भारत के प्रमुख बंदरगाह
📕कोलकाता बंदरगाह
भारत में एकमात्र नदी तटीय प्रमुख बंदरगाह।
ट्विन डॉक सिस्टम के लिए जाना जाता है, पूर्वी तट पर कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) और हुगली नदी के पश्चिमी तट पर हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी)।
📕पारादीप बंदरगाह
यह ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में भारत के पूर्वी तट पर एक कृत्रिम, गहरे पानी का बंदरगाह है। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में महानदी के संगम पर स्थित है।
यह स्वतंत्र भारत में पूर्वी तट पर स्थापित पहला प्रमुख बंदरगाह था।
📕न्यू मैंगलोर बंदरगाह
यह कर्नाटक में पनाम्बुर नामक किनारे पर अरब सागर के साथ गुरुपुरा नदी के संगम पर स्थित है।
📕कोचीन बंदरगाह
भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर विलिंगटन द्वीप पर स्थित है📕जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह
पूर्व-पश्चिम महासागर व्यापार के चौराहे पर स्थित है।
बंदरगाह को दक्षिण-पश्चिम भारत के विशाल औद्योगिक और कृषि उपज बाजारों का प्राकृतिक प्रवेश द्वार कहा जाता है।
इसे न्हावा शेवा के नाम से भी जाना जाता है और यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है, जो सभी प्रमुख बंदरगाहों के लगभग आधे कंटेनरों को संभालता है।
यह एलिफेंटा द्वीप के पास मुंबई बंदरगाह के पूर्वी तट पर स्थित है और ठाणे क्रीक के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।
📕वधावन बंदरगाह
यह भारत का 13 वां प्रमुख बंदरगाह होगा ।
इस बंदरगाह के विकास से भारत दुनिया के टॉप-10 कंटेनर बंदरगाहों में शामिल देशों में से एक बन जाएगा।
परियोजना को लागू करने के लिए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) को मुख्य भागीदार बनाते हुए एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया जाएगा , जिसमें 50% के बराबर या उससे अधिक की इक्विटी भागीदारी होगी।
बंदरगाह को जमींदार मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
गहरे ड्राफ्ट वाले जहाजों और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए जेएनपीटी द्वारा वधावन बंदरगाह को ‘सभी मौसम, सभी कार्गो’ उपग्रह बंदरगाह के रूप में योजना बनाई गई है।
📕मुंबई बंदरगाह
भारत के सबसे पुराने आधुनिक बंदरगाहों में से एक। प्रारंभ में, इस स्थान का उपयोग शिवाजी की नौसेनाओं द्वारा किया जाता था।
📕कांडला बंदरगाह
कांडला बंदरगाह विभाजन के बाद बनाया गया था क्योंकि पश्चिमी तट पर कराची बंदरगाह पाकिस्तान में चला गया था। यह भारत के अधिकांश कच्चे तेल आयात को संभालने के लिए जाना जाता है।📕विशाखापत्तनम बंदरगाह
विजाग बंदरगाह आंध्र प्रदेश में स्थित है और पूर्वी तट पर बड़े पैमाने पर कार्गो प्रबंधन के लिए जाना जाता है।
📕चेन्नई बंदरगाह
चेन्नई बंदरगाह बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ा बंदरगाह है और जेएनपीटी के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। यह पूर्वी तट पर सबसे बड़ा बंदरगाह है।
📕तूतीकोरिन बंदरगाह
इस बंदरगाह का नाम अब वीओ चिदंबरनार बंदरगाह कर दिया गया है। यह मन्नार की खाड़ी में स्थित है। वीओचिदंबरम बंदरगाह एक कृत्रिम बंदरगाह है।
तूतीकोरिन संयुक्त राज्य अमेरिका को सीधी साप्ताहिक कंटेनर सेवा प्रदान करने वाला दक्षिण भारत का एकमात्र बंदरगाह है।
📕एन्नोर बंदरगाह
इस बंदरगाह का नाम अब कामराजार पोर्ट लिमिटेड है। यह भारत का पहला कॉर्पोरेट बंदरगाह है और सरकार की 68% हिस्सेदारी के साथ एक सार्वजनिक कंपनी के रूप में पंजीकृत है।
📕मोरमुगाओ बंदरगाह
गोवा में मोरमुगाओ बंदरगाह भारत का प्रमुख लौह अयस्क निर्यातक बंदरगाह है।
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आपने किस एग्जाम की तैयारी में लगे है ?
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❤2
📕8वें कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स (CYG) 2027 का आयोजन माल्टा में 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2027 तक किया जाएगा।
👉यह दक्षिणी यूरोपीय द्वीपीय राष्ट्र पहली बार इस आयोजन की मेजबानी करेगा, जिसमें 74 देशों के 14-18 वर्ष के लगभग 1,200 एथलीट 8 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
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👉यह दक्षिणी यूरोपीय द्वीपीय राष्ट्र पहली बार इस आयोजन की मेजबानी करेगा, जिसमें 74 देशों के 14-18 वर्ष के लगभग 1,200 एथलीट 8 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
👉 गेम्स में कुल आठ खेल शामिल होंगे, जिनमें तैराकी और पैरा तैराकी, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, नेटबॉल, सेलिंग, स्क्वैश, ट्रायथलॉन, वाटर पोलो और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं।
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❤4
NPCI की सहायक कंपनी NBSL (NPCI BHIM Services Ltd.) ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को BHIM पेमेंट ऐप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।#targetlekhpal #lowerpcs
❤6
📕उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय (UP Forestry and Horticulture University)
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👉अध्यादेश को मंजूरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026' के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
👉 स्थान: इस विश्वविद्यालय का निर्माण गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज क्षेत्र में किया जाएगा।
👉 महत्वपूर्ण तथ्य: यह उत्तर भारत का पहला और देश का दूसरा वानिकी (Forestry) विश्वविद्यालय होगा।
👉समीपवर्ती स्थल: इसके निर्माण के लिए भूमि 'जटायु संरक्षण केंद्र' के समीप ही चिह्नित की गई है।
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❤5
📕कृषि और उत्पादन में उत्तर प्रदेश का स्थान (2025-26)
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👉उत्तर प्रदेश वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक राज्य है।
👉कुल खाद्यान्न उत्पादन: देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है।
👉 गेहूं (Wheat): देश के कुल उत्पादन का लगभग 30% से अधिक।
👉 गन्ना (Sugarcane): भारत के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 45-50% हिस्सा।
👉 आलू (Potato): उत्पादन में अग्रणी।
👉 दुग्ध उत्पादन (Milk Production): देश के कुल दूध उत्पादन में लगभग 16% की हिस्सेदारी के साथ प्रथम।
👉 मटर (Peas): मटर के उत्पादन में भी राज्य का अग्रणी स्थान है।
💡 अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक तथ्य
एथेनॉल उत्पादन: उत्तर प्रदेश देश में एथेनॉल (Ethanol) उत्पादन में भी प्रथम स्थान पर है।
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❤7
📕नर्मदा नदी तंत्र (Narmada River System)
नर्मदा नदी Vindhya और Satpura पर्वत श्रेणियों के बीच बहती है।
👉2. उद्गम स्थल
नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक पठार से होता है।
3. प्रवाह मार्ग
👉यह नदी निम्न राज्यों से होकर गुजरती है:
अंत में यह अरब सागर में गिरती है (खंभात की खाड़ी में)।
4. प्रमुख सहायक नदियाँ
बाएँ तट (Left Bank):
👉दाएँ तट (Right Bank):
5. महत्वपूर्ण जलप्रपात व स्थल
6. प्रमुख परियोजनाएँ (Dams & Projects)
7. भूगोलिक विशेषताएँ
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नर्मदा नदी Vindhya और Satpura पर्वत श्रेणियों के बीच बहती है।
👉2. उद्गम स्थल
नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक पठार से होता है।
3. प्रवाह मार्ग
कुल लंबाई: लगभग 1312 किमी
बहाव दिशा: पूर्व से पश्चिम
👉यह नदी निम्न राज्यों से होकर गुजरती है:
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र (सीमा क्षेत्र)
गुजरात
अंत में यह अरब सागर में गिरती है (खंभात की खाड़ी में)।
4. प्रमुख सहायक नदियाँ
बाएँ तट (Left Bank):
बंजार
शेर
शक्कर
👉दाएँ तट (Right Bank):
तवा (सबसे महत्वपूर्ण)
हिर्ण
गोई
5. महत्वपूर्ण जलप्रपात व स्थल
धुआंधार जलप्रपात – जबलपुर में स्थित, बहुत प्रसिद्ध
भेड़ाघाट – संगमरमर की चट्टानों के लिए प्रसिद्ध
6. प्रमुख परियोजनाएँ (Dams & Projects)
सरदार सरोवर बाँध
इंदिरा सागर बाँध
ओंकारेश्वर बाँध
👉 इन परियोजनाओं से सिंचाई, जलविद्युत और पेयजल की सुविधा मिलती है।
7. भूगोलिक विशेषताएँ
नर्मदा नदी रिफ्ट वैली (Rift Valley) में बहती है
यह Vindhya (उत्तर) और Satpura (दक्षिण) पर्वतों के बीच स्थित है
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❤4
सपना है अगर सूरज सा चमकने का, तो जल क्यों नहीं जाते..?
संघर्ष की राह पर निकल क्यों नहीं जाते...?
आराम की चादर में सफलता नहीं मिलती...!!
अगर सच में जीतना है तो बदल क्यों नहीं जाते..?
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संघर्ष की राह पर निकल क्यों नहीं जाते...?
आराम की चादर में सफलता नहीं मिलती...!!
अगर सच में जीतना है तो बदल क्यों नहीं जाते..?
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📕ताप्ती नदी तंत्र (Tapti River System)
ताप्ती नदी (Tapti/Tapi) भारत की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदियों में से एक है। यह नर्मदा नदी के समानांतर बहती है और मध्य भारत की महत्वपूर्ण नदी है।
2. उद्गम स्थल
👉कुल लंबाई: लगभग 724 किमी
यह नदी निम्न राज्यों से होकर गुजरती है:
अंत में यह अरब सागर (खंभात की खाड़ी) में गिरती है।
4. प्रमुख सहायक नदियाँ
बाएँ तट (Left Bank):
पurna (पूर्णा) – सबसे प्रमुख
दाएँ तट (Right Bank):
6. प्रमुख परियोजनाएँ (Dams)
7. भूगोलिक विशेषताएँ
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ताप्ती नदी (Tapti/Tapi) भारत की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदियों में से एक है। यह नर्मदा नदी के समानांतर बहती है और मध्य भारत की महत्वपूर्ण नदी है।
2. उद्गम स्थल
ताप्ती नदी का उद्गम मुलताई (सतपुड़ा पर्वत) से होता है।
यह स्थान मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित है।
👉कुल लंबाई: लगभग 724 किमी
यह नदी निम्न राज्यों से होकर गुजरती है:
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र
गुजरात
अंत में यह अरब सागर (खंभात की खाड़ी) में गिरती है।
4. प्रमुख सहायक नदियाँ
बाएँ तट (Left Bank):
पurna (पूर्णा) – सबसे प्रमुख
गिरना
पांजरा
दाएँ तट (Right Bank):
वेगुर
अनेर
6. प्रमुख परियोजनाएँ (Dams)
उकाई बाँध – गुजरात में स्थित
हथनूर बाँध – महाराष्ट्र में स्थित
7. भूगोलिक विशेषताएँ
ताप्ती नदी रिफ्ट घाटी में बहती है
यह सतपुड़ा पर्वत के दक्षिण से बहती है
नर्मदा की तरह यह भी पश्चिम की ओर बहने वाली महत्वपूर्ण नदी है
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❤5
📕ओजोन की अवस्थिति (Location)
👉वायुमंडल की परत:
👉समताप मंडलीय ओजोन (Good Ozone): यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV rays) को रोकती है।
👉क्षोभमंडलीय ओजोन (Bad Ozone):
📕मापन की इकाई: ओजोन परत की मोटाई डॉबसन यूनिट (Dobson Unit - DU) में मापी जाती है।
👉खोज: ओजोन परत की खोज 1913 में फ्रांसीसी भौतिकविदों चार्ल्स फैब्री और हेनरी बुइसन ने की थी।
📕ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख पदार्थों (ODS) में शामिल हैं:
📕अंतर्राष्ट्रीय प्रयास एवं सम्मेलन
👉वियना कन्वेंशन (1985):
👉मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (16 सितंबर 1987):
👉किगाली संशोधन (2016):
📕 स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव
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👉वायुमंडल की परत:
ओजोन गैस का लगभग 90% भाग समताप मंडल (Stratosphere) में पाया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 15 से 35 किमी की ऊँचाई पर स्थित है।
👉समताप मंडलीय ओजोन (Good Ozone): यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV rays) को रोकती है।
👉क्षोभमंडलीय ओजोन (Bad Ozone):
पृथ्वी की सतह के पास (Troposphere) यह एक प्रदूषक के रूप में कार्य करती है और स्मॉग (Smog) का हिस्सा बनती है।
📕मापन की इकाई: ओजोन परत की मोटाई डॉबसन यूनिट (Dobson Unit - DU) में मापी जाती है।
👉खोज: ओजोन परत की खोज 1913 में फ्रांसीसी भौतिकविदों चार्ल्स फैब्री और हेनरी बुइसन ने की थी।
📕ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख पदार्थों (ODS) में शामिल हैं:
👉क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs): रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर से निकलने वाली गैस।
👉हैलोन (Halons): अग्निशामक यंत्रों में उपयोग।
👉मिथाइल ब्रोमाइड: कीटनाशकों में प्रयुक्त।
👉नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO_x): सुपरसोनिक जेट विमानों से निकलने वाला उत्सर्जन।
📕ओजोन छिद्र (Ozone Hole): सबसे पहले 1985 में जोसेफ फॉरमैन और उनकी टीम द्वारा अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र की पुष्टि की गई थी।
📕अंतर्राष्ट्रीय प्रयास एवं सम्मेलन
👉वियना कन्वेंशन (1985):
👉ओजोन परत के संरक्षण के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय ढांचा।
👉मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (16 सितंबर 1987):
यह सबसे सफल वैश्विक पर्यावरण संधि मानी जाती है, जिसका उद्देश्य CFC जैसे ओजोन क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन पर रोक लगाना है।
नोट: इसी कारण 16 सितंबर को 'विश्व ओजोन दिवस' मनाया जाता है।
👉किगाली संशोधन (2016):
यह मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का एक संशोधन है, जिसका लक्ष्य हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम करना है (HFCs ओजोन को नुकसान नहीं पहुँचाते लेकिन ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाते हैं)।
📕 स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव
UV-B किरणों का प्रभाव: ओजोन की कमी से पृथ्वी पर पहुंचने वाली पराबैंगनी किरणें त्वचा कैंसर (Skin Cancer), मोतियाबिंद, और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) के कमजोर होने का कारण बनती हैं।
👉पारिस्थितिक तंत्र: यह समुद्री प्लवक (Phytoplankton) को नष्ट करती है, जिससे जलीय खाद्य श्रृंखला प्रभावित होती है।
👉सर्वाधिक सांद्रता: 20-30 किमी की ऊँचाई पर।
👉ओजोन क्षरण का मुख्य कारक: क्लोरीन परमाणु (एक क्लोरीन परमाणु ओजोन के 1 लाख अणुओं को नष्ट कर सकता है)।
👉ओजोन परत का सर्वाधिक विनाश ध्रुवों (विशेषकर दक्षिण ध्रुव) पर होता है क्योंकि वहाँ 'ध्रुवीय समतापमंडलीय बादल' (PSCs) बनते हैं।
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❤7
📕भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
📕बंगाल विभाजन ( 1905)–
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👉 स्थापना–एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा 1885ई.
👉पहला अधिवेशन – 28 दिसंबर 1885 को बंबई के "गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज" में किया गया ।
👉इस समय वायसराय लॉर्ड डफरिन था।
👉प्रथम अधिवेशन में भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या 72 थी।
👉प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी तथा सचिव ए. ओ. ह्यूम थे।
👉 प्रथम पारसी अध्यक्ष – दादाभाई नौरोजी(कलकत्ता,1886)
👉प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष – बदरुद्दीन तैयबजी(मद्रास,1887)
👉 प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष – जॉर्ज युले(इलाहाबाद,1888)
👉प्रथम महिला अध्यक्ष – एनी बेसेंट (कलकत्ता,1917)
👉प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष – श्रीमती सरोजिनी नायडू ( कानपुर,1925)
👉1907 ईस्वी में कांग्रेस में विभाजन हुआ।
📕बंगाल विभाजन ( 1905)–
👉गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन के काल में ।
👉20 जुलाई,1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा हुई।
👉7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई
👉16 अक्टूबर 1905 से बंगाल विभाजन की घोषणा लागू हुई।
👉कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में स्वदेशी आंदोलन का अनुमोदन किया गया।
👉इसी दौरान अंग्रेज अधिकारी वैलेंटाइंस शिरोल ने तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा ।
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