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L3 Cache
यह साइज में L1 cache और L2 cache से थोड़ी बड़ी होती है और इसकी स्पीड L1 cache और L2 cache मेमोरी से थोड़ी कम होती है। इसका आकार 1 MB से 8 MB तक होता है।
कैश मैमोरी की विशेषताएं (Characteristics of Cache Memory in Hindi)
1. Cache Memory प्राइमरी मेमोरी से भी अधिक Fast (तेज) होती है.
2. इसमें डेटा हमेशा के लिए स्टोर नहीं रहता.
3. यह बहुत कम मात्रा में data को स्टोर कर सकता है.
4. इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है.
4- Register (रजिस्टर)
रजिस्टर कंप्यूटर की सबसे छोटी मेमोरी होती है और काफी तेज होती है। Register का प्रयोग CPU के द्वारा बहुत सारे कार्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है।
जब हम कोई इनपुट कंप्यूटर को देते है तो ये इनपुट रजिस्टर में store हो जाते है और कंप्यूटर के प्रोसेसिंग के बाद जो आउटपुट मिलता है वो भी register से ही प्राप्त होता है। तो हम कह सकते है कि register का प्रयोग CPU के द्वारा data को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है।
यह मुख्य मेमोरी का हिस्सा बिलकुल नहीं है। यह मेमोरी temporary डेटा और निर्देशों को स्टोर करती है जिन निर्देशों का उपयोग तुरंत किसी कार्य को करने के लिए किया जाता है।
कंप्यूटर के कार्य करने की स्पीड उसमें मौजूद रजिस्टर की संख्या पर निर्भर होती है। अर्थात् कंप्यूटर में जितने ज्यादा रजिस्टर होंगे उतनी ही ज्यादा कंप्यूटर की स्पीड होगी.
रजिस्टर कई प्रकार के होते है जैसे :- अड्रेस रजिस्टर , प्रोग्राम काउंटर और डेटा रजिस्टर आदि।
Types of Register in Hindi – रजिस्टर के प्रकार
1- Data Register – यह एक 16-बिट रजिस्टर है जिसका उपयोग CPU के द्वारा प्रोसेस किये जाने वाले operands (variables) को स्टोर करने के लिए किया जाता है।
2- Program Counter – प्रोग्राम काउंटर एक 16 bit रजिस्टर होता है जो execute होने वाली अगली instruction (निर्देश) के address को स्टोर करके रखता है।
3- Instructor Register – यह भी एक 16-बिट रजिस्टर है जो उन निर्देशों को स्टोर करता जो main memory से प्राप्त होते है।
4- Accumulator – यह रजिस्टर 16 बिट का होता है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर के द्वारा उतपन्न (produce) आउटपुट को स्टोर करने के लिए किया जाता है।
5- Address Register – यह एक 12 बिट रजिस्टर है जिसका इस्तेमाल मेमोरी लोकेशन के address को स्टोर करने के लिए किया जाता है.
6- I/O Register – यह रजिस्टर किसी I/O डिवाइस के एड्रेस को स्टोर करता है।
Computer Memory क्या है?
कंप्यूटर मेमोरी एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होती है जिसका इस्तेमाल डेटा और सूचना को स्टोर करने के लिए किया जाता है.
कंप्यूटर की सीमाएं – Limitations of Computer in Hindi

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में Limitations of Computer in Hindi (कंप्यूटर की सीमाएं) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-
Limitations of Computer in Hindi – कंप्यूटर की सीमाएं
कंप्यूटर की बहुत सारीं सीमाएं होती हैं जिनके बारें में नीचे दिया गया है :-
1. कोई बुद्धिमत्ता नहीं (No Intellignece)
2. कोई भावना नहीं (No Feelings)
3. कम निर्णय क्षमता (Lack of Decision Making)
4. स्वयं से सीखने की क्षमता नहीं (No Learning Capability)
5. मनुष्य पर निर्भरता (Human Dependency)
6. वायरस का खतरा (Virus Threat)
7. अपडेट करने की जरुरत (Need Update)
8. बिजली पर निर्भरता (Electricity Dependent)
9. हैंग होने की समस्या (Hang Problem)
10. लागू नहीं कर सकता (Cannot Implement)
11. सामान्य बोध की कमी (Lack of Common Sense)
CPU Working Process in Hindi – सीपीयू के कार्य करने की प्रक्रिया
CPU के कार्य करने की प्रक्रिया को नीचे 4 स्टेप के माध्यम से समझाया गया है:-

1- Fetch (फ़ेच)
कंप्यूटर की मेमोरी में कई प्रकार के निर्देश (instructions) स्टोर होते है। इस स्टेप में CPU निर्देश को पढ़ता है और इन्हें प्रोसेस करता है।
2- Decode (डिकोड)
सभी निर्देशों को पढ़ने के बाद CPU सभी निर्देशों को डिकोड (decode) करता है। यह निर्देशों को बाइनरी कोड में डिकोड करता है.
3- Execute (एक्सीक्यूट)
यह सीपीयू की कार्यविधि का तीसरा स्टेप है, इसमें CPU सभी निर्देशों (instructions) को execute करता है और सभी कार्य को पूरा करता है।
4- Store (स्टोर)
निर्देशों को execute करने के बाद जो डेटा प्राप्त होता है उसे सीपीयू कंप्यूटर की मेमोरी में स्टोर कर देता है।
Types of CPU in Hindi – सीपीयू के प्रकार
CPU के निम्नलिखित प्रकार है:-
1- Single Core CPU (सिंगल कोर सीपीयू)
यह एक प्रकार का सीपीयू है जिसमें केवल एक ही कोर (core) होता है। सिंगल कोर सीपीयू में एक समय में केवल एक ही कमांड या निर्देश को execute किया जा सकता है।
Single Core CPU एक समय में केवल एक ही काम को पूरा कर सकता है। सिग्नल कोर सीपीयू सबसे पुराना सीपीयू है जिसका उपयोग ज्यादातर personal (व्यक्तिगत) और official (आधिकारिक) कंप्यूटर में किया जाता है।
यह सीपीयू महंगे नहीं होते क्योकि इन्हे बनाने में ज्यादा पैसो का खर्चा नहीं आता है। परफॉरमेंस के मामले में यह कम अच्छे होते है क्योकि यह धीमी गति से कार्यो को पूरा करते है। सिंगल कोर का उदाहरण है – Intel 4004.
2- Dual Core CPU (ड्यूल कोर सीपीयू)
इस सीपीयू में दो कोर होते है जिसकी वजह से इसकी परफॉरमेंस अच्छी होती है। ड्यूल कोर सीपीयू एक ऐसा सीपीयू है जिसमे कंप्यूटर एक समय में कई कार्यो को पूरा कर सकता है।
सिंगल कोर सीपीयू की तुलना में ड्यूल कोर सीपीयू की गति तेज होती है. इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण है :- Intel Core Duo, और AMD X2 आदि।
3- Quad Core CPU (क्वाड कोर)
Quad Core CPU में चार कोर का इस्तेमाल किया जाता है। यह यूजर को multitasking की सुविधा प्रदान करता है जिसकी वजह से यूजर एक समय में एक से अधिक कार्यो को आसानी से कर सकता है। यह अन्य सीपीयू की तुलना में चार गुना तेज होते है क्योकि इसमें चार कोर लगे होते है जो इसकी काम करने की स्पीड को बढ़ाते है।
4- Hexa Core CPU (हेक्स़ा कोर सीपीयू)
हेक्सा कोर सीपीयू एक ऐसा सीपीयू होता है जिसमें 6 core लगे होते है। यह एक लोकप्रिय सीपीयू है जो quad-core और dual-core सीपीयू की तुलना में तेज गति से काम करता है।
इस सीपीयू का इस्तेमाल स्मार्टफोन में किया जाता है। यह कम समय में अधिक कार्यो को करने में सक्ष्म होता है। यह अन्य सीपीयू की तुलना में काफी महंगा होता है और यह अधिक मात्रा में बिजली भी खर्च करता है।
5- Octa Core CPU (ओक्टा कोर सीपीयू)
ओक्टा कोर सीपीयू में आठ कोर लगे होते है जिसकी वजह से इसकी काम करने की स्पीड बहुत तेज होती है। ओक्टा कोर सीपीयू का उपयोग ज्यादातर स्मार्टफोन में किया जाता है।
यह hexa core की तुलना में तेज गति से अपने कार्यो को पूरा कर सकता है। हालांकि यह काफी महंगे होते है और इन्हे ठंडा रखने के लिए कूलिंग की आवश्यकता पड़ती है।
6- Deca Core CPU (डेका कोर सीपीयू)
Deca Core में कुल 10 कोर लगे होते है जिसकी वजह से इस सीपीयू की स्पीड अन्य सभी सीपीयू से अधिक तेज होती है। डेका कोर सीपीयू यूजर को multitasking की सुविधा प्रदान करता है जिसकी वजह से यूजर एक समय में कई कार्यो को execute कर सकता है वो भी बिना किसी समस्या का सामना किये बिना।
मदरबोर्ड क्या है? – What is Motherboard in Hindi?

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में What is Motherboard in Hindi (मदरबोर्ड क्या है?) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-
Motherboard in Hindi – मदरबोर्ड क्या है?
• मदरबोर्ड कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है जिसके द्वारा कंप्यूटर के सभी उपकरण आपस में एक दुसरे के साथ जुड़े रहते हैं.
• दुसरे शब्दों में कहें तो, “मदरबोर्ड एक सर्किट बोर्ड होता है जिसकी मदद से कंप्यूटर के अन्य सभी डिवाइस आपस में एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन करते हैं.”
• मदरबोर्ड का मुख्य काम कंप्यूटर के सभी हिस्सों को आपस में जोड़ना और इन हिस्सों को बिजली सप्लाई करना होता है.
• मदरबोर्ड से सीपीयू, मेमोरी, हार्ड ड्राइव, वीडियो कार्ड, साउंड कार्ड, माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर और अन्य डिवाइस केबल के माध्यम से जुड़े रहते हैं।
• मदरबोर्ड को कंप्यूटर का हब (Hub) भी कहा जाता है क्योंकि इससे कंप्यूटर की सभी डिवाइस कनेक्ट होती हैं. मदरबोर्ड में सभी डिवाइसों को कनेक्ट करने के लिए पोर्ट मौजूद रहता है.
• मदरबोर्ड CPU के अंदर स्थित होता है और यह फाइबर ग्लास और तांबे से बना होता है.
• Motherboard अलग-अलग आकारों में आता है जिसके कारण यह आसानी से सीपीयू के अंदर सेट हो जाता है।
• प्रत्येक मदरबोर्ड में एक चिपसेट (chipsets) होता है जो सभी डिवाइसों के कनेक्शन को मैनेज करके रखता है।
• मार्किट में कई प्रकार के मदरबोर्ड उपलब्ध होते हैं जिन्हें अलग-अलग आकार के कंप्यूटर में फिट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रत्येक मदरबोर्ड सभी प्रकार की मेमोरी और सीपीयू के साथ काम करने में सक्षम नहीं होता।
• मदरबोर्ड का अविष्कार 1981 में पहली बार IBM के द्वारा किया गया था। शुरुआती दिनों में मदरबोर्ड का नाम ‘Planar’ था।
• मदरबोर्ड को Mainboard , Planner board, Logic board , System board, MOBO या MB के नाम से भी जाना जाता है।
मदरबोर्ड के कार्य – Functions of Motherboard in Hindi
Motherboard के बहुत सारें कार्य होते हैं जिनके बारें में नीचे दिया गया है:-
1:– मदरबोर्ड का प्रमुख कार्य कंप्यूटर की दूसरी सभी डिवाइसों को आपस में जोड़ना होता है.
2:- मदरबोर्ड की मदद से कंप्यूटर के अन्य डिवाइस आपस में एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन कर सकते हैं.
3:- इसका काम डिवाइसों को बिजली सप्लाई करना होता है.
4:- कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करने पर कंप्यूटर गर्म हो जाता है इसलिए कंप्यूटर को ठंडा करने का काम भी motherboard का होता है.
5:– कंप्यूटर को start और manage करने का काम भी यह करता है.
6:– इसका कार्य कंप्यूटर के सभी डिवाइसों में डेटा को send और receive करने का भी होता है.