Disadvantages of Computer in Hindi – कंप्यूटर के नुकसान
इसके नुकसान नीचे दिए गये हैं:-
1- Cyber Crime (साइबर अपराध)
कंप्यूटर में साइबर क्राइम का खतरा हमेशा बना रहता है। साइबर क्राइम का अर्थ होता है की इंटरनेट के माध्यम से कोई अपराध करना. आजकल कंप्यूटर का उपयोग डेटा की चोरी , लोगो के साथ फ्रॉड , और लोगो को ब्लैकमेल करने के लिए भी किया जाता है।
इसके नुकसान नीचे दिए गये हैं:-
1- Cyber Crime (साइबर अपराध)
कंप्यूटर में साइबर क्राइम का खतरा हमेशा बना रहता है। साइबर क्राइम का अर्थ होता है की इंटरनेट के माध्यम से कोई अपराध करना. आजकल कंप्यूटर का उपयोग डेटा की चोरी , लोगो के साथ फ्रॉड , और लोगो को ब्लैकमेल करने के लिए भी किया जाता है।
4- Human Dependent (मनुष्य पर निर्भर)
कंप्यूटर को चलाने के लिए इंसानो की आवश्यकता पड़ती है क्योकि कंप्यूटर खुद से चालू नहीं हो सकता है।
5- Health Issues (स्वास्थ्य समस्या)
कंप्यूटर को लगातार चलाने से यूजर को शरीर से समन्धित समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है जैस की :- सिर दर्द, कमर दर्द , उंगलियों में दर्द और आंख का कमजोर होना आदि।
कंप्यूटर को चलाने के लिए इंसानो की आवश्यकता पड़ती है क्योकि कंप्यूटर खुद से चालू नहीं हो सकता है।
5- Health Issues (स्वास्थ्य समस्या)
कंप्यूटर को लगातार चलाने से यूजर को शरीर से समन्धित समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है जैस की :- सिर दर्द, कमर दर्द , उंगलियों में दर्द और आंख का कमजोर होना आदि।
6- Expensive (महंगा)
कंप्यूटर काफी महंगे होते है और इन्हे मेन्टेन करने में भी काफी ज्यादा पैसे खर्च होते है।
7- Addiction (लत)
अधिक मात्रा में कंप्यूटर का उपयोग करने से कंप्यूटर की लत लग जाती है। लोग पूरा पूरा दिन कंप्यूटर के सामने बैठकर गेम खेलते रहते है , वीडियोस देखते रहते है।
कंप्यूटर काफी महंगे होते है और इन्हे मेन्टेन करने में भी काफी ज्यादा पैसे खर्च होते है।
7- Addiction (लत)
अधिक मात्रा में कंप्यूटर का उपयोग करने से कंप्यूटर की लत लग जाती है। लोग पूरा पूरा दिन कंप्यूटर के सामने बैठकर गेम खेलते रहते है , वीडियोस देखते रहते है।
कंप्यूटर की 5 पीढियां होती हैं:-
पीढ़ी समय तकनीक
पहली पीढ़ी 1940 से 1956 तक वैक्यूम ट्यूब
दूसरी पीढ़ी 1956 से 1963 तक ट्रांजिस्टर
तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 तक IC (इंटीग्रेटेड सर्किट)
चौथी पीढ़ी 1971 से 1985 तक माइक्रोप्रोसेसर
पांचवी पीढ़ी वर्तमान में मौजूद AI (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस)
इन्हें पढ़ें:–
पीढ़ी समय तकनीक
पहली पीढ़ी 1940 से 1956 तक वैक्यूम ट्यूब
दूसरी पीढ़ी 1956 से 1963 तक ट्रांजिस्टर
तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 तक IC (इंटीग्रेटेड सर्किट)
चौथी पीढ़ी 1971 से 1985 तक माइक्रोप्रोसेसर
पांचवी पीढ़ी वर्तमान में मौजूद AI (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस)
इन्हें पढ़ें:–
कंप्यूटर का जनक कौन है?
चार्ल्स बैबेज को “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) माना जाता है।
कंप्यूटर के मुख्य कार्य क्या है?
कंप्यूटर का मुख्य कार्य यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट के अनुरूप आउटपुट प्रदान करना हैं एवं आउटपुट दिए गए परिणामों में विश्वसनीयता, सटीकता एवं शुद्धता लाना हैं। कंप्यूटर का कार्य बड़ी संख्याओं को तीव्र गति से हल करना भी हैं।
चार्ल्स बैबेज को “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) माना जाता है।
कंप्यूटर के मुख्य कार्य क्या है?
कंप्यूटर का मुख्य कार्य यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट के अनुरूप आउटपुट प्रदान करना हैं एवं आउटपुट दिए गए परिणामों में विश्वसनीयता, सटीकता एवं शुद्धता लाना हैं। कंप्यूटर का कार्य बड़ी संख्याओं को तीव्र गति से हल करना भी हैं।
कंप्यूटर का इतिहास – History of Computer in Hindi
हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में History of Computer in Hindi (कंप्यूटर का इतिहास) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते
हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में History of Computer in Hindi (कंप्यूटर का इतिहास) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते
History of Computer in Hindi – कंप्यूटर का इतिहास
कंप्यूटर का आविष्कार आज से लगभग 2000 हजार साल पहले हुआ था। जैसे जैसे समय बदला ठीक वैसे वैसे कंप्यूटर का विकास हुआ। शुरुआती दौर में गणना (calculation) करने के लिए जिस डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता था उसका नाम अबेकस (ABACUS) था।
अबेकस एक लकड़ी से बना हुआ कंप्यूटर डिवाइस था जिसमे दो तार लगे होते थे। तार के ऊपर एक वस्तु लगी होती थी जिसे घुमाकर परिणामो को प्राप्त किया जाता था।
पहले डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार ब्लेज पास्कल द्वारा 1642 ई. में किया गया। इसमें नंबर लगा होता था जिसे डायल करना पड़ता था। लेकिन यह केवल जोड़ने का ही कार्य कर सकता था। वर्ष 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा पहले यांत्रिक कंप्यूटर (mechanical computer) को विकसित किया गया।
कंप्यूटर का आविष्कार आज से लगभग 2000 हजार साल पहले हुआ था। जैसे जैसे समय बदला ठीक वैसे वैसे कंप्यूटर का विकास हुआ। शुरुआती दौर में गणना (calculation) करने के लिए जिस डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता था उसका नाम अबेकस (ABACUS) था।
अबेकस एक लकड़ी से बना हुआ कंप्यूटर डिवाइस था जिसमे दो तार लगे होते थे। तार के ऊपर एक वस्तु लगी होती थी जिसे घुमाकर परिणामो को प्राप्त किया जाता था।
पहले डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार ब्लेज पास्कल द्वारा 1642 ई. में किया गया। इसमें नंबर लगा होता था जिसे डायल करना पड़ता था। लेकिन यह केवल जोड़ने का ही कार्य कर सकता था। वर्ष 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा पहले यांत्रिक कंप्यूटर (mechanical computer) को विकसित किया गया।
नीचे कंप्यूटर के इतिहास को बिन्दुओं के आधार पर बताया गया हैं:-
• 2400 ईसा पूर्व अबेकस का अविष्कार हुआ था.
• 1800 ईसा पूर्व अल्गोरिथ्म (algorithm) को विकसित किया गया.
• 200 ईसा पूर्व में जापान में कंप्यूटिंग ट्रे (computing tray) का इस्तेमाल शुरू हुआ.
• वर्ष 1624 में हीडबर्ग विश्वविद्यालय के विल्हेम सिकार्ड ने कैलकुलेटर-घड़ी का आविष्कार किया.
• वर्ष 1642 में पेरिस के ब्लेज पास्कल ने पहले डिजिटल कंप्यूटर का अविष्कार किया.
• वर्ष 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा पहले यांत्रिक कंप्यूटर (mechanical computer) को विकसित किया गया.
• वर्ष 1876 ई. में अलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया.
• वर्ष 1886 में विलियम बरौग ने यांत्रिकीय गणना मशीन को विकसित किया.
• वर्ष 1931 में जर्मनी के कोनार्ड ज्यूस ने सबसे पहला कैलकुलेटर बनाया।
• वर्ष 1940 में टेलीविजन में रंगीन (coloured) प्रसारण शुरू हुआ.
• वर्ष 1948 में IBM के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर का निर्माण किया गया.
• वर्ष 1953 में प्रिंटर को विकसित किया गया.
• वर्ष 1958 में सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का अविष्कार किया गया.
• वर्ष 1968 में पहले मिनी कंप्यूटर (PDP-8) को विकसित किया गया.
• 1972 में INTEL ने माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण किया.
• 1977 में apple ने पर्सनल कंप्यूटर का निर्माण किया.
• 1980 में अमेरिका में 10 लाख से भी ज्यादा कंप्यूटर हो गये थे.
• 1983 में अमेरिका में कंप्यूटर की संख्या 1 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी थी.
• 1985 में अमेरिका में कंप्यूटर की संख्या 3 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी थी.
• वर्ष 1992 में माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का अविष्कार किया.
• 2400 ईसा पूर्व अबेकस का अविष्कार हुआ था.
• 1800 ईसा पूर्व अल्गोरिथ्म (algorithm) को विकसित किया गया.
• 200 ईसा पूर्व में जापान में कंप्यूटिंग ट्रे (computing tray) का इस्तेमाल शुरू हुआ.
• वर्ष 1624 में हीडबर्ग विश्वविद्यालय के विल्हेम सिकार्ड ने कैलकुलेटर-घड़ी का आविष्कार किया.
• वर्ष 1642 में पेरिस के ब्लेज पास्कल ने पहले डिजिटल कंप्यूटर का अविष्कार किया.
• वर्ष 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा पहले यांत्रिक कंप्यूटर (mechanical computer) को विकसित किया गया.
• वर्ष 1876 ई. में अलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया.
• वर्ष 1886 में विलियम बरौग ने यांत्रिकीय गणना मशीन को विकसित किया.
• वर्ष 1931 में जर्मनी के कोनार्ड ज्यूस ने सबसे पहला कैलकुलेटर बनाया।
• वर्ष 1940 में टेलीविजन में रंगीन (coloured) प्रसारण शुरू हुआ.
• वर्ष 1948 में IBM के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर का निर्माण किया गया.
• वर्ष 1953 में प्रिंटर को विकसित किया गया.
• वर्ष 1958 में सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का अविष्कार किया गया.
• वर्ष 1968 में पहले मिनी कंप्यूटर (PDP-8) को विकसित किया गया.
• 1972 में INTEL ने माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण किया.
• 1977 में apple ने पर्सनल कंप्यूटर का निर्माण किया.
• 1980 में अमेरिका में 10 लाख से भी ज्यादा कंप्यूटर हो गये थे.
• 1983 में अमेरिका में कंप्यूटर की संख्या 1 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी थी.
• 1985 में अमेरिका में कंप्यूटर की संख्या 3 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी थी.
• वर्ष 1992 में माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का अविष्कार किया.
1- ABACUS (अबेकस)
अबेकस कंप्यूटर के इतिहास का सबसे पुराना डिवाइस है इसे 2400 ईसा पूर्व चीनियों (Chinese) के द्वारा बनाया गया था। यह एक लकड़ी का बॉक्स था जिसमे धातु से बनी रोड का उपयोग किया जाता था जिसमे मोतियों की माला लगी होती थी।
इसमें धातु की rod (रोड) में मोतियों को डाला जाता था और कुछ नियमो द्वारा इसका उपयोग गणना करने के लिए किया जाता था। आज के समय में भी अबैकस कंप्यूटर का उपयोग चीन, रूस और जापान जैसे कुछ देशों में किया जाता है।
ABACUS का पूरा नाम Abundant Beads, Addition and Calculation Utility System होता है. इसका इस्तेमाल जोड़, घटाना, गुणा, और भाग करने के लिए किया जाता है.
अबेकस कंप्यूटर के इतिहास का सबसे पुराना डिवाइस है इसे 2400 ईसा पूर्व चीनियों (Chinese) के द्वारा बनाया गया था। यह एक लकड़ी का बॉक्स था जिसमे धातु से बनी रोड का उपयोग किया जाता था जिसमे मोतियों की माला लगी होती थी।
इसमें धातु की rod (रोड) में मोतियों को डाला जाता था और कुछ नियमो द्वारा इसका उपयोग गणना करने के लिए किया जाता था। आज के समय में भी अबैकस कंप्यूटर का उपयोग चीन, रूस और जापान जैसे कुछ देशों में किया जाता है।
ABACUS का पूरा नाम Abundant Beads, Addition and Calculation Utility System होता है. इसका इस्तेमाल जोड़, घटाना, गुणा, और भाग करने के लिए किया जाता है.
2- Napier’s Bones (नेपीयर की हड्डी)
Napier Bone एक कंप्यूटर डिवाइस है जिसे हाथों के द्वारा चलाया जाता है। Napier’s Bones का आविष्कार जॉन नेपियर के द्वारा किया गया था। इस कंप्यूटर का आविष्कार वर्ष (1550-1617) के बीच हुआ था।
यह उस समय दशमलव बिंदु का उपयोग करने वाली पहली मशीन थी। इस डिवाइस को बनाने में नेपियर ने हाथी के दांत वाली पट्टी का इस्तेमाल किया था जो गणना करने में मदद करती थी।
Napier Bone एक कंप्यूटर डिवाइस है जिसे हाथों के द्वारा चलाया जाता है। Napier’s Bones का आविष्कार जॉन नेपियर के द्वारा किया गया था। इस कंप्यूटर का आविष्कार वर्ष (1550-1617) के बीच हुआ था।
यह उस समय दशमलव बिंदु का उपयोग करने वाली पहली मशीन थी। इस डिवाइस को बनाने में नेपियर ने हाथी के दांत वाली पट्टी का इस्तेमाल किया था जो गणना करने में मदद करती थी।
3- Pascaline (पास्कलाइन)
Pascaline पहला यांत्रिक कैलकुलेटर था जिसका आविष्कार 1642 और 1644 के बीच ब्लेज़ पास्कल के द्वारा किया गया था। यह उस समय का पहला स्वचालित कैलकुलेटर (automatic calculator) था।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल केवल जोड़ और घटाव के लिया किया जाता था। यह एक लकड़ी का बॉक्स था जिसमे पहिये लगे होते थे। इन पहियों का उपयोग जोड़ और घटाव करने के लिए किया जाता है।
Pascaline पहला यांत्रिक कैलकुलेटर था जिसका आविष्कार 1642 और 1644 के बीच ब्लेज़ पास्कल के द्वारा किया गया था। यह उस समय का पहला स्वचालित कैलकुलेटर (automatic calculator) था।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल केवल जोड़ और घटाव के लिया किया जाता था। यह एक लकड़ी का बॉक्स था जिसमे पहिये लगे होते थे। इन पहियों का उपयोग जोड़ और घटाव करने के लिए किया जाता है।
4- Stepped Reckoner (स्टेपड रेकनर)
Stepped Reckoner को वर्ष 1673 में Gottfried Wilhelm Leibnitz द्वारा विकसित किया गया था। यह उस समय का एक डिजिटल मैकेनिकल कैलकुलेटर था जिसे स्टेप रेकनर के नाम से भी जाना जाता था। इसका इस्तेमाल जोड़, घटाना, गुणा और भाग करने के लिए किया जाता था.
Stepped Reckoner को वर्ष 1673 में Gottfried Wilhelm Leibnitz द्वारा विकसित किया गया था। यह उस समय का एक डिजिटल मैकेनिकल कैलकुलेटर था जिसे स्टेप रेकनर के नाम से भी जाना जाता था। इसका इस्तेमाल जोड़, घटाना, गुणा और भाग करने के लिए किया जाता था.
5- Difference Engine (डिफरेंस इंजन)
डिफरेंस इंजन का आविष्कार 1820 के दशक में हुआ था। इस डिवाइस को चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाया गया था। चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर का जनक (father) कहा जाता है क्योकि इन्ही के कारण आधुनिक कंप्यूटर का विकास हुआ।
डिफरेंस इंजन एक यांत्रिक कंप्यूटर था जिसका इस्तेमाल सरल गणना करने के लिए किया जाता था। यह कंप्यूटर भाप से चलता था जिसे लघुगणक तालिकाओं (logarithm tables) जैसी संख्याओं को हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
डिफरेंस इंजन का आविष्कार 1820 के दशक में हुआ था। इस डिवाइस को चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाया गया था। चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर का जनक (father) कहा जाता है क्योकि इन्ही के कारण आधुनिक कंप्यूटर का विकास हुआ।
डिफरेंस इंजन एक यांत्रिक कंप्यूटर था जिसका इस्तेमाल सरल गणना करने के लिए किया जाता था। यह कंप्यूटर भाप से चलता था जिसे लघुगणक तालिकाओं (logarithm tables) जैसी संख्याओं को हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
5- Difference Engine (डिफरेंस इंजन)
डिफरेंस इंजन का आविष्कार 1820 के दशक में हुआ था। इस डिवाइस को चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाया गया था। चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर का जनक (father) कहा जाता है क्योकि इन्ही के कारण आधुनिक कंप्यूटर का विकास हुआ।
डिफरेंस इंजन एक यांत्रिक कंप्यूटर था जिसका इस्तेमाल सरल गणना करने के लिए किया जाता था। यह कंप्यूटर भाप से चलता था जिसे लघुगणक तालिकाओं (logarithm tables) जैसी संख्याओं को हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
डिफरेंस इंजन का आविष्कार 1820 के दशक में हुआ था। इस डिवाइस को चार्ल्स बैबेज के द्वारा बनाया गया था। चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर का जनक (father) कहा जाता है क्योकि इन्ही के कारण आधुनिक कंप्यूटर का विकास हुआ।
डिफरेंस इंजन एक यांत्रिक कंप्यूटर था जिसका इस्तेमाल सरल गणना करने के लिए किया जाता था। यह कंप्यूटर भाप से चलता था जिसे लघुगणक तालिकाओं (logarithm tables) जैसी संख्याओं को हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
7- Tabulating Machine (टैबूलेटिंग मशीन)
यह एक ऐसी मशीन थी जिसका इस्तेमाल आकडो को रिकॉर्ड और डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता था। Tabulating Machine पंच कार्ड पर आधारित एक यांत्रिक टेबुलेटर था।
इस मशीन का इस्तेमाल पहली बार 1890 की अमेरिकी जनगणना में किया गया था। टेबुलेटिंग मशीन का आविष्कार वर्ष 1890 में हरमन होलेरिथ के द्वारा किया गया था। होलेरिथ ने एक टेबुलेटिंग मशीन कंपनी की शुरुआत भी की थी जो 1924 में इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (IBM) बन गई।
यह एक ऐसी मशीन थी जिसका इस्तेमाल आकडो को रिकॉर्ड और डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता था। Tabulating Machine पंच कार्ड पर आधारित एक यांत्रिक टेबुलेटर था।
इस मशीन का इस्तेमाल पहली बार 1890 की अमेरिकी जनगणना में किया गया था। टेबुलेटिंग मशीन का आविष्कार वर्ष 1890 में हरमन होलेरिथ के द्वारा किया गया था। होलेरिथ ने एक टेबुलेटिंग मशीन कंपनी की शुरुआत भी की थी जो 1924 में इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (IBM) बन गई।
8- Differential Analyzer (डिफरेंस एनालाइजर)
यह पहला इलक्ट्रोनिक कंप्यूटर था जिसे 1930 में अमेरिका में पेश किया गया था। इस कंप्यूटर का आविष्कार वननेवर बुश के द्वारा किया गया था।
Differential analyzer में गणना करने के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है। यह पुराने सभी कंप्यूटर से काफी तेज था जिसमे कुछ ही मिनट में 25 से भी अधिक गणनाएं की जा सकती है।
डिफरेंस एनालाइजर का इस्तेमाल विभेदक समीकरणों (differential equations) के कुछ वर्गों को हल करने के लिए किया जाता था.
यह पहला इलक्ट्रोनिक कंप्यूटर था जिसे 1930 में अमेरिका में पेश किया गया था। इस कंप्यूटर का आविष्कार वननेवर बुश के द्वारा किया गया था।
Differential analyzer में गणना करने के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है। यह पुराने सभी कंप्यूटर से काफी तेज था जिसमे कुछ ही मिनट में 25 से भी अधिक गणनाएं की जा सकती है।
डिफरेंस एनालाइजर का इस्तेमाल विभेदक समीकरणों (differential equations) के कुछ वर्गों को हल करने के लिए किया जाता था.
9- Mark I (मार्क प्रथम)
कंप्यूटर के इतिहास में अगला बड़ा बदलाव 1937 में शुरू हुआ जब हॉवर्ड ऐकेन ने एक ऐसी मशीन विकसित करने की योजना बनाई जो बड़ी संख्या की गणना कर सके।
Mark I में इनपुट/आउटपुट के लिए दो कार्ड रीडर, एक पंच कार्ड और दो टाइप राइटर का इस्तेमाल किया गया था।
कंप्यूटर के इतिहास में अगला बड़ा बदलाव 1937 में शुरू हुआ जब हॉवर्ड ऐकेन ने एक ऐसी मशीन विकसित करने की योजना बनाई जो बड़ी संख्या की गणना कर सके।
Mark I में इनपुट/आउटपुट के लिए दो कार्ड रीडर, एक पंच कार्ड और दो टाइप राइटर का इस्तेमाल किया गया था।
Block Diagram of Computer in Hindi – कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम
हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में (Block Diagram of Computer in Hindi – कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-
हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में (Block Diagram of Computer in Hindi – कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-
Block Diagram of Computer in Hindi – कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम
कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम कंप्यूटर के स्ट्रक्चर के बारें में बताता है। ब्लॉक डायग्राम हमें यह बताता है कि कंप्यूटर में कितने घटक (component) होते है और वे सभी एक दूसरे के साथ कार्य कैसे करते है।
दूसरे शब्दों में कहें तो, “कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम एक स्ट्रक्चर होता है जो कंप्यूटर की कार्यविधि के बारें में जानकारी प्रदान करता है और यह भी बताता है कि इसमें कितने components होते हैं।”
कंप्यूटर ब्लॉक डायग्राम के द्वारा हम आसानी से समझ सकते हैं कि कंप्यूटर काम कैसे करता है और वह अपनी प्रक्रिया को कैसे execute करता है।
चलिए इसे उदहारण के माध्यम से समझते है:- मान लीजिये एक यूजर ने कंप्यूटर को कुछ इनपुट दिया और बदले में उसे कुछ आउटपुट प्राप्त हुआ, इस बीच में होने वाली प्रक्रियाओं को हम इस ब्लॉक डायग्राम के माध्यम से समझ सकते है।
यह डायग्राम यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट डेटा और कंप्यूटर से प्राप्त किए गए आउटपुट डेटा को प्रस्तुत (represent) करता है।
कंप्यूटर के मुख्य रूप से 6 घटक (components) होते है: – CPU, इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, मैमोरी, ALU और CU.
कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम कंप्यूटर के स्ट्रक्चर के बारें में बताता है। ब्लॉक डायग्राम हमें यह बताता है कि कंप्यूटर में कितने घटक (component) होते है और वे सभी एक दूसरे के साथ कार्य कैसे करते है।
दूसरे शब्दों में कहें तो, “कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम एक स्ट्रक्चर होता है जो कंप्यूटर की कार्यविधि के बारें में जानकारी प्रदान करता है और यह भी बताता है कि इसमें कितने components होते हैं।”
कंप्यूटर ब्लॉक डायग्राम के द्वारा हम आसानी से समझ सकते हैं कि कंप्यूटर काम कैसे करता है और वह अपनी प्रक्रिया को कैसे execute करता है।
चलिए इसे उदहारण के माध्यम से समझते है:- मान लीजिये एक यूजर ने कंप्यूटर को कुछ इनपुट दिया और बदले में उसे कुछ आउटपुट प्राप्त हुआ, इस बीच में होने वाली प्रक्रियाओं को हम इस ब्लॉक डायग्राम के माध्यम से समझ सकते है।
यह डायग्राम यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट डेटा और कंप्यूटर से प्राप्त किए गए आउटपुट डेटा को प्रस्तुत (represent) करता है।
कंप्यूटर के मुख्य रूप से 6 घटक (components) होते है: – CPU, इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, मैमोरी, ALU और CU.