Status Bar: ये Text Area के ठीक नीचे होता है। यहाँ पर Sheet Tab, Page Layout Selector, और Zoom Level सेट करने के ऑप्शन होते हैं।
Sheet Tab: ये Status Bar में स्थित होता है, वो भी बिलकुल बायीं तरफ यहाँ पर हम एक ही फाइल के अंदर अलग-अलग Sheet जोड़ सकते हैं। उसके लिए बस हमे एक New Sheet, Insert, Delete, Rename, Move or Copy, New Sheet बनाने के ऑप्शन मिलते हैं, जिससे आसानी से एक फाइल अंदर अनेक शीट बना सकते हैं।
Page Layout Selector: Sheet Tab के ठीक दाहिने तरफ Page Layout Selector होता है। इसका उपयोग के लिए हम शीट को अलग-अलग Layout में देख सकते हैं। जिसमे Normal, Page Layout, Page Break Preview होते हैं। जिन से अपने पेज को देख सकते हैं, और Page की सेटिंग कर सकते हैं।
Zoom Level: Page Layout Selector दाहिने तरफ Zoom Level का ऑप्शन होता है। इस के जरिए Sheet को हम छोटे आकर में Adjust कर के देख सकते हैं। जब Sheet बहुत बड़ी आकर की हो जाती है, तो फिर ये ऑप्शन हमारे बहुत काम का है।
Excel मे Pivot Table क्या है? Pivot Table in Excel in Hindi: दोस्तों, Pivot Table Excel का बहुत ही उपयोगी और जरूरी फीचर होता है जिसके बारे बहुत सारे लोग नहीं जानते। Excel मे Pivot Table का इस्तेमाल Data Analyze करने या MIS मे रिपोर्ट बनाने के लिए काफी ज्यादा होता है।
Excel मे Pivot Table का एक बहुत ही उपयोगी और शक्तिशाली फीचर हैं। Pivot Table की मदत आप एक बड़े, विस्तृत डेटा सेट से महत्वपूर्ण जानकारी को आसानी ऐनलाइज़ कर सकते है।
Pivot Table आपको Excel मे बड़े डेटा सेट को संक्षेप में प्रस्तुत (summarize) करने और समझने में मदद करत है। Pivot Table को सीखना बहुत ही आसान है।
Excel मे Pivot Table का एक बहुत ही उपयोगी और शक्तिशाली फीचर हैं। Pivot Table की मदत आप एक बड़े, विस्तृत डेटा सेट से महत्वपूर्ण जानकारी को आसानी ऐनलाइज़ कर सकते है।
Pivot Table आपको Excel मे बड़े डेटा सेट को संक्षेप में प्रस्तुत (summarize) करने और समझने में मदद करत है। Pivot Table को सीखना बहुत ही आसान है।
PivotTable डेटा की गणना (Data Calculation), सारांश (summarize) और विश्लेषण (Analyze) करने के लिए एक पाउअर्फल टूल है जो आपको अपने डेटा में तुलना (comparison), पैटर्न (Pattern) और रुझान (trends) देखने मे मदत करता है।
मेरे पास एक Excel Files है जोकि एक तरह की sales report है। जिसमे आपको Brand, Year, week, Month, Region, State, City, Name, Quantity और Amount दिया गया है।
अब हम इस Data का Pivot Table बनाएंगे और अपनी जरूरत के अनुसार Data को समराइज़ और ऐनलाइज़ करेंगे।
सबसे पहले हम अपने Data को पूरा सिलेक्ट कर लेंगे। आप चाहे तो मैनूअली या फिर CTRL + A से Select All भी कर सकते है।
Data को Select करने के बाद Pivot Table को add करने के लिए आप Insert > Pivot Table > From Table/Range पे क्लिक करें।
या फिर आप शॉर्टकट कीज ALT + N + V का भी इस्तेमाल कर सकते है।
अब आपके सामने एक Pivot table का विंडो आ जाएगा जिसमे आपको निम्न स्टेप को फॉलो करना है:
Select a table or range
Table/Range: यहाँ आपने जो range सिलेक्ट की है उसे बताएगा। आप चाहे तो अनपी जरूरत के अनुसार range को बदल भी सकते है।
Choose where you want the PivotTable to be placed
New worksheet: यदि आप PivotTable को नई वर्क्शीट मे जोड़ना चाहते है तो इस ऑप्शन का इस्तेमाल करें।
Existing worksheet: यदि आप PivotTable को किसी पुराने वर्क्शीट मे जोड़ना चाहते है तो इस ऑप्शन का इस्तेमाल करें।और आपको Ok पे क्लिक देना हैं।
मैं नई वर्क्शीट मे Pivot Table बनाना चाहता हु इसीलिए मैं New Worksheet को सिलेक्ट करते हु Ok पे क्लिक रहा हूँ।
अब Excel मे आपको Pivot का व्यू देखने को मिलेगा। अब हमे हमारी रिपोर्ट के अनुसार Pivot Table फील्ड मे फील्ड्स जोड़नी होगी जिसके बाद हम जरूरत के अनुसार अपनी रिपोर्ट तैयार कर पाए।
मेरे पास एक Excel Files है जोकि एक तरह की sales report है। जिसमे आपको Brand, Year, week, Month, Region, State, City, Name, Quantity और Amount दिया गया है।
अब हम इस Data का Pivot Table बनाएंगे और अपनी जरूरत के अनुसार Data को समराइज़ और ऐनलाइज़ करेंगे।
सबसे पहले हम अपने Data को पूरा सिलेक्ट कर लेंगे। आप चाहे तो मैनूअली या फिर CTRL + A से Select All भी कर सकते है।
Data को Select करने के बाद Pivot Table को add करने के लिए आप Insert > Pivot Table > From Table/Range पे क्लिक करें।
या फिर आप शॉर्टकट कीज ALT + N + V का भी इस्तेमाल कर सकते है।
अब आपके सामने एक Pivot table का विंडो आ जाएगा जिसमे आपको निम्न स्टेप को फॉलो करना है:
Select a table or range
Table/Range: यहाँ आपने जो range सिलेक्ट की है उसे बताएगा। आप चाहे तो अनपी जरूरत के अनुसार range को बदल भी सकते है।
Choose where you want the PivotTable to be placed
New worksheet: यदि आप PivotTable को नई वर्क्शीट मे जोड़ना चाहते है तो इस ऑप्शन का इस्तेमाल करें।
Existing worksheet: यदि आप PivotTable को किसी पुराने वर्क्शीट मे जोड़ना चाहते है तो इस ऑप्शन का इस्तेमाल करें।और आपको Ok पे क्लिक देना हैं।
मैं नई वर्क्शीट मे Pivot Table बनाना चाहता हु इसीलिए मैं New Worksheet को सिलेक्ट करते हु Ok पे क्लिक रहा हूँ।
अब Excel मे आपको Pivot का व्यू देखने को मिलेगा। अब हमे हमारी रिपोर्ट के अनुसार Pivot Table फील्ड मे फील्ड्स जोड़नी होगी जिसके बाद हम जरूरत के अनुसार अपनी रिपोर्ट तैयार कर पाए।
Pivot Table Field क्या होती है?
लेकिन उससे पहले समझते है कि Pivot Table field क्या होती है?
Pivot Table बनाने के बाद, आप फ़ील्ड की सूची दिखेगी । आप Pivot Table के Fields को जोड़कर और व्यवस्थित करके उसका डिज़ाइन बदल सकते हैं। यदि आप Pivot Table में दिखाए गए डेटा के कॉलम को सॉर्ट या फ़िल्टर करना चाहते हैं, तो Pivot Table में डेटा सॉर्ट करें और Pivot Table में डेटा फ़िल्टर करके देख सकते है।
आप Pivot Table मे निम्न प्रकार की फील्ड को जोड़ सकते है: (जिसे आप नीचे इमेज मे देख पाएंगे।)
Filter: Filter फ़ील्ड Pivot Table के सबसे ऊपर शीर्ष-स्तरीय रिपोर्ट मे फ़िल्टर के रूप में दिखाए जाते हैं
Column: Column फ़ील्ड को Pivot Table के शीर्ष पर Column लेबल के रूप में दिखाया जाता है
Row: Pivot Table के बाईं ओर Row फ़ील्ड को Row लेबल के रूप में दिखाया जाता है,
Values: Value फ़ील्ड को Pivot Table में संक्षेपित संख्यात्मक मानों (summarized numeric values) के रूप में दिखाया जाता है
लेकिन उससे पहले समझते है कि Pivot Table field क्या होती है?
Pivot Table बनाने के बाद, आप फ़ील्ड की सूची दिखेगी । आप Pivot Table के Fields को जोड़कर और व्यवस्थित करके उसका डिज़ाइन बदल सकते हैं। यदि आप Pivot Table में दिखाए गए डेटा के कॉलम को सॉर्ट या फ़िल्टर करना चाहते हैं, तो Pivot Table में डेटा सॉर्ट करें और Pivot Table में डेटा फ़िल्टर करके देख सकते है।
आप Pivot Table मे निम्न प्रकार की फील्ड को जोड़ सकते है: (जिसे आप नीचे इमेज मे देख पाएंगे।)
Filter: Filter फ़ील्ड Pivot Table के सबसे ऊपर शीर्ष-स्तरीय रिपोर्ट मे फ़िल्टर के रूप में दिखाए जाते हैं
Column: Column फ़ील्ड को Pivot Table के शीर्ष पर Column लेबल के रूप में दिखाया जाता है
Row: Pivot Table के बाईं ओर Row फ़ील्ड को Row लेबल के रूप में दिखाया जाता है,
Values: Value फ़ील्ड को Pivot Table में संक्षेपित संख्यात्मक मानों (summarized numeric values) के रूप में दिखाया जाता है
Create Report in Pivot Table
Excel मे Pivot Table के अंदर Report कैसे बनाते है?
चलिए ब Pivot Table मे कुछ report बनाते है। तो मैं Pivot Table मे निम्न प्रकार की report बनाना चाहता हूँ:
Total Sold Quantity of Each Product
Total Sold Amount of Each Product
States wise sales report
Top 10 states wise sales report
City wise sales report
Top 10 city wise sales report
Top 5 states sales revenue
Top 5 city sales revenue
Excel मे Pivot Table के अंदर Report कैसे बनाते है?
चलिए ब Pivot Table मे कुछ report बनाते है। तो मैं Pivot Table मे निम्न प्रकार की report बनाना चाहता हूँ:
Total Sold Quantity of Each Product
Total Sold Amount of Each Product
States wise sales report
Top 10 states wise sales report
City wise sales report
Top 10 city wise sales report
Top 5 states sales revenue
Top 5 city sales revenue
Report 1: Total Sold Quantity of Each Product
इस रिपोर्ट मे हमें हर एक प्रोडक्ट की टोटल बेची गई Quantity को निकालना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम BRAND को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे कुल बेचे गए Quantity का Total मिल जाएगा।
इस रिपोर्ट मे हमें हर एक प्रोडक्ट की टोटल बेची गई Quantity को निकालना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम BRAND को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे कुल बेचे गए Quantity का Total मिल जाएगा।
Report 2:Total Sold Amount of Each Product
यह बिलकुल ऊपर बनाए गए रिपोर्ट कि तरह है बस हमे Quanity कि जगह Amount कि field को value मे ऐड करना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम BRAND को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम AMT के field को ऐड करेंगे जिससे कुल बेचे गए product का amount का Total मिल जाएगा।
यह बिलकुल ऊपर बनाए गए रिपोर्ट कि तरह है बस हमे Quanity कि जगह Amount कि field को value मे ऐड करना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम BRAND को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम AMT के field को ऐड करेंगे जिससे कुल बेचे गए product का amount का Total मिल जाएगा।
Report 3: States wise sales report
अब यहाँ हमे State wise report निकालने को बोला गया है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम State को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे हर State मे कुल बेचे गए product की Quantity मिल जाएगी।
अब यहाँ हमे State wise report निकालने को बोला गया है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम State को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे हर State मे कुल बेचे गए product की Quantity मिल जाएगी।
Report 4: Top 10 States wise sales report
ये रिपोर्ट बिल्कुल Report 3 की तरह ही है बस हमे यह Top 10 state के ही sales report निकालना है जिसके हम ऊपर की report 3 को ही कॉपी करेंगे या same उसी की तरह रिपोर्ट बनाएंगे।
उसके Top 10 State कि Report के लिए हम State पे Filter लगाएंगे यानि जो State कि लिस्ट Row Label मे दिख रही है उसपे हमे Filter लगाते हुए Top 10 state को लेके आएंगे। जिसके लिए नीचे दिए स्टेप को फॉलो करने कि जरूरत पड़ेगी।
सबसे पहले हम Row Label के पास दिख रहे Filter icon पे क्लिक करेंगे
और फिर Value Filter इस ऑप्शन को चुनेंगे
Value Filter के अंदर हमे सबसे आखिर मे Top 10 यह ऑप्शन मिलेगा जिसे हम Select करेंगे और Ok पे क्लिक करेंगे।
अब देखेंगे की आपकी report मे Top 10 State की Sales Report आ जाएगी।
ये रिपोर्ट बिल्कुल Report 3 की तरह ही है बस हमे यह Top 10 state के ही sales report निकालना है जिसके हम ऊपर की report 3 को ही कॉपी करेंगे या same उसी की तरह रिपोर्ट बनाएंगे।
उसके Top 10 State कि Report के लिए हम State पे Filter लगाएंगे यानि जो State कि लिस्ट Row Label मे दिख रही है उसपे हमे Filter लगाते हुए Top 10 state को लेके आएंगे। जिसके लिए नीचे दिए स्टेप को फॉलो करने कि जरूरत पड़ेगी।
सबसे पहले हम Row Label के पास दिख रहे Filter icon पे क्लिक करेंगे
और फिर Value Filter इस ऑप्शन को चुनेंगे
Value Filter के अंदर हमे सबसे आखिर मे Top 10 यह ऑप्शन मिलेगा जिसे हम Select करेंगे और Ok पे क्लिक करेंगे।
अब देखेंगे की आपकी report मे Top 10 State की Sales Report आ जाएगी।
Report 5: City wise sales report
अब यहाँ हमे City wise report निकालने को बोला गया है। यह बिल्कुल State वाले रिपोर्ट कि तरह है बस हमे Row Field मे State कि जगह City को add करना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम CITY को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे हर City मे कुल बेचे गए product quantity मिल जाएगी।
City wise report in pivot table in excel
अब यहाँ हमे City wise report निकालने को बोला गया है। यह बिल्कुल State वाले रिपोर्ट कि तरह है बस हमे Row Field मे State कि जगह City को add करना है। जिसके लिए हम नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करेंगे
Row: Row की Field मे हम CITY को Add करेंगे जो हमे बेचे गए product की लिस्ट को Row Label मे दिखाएगा।
Values: यहाँ हम QTY के field को ऐड करेंगे जिससे हर City मे कुल बेचे गए product quantity मिल जाएगी।
City wise report in pivot table in excel
Report 6: Top 10 City wise sales report
ये रिपोर्ट बिल्कुल Report 5 की तरह ही है बस हमे यह Top 10 City के ही sales report निकालना है जिसके हम ऊपर की report 5 को ही कॉपी करेंगे या same उसी की तरह रिपोर्ट बनाएंगे।
उसके Top 10 City के Report के लिए हम City पे Filter लगाएंगे यानि जो City की लिस्ट Row Label मे दिख रही है उसपे हमे Filter लगाते हुए Top 10 City को लेके आएंगे। जिसके लिए नीचे दिए स्टेप को फॉलो करने कि जरूरत पड़ेगी।
सबसे पहले हम Row Label के पास दिख रहे Filter icon पे क्लिक करेंगे
और फिर Value Filter इस ऑप्शन को चुनेंगे
Value Filter के अंदर हमे सबसे आखिर मे Top 10 यह ऑप्शन मिलेगा जिसे हम Select करेंगे और Ok पे क्लिक करेंगे।
अब देखेंगे की आपकी report मे Top 10 State की City Report आ जाएगी।
ये रिपोर्ट बिल्कुल Report 5 की तरह ही है बस हमे यह Top 10 City के ही sales report निकालना है जिसके हम ऊपर की report 5 को ही कॉपी करेंगे या same उसी की तरह रिपोर्ट बनाएंगे।
उसके Top 10 City के Report के लिए हम City पे Filter लगाएंगे यानि जो City की लिस्ट Row Label मे दिख रही है उसपे हमे Filter लगाते हुए Top 10 City को लेके आएंगे। जिसके लिए नीचे दिए स्टेप को फॉलो करने कि जरूरत पड़ेगी।
सबसे पहले हम Row Label के पास दिख रहे Filter icon पे क्लिक करेंगे
और फिर Value Filter इस ऑप्शन को चुनेंगे
Value Filter के अंदर हमे सबसे आखिर मे Top 10 यह ऑप्शन मिलेगा जिसे हम Select करेंगे और Ok पे क्लिक करेंगे।
अब देखेंगे की आपकी report मे Top 10 State की City Report आ जाएगी।
What is Data Table in Excel
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।
What is Data Table in Excel
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।हमने अभी 500000 रुपये पे EMI CALCULATE किया है, लेकिन हम यह पता करने चाहते हैं कि अगर Loan का amount 500000 से 9000000 होता हैं और जो loan के महीने हैं वो 12 से 168 महीने तक होते हैं तो हमे कितना EMI भरना पड़ेगा।
अब यदि हम इसे एक एक करके चेक करे तो काफी समय चल जाएगा। ऐसे मे Data Table excel मे बहुत ही जबरदस्त फीचर है जो एक ही बार मे आसानी से अलग अलग प्रकार के आउट्पुट हमे ला कर दिखा सकता हैं।
चलिए data table को इस्तेमाल करते हैं इसके लिए आपको नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना हैं।
पहले आपको डाटा को organize करना होगा है जैसा कि आप नीचे देख पा रहे हैं।
जैसे कि Cell C4 में मैंने EMI को कैलकुलेट किया है। जिसमे EMI ऊपर दिए गए Interest Rate = C1 cell, Loan Amount = C2 cell, और Loan Period = C3 cell मे हैं।
हम सिर्फ Loan amount और Loan Period को चेंज करके देखना चाहते हैं कि EMI कितना होगा इसीलिए हमने Row मे अलग अलग Loan Amount लिखे हैं और Column मे अलग अलग Loan Period लिखें हैं।
अब C4 से M14 तक के सेल को सिलेक्ट करे। ध्यान दे की पहली सेल वह सेल हो जिसमे कोई फार्मूला लगा हो और आप उसी फार्मूला की वैल्यू को चेंज करके अलग अलग रिजल्ट पा सके।
Data tab फिर WHAT IF ANALYSIS पे क्लिक कीजिये
DATA TABLE इस ऑप्शन पे क्लिक कीजिये
अब एक Data Table डायलॉग बॉक्स ओपन होगा
उसमे पहले Row Input cell में C3 सेलेक्ट कीजिये जोकि Loan Period होगी।
और Column Input cell में C2 सिलेक्ट कीजिये जोकि Loan Amount होगा।
अब OK कीजिये और रिजल्ट देखिये आपको सारे EMI एक साथ आपको मिल जाएंगे और आप चेक कर पाएंगे कि कितने Loan Amount और Loan Period पे हमे कितना EMI देना होगा।
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।
Excel में data table एक formula के एक या दो इनपुट को बदलकर प्राप्त विभिन्न आउटपुट का अध्ययन करने में मदद करता है। एक data table किसी formula के दो से अधिक इनपुट को बदलने की अनुमति नहीं देती है। हालाँकि, इन दो इनपुट में जितने चाहें उतने संभावित वैल्यू (प्रयोग किए जाने के लिए) हो सकते हैं।
Data table, cells की range होती है जिसमें आप कुछ cells की वैल्यू को बदल सकते हैं और किसी एक प्रॉब्लेम के अलग अलग सोल्यूशंस को चेक कर सकते हैं।
Excel में Data Table, Scenarios और Goal Seek के साथ What-If Analysis का पार्ट हैं।हमने अभी 500000 रुपये पे EMI CALCULATE किया है, लेकिन हम यह पता करने चाहते हैं कि अगर Loan का amount 500000 से 9000000 होता हैं और जो loan के महीने हैं वो 12 से 168 महीने तक होते हैं तो हमे कितना EMI भरना पड़ेगा।
अब यदि हम इसे एक एक करके चेक करे तो काफी समय चल जाएगा। ऐसे मे Data Table excel मे बहुत ही जबरदस्त फीचर है जो एक ही बार मे आसानी से अलग अलग प्रकार के आउट्पुट हमे ला कर दिखा सकता हैं।
चलिए data table को इस्तेमाल करते हैं इसके लिए आपको नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना हैं।
पहले आपको डाटा को organize करना होगा है जैसा कि आप नीचे देख पा रहे हैं।
जैसे कि Cell C4 में मैंने EMI को कैलकुलेट किया है। जिसमे EMI ऊपर दिए गए Interest Rate = C1 cell, Loan Amount = C2 cell, और Loan Period = C3 cell मे हैं।
हम सिर्फ Loan amount और Loan Period को चेंज करके देखना चाहते हैं कि EMI कितना होगा इसीलिए हमने Row मे अलग अलग Loan Amount लिखे हैं और Column मे अलग अलग Loan Period लिखें हैं।
अब C4 से M14 तक के सेल को सिलेक्ट करे। ध्यान दे की पहली सेल वह सेल हो जिसमे कोई फार्मूला लगा हो और आप उसी फार्मूला की वैल्यू को चेंज करके अलग अलग रिजल्ट पा सके।
Data tab फिर WHAT IF ANALYSIS पे क्लिक कीजिये
DATA TABLE इस ऑप्शन पे क्लिक कीजिये
अब एक Data Table डायलॉग बॉक्स ओपन होगा
उसमे पहले Row Input cell में C3 सेलेक्ट कीजिये जोकि Loan Period होगी।
और Column Input cell में C2 सिलेक्ट कीजिये जोकि Loan Amount होगा।
अब OK कीजिये और रिजल्ट देखिये आपको सारे EMI एक साथ आपको मिल जाएंगे और आप चेक कर पाएंगे कि कितने Loan Amount और Loan Period पे हमे कितना EMI देना होगा।
MS Excel में DATEDIF Function क्या है?
DATEDIF Function का उपयोग हम किन्ही दो दिनांक के बीच के अंतर को निकालने के लिए करते हैं।
जिसे DATEDIF फंगक्शन हमें वर्ष (year), महीने (month) और दिन (day) के रूप मे बताता हैं।
Excel आपको अन्य Function की तरह DATEDIF के लिए argument को भरने में मदद नहीं करता हैं, लेकिन सही तरीके से syntax मे argument देते हैं तो यह काम करेगा।
यह बाकी Excel Function की तरह सामान्य तौर Syntax नहीं दिखाता हैं, लेकिन आप इसका सही तरीके से इस्तेमाल करके अपना रिजल्ट पा सकते हैं।
DATEDIF Function Syntax
=Datedif(start_date,end_date,format_type)
start_date: यहाँ पे आपको start date देना होता हैं।
end_date: यहाँ पे आपको end date देना होता हैं।
format_Type: Format Type में आपको Year, Year of Month और Month day लिखना होता हैं।
Y: Y मतलब Years होता है, दोनों date के बिच के Total Year निकालने के लिए इस्तेमाल करते है |
M: दोनों Date के बिच के Total Month निकालने के लिए इस्तेमाल करते है |
D: दोनों Date के बिच के Total Month of Day निकलने के लिए इस्तेमाल करते है |
DATEDIF Function का उपयोग हम किन्ही दो दिनांक के बीच के अंतर को निकालने के लिए करते हैं।
जिसे DATEDIF फंगक्शन हमें वर्ष (year), महीने (month) और दिन (day) के रूप मे बताता हैं।
Excel आपको अन्य Function की तरह DATEDIF के लिए argument को भरने में मदद नहीं करता हैं, लेकिन सही तरीके से syntax मे argument देते हैं तो यह काम करेगा।
यह बाकी Excel Function की तरह सामान्य तौर Syntax नहीं दिखाता हैं, लेकिन आप इसका सही तरीके से इस्तेमाल करके अपना रिजल्ट पा सकते हैं।
DATEDIF Function Syntax
=Datedif(start_date,end_date,format_type)
start_date: यहाँ पे आपको start date देना होता हैं।
end_date: यहाँ पे आपको end date देना होता हैं।
format_Type: Format Type में आपको Year, Year of Month और Month day लिखना होता हैं।
Y: Y मतलब Years होता है, दोनों date के बिच के Total Year निकालने के लिए इस्तेमाल करते है |
M: दोनों Date के बिच के Total Month निकालने के लिए इस्तेमाल करते है |
D: दोनों Date के बिच के Total Month of Day निकलने के लिए इस्तेमाल करते है |
Example of DATEDIF Function in excel
चलिए इसे उदाहरण के साथ समझते हैं। हमारे पास एक डाटा हैं जिसमे कुछ Project दिए गए हैं और हर Project की Start date यानि वह project कब शुरू हुआ और End date यानि वह Project कब खत्म हुआ उसकी date दी गई हैं।
अब हमें पता करना हैं कि इन प्रोजेक्ट को पूरा होने मे कुल कितने साल लगे? और इसी तरह महीने और दिन इनका भी calculate करना हैं।
DATEDIF function in excel
तो ऐसी स्थिति में हम DATEDIF Function का इस्तेमाल कर सकते हैं और हम अगले सेल मे Total Years, months और days फाइंड करेंगे |
तो हमने यहाँ DATEDIF function का इस्तेमाल किया और अपना रिजल्ट निकाला।
और आपको ध्यान देना हैं कि बाकी Excel function कि तरह Excel मे DATEDIF function के syntax नहीं दिखते हैं। तो आपको ध्यान से इनके syntax को याद करना हैं और सही तरीके से syntax को देना हैं।
No of Year को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“Y”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “Y” को लिखा।
No of Month को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“M”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “M” को लिखा।
No of Day को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“D”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “D” को लिखा।
चलिए इसे उदाहरण के साथ समझते हैं। हमारे पास एक डाटा हैं जिसमे कुछ Project दिए गए हैं और हर Project की Start date यानि वह project कब शुरू हुआ और End date यानि वह Project कब खत्म हुआ उसकी date दी गई हैं।
अब हमें पता करना हैं कि इन प्रोजेक्ट को पूरा होने मे कुल कितने साल लगे? और इसी तरह महीने और दिन इनका भी calculate करना हैं।
DATEDIF function in excel
तो ऐसी स्थिति में हम DATEDIF Function का इस्तेमाल कर सकते हैं और हम अगले सेल मे Total Years, months और days फाइंड करेंगे |
तो हमने यहाँ DATEDIF function का इस्तेमाल किया और अपना रिजल्ट निकाला।
और आपको ध्यान देना हैं कि बाकी Excel function कि तरह Excel मे DATEDIF function के syntax नहीं दिखते हैं। तो आपको ध्यान से इनके syntax को याद करना हैं और सही तरीके से syntax को देना हैं।
No of Year को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“Y”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “Y” को लिखा।
No of Month को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“M”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “M” को लिखा।
No of Day को निकालने के लिए =DATEDIF(B2,C2,“D”) का इस्तेमाल किया, जिसमे format type मे मैंने “D” को लिखा।
How to calculate age using date of birth in excel
चलिए अब जन्मदिन से उम्र को निकालना सीखते हैं। तो हम DATEDIF function का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तो नीचे हमे Date of Birth और Today’s Date दी गई, जिसका इस्तेमाल हम DATEDIF function मे करेंगे।
तो हमने =DATEDIF(H2,I2,”Y”) का इस्तेमाल किया जिसमे हमने Start date में हमने Date of Birth और End date में Today’s Date को इन्सर्ट किया हैं। जिससे हमे 27 Age मिल गई।
चलिए अब जन्मदिन से उम्र को निकालना सीखते हैं। तो हम DATEDIF function का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तो नीचे हमे Date of Birth और Today’s Date दी गई, जिसका इस्तेमाल हम DATEDIF function मे करेंगे।
तो हमने =DATEDIF(H2,I2,”Y”) का इस्तेमाल किया जिसमे हमने Start date में हमने Date of Birth और End date में Today’s Date को इन्सर्ट किया हैं। जिससे हमे 27 Age मिल गई।
MS Excel में AVERAGE function क्या हैं?
Excel में Average function का इस्तेमाल दो या दो से अधिक संख्या की औसत (average) निकालने के लिए किया जाता है। Excel में Average function को स्टैटिसटिकल फंक्शन (Statistical functions) की कैटेगरी में रखा जाता है।
Average Function का इस्तेमाल अक्सर नंबर्स की एवरेज यानि औसत निकालने के लिए किया जाता है। इस फंक्शन के अंदर हम चाहे नंबर्स को कोमा के साथ लिख सकते हैं या फिर हम किसी सेल रेफरेंस भी ले सकते हैं जिसके अंदर हमारा डाटा यानी नंबर अवेलेबल है।
Excel में Average function का इस्तेमाल दो या दो से अधिक संख्या की औसत (average) निकालने के लिए किया जाता है। Excel में Average function को स्टैटिसटिकल फंक्शन (Statistical functions) की कैटेगरी में रखा जाता है।
Average Function का इस्तेमाल अक्सर नंबर्स की एवरेज यानि औसत निकालने के लिए किया जाता है। इस फंक्शन के अंदर हम चाहे नंबर्स को कोमा के साथ लिख सकते हैं या फिर हम किसी सेल रेफरेंस भी ले सकते हैं जिसके अंदर हमारा डाटा यानी नंबर अवेलेबल है।