की जरूरत पड़ती थी. परन्तु आजकल के database में सिर्फ command का प्रयोग करके किसी भी डाटा को search कर सकते हैं.
कोई भी user बिना अनुमति के डेटाबेस को एक्सेस नहीं कर सकता.
डेटाबेस में data का backup लेना बहुत ही आसान है और कभी किसी वजह से database corrupt हो जाए तो हम data को फिर से restore कर सकते है.
इसमें data consistent होता है क्योंकि इसमें data redundancy नहीं होती.
Disadvantage of Database in Hindi – डेटाबेस के नुकसान
डाटाबेस की हानियाँ नीचे दी गयी हैं:-
डेटाबेस सिस्टम को design करना बहुत ही कठिन होता है और इसमें बहुत ज्यादा time लगता है.
इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का cost (मूल्य) बहुत अधिक होता है.
अगर डेटाबेस damage हो जाए तो इससे सभी application programs पर बुरा प्रभाव पड़ता है.
इसको use करने से पहले इसको सीखने की आवश्यकता होती है. बिना सीखे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते.
डेटाबेस का size बहुत ही अधिक होता है.
डाटाबेस की हानियाँ नीचे दी गयी हैं:-
डेटाबेस सिस्टम को design करना बहुत ही कठिन होता है और इसमें बहुत ज्यादा time लगता है.
इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का cost (मूल्य) बहुत अधिक होता है.
अगर डेटाबेस damage हो जाए तो इससे सभी application programs पर बुरा प्रभाव पड़ता है.
इसको use करने से पहले इसको सीखने की आवश्यकता होती है. बिना सीखे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते.
डेटाबेस का size बहुत ही अधिक होता है.
कंप्यूटर क्या है? – What is Computer in Hindi?
• कंप्यूटर एक मशीन है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देशों का पालन करती है और इन निर्देशों को प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करती है.
• दूसरे शब्दों में कहें तो, “कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देश या कमांड को इनपुट के रूप में लेता है और इस निर्देश को प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करता है.”
• कंप्यूटर का मुख्य काम गणना करना, डाटा को स्टोर और प्रोसेस करना होता है.
• Computer का पूरा नाम Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research (कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली यूज्ड फॉर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च) होता है.
• कंप्यूटर एक मशीन है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देशों का पालन करती है और इन निर्देशों को प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करती है.
• दूसरे शब्दों में कहें तो, “कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देश या कमांड को इनपुट के रूप में लेता है और इस निर्देश को प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करता है.”
• कंप्यूटर का मुख्य काम गणना करना, डाटा को स्टोर और प्रोसेस करना होता है.
• Computer का पूरा नाम Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research (कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली यूज्ड फॉर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च) होता है.
• Computer शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के compute शब्द से हुई है जिसका अर्थ है ‘गणना करना’.
• कंप्यूटर का अविष्कार ‘चार्ल्स बेबेज (Charles Babbage)’ ने किया था. इसलिए चार्ल्स बेबेज को ‘कंप्यूटर का पिता’ भी कहा जाता है.
• हम कंप्यूटर का इस्तेमाल गेम खेलने, पढाई करने, डॉक्यूमेंट को टाइप करने, विडियो देखने और इंटरनेट चलाने के लिए कर सकते हैं.
• कंप्यूटर एक मशीन है जो बिना थके बहुत लम्बे समय तक कार्य कर सकता है. मनुष्य लम्बे समय तक लगातार काम नहीं कर सकता और इसे आराम की जरूरत होती है. लेकिन कंप्यूटर लम्बे समय तक बिना थके और बिना गलती किये काम करता है.
• कंप्यूटर का अविष्कार ‘चार्ल्स बेबेज (Charles Babbage)’ ने किया था. इसलिए चार्ल्स बेबेज को ‘कंप्यूटर का पिता’ भी कहा जाता है.
• हम कंप्यूटर का इस्तेमाल गेम खेलने, पढाई करने, डॉक्यूमेंट को टाइप करने, विडियो देखने और इंटरनेट चलाने के लिए कर सकते हैं.
• कंप्यूटर एक मशीन है जो बिना थके बहुत लम्बे समय तक कार्य कर सकता है. मनुष्य लम्बे समय तक लगातार काम नहीं कर सकता और इसे आराम की जरूरत होती है. लेकिन कंप्यूटर लम्बे समय तक बिना थके और बिना गलती किये काम करता है.
कंप्यूटर की कार्य प्रणाली
कंप्यूटर के कार्य करने के तीन step (पद) होते है:-
1. Input (इनपुट) – इनपुट वह प्रक्रिया है जिसमें यूजर के द्वारा कंप्यूटर को निर्देश या कमांड दिया जाता है.
2. Process (प्रोसेस) – इस स्टेप में, कंप्यूटर निर्देश को प्रोसेस करता है.
3. Output (आउटपुट) – इस स्टेप में, कंप्यूटर यूजर को आउटपुट प्रदान करता है.
कंप्यूटर के कार्य करने के तीन step (पद) होते है:-
1. Input (इनपुट) – इनपुट वह प्रक्रिया है जिसमें यूजर के द्वारा कंप्यूटर को निर्देश या कमांड दिया जाता है.
2. Process (प्रोसेस) – इस स्टेप में, कंप्यूटर निर्देश को प्रोसेस करता है.
3. Output (आउटपुट) – इस स्टेप में, कंप्यूटर यूजर को आउटपुट प्रदान करता है.
कंप्यूटर की विशेषता – Features of Computer in Hindi
1:- Speed (गति)
कंप्यूटर के काम करने की स्पीड काफी तेज होती है। कंप्यूटर इंसानो की तुलना में बहुत तेजी से कार्यो को करते है। यह एक सेकंड में एक लाख से भी ज्यादा कार्यों को पूरा कर सकते है। किसी मनुष्य को गुणा, भाग करने में 1 से 2 मिनट का समय लगता है जबकि कंप्यूटर गुणा, भाग को 1 सेकंड से भी कम समय में पूरा कर सकता है.
1:- Speed (गति)
कंप्यूटर के काम करने की स्पीड काफी तेज होती है। कंप्यूटर इंसानो की तुलना में बहुत तेजी से कार्यो को करते है। यह एक सेकंड में एक लाख से भी ज्यादा कार्यों को पूरा कर सकते है। किसी मनुष्य को गुणा, भाग करने में 1 से 2 मिनट का समय लगता है जबकि कंप्यूटर गुणा, भाग को 1 सेकंड से भी कम समय में पूरा कर सकता है.
2:- Accurate (सटीक)
कंप्यूटर बिना गलती किये किसी भी काम को पूरा करता है. मनुष्य एक काम को करने में बहुत गलती करता है जबकि कंप्यूटर बिना गलती किये अपने कार्य को पूरा कर लेता है.
3:- Reliable (विश्वसनीय)
कंप्यूटर बहुत ही विश्वसनीय होता है. हम कंप्यूटर को जितनी बार भी इनपुट देंगे तो कंप्यूटर हमें हमेशा सही आउटपुट ही प्रदान करेगा। इसी वजह से हम मनुष्य से ज्यादा कंप्यूटर पर विश्वास करते है.
कंप्यूटर बिना गलती किये किसी भी काम को पूरा करता है. मनुष्य एक काम को करने में बहुत गलती करता है जबकि कंप्यूटर बिना गलती किये अपने कार्य को पूरा कर लेता है.
3:- Reliable (विश्वसनीय)
कंप्यूटर बहुत ही विश्वसनीय होता है. हम कंप्यूटर को जितनी बार भी इनपुट देंगे तो कंप्यूटर हमें हमेशा सही आउटपुट ही प्रदान करेगा। इसी वजह से हम मनुष्य से ज्यादा कंप्यूटर पर विश्वास करते है.
4:- Memory (मेमोरी)
कंप्यूटर की मेमोरी बहुत ही शक्तिशाली होती है. हम सभी चीजों को याद नहीं रख सकते लेकिन कंप्यूटर सभी चीजों को बिना भूले याद रखता है. कंप्यूटर की मेमोरी दो प्रकार की होती है – पहली ‘प्राइमरी मेमोरी’ और दूसरी ‘सेकेंडरी मेमोरी’.
5:- Diligence (परिश्रमी)
कंप्यूटर बिना थके सालों तक काम कर सकता है. कंप्यूटर बहुत ही ज्यादा परिश्रमी होता है. एक इन्सान थोड़े समय काम करने के बाद थक जाता है जबकि कंप्यूटर थकता नहीं है.
6:- Easy (आसान)
कंप्यूटर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान होता है और इसे हम बहुत कम समय में सीख सकते हैं.
कंप्यूटर की मेमोरी बहुत ही शक्तिशाली होती है. हम सभी चीजों को याद नहीं रख सकते लेकिन कंप्यूटर सभी चीजों को बिना भूले याद रखता है. कंप्यूटर की मेमोरी दो प्रकार की होती है – पहली ‘प्राइमरी मेमोरी’ और दूसरी ‘सेकेंडरी मेमोरी’.
5:- Diligence (परिश्रमी)
कंप्यूटर बिना थके सालों तक काम कर सकता है. कंप्यूटर बहुत ही ज्यादा परिश्रमी होता है. एक इन्सान थोड़े समय काम करने के बाद थक जाता है जबकि कंप्यूटर थकता नहीं है.
6:- Easy (आसान)
कंप्यूटर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान होता है और इसे हम बहुत कम समय में सीख सकते हैं.
7:- Automation (स्वचालित)
कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है. यह अपने कार्यों को खुद से पूरा करती है. जब एक बार यह अपने कार्य को शुरू कर देती है तो बिना किसी मनुष्य की सहायता के इसे पूरा कर देती है.
8:- No Feeling (भावनाहीन)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह कोई भी भावना (feeling) नहीं होती है. इसलिए यह भावना में बहकर कोई भी काम नहीं करता.
9:- No Intelligence (कोई बुद्धिमत्ता नहीं)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह खुद से सोचने समझने की शक्ति नहीं होती है. यह सिर्फ प्रोग्रामिंग के आधार पर अपने कार्य को करता है. इसके पास दिमाग नहीं होता है.
10:– Privacy (गोपनीयता)
कंप्यूटर में हम अपनी पर्सनल जानकारी को स्टोर कर सकते हैं. हम कंप्यूटर में पासवर्ड का इस्तेमाल करके अपने कंप्यूटर को lock कर सकते हैं और कोई दूसरा व्यक्ति बिना पासवर्ड के आपके कंप्यूटर को इस्तेमाल नहीं कर सकता.
कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है. यह अपने कार्यों को खुद से पूरा करती है. जब एक बार यह अपने कार्य को शुरू कर देती है तो बिना किसी मनुष्य की सहायता के इसे पूरा कर देती है.
8:- No Feeling (भावनाहीन)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह कोई भी भावना (feeling) नहीं होती है. इसलिए यह भावना में बहकर कोई भी काम नहीं करता.
9:- No Intelligence (कोई बुद्धिमत्ता नहीं)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह खुद से सोचने समझने की शक्ति नहीं होती है. यह सिर्फ प्रोग्रामिंग के आधार पर अपने कार्य को करता है. इसके पास दिमाग नहीं होता है.
10:– Privacy (गोपनीयता)
कंप्यूटर में हम अपनी पर्सनल जानकारी को स्टोर कर सकते हैं. हम कंप्यूटर में पासवर्ड का इस्तेमाल करके अपने कंप्यूटर को lock कर सकते हैं और कोई दूसरा व्यक्ति बिना पासवर्ड के आपके कंप्यूटर को इस्तेमाल नहीं कर सकता.
कंप्यूटर के प्रकार
कंप्यूटर के बहुत से प्रकार होते हैं जिनके बारें में नीचे दिया गया है:-
1- Micro Computer (माइक्रो कंप्यूटर)
माइक्रो कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका उपयोग एक समय में केवल एक व्यक्ति ही कर सकता है। इस कंप्यूटर का आकार काफी छोटा होता है।
यह mini और mainframe computer से काफ़ी छोटा होता है। यह हल्का होने के साथ काफी सस्ता भी होता है।
माइक्रोकंप्यूटर मल्टीटास्किंग होता है जिसका अर्थ यह है की यूजर इस कंप्यूटर में एक समय में बहुत सारें कार्य कर सकता हैं जैसे कि – इंटरनेट चलाना, word में काम करना और गाने सुनना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण – लेपटॉप, स्मार्ट फ़ोन, टेबलेट आदि।
कंप्यूटर के बहुत से प्रकार होते हैं जिनके बारें में नीचे दिया गया है:-
1- Micro Computer (माइक्रो कंप्यूटर)
माइक्रो कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका उपयोग एक समय में केवल एक व्यक्ति ही कर सकता है। इस कंप्यूटर का आकार काफी छोटा होता है।
यह mini और mainframe computer से काफ़ी छोटा होता है। यह हल्का होने के साथ काफी सस्ता भी होता है।
माइक्रोकंप्यूटर मल्टीटास्किंग होता है जिसका अर्थ यह है की यूजर इस कंप्यूटर में एक समय में बहुत सारें कार्य कर सकता हैं जैसे कि – इंटरनेट चलाना, word में काम करना और गाने सुनना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण – लेपटॉप, स्मार्ट फ़ोन, टेबलेट आदि।
मिनी कंप्यूटर के उदहारण :- IBM AS/400 , और Honeywell 200 आदि।
3- Mainframe Computer (मेनफ़्रेम कंप्यूटर)
मेनफ़्रेम कंप्यूटर का आकार काफी बड़ा होता है और इसका इस्तेमाल बड़ी मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। मेनफ़्रेम कंप्यूटर के कार्य करने की क्षमता अधिक होती है। इसका आकार मिनी और माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है.
यह multi-user कंप्यूटर होता है इसलिए इसका इस्तेमाल एक समय में एक से अधिक यूजर कर सकते हैं। इस कंप्यूटर का आविष्कार 1950 के दशक में IBM (इंटरनेशनल बिज़नेस मॉडल) के द्वारा किया गया था।
इस कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़ी-बड़ी कम्पनीयों और सरकारी ऑफिस में अधिक मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। हालांकि यह कंप्यूटर काफी महंगे भी होते है। इसके उदहारण:– IBM zSeries , System z9 आदि।
3- Mainframe Computer (मेनफ़्रेम कंप्यूटर)
मेनफ़्रेम कंप्यूटर का आकार काफी बड़ा होता है और इसका इस्तेमाल बड़ी मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। मेनफ़्रेम कंप्यूटर के कार्य करने की क्षमता अधिक होती है। इसका आकार मिनी और माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है.
यह multi-user कंप्यूटर होता है इसलिए इसका इस्तेमाल एक समय में एक से अधिक यूजर कर सकते हैं। इस कंप्यूटर का आविष्कार 1950 के दशक में IBM (इंटरनेशनल बिज़नेस मॉडल) के द्वारा किया गया था।
इस कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़ी-बड़ी कम्पनीयों और सरकारी ऑफिस में अधिक मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। हालांकि यह कंप्यूटर काफी महंगे भी होते है। इसके उदहारण:– IBM zSeries , System z9 आदि।
4- Analog Computer (एनालॉग कंप्यूटर)
एनालॉग कंप्यूटर ऐसा कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल एनालॉग डाटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। यह भौतिक मात्राओं को मापने के लिए उपयोगी है। इसका उपयोग विद्युत प्रवाह, तीव्रता और प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में भी करते है। उदहारण के लिए– रेफ्रिजरेटर, स्पीडोमीटर आदि।
एनालॉग कंप्यूटर ऐसा कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल एनालॉग डाटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। यह भौतिक मात्राओं को मापने के लिए उपयोगी है। इसका उपयोग विद्युत प्रवाह, तीव्रता और प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में भी करते है। उदहारण के लिए– रेफ्रिजरेटर, स्पीडोमीटर आदि।
5- Digital Computer (डिजिटल कंप्यूटर)
वह कंप्यूटर जो डिजिटल डाटा को प्रोसेस करता है उसे डिजिटल कंप्यूटर कहते हैं. यह एक ऐसा कंप्यूटर है जो कोई भी काम करने के लिए बाइनरी नंबर (0, 1) का उपयोग करता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग अधिक मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। इस कंप्यूटर के कार्य करने की स्पीड अधिक होती है और इसकी performance भी काफी अच्छी होती है।
आधुनिक समय में डिजिटल कंप्यूटर का इस्तेमाल कई कार्य के लिए किया जाता है जैसे कि :- कैलकुलेशन करने के लिए , डेटा को स्टोर करने के लिए , डेटा को ट्रांसफर करने के लिए आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण– कैलकुलेटर, Apple Mac , IBM PC आदि।
वह कंप्यूटर जो डिजिटल डाटा को प्रोसेस करता है उसे डिजिटल कंप्यूटर कहते हैं. यह एक ऐसा कंप्यूटर है जो कोई भी काम करने के लिए बाइनरी नंबर (0, 1) का उपयोग करता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग अधिक मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। इस कंप्यूटर के कार्य करने की स्पीड अधिक होती है और इसकी performance भी काफी अच्छी होती है।
आधुनिक समय में डिजिटल कंप्यूटर का इस्तेमाल कई कार्य के लिए किया जाता है जैसे कि :- कैलकुलेशन करने के लिए , डेटा को स्टोर करने के लिए , डेटा को ट्रांसफर करने के लिए आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण– कैलकुलेटर, Apple Mac , IBM PC आदि।
6- Hybrid Computer (हाइब्रिड कंप्यूटर)
वह कंप्यूटर जिसमें डिजिटल और एनालॉग दोनों कंप्यूटरों की विशेषताएं शामिल होती है. उसे हाइब्रिड कंप्यूटर कहते हैं।
हाइब्रिड कंप्यूटर को डिजिटल और एनालॉग कंप्यूटर को आपस में मिलाकर बनाया गया है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर जटिल गणनाओ (complex calculations) को हल करने के लिए किया जाता है।
हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग पेट्रोल पम्प, हवाई जहाज, हॉस्पिटल और वैज्ञानिक कार्यों में भी किया जाता है। हाइब्रिड कंप्यूटर के उदहारण– स्पीडोमीटर, थर्मोमीटर, ऑटो गैसोलिन पंप आदि।
वह कंप्यूटर जिसमें डिजिटल और एनालॉग दोनों कंप्यूटरों की विशेषताएं शामिल होती है. उसे हाइब्रिड कंप्यूटर कहते हैं।
हाइब्रिड कंप्यूटर को डिजिटल और एनालॉग कंप्यूटर को आपस में मिलाकर बनाया गया है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर जटिल गणनाओ (complex calculations) को हल करने के लिए किया जाता है।
हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग पेट्रोल पम्प, हवाई जहाज, हॉस्पिटल और वैज्ञानिक कार्यों में भी किया जाता है। हाइब्रिड कंप्यूटर के उदहारण– स्पीडोमीटर, थर्मोमीटर, ऑटो गैसोलिन पंप आदि।
7- Super Computer (सुपर कंप्यूटर)
सुपर कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका आकार काफी बड़ा होता है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता है। यह कंप्यूटर काफी तेज होते है जो अपने कार्यो को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेते है।
सुपर कंप्यूटर का उपयोग बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। इस कंप्यूटर को दुनिया का सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर माना जाता है क्योकि इस कंप्यूटर के प्रोसेसर की performance काफी अच्छी होती है।
सुपर कंप्यूटर में हजारो प्रोसेसर आपस में जुड़े होते है जिसकी वजह से यह किसी भी कार्य को तेज गति से कर पाता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग से संबंधित कार्यो को पूरा करने के लिए किया जाता है जैसे की:- मौसम की भविष्यवाणी करना, और रिसर्च करना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण है:- परम 8000, और NUDT Tianhe-2 आदि।
सुपर कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका आकार काफी बड़ा होता है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता है। यह कंप्यूटर काफी तेज होते है जो अपने कार्यो को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेते है।
सुपर कंप्यूटर का उपयोग बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। इस कंप्यूटर को दुनिया का सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर माना जाता है क्योकि इस कंप्यूटर के प्रोसेसर की performance काफी अच्छी होती है।
सुपर कंप्यूटर में हजारो प्रोसेसर आपस में जुड़े होते है जिसकी वजह से यह किसी भी कार्य को तेज गति से कर पाता है।
इस कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग से संबंधित कार्यो को पूरा करने के लिए किया जाता है जैसे की:- मौसम की भविष्यवाणी करना, और रिसर्च करना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण है:- परम 8000, और NUDT Tianhe-2 आदि।