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बैकलिंक क्या है What is Backlink?
Backlink इसके नाम से साफ़ जाहिर होता है यह कोई लिंक है जी हाँ यह एक लिंक ही है जो एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट या एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट तक जाने का रास्ता बताता है. जैसे किसी ब्लॉग पोस्ट में यदि कोई अन्य लिंक को लगाया जाये जो Anchor Text की मदद से लगाया जाता है. जब भी कोई यूजर किसी वेबपेज पर होता है तो उसे किसी रेफरेंस के लिए या उस खास टॉपिक पर ज्यादा जानकारी के लिए एक लिंक लगाया जाता है जहाँ क्लिक कर यूजर दूसरे पोस्ट या वेबसाइट तक पहुँच जाता है.
Backlink को सही से समझने के लिए कई बेसिक टर्म को समझना होगा। SEO अपने आप में बहुत बड़ा क्षेत्र है यहाँ कई प्रोसेस किया जाता है जिसमें से एक बैकलिंक है. SEO में बैकलिंक बनाने का तरीका बदल चुका है. पहले डायरेक्टरी सबमिशन और बुकमार्किंग का फर्क होता था लेकिन, अब ऐसा नहीं है. आज के समय में बैकलिंक बहुत अलग तरीका से बनाया जाता है. इन सब से पहले हम जानेंगें Basic Terms used for Backlink
Internal Link
यह भी बैकलिंक की तरह काम करता है लेकिन, यूजर यहाँ एक ही वेबसाइट के अलग अलग पेज पर घूमता रहता है. यदि किसी ब्लॉग पोस्ट पर अच्छा ट्रैफिक है तो यहाँ रिलेटेड पोस्ट का लिंक लगा सकते हो इससे दूसरे ब्लॉग पोस्ट पर भी ट्रैफिक आएगा। इंटरनल लिंक से ब्लॉग / वेबसाइट का बाउंस रेट भी कम होता है.
Link Juice
Link Juice का फायदा Do Follow Backlink मिलने पर होता है. यहाँ लिंक जूस का मतलब एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट का कनेक्शन है. जब यह लिंक Do Follow होता है तो Search Engine Boat इस लिंक की मदद से दूसरे वेबसाइट तक आता है और उसे भी क्रॉल करता है. इससे Domain Authority Improve होता है.
High Quality Link
इसे समझना बहुत जरूरी है. किस तरह का लिंक हाई क्वालिटी लिंक होता है? High Quality Backlink, High DA PA और Quality Website से मिलता है. लेकिन अब इसका तरीका बदल गया है. यह लिंक रिलेटेड वेबसाइट से है तो ज्यादा काम करेगा। अब गूगल सर्च इंजन Micro Niche Site को जल्दी रैंक दे रही है. क्यूंकि यूजर हमेशा The Best की तलाश में रहता है. ऐसे में साइट को SERP में रैंक कराने के लिए उसी वेबसाइट से बैकलिंक चाहिए जहाँ रिलेटेड पोस्ट पोस्ट हो और उसका रैंकिंग अच्छा हो.
Low Quality Link
कई बार बैकलिंक बनाते समय ब्लॉगर यह गलती कर देते हैं जहाँ से बैकलिंक नहीं लेना चाहिए वहां से बैकलिंक खरीद लेते हैं. इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट है जो बैकलिंक बेच रही है. ऐसी वेबसाइट से बैकलिंक कभी नहीं खरीदना चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया है कुछ लोग आपकी वेबसाइट को किसी पोर्न वेबसाइट के साथ जोड़ देते हैं. उनका मकसद आपका रैंकिंग ख़राब करना है अब उनकी वेबसाइट टॉप में रैंक नहीं कर रही है तो वो आपकी वेबसाइट को किसी Low Quality Backlink से जोड़ कर आपका रैंकिंग ख़राब करना चाहते हैं जिससे उनका साइट रैंक हो सके.
बैकलिंक कितने तरह का होता है Types of Backlink
बैकलिंक दो तरह का होता है – DoFollow Backlink और NoFollow Backlink दोनों का काम अलग है.
Do Follow Backlink
Dofollow Backlink, Link Juice पास करता है जिससे सर्च इंजन बोट बैकलिंक में दिए गए लिंक को भी क्रॉल करता है. सर्च इंजन रैंकिंग सही करने के लिए Do Follow Backlink जरूरी है. जब कभी Anchor Text की मदद से कोई बैकलिंक बनाया जाता है तो यह Do Follow Link होता है. इसमें कोई attribute नहीं लगा होता है.
No Follow Backlink
इससे Link Juice पास नहीं होता है. इस तरह के लिंक से Referral Traffic मिल सकता है लेकिन, Organic Traffic नहीं मिलता है. इससे SEO में कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसमें nofollow attribute लगा होता है. यदि आप भी किसी को बैकलिंक दे रहे हो और साइट पर रिलेटेड कंटेंट है तो dofollow बैकलिंक दे सकते हैं. लेकिन, यदि रिलेटेड कंटेंट नहीं है तो nofollow backlink देना चाहिए।
<a href="your website url" rel="nofollow">Link Text</a>
Backlink Kaise Banaye?
बैकलिंक बनाने से पहले सुनिश्चित कर लें जिस किसी वेबसाइट से बैकलिंक ले रहे हो उसका SEO और Spam Score क्या है. नया ब्लॉग बनाते ही उसके लिए बैकलिंक बनाने के लिए कई बार low quality backlink बना लेते हैं या खरीद लेते हैं. इससे फायदा तो कुछ होगा नहीं बल्कि, नुकसान हो जायेगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए बैकलिंक बनाने से पहले यह चेक करें इस वेबसाइट से बैकलिंक लेने में आपको फायदा है या नहीं? किसी ब्लॉग के लिए हम जितना चाहे उतना बैकलिंक बना सकते हैं. लेकिन, फालतू बैकलिंक से अच्छा है काम की वेबसाइट से कुछ ही बैकलिंक मिले। बैकलिंक कैसे बनायें तो इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया है जिससे बैकलिंक बना सकते हो.
Blog Comment
ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने के बाद सम्बंधित गूगल सर्च करो और यहाँ कमेंट करो इससे ब्लॉग का Awareness बढ़ता है. इस लिंक से कोई खास फायदा नहीं होता है क्यूंकि यह Nofollow backlink होता है. लेकिन, यह रिलेटेड लिंक है और यूजर ब्लॉग कमेंट भी पढ़ता है.
Quality Content
कोई यूजर किसी वेबसाइट क्यूँ विजिट करता है? यूजर और सर्च इंजन दोनों ही High Quality और Detail Content चाहता है. ऐसा कंटेंट जिसमें यूजर के प्रॉब्लम का समाधान हो. यदि यूजर का समस्या ख़त्म नहीं होता तो वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा नहीं आएगा। ब्लॉग्गिंग में कंटेंट ही सब कुछ है. High Quality Content के बिना SEO भी कुछ नहीं कर सकता है.
Guest Post
सभी बड़ा ब्लॉग गेस्ट पोस्ट ऑफर करता है. लोग बहुत तेजी से गेस्ट पोस्ट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन, यहाँ से मिलने वाला बैकलिंक कुछ ही दिनों तक do follow रहता है कुछ दिन बाद इसे nofollow कर देते हैं. कई बार तो ऐसा देखा गया है author Name हटाकर यहाँ गेस्ट पोस्ट लिख देते हैं. दूसरे ब्लॉगर भी unrelated Topic पर dofollow backlink नहीं देना चाहते हैं. यदि गेस्ट पोस्ट करना चाहते हैं तो अपने केटेगरी के ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट कीजिये।
सर्च इंजन कितने तरह का होता है? Search Engine Types in Hindi
Search Engine Types in Hindi सर्च इंजन कितने तरह का होता है? पिछले कई पोस्ट से लगातार सर्च इंजन के बारें में बात किया जा रहा है. सर्च इंजन से जुड़ी कई जानकारी अब तक शेयर किया जा चुका है. इस पोस्ट में हम बात करेंगें सर्च इंजन कितने तरह का होता है. क्यूंकि, एंड्राइड मोबाइल में गूगल सर्च इंजन पहले से इनस्टॉल होता है तो हम सिर्फ एक ही सर्च इंजन के बारें में जानते हैं. एंड्राइड एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है और यह गूगल का ही है. इसीलिए किसी भी मोबाइल में गूगल पहले से इनस्टॉल होता है. लेकिन, इसके अलावे भी कई सर्च इंजन है जिसके बारें में आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं.
Table of Contents [hide]
• 1 सर्च इंजन क्या है?
• 2 सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
o 2.1 Crawler-Based Search Engines
o 2.2 Web Directories
o 2.3 Hybrid Search Engines
o 2.4 Meta Search Engines
o 2.5 Some Other Search Engines
• 3 Most Popular Search Engines
• 4 You May Also Read
• 5 Conclusion Search Engine
सर्च इंजन क्या है?
सर्च इंजन क्या है? इसके बारें में एक डिटेल पोस्ट पब्लिश किया जा चुका है. सर्च इंजन एक इंटरनेट बेस्ड सॉफ्टवेयर है जो यूजर को इंटरनेट पर मौजूद जानकारी से सही और सटीक जानकारी ढूंढ कर देने में मदद करता है. वास्तव में सर्च इंजन के पास कोई डाटा नहीं होता है. यह मौजूद जानकारी में से सही जानकारी इकठ्ठा कर देने का काम करती है. इन जानकारी को इकट्ठा करने के लिए सर्च इंजन बोट और क्रॉलर हमेशा काम करते रहते हैं. सर्च इंजन इन जानकारी को कई पारा मीटर पर चेक करने के बाद इसे SERP में जगह देती है.
Search Engine क्या है और कैसे काम करता है?
सर्च इंजन कितने तरह का होता है?
सर्च इंजन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं.
1. Crawler-Based Search Engines
2. Web Directories
3. Hybrid Search Engines
4. Meta Search Engines
Crawler-Based Search Engines
यह सर्च इंजन में crawler या bot का उपयोग करता है. इसमें crawling, indexing, और ranking जैसे steps follow किया जाता है जिसके बारे में पिछले पोस्ट में बात की गई है. Google, Yahoo!, Bing, DuckDuckGo, Yandex और Ask इसी तरह का सर्च इंजन है.
Web Directories
यह डायरेक्टरी सिस्टम है जहाँ कई सारे websites की link और उसके बारे में जानकारी दी जाती है। इसमें websites को अलग-अलग categories के अनुसार list बना कर दिखाया जाता है। इस डायरेक्टरी में वेबसाइट को register करने लिए website owner साईट category और short description के साथ लिंक सबमिट करता है.
यहाँ सभी काम मैन्युअली किया जाता है कोई automatic system काम नहीं करता है. सबमिट किये गये साईट को editor द्वारा manually review किया जाता है और डायरेक्टरी के नियमो के अनुसार सही पाए जाने पर add कर दिया जाता है. अन्यथा reject कर दिया जाता है। कुछ ऐसी भी वेबसाइट है जहाँ मैन्युअल रिव्यु जरूरत नहीं है. यहाँ सबमिट करते ही साइट सबमिट हो जाता है.
Top 10 most Popular Website in India
साइट सबमिट होने के बाद इसे सर्च करने के लिए यहाँ एक search box होता है जिसमें वेबसाइट को ढूँढा जाता है. सर्च किये गए कीवर्ड के अनुसार डायरेक्टरी साइट अपने डेटाबेस में हैडिंग, डिस्क्रिप्शन चेक कर सही साइट रिजल्ट में दिखता है. यहाँ भी प्रीमियम साइट मतलब जिसने पेड सब्सक्रिप्शन लिया है उसे ऊपर दिखाता है. A1WebDirectory, Blogarama, 9sites ये सभी डायरेक्टरी साइट के लिस्ट में आता है.
Hybrid Search Engines
यह क्रॉलर और डायरेक्टरी दोनों ही तरीके का इस्तेमाल करता है. गूगल भी यह काम करती है अक्सर गूगल सर्च करने पर किसी और वेबसाइट का रिजल्ट दिखाया जाता है जिसमें सर्च किया गया कीवर्ड होता है. गूगल का भी शुरुआत डायरेक्टरी के तरह हुआ लेकिन, समय के साथ चलते चलते यह डायरेक्टरी से सर्च इंजन बन गया. गूगल सर्च इंजन वेब बेस्ड ऑनलाइन बिज़नेस डायरेक्टरी और वेबसाइट डायरेक्टरी को काफी प्राथमिकता देता है. ऐसे में यदि किसी सर्च इंजन में रैंक करना है तो वेब डायरेक्टरी में लिस्टिंग जरूरी है. पिछले कुछ सालों में वेब बेस्ड डायरेक्टरी का महत्व कम होते जा रहा है और इसका जगह हाइब्रिड सर्च इंजन ले रहा है. गूगल और याहू इसका बेहतरीन उदहारण है.
Meta Search Engines
कुछ ऐसे सर्च इंजन हैं जो किसी और सर्च इंजन से डाटा कलेक्ट कर यूजर को दिखती है मेटा सर्च इंजन कहलाता है। ऐसे सर्च इंजन में जब कोई यूजर किसी कीवर्ड को ढूंढता है तो इस क्वेरी को अन्य अलग – अलग सर्च इंजन में ढूंढता है. यहाँ मिले हुए सर्च रिजल्ट में अपना सर्च अल्गोरिथम अप्लाई कर सही रिजल्ट यूजर को देने का काम करती है. जैसे Dogpile, Metacrawler ये मेटा सर्च इंजन की तरह काम करता है.
Some Other Search Engines
इन्टरनेट पर कुछ ऐसे सर्च इंजन भी हैं जो कुछ विशेष केटेगरी में सर्च करने के लिए ही बनाया गया है. जैसे कुछ ऐसी वेबसाइट हैं जहाँ सिर्फ मोबाइल, कार, बाइक, या किसी एक प्रोडक्ट से सम्बंधित जानकरी ही उपलब्ध होता है. इस तरह का सर्च इंजन / वेबसाइट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसे NICHE WEBSITE कहते हैं. गूगल सर्च इंजन इस तरह की वेबसाइट को ज्यादा महत्व सेती है. उदाहरण के लिए नीचे कुछ वेबसाइट का नाम दिया गया है.