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Dofollow BackLink By defaults blogs में सभी Links Dofollow होते हैं. Dofollow links Link Juice Pass करता है जिसकी मदद से Search Engine Website को Easily Crawl करती है. Dofollow Backlink का मतलब है Recommendation, Support.
Nofollow Backlink Blog Post में जब किसी अन्य Website की बात आती है तो हम उसमे Nofollow Tag लगा देते हैं. ऐसा करने से Backlink तो बनता है लेकिन Search Engine का Bots उस Link को Crawl नहीं करता है मतलब Link Juice Pass नहीं होता है. Comment हमेशा Nofollow रहता है.
Internal Links ऐसे links जो Same Website के एक page को दुसरे page से link करता है और इस process को internal linking कहा जाता है. Interlinking से Bounce Rate घटता है. User Engagement बढ़ता है.
Anchor Text वह Text जिसे Hyperlink के लिए Use किया जाता है. Anchor Text Backlinks Particular keywords को Rank कराने में मदद करता है.
Link Juice Link Juice का मतलब Interlinking ही है. एक Post के अन्दर जितने भी Interlinks हैं वो सभी में Link Juice Pass करता है. इससे Search Engine bots को Crawl करना आसान होता है. Link Juice Post की Ranking के साथ – साथ DA और PA भी improve करता है. Link juice को रोकने के लिए Nofollow Tag Use किया जाता है.
Linking Root Domains Same Website से कितने Backlink किसी अन्य Website पर जा रहा है. एक Particular Website पर यदि आपके Website को Number of backlinks मिल रहा है इसका मतलब है वह Particular Website आपके Blog के लिए Linking Root Domains की तरह काम कर रहा है.
Low Quality Links Low quality Links का मतलब है Spam ! यह future में आपके Blog को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए yadi कोई Low Quality Link है तो उसे रेमोवे कर दें. एक समय था जब Low Quality Backlinks से भी Site Rank कर जाता था. लेकिन Google Penguin Algo ने Backlinks का कहानी ही बदल दिया.
BackLink क्या है और Quality Backlink कैसे बनायें?
Backlink Kya Hai aur Quality Backlink Kaise banaye in Hindi SEO के लिए बैकलिंक कितना जरूरी है यह आप समझ सकते हो. इसके मदद से एक नई वेबसाइट भी Google SERP में रैंक कर सकता है. गूगल हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए कई सेमिनार कर चुकी है और इस सेमिनार में जब कोई ब्लॉगर बैकलिंक के बारें में सवाल पूछता है तो गूगल टीम का कहना है Google Algorithm बैकलिंक नहीं चेक करती है. यहाँ कंटेंट के अनुसार ही रैंकिंग दिया जाता है. लेकिन, ऐसा नहीं है जहाँ तक मैं समझता हूँ, गूगल आज भी बैकलिंक देखता है और यदि बैकलिंक नहीं देखता तो लोग PBN के पीछे नहीं भागते।
यदि किसी नई वेबसाइट का बैकलिंक High DA PA Site से होता है तो यह जल्दी रैंक कर जाता है. यदि आप इस ब्लॉग के रेगुलर विजिटर हैं तो पता होगा Backlink Kya Hai और Backlink Kaise Banaye. लेकिन, नए लोगों को शायद नहीं पता हो यदि आप ब्लॉगर हो तो भी आपको इसके बारें में पता होगा। वैसे आज के पोस्ट में विस्तार से बात करने वाले हैं बैकलिंक क्या है कितने तरह का होता है और कैसे बनायें?
Table of Contents [hide]
• 1 बैकलिंक क्या है What is Backlink?
o 1.1 Internal Link
o 1.2 Link Juice
o 1.3 High Quality Link
o 1.4 Low Quality Link
• 2 बैकलिंक कितने तरह का होता है Types of Backlink
o 2.1 Do Follow Backlink
o 2.2 No Follow Backlink
• 3 Backlink Kaise Banaye?
• 4 You May Also Read
• 5 Conclusion Backlink Kya Hai Kaise Banaye
बैकलिंक क्या है What is Backlink?
Backlink इसके नाम से साफ़ जाहिर होता है यह कोई लिंक है जी हाँ यह एक लिंक ही है जो एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट या एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट तक जाने का रास्ता बताता है. जैसे किसी ब्लॉग पोस्ट में यदि कोई अन्य लिंक को लगाया जाये जो Anchor Text की मदद से लगाया जाता है. जब भी कोई यूजर किसी वेबपेज पर होता है तो उसे किसी रेफरेंस के लिए या उस खास टॉपिक पर ज्यादा जानकारी के लिए एक लिंक लगाया जाता है जहाँ क्लिक कर यूजर दूसरे पोस्ट या वेबसाइट तक पहुँच जाता है.
Backlink को सही से समझने के लिए कई बेसिक टर्म को समझना होगा। SEO अपने आप में बहुत बड़ा क्षेत्र है यहाँ कई प्रोसेस किया जाता है जिसमें से एक बैकलिंक है. SEO में बैकलिंक बनाने का तरीका बदल चुका है. पहले डायरेक्टरी सबमिशन और बुकमार्किंग का फर्क होता था लेकिन, अब ऐसा नहीं है. आज के समय में बैकलिंक बहुत अलग तरीका से बनाया जाता है. इन सब से पहले हम जानेंगें Basic Terms used for Backlink
Internal Link
यह भी बैकलिंक की तरह काम करता है लेकिन, यूजर यहाँ एक ही वेबसाइट के अलग अलग पेज पर घूमता रहता है. यदि किसी ब्लॉग पोस्ट पर अच्छा ट्रैफिक है तो यहाँ रिलेटेड पोस्ट का लिंक लगा सकते हो इससे दूसरे ब्लॉग पोस्ट पर भी ट्रैफिक आएगा। इंटरनल लिंक से ब्लॉग / वेबसाइट का बाउंस रेट भी कम होता है.
Link Juice
Link Juice का फायदा Do Follow Backlink मिलने पर होता है. यहाँ लिंक जूस का मतलब एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट का कनेक्शन है. जब यह लिंक Do Follow होता है तो Search Engine Boat इस लिंक की मदद से दूसरे वेबसाइट तक आता है और उसे भी क्रॉल करता है. इससे Domain Authority Improve होता है.
High Quality Link
इसे समझना बहुत जरूरी है. किस तरह का लिंक हाई क्वालिटी लिंक होता है? High Quality Backlink, High DA PA और Quality Website से मिलता है. लेकिन अब इसका तरीका बदल गया है. यह लिंक रिलेटेड वेबसाइट से है तो ज्यादा काम करेगा। अब गूगल सर्च इंजन Micro Niche Site को जल्दी रैंक दे रही है. क्यूंकि यूजर हमेशा The Best की तलाश में रहता है. ऐसे में साइट को SERP में रैंक कराने के लिए उसी वेबसाइट से बैकलिंक चाहिए जहाँ रिलेटेड पोस्ट पोस्ट हो और उसका रैंकिंग अच्छा हो.
Low Quality Link
कई बार बैकलिंक बनाते समय ब्लॉगर यह गलती कर देते हैं जहाँ से बैकलिंक नहीं लेना चाहिए वहां से बैकलिंक खरीद लेते हैं. इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट है जो बैकलिंक बेच रही है. ऐसी वेबसाइट से बैकलिंक कभी नहीं खरीदना चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया है कुछ लोग आपकी वेबसाइट को किसी पोर्न वेबसाइट के साथ जोड़ देते हैं. उनका मकसद आपका रैंकिंग ख़राब करना है अब उनकी वेबसाइट टॉप में रैंक नहीं कर रही है तो वो आपकी वेबसाइट को किसी Low Quality Backlink से जोड़ कर आपका रैंकिंग ख़राब करना चाहते हैं जिससे उनका साइट रैंक हो सके.
बैकलिंक कितने तरह का होता है Types of Backlink
बैकलिंक दो तरह का होता है – DoFollow Backlink और NoFollow Backlink दोनों का काम अलग है.
Do Follow Backlink
Dofollow Backlink, Link Juice पास करता है जिससे सर्च इंजन बोट बैकलिंक में दिए गए लिंक को भी क्रॉल करता है. सर्च इंजन रैंकिंग सही करने के लिए Do Follow Backlink जरूरी है. जब कभी Anchor Text की मदद से कोई बैकलिंक बनाया जाता है तो यह Do Follow Link होता है. इसमें कोई attribute नहीं लगा होता है.
No Follow Backlink
इससे Link Juice पास नहीं होता है. इस तरह के लिंक से Referral Traffic मिल सकता है लेकिन, Organic Traffic नहीं मिलता है. इससे SEO में कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसमें nofollow attribute लगा होता है. यदि आप भी किसी को बैकलिंक दे रहे हो और साइट पर रिलेटेड कंटेंट है तो dofollow बैकलिंक दे सकते हैं. लेकिन, यदि रिलेटेड कंटेंट नहीं है तो nofollow backlink देना चाहिए।
<a href="your website url" rel="nofollow">Link Text</a>
Backlink Kaise Banaye?
बैकलिंक बनाने से पहले सुनिश्चित कर लें जिस किसी वेबसाइट से बैकलिंक ले रहे हो उसका SEO और Spam Score क्या है. नया ब्लॉग बनाते ही उसके लिए बैकलिंक बनाने के लिए कई बार low quality backlink बना लेते हैं या खरीद लेते हैं. इससे फायदा तो कुछ होगा नहीं बल्कि, नुकसान हो जायेगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए बैकलिंक बनाने से पहले यह चेक करें इस वेबसाइट से बैकलिंक लेने में आपको फायदा है या नहीं? किसी ब्लॉग के लिए हम जितना चाहे उतना बैकलिंक बना सकते हैं. लेकिन, फालतू बैकलिंक से अच्छा है काम की वेबसाइट से कुछ ही बैकलिंक मिले। बैकलिंक कैसे बनायें तो इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया है जिससे बैकलिंक बना सकते हो.
Blog Comment
ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने के बाद सम्बंधित गूगल सर्च करो और यहाँ कमेंट करो इससे ब्लॉग का Awareness बढ़ता है. इस लिंक से कोई खास फायदा नहीं होता है क्यूंकि यह Nofollow backlink होता है. लेकिन, यह रिलेटेड लिंक है और यूजर ब्लॉग कमेंट भी पढ़ता है.
Quality Content
कोई यूजर किसी वेबसाइट क्यूँ विजिट करता है? यूजर और सर्च इंजन दोनों ही High Quality और Detail Content चाहता है. ऐसा कंटेंट जिसमें यूजर के प्रॉब्लम का समाधान हो. यदि यूजर का समस्या ख़त्म नहीं होता तो वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा नहीं आएगा। ब्लॉग्गिंग में कंटेंट ही सब कुछ है. High Quality Content के बिना SEO भी कुछ नहीं कर सकता है.
Guest Post
सभी बड़ा ब्लॉग गेस्ट पोस्ट ऑफर करता है. लोग बहुत तेजी से गेस्ट पोस्ट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन, यहाँ से मिलने वाला बैकलिंक कुछ ही दिनों तक do follow रहता है कुछ दिन बाद इसे nofollow कर देते हैं. कई बार तो ऐसा देखा गया है author Name हटाकर यहाँ गेस्ट पोस्ट लिख देते हैं. दूसरे ब्लॉगर भी unrelated Topic पर dofollow backlink नहीं देना चाहते हैं. यदि गेस्ट पोस्ट करना चाहते हैं तो अपने केटेगरी के ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट कीजिये।
सर्च इंजन कितने तरह का होता है? Search Engine Types in Hindi
Search Engine Types in Hindi सर्च इंजन कितने तरह का होता है? पिछले कई पोस्ट से लगातार सर्च इंजन के बारें में बात किया जा रहा है. सर्च इंजन से जुड़ी कई जानकारी अब तक शेयर किया जा चुका है. इस पोस्ट में हम बात करेंगें सर्च इंजन कितने तरह का होता है. क्यूंकि, एंड्राइड मोबाइल में गूगल सर्च इंजन पहले से इनस्टॉल होता है तो हम सिर्फ एक ही सर्च इंजन के बारें में जानते हैं. एंड्राइड एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है और यह गूगल का ही है. इसीलिए किसी भी मोबाइल में गूगल पहले से इनस्टॉल होता है. लेकिन, इसके अलावे भी कई सर्च इंजन है जिसके बारें में आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं.
Table of Contents [hide]
• 1 सर्च इंजन क्या है?
• 2 सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
o 2.1 Crawler-Based Search Engines
o 2.2 Web Directories
o 2.3 Hybrid Search Engines
o 2.4 Meta Search Engines
o 2.5 Some Other Search Engines
• 3 Most Popular Search Engines
• 4 You May Also Read
• 5 Conclusion Search Engine
सर्च इंजन क्या है?
सर्च इंजन क्या है? इसके बारें में एक डिटेल पोस्ट पब्लिश किया जा चुका है. सर्च इंजन एक इंटरनेट बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो यूजर को इंटरनेट पर मौजूद जानकारी से सही और सटीक जानकारी ढूंढ कर देने में मदद करता है. वास्तव में सर्च इंजन के पास कोई डाटा नहीं होता है. यह मौजूद जानकारी में से सही जानकारी इकठ्ठा कर देने का काम करती है. इन जानकारी को इकट्ठा करने के लिए सर्च इंजन बोट और क्रॉलर हमेशा काम करते रहते हैं. सर्च इंजन इन जानकारी को कई पारा मीटर पर चेक करने के बाद इसे SERP में जगह देती है.